लेख कुपोषित विकास एवं कुपोषण की त्रासदी November 12, 2021 / November 12, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग- कुपोषण और भुखमरी से जुड़ी ताजा रिपोर्ट न केवल चौंकाने बल्कि सरकारों की नाकामी को उजागर करने वाली हैं। इससे बड़ी विडंबना और क्या होगी कि एक ओर विकास और अर्थव्यवस्था की भावी सुखद तस्वीर की चमक की बात की जा रही हो और दूसरी ओर देश में बच्चों के बीच कुपोषण की […] Read more » Malnourished development and the tragedy of malnutrition कुपोषण की त्रासदी कुपोषित विकास कुपोषित विकास एवं कुपोषण की त्रासदी
लेख लौटने लगा है एशिया प्रसिद्ध पलामू के लाह बगान का गौरव November 8, 2021 / November 8, 2021 by कुमार कृष्णन | Leave a Comment कुमार कृष्णनएशिया प्रसिद्ध पलामू के कुंदरी लाह बगान का गौरव लौटने लगा है। इसके पुनरूद्वार की कवायद जारी है। सखी मंडल की दीदियों की लगन, उनकी मेहनत से लाह की खेती में समृद्धि आने लगी है। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग एवं ग्रामीण विकास विभाग के बीच अभिसरण के अंतर्गत झारखंड लाइवलीहूड प्रमोशन सोसाइटी […] Read more » Asia's famous Palamu's lacquer plantation has started returning पलामू के लाह बगान
लेख समाज कोरोना काल में घर लौटे प्रवासी नहीं शुरू कर पाये स्वरोजगार November 8, 2021 / November 8, 2021 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment महानंद सिंह बिष्ट गोपेश्वर, उत्तराखंड कोरोना काल में जब सारा देश इस लड़ाई से जूझ रहा था. कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए लॉक डाउन से लोगों को खाने पीने की कठिनाइयां आ गई थी, उस समय भी गांवों में रहने वाले लोगों के पास कुछ संसाधन मौजूद थे. जिससे कि उनके […] Read more » प्रवासी नहीं शुरू कर पाये स्वरोजगार
लेख श्रम को पूंजी का दर्जा देकर आर्थिक विकास को दी जा सकती है गति November 8, 2021 / November 8, 2021 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment राष्ट्र ऋषि श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के जन्म दिवस (10 नवम्बर) पर विशेष लेख आर्थिक क्षेत्र के संदर्भ में साम्यवाद एवं पूंजीवाद दोनों ही विचारधाराएं भौतिकवादी हैं और इन दोनों ही विचारधाराओं में आज तक श्रम एवं पूंजी के बीच सामंजस्य स्थापित नहीं हो पाया है। इस प्रकार, श्रम एवं पूंजी के बीच की इस […] Read more » राष्ट्र ऋषि श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के जन्म दिवस
पर्व - त्यौहार लेख सूर्योपासना , आस्था, प्रकृति, स्वच्छता व प्राचीन संस्कृति के संगम का महापर्व है “छठ पूजा” November 8, 2021 / November 8, 2021 by दीपक कुमार त्यागी | Leave a Comment दीपक कुमार त्यागी दुनिया में भारत की एक निराली पहचान है विदेशी लोग भारत को उत्सवों का देश कहते हैं, क्योंकि यहां पर सेलिब्रेशन करने के पल-पल में बहाने ढूंढें जाते है। वैसे भी हमारा प्यारा देश भारत दुनिया के सबसे प्राचीन धर्म “सनातन धर्म” के विभिन्न त्योहारों का देश है, हम लोग विकट से […] Read more » "Chhath Puja" is a great festival of confluence of sun worship cleanliness and ancient culture छठ पूजा सूर्योपासना स्वच्छता व प्राचीन संस्कृति के संगम का महापर्व है छठ पूजा
लेख जलवायु परिवर्तन भारत के लिए बड़ी चुनौती November 7, 2021 / November 7, 2021 by निशान्त | Leave a Comment ग्लासगो में, 31 अक्टूबर से चल रहे, वैश्विक जलवायु शिखर सम्मेलन को पृथ्वी के बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह ऐसा सम्मेलन है जहाँ, उम्मीद है, विश्व के नेता अतीत के अपने अधूरे वादों को भविष्य के लिए ठोस कार्यों में बदल देंगे। इसी सम्मेलन में प्रधान मंत्री मोदी जहाँ एक ओर भारत के नेट ज़ीरो […] Read more » जलवायु परिवर्तन जलवायु परिवर्तन भारत के लिए बड़ी चुनौती'
पर्यावरण लेख वैश्विक चिंता का कारक है जलवायु परिवर्तन November 7, 2021 / November 7, 2021 by डॉ शंकर सुवन सिंह | Leave a Comment डॉ.शंकर सुवन सिंह करोड़ों वर्ष पूर्व पृथ्वी एक तपता(आग)हुआ गोला थी। जैसे जैसे समय बीतता गया तपते हुए गोले से सागर,महाद्वीपों आदि का निर्माण हुआ। पृथ्वी पर अनुकूल जलवायु ने मानव जीवन तथा अन्य जीव सृष्टि को जीवन दिया जिससे इन सबका जीवन-अस्तित्व कायम रखने वाली प्रकृति का निर्माण हुआ। मानव प्रकृति का हिस्सा है। […] Read more » Climate change is a cause of global concern जलवायु परिवर्तन वैश्विक चिंता का कारक है जलवायु परिवर्तन वैश्विक चिंता जलवायु परिवर्तन
लेख विश्ववार्ता चीन में मुस्लिम, तिब्बती और ईसाइयों के अंगों का कारोबार November 7, 2021 / November 7, 2021 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment संदर्भ- चीन में जबरन निकाले जा रहे हैं उईगर मुस्लिमों के अंग प्रमोद भार्गव चीन के शिनजियांग प्रांत में बंधक बनाकर रखे गए पन्द्रह लाख से ज्यादा उईगर मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक हैवानियत का शिकार हो रहे है। इस क्रूरतम रहस्य का पार्दाफाश संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट में किया गया […] Read more » Tibetan and Christian parts trade in China अंगों का कारोबार चीन में अंगों का कारोबार चीन में जबरन निकाले जा रहे हैं उईगर मुस्लिमों के अंग संदर्भ- चीन में जबरन निकाले जा रहे हैं उईगर मुस्लिमों के अंग
लेख शख्सियत समाज रामरतन चूड़ीवाला जिनके लिए समाजसेवा एक जज्बा है November 5, 2021 / November 5, 2021 by कुमार कृष्णन | Leave a Comment कुमार कृष्णन रामरतन चूड़ीवाला पूर्व बिहार के ऐसे समाजसेवी हैं जिनकी पहचान पूरे इलाके में है। समाज के लिए काम एक परिवर्तन और वदलाव के लिए करते हैं।समाजसेवा का भाव इनके पारिवारिक विरासत में मिला। इनके पिता शुभकरण चूड़ीवाला बिहार के ख्यााति प्राप्त स्वतंत्रता सेनानी थे। महात्मा गांधी जब भागलपुर आए थे तो उनके आह्वान […] Read more » Ramratan Churiwala Ramratan Churiwala for whom social service is a passion रामरतन चूड़ीवाला
पर्यावरण लेख विश्व को स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करेगी ब्रिटेन और भारत की यह ग्रीन ग्रिड November 5, 2021 / November 5, 2021 by निशान्त | Leave a Comment यूके के प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन और भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त रूप सेCOP26 वर्ल्ड लीडर्स समिट में एक नई प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय पहल की शुरुआत की, जिसे 80 से अधिक देशों द्वारा समर्थित किया गया था, और जिससे वैश्विक स्तर पर एनर्जी ट्रांज़िशन में नाटकीय रूप से परिवर्तन किया जा सके।यूके और भारत […] Read more » This green grid of Britain and India will provide clean energy to the world ब्रिटेन और भारत की ग्रीन ग्रिड
लेख गाय सर्वोत्तम हितकारी पशु होने सहित मनुष्यों की पूजनीय देवता है November 5, 2021 / November 5, 2021 by मनमोहन आर्य | 1 Comment on गाय सर्वोत्तम हितकारी पशु होने सहित मनुष्यों की पूजनीय देवता है –मनमोहन कुमार आर्य परमात्मा ने इस सृष्टि को जीवात्माओं को कर्म करने व सुखों के भोग के लिए बनाया है। जीवात्मा का लक्ष्य अपवर्ग होता है। अपवर्ग मोक्ष वा मुक्ति को कहते हैं। दुःखों की पूर्ण निवृत्ति ही मोक्ष कहलाती है। यह मोक्ष मनुष्य योनि में जीवात्मा द्वारा वेदाध्ययन द्वारा ज्ञान प्राप्त कर एवं […] Read more » Cow is a god revered by humans including being the best beneficiary animal गाय सर्वोत्तम हितकारी पशु
लेख समाज जिन घड़ियों में हंस सकते हैं, उनमें रोये क्यों? November 5, 2021 / November 5, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग जिन्दगी का एक लक्ष्य है- उद्देश्य के साथ जीना। सामाजिक स्वास्थ्य एवं आदर्श समाज व्यवस्था के लिए बहुत जरूरी होता है कत्र्तव्य-बोध और दायित्व-बोध। कत्र्तव्य और दायित्व की चेतना का जागरण जब होता है तभी व्यक्तिगत जीवन की आस्थाओं पर बेईमानी की परतें नहीं चढ़ पाती। सामाजिक, पारिवारिक एवं व्यक्तिगत जीवनशैली के शुभ […] Read more » Why cry in times when you can laugh