महत्वपूर्ण लेख लेख आरक्षण समानता और सुरक्षा के मन्त्र नहीं. December 31, 2011 / April 13, 2012 by नरेश भारतीय | 5 Comments on आरक्षण समानता और सुरक्षा के मन्त्र नहीं. नरेश भारतीय चर्चा सर्वत्र लोकपाल विधेयक को संसद में पेश करने और पारित करवाने की चल रही थी और इस बीच राजनीतिक धुरंधरों की नज़रें विधान सभा चुनावों पर जम रहीं थीं. जनता को लुभाने के लिए हर पार्टी अपने अपने धनुष की प्रत्यंचा पर तरह तरह के तीर चढ़ाती दिखाई पड़ रहीं थीं. यही […] Read more » Congress Reservation reservation not meant for uniformity आरक्षण समानता और सुरक्षा के मन्त्र नहीं
लेख महापुरुष होते तो क्या करते? December 31, 2011 / December 31, 2011 by डॉ. मनोज चतुर्वेदी | 1 Comment on महापुरुष होते तो क्या करते? डॉ मनोज चतुर्वेदी मैं गांधी विचार धारा का पाक्षिक मुख-पत्र ‘सर्वोदय जगत‘ प़ढ रहा था। लेख का शीर्षक था- ‘गांधी होते तो क्या करते‘? मेरे मन में विचार आया कि उसके स्थान पर यदि यह कहा जाय कि भारतीय चिंतन परंपरा के विषयों में गर्ग, गौतम, शांडिल्य, अत्रि, भारद्वाज, पराशर, वेदव्यास से चलते हुए वर्धमान […] Read more » great personalities legends living legends of India महापुरुष होते तो क्या करते
लेख आम आदमी से दूर होती सरकार December 30, 2011 / December 30, 2011 by हर्षवर्धन पान्डे | Leave a Comment हर्षवर्धन पान्डे विदर्भ की रामकली बाई इन दिनों मायूस है…. …..यह रामकली वह है जिसका एक बच्चा अभी एक साल पहले कुपोषण के चलते मर गया….. इस बच्चे की बात करने पर आज भी वह सिहर उठती है…. पिछले कुछ वर्षो में जैसी त्रासदी विदर्भ ने देखी होगी शायद भारत के किसी कोने ने देखी […] Read more » congress and common man आम आदमी आम आदमी से दूर होती सरकार सरकार
लेख मीडिया के निशाने पर अमीर और ताक़तवर लोग क्यों नहीं आते? December 30, 2011 / December 30, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 2 Comments on मीडिया के निशाने पर अमीर और ताक़तवर लोग क्यों नहीं आते? इक़बाल हिंदुस्तानी पीएम बेईमान सरकार के मुखिया फिर भी ईमानदार बता रहा है मीडिया आज मीडिया की हालत यह है कि पीएम मनमोहन सिंह को ईमानदार का तमग़ा तब भी बराबर यही मीडिया दिये चला जा रहा है जबकि उनके नेतृत्व में चल रही सरकार अलीबाबा चालीस चोर की कहानी दोहराती नज़र आ रही है। […] Read more » bureucrats media rich persons top officials not scanned under media मीडिया के निशाने पर मीडिया के निशाने पर अमीर और ताक़तवर लोग क्यों नहीं आते
लेख शख्सियत पुण्यतिथि 30 दिसम्बर पर विशेष:-दुष्यंत जी December 30, 2011 / December 30, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | Leave a Comment शादाब जफर ‘शादाब’ आज सड़कों पर खिले ये सैकड़ो नारे न देख……. दुष्यंत जी के परिवार से मेरा संबंध काफी पुराना है। में जिस अभिव्यक्ति साहित्यिक संस्था से लगभग पच्चीस सालो से जुड़ा हॅू उस का गठन हम लोगो ने दुष्यंत जी के जन्मदिवस के अवसर पर एक सितंबर 1986 को किया था। इस के […] Read more » Dushyant Kumar दुष्यंत जी पुण्यतिथि 30 दिसम्बर
लेख स्वामी रामदेव जी ठग या फ़कीर December 30, 2011 / December 29, 2011 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 10 Comments on स्वामी रामदेव जी ठग या फ़कीर निज आर्या पिछले दिनों खबर आयी कि मुकेश भाई अम्बानी अपने 5000 करोड़ के घर में शिफ्ट नहीं हो रहे ……कुछ वास्तु दोष रह गया है शायद…..कमबख्त 5000 करोड़ रुपया खर्च के भी दोष रह गया ??? 27 मंजिला घर बनवाया है 6 लोगों के रहने के लिए .168 कारें खड़ी हो सकती हैं …….8 […] Read more » Baba Ramdev
लेख शख्सियत वीर भगतसिंह का समाजवाद व राष्ट्र-प्रेम December 29, 2011 / December 29, 2011 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment राजेश आर्य ’रत्नेश’ प्रिय पाठकवृन्द ! वर्तमान में वैज्ञानिक सुख-सुविधाओं का उपभोग करता हुआ मानव उनके आविष्कारक वैज्ञानिकों का गुणगान करता हुआ यह भूल जाता है कि उनमें से बहुत से वैज्ञानिक नास्तिक थे अर्थात् संसार को प्रकाश व सुविधा देने के कारण ही उसका सम्मान किया जाता है, नास्तिक होने के कारण नहीं। अपने […] Read more » Bhagat Singh freedom fighter राष्ट्र-प्रेम वीर भगतसिंह
लेख कहां ले जाएगा, ये रोग हमें आरक्षण का December 29, 2011 / December 29, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment विपिन किशोर सिन्हा समाज का विभाजन अन्ततः भूमि के विभाजन में परिवर्तित हो जाता है। अंग्रेजों को इस भारत भूमि से तनिक भी स्वाभाविक लगाव नहीं था। उनका एकमात्र उद्देश्य था – अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए इस देश के संसाधनों का अधिकतम दोहन। बिना सत्ता में रहे यह संभव नहीं था। हिन्दुस्तान पर राज […] Read more » reservation an evil कहां ले जाएगा ये रोग हमें आरक्षण का
लेख सांसदों को अपने विशेष अधिकारों की चिंता है कर्तव्यों की नहीं ? December 29, 2011 / December 29, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 2 Comments on सांसदों को अपने विशेष अधिकारों की चिंता है कर्तव्यों की नहीं ? इक़बाल हिंदुस्तानी वे बार बार अपने आपको सेवक की बजाये स्वामी जताते हैं! अन्ना के आंदोलन से अंदर ही अंदर खौफ़ज़दा और बौखला रहे कांग्रेसी नेता ही नहीं अब राजद के लालू और शिवसेना नेता तक खुलेआम संसद सर्वोच्च होने की दुहाई दे रहे हैं। उनको पता नहीं यह बात कब समझ आयेगी कि अगर […] Read more » loksabha adhyaksh Meera Kumar लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार
लेख कैसा हो हमारा नया साल December 28, 2011 / December 31, 2011 by विनोद बंसल | Leave a Comment विनोद बंसल इकत्तीस दिसम्बर के नजदीक आते ही जगह-जगह जश्न मनाने की तैयारियां प्रारम्भ हो जाती हैं। होटल, रेस्तरॉ, पब इत्यादि अपने-अपने ढंग से इसके आगमन की तैयारियां करने लगते हैं। ‘हैप्पी न्यू ईयर’ के बैनर, होर्डिंग, पोस्टर व कार्डों के साथ दारू की दुकानों की भी चांदी कटने लगती है। कहीं कहीं तो जाम […] Read more » how to celebrate new year कैसा हो हमारा नया साल
लेख अन्ना को बदनाम करने से क्या होगा? December 27, 2011 / December 27, 2011 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 2 Comments on अन्ना को बदनाम करने से क्या होगा? जबसे अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त लोकपाल के गठन हेतु सरकार सहित कांग्रेस को चुनौती दी है, उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एजेंट साबित करने की होड़ सी लग गई है| उनके रामलीला मैदान पर हुए अनशन को भी संघ की सोची-समझी रणनीति कहा गया और अब नए बयानवीर की भूमिका में रमते […] Read more » why to embarrass Anna अन्ना को बदनाम करने से क्या होगा
लेख फ़तवा जारी करना उनका काम है मानना ना मानना आपका हक़? December 26, 2011 / December 26, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 1 Comment on फ़तवा जारी करना उनका काम है मानना ना मानना आपका हक़? इक़बाल हिंदुस्तानी इस्लामी उलेमाओं के मुंह से निकली हर बात फ़तवा नहीं होती! दुनिया के साथ साथ आज का मुसलमान भी अन्य सम्प्रदायों की तरह काफी बदल रहा है लेकिन यह बात सच है कि वह और वर्गों की तरह तेजी से नहीं बदल रहा है। यह भी सही है कि मुसलमान अपने धर्म को […] Read more » Fatwa muslims फ़तवा फ़तवा जारी करना उनका काम