लेख सरकार के विरोध से विपक्ष को लाभ मिले तो अन्ना का क्या क़सूर October 6, 2011 / December 5, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 1 Comment on सरकार के विरोध से विपक्ष को लाभ मिले तो अन्ना का क्या क़सूर इक़बाल हिंदुस्तानी जनता के दबाव में बदल रहा है बीजेपी का एजेंडा ? अन्ना हज़ारे ने एक बार फिर जनलोकपाल बिल को लेकर हुंकार भरी है। हज़ारे का यह कहना बिल्कुल ठीक है कि उनको इस बात का विश्वास होता जा रहा है कि कांग्रेस की नीयत यह बिल पास करने की नहीं है। अन्ना […] Read more » Anna Hazare Janlikpal Bill अन्ना का क्या क़सूर अन्ना हज़ारे जनलोकपाल बिल बीजेपी का एजेंडा राइट टू रिकाल
लेख शिव के राज में माता के वाहन पर संकट! October 4, 2011 / December 5, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे भगवान शिव बेहद भोले हैं वे थोड़ी सी ही भक्ति में प्रसन्न हो जाते हैं। मध्य प्रदेश में शिव का ही राज है। ये हैं पांव पांव वाले भईया शिवराज सिंह चौहान। शिव के गणों में वनों की देखभाल का जिम्मा है सरताज सिंह के कांधों पर। सरताज तो सरताज हैं उनकी देखरेख […] Read more » shiv ke raj शिव के राज
लेख चिलमन को जलाता सूचना का अधिकार October 4, 2011 / October 4, 2011 by डॉ0 शशि तिवारी | 3 Comments on चिलमन को जलाता सूचना का अधिकार डॉ. शशि तिवारी चिलमन न केवल कुरूपता को ढंकता है बल्कि रहस्यों को भी छिपाता है, जिसके परिणामस्वरूप उत्सुकता की प्यास भी और भी बढ़ती है। चिलमन अर्थात् पर्दा पारदर्शी या अपारदर्शी भी हो सकता है। पर्दा कभी भी हकीकत से रूबरू नहीं होने देता और राज, राज ही रहता है, कभी-कभी तो ये राज […] Read more » RTI सूचना का अधिकार
लेख आरक्षण: दलितों में क्रीमीलेयर तो अभी गिनती के हैं! October 2, 2011 / December 5, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 1 Comment on आरक्षण: दलितों में क्रीमीलेयर तो अभी गिनती के हैं! इक़बाल हिंदुस्तानी पिछड़ों का कोटा कम होने से इसकी ज़रूरत वहां वाजिब थी! देश में एक वर्ग ऐसा मौजूद है जो इस सच को आज भी समझने को तैयार नहीं है कि आरक्षण उसके साथ अन्याय नहीं बलिक उनके साथ आंशिक न्याय है जिनके साथ सदियों से या तो जानबूझकर नाइंसाफी की गयी है या […] Read more » Reservation आरक्षण दलितों में क्रीमीलेयर
लेख योगगुरू बाबा रामदेव ने सरकार को औक़ात बतादी है! October 2, 2011 / October 2, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 7 Comments on योगगुरू बाबा रामदेव ने सरकार को औक़ात बतादी है! इक़बाल हिंदुस्तानी बाबा को घेरने का षडयंत्र नाकाम होने से सरकार नतमस्तक! सरकार अब बाबा रामदेव के अभियान पर सफार्इ देती नज़र आ रही है। उसका कहना है कि कालेधन के प्रवाह पर नज़र रखने के लिये 16 देशों से बातचीत पूरी हो चुकी है। हालांकि सरकार ने अभी यह साफ नहीं किया है कि […] Read more » Baba Ramdev योगगुरू बाबा रामदेव
लेख एकात्म मानववाद के प्रणेता पं0 दीनदयाल उपाध्याय October 1, 2011 / December 6, 2011 by बृजनन्दन यादव | 2 Comments on एकात्म मानववाद के प्रणेता पं0 दीनदयाल उपाध्याय बृजनन्दन यादव वे एक ऐसे राजनेता थे जिन्हें सत्ता में कोर्इ आकर्षण नहीं था। फिर भी अपने अनुयायियों के दिलों पर राज करते थे। वे राजनीति को राष्ट्रसेवा का अंग मानते थे। पंडित दीनदयाल जी का जन्म 25 सितम्बर 1916 को मथुरा के निकट नगला चन्द्रभान नामक गांव में एक साधारण परिवार में हुआ था। […] Read more » pt. deendayal upadyay एकात्म मानववाद के प्रणेता पं0 दीनदयाल उपाध्याय
लेख नवजागरण काल में लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रतिष्ठा और हिन्दी पत्रकारिता October 1, 2011 / December 6, 2011 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment डा. मयंक चतुर्वेदी नव जागरण से तात्पर्य है भारत में आधुनिकता का प्रवेश, वैज्ञानिक दृषिटकोण का विकसित होना और किसी भी घटना के परिप्रेक्ष्य में तार्किक मीमांसा के लिए तैयार हो जाना अर्थात तर्क-विर्तक की खुली परम्परा का प्रारंभ। भारतीय सन्दर्भ में इस नवजागरण काल का श्रेय हम अंग्रेजों को दे सकते है, क्योंकि प्राचीन […] Read more » hindi journalism लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रतिष्ठा हिन्दी पत्रकारिता
लेख श्रीलाल शुक्ल और रागदरबारी September 29, 2011 / December 6, 2011 by वीरेन्द्र जैन | 4 Comments on श्रीलाल शुक्ल और रागदरबारी वीरेन्द्र जैन इसमें कोई सन्देह नहीं कि हिन्दी व्यंग्य के भीष्मपितामह हरिशंकर परसाई ही माने जाते हैं किंतु गत शताब्दी के सातवें दशक में अपने व्यंग्य उपन्यास रागदरबारी के प्रकाशन के बाद श्रीलाल शुक्लजी ने अपनी कुर्सी परसाई जी के बगल में ही डलवा ली थी। यह बिल्कुल वैसा ही था जैसे कि मतभेद निराकरण […] Read more »
लेख पत्रकारों की बदलती दिशा और दशा September 29, 2011 / December 6, 2011 by डॉ0 शशि तिवारी | 2 Comments on पत्रकारों की बदलती दिशा और दशा डॉ. शशि तिवारी शब्दों में वो ताकत होती है जो बन्दूक की गोली, तोप के गोले एवं तलवार में नहीं होती है। अस्त्र-शस्त्र से घायल व्यक्ति की सीमा शरीर होता है जो देर-सबेर ठीक हो ही जाता है लेकिन, शब्द से मानव की आत्मा घायल होती है, इस पीड़ा को जीवन-पर्यन्त तक नहीं भुलाया जा […] Read more » journalist पत्रकारों की बदलती दिशा और दशा
लेख नरेंद्र भाई अभी दिल्ली दूर है… September 29, 2011 / December 6, 2011 by श्रीराम तिवारी | 8 Comments on नरेंद्र भाई अभी दिल्ली दूर है… श्रीराम तिवारी भारत में राजनीति को कुआँर की कुतिया समझ कर सरे राह लतियाने वालों में दिग्भ्रमित विपक्ष और टी आर पी रोग से पीड़ित -प्रिंट,श्रव्य,दृश्य और बतरस मीडिया का नाम पहले आता है.भारत को बर्बाद करने में जुटी पाकिस्तान कि खुफिया एजेंसी आई एस आई,उसके द्वारा प्रेरित -पोषित घृणित आतंकवादियों,अलगाववादियों,नक्सलवादियों,पूंजीवादी -सामंती शोषण कि ताकतों,एनजीओ […] Read more » Narendra Modi
लेख बाबा रामदेव की हुंकार में समझदारी September 28, 2011 / December 6, 2011 by प्रमोद भार्गव | 6 Comments on बाबा रामदेव की हुंकार में समझदारी प्रमोद भार्गव महारानी लक्ष्मीबाई की कर्मस्थली रही झांसी से बाबा रामदेव ने कालाधन वापिस लाने की जो हुंकार भरी है, वह अब समझदारी का पर्याय भी दिखाई दे रही है। स्वाभिमान यात्रा के नाम से आगाज हुआ यह अभियान परिपक्वता का पर्याय भी बन रहा है। दूध का जला छाछ भी फूंकफूंक कर पीता है, […] Read more » Baba Ramdev बाबा रामदेव
लेख भारत माता के देश में लाचार है जननी September 28, 2011 / December 6, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे दुनिया के चौधरी अमेरिका की मशहूर पत्रिका न्यूजवीक ने एक सर्वे कराया है जिसमें भारत गणराज्य में महिलाओं की दयनीय स्थिति का वर्णन मिलता है। भारत को सौ में से महज 41.9 अंक ही मिल पाए हैं। जिस देश का पहला नागरिक महिला हो, जिस देश में लोकसभाध्यक्ष महिला हो, जिस देश के […] Read more » indian mother भारत माता लाचार है जननी