पर्यावरण लेख रिन्यूबल एनेर्जी में ट्रांज़िशन को न्यायसंगत बनाना जरूरी: विशेषज्ञ May 1, 2024 / May 1, 2024 by निशान्त | Leave a Comment पूरी दुनिया में जलवायु परिवर्तन के विनाशकारी दुष्परिणामों के मद्देनजर भारत में रिन्यूबल एनेर्जी से जुड़े महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किये गये हैं। इसके तहत कार्बन एमिशन को खत्म करने के लिये कोयला खदानों को दीर्घकाल में बंद करना होगा। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहे हैं कि इन खदानों में काम करने वाली बड़ी […] Read more » It is important to make the transition to renewable energy equitable
आर्थिकी लेख भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती उत्पादों की मांग April 30, 2024 / April 30, 2024 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment भारत में आज भी लगभग 60 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है एवं अपने जीवन यापन के लिए मुख्य रूप से कृषि क्षेत्र पर ही आश्रित रहती है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार किये जा रहे विकास कार्यों के चलते इन क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत व्यय की जाने वाली राशि में अतुलनीय वृद्धि दर्ज हुई है। इससे, ग्रामीण क्षेत्रों में भी रोजगार के नए अवसर निर्मित होने लगे हैं एवं ग्रामीण क्षेत्र से शहरी क्षेत्रों की ओर पलायन कुछ कम हुआ है। विशेष रूप से कोरोना महामारी के खंडकाल में शहरों से ग्रामीण इलाकों की ओर शिफ्ट हुए नागरिकों में से अधिकतर नागरिक अब ग्रामीण क्षेत्रों में ही बस गए हैं एवं अपने विशेष कौशल का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों को प्रदान कर रहे हैं। हाल ही में जारी किए गए कुछ सर्वे प्रतिवेदनों के अनुसार, भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोग की एक नई कहानी लिखी जा रही है क्योंकि अब विभिन्न उत्पादों की मांग ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है। उपभोक्ता वस्तुओं एवं ऑटो निर्माता कम्पनियों द्वारा प्रदान की गई जानकारी के अनुसार, भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में हाल ही के समय में उपभोग की जाने वाली विभिन्न वस्तुओं एवं दोपहिया एवं चार पहिया वाहनों (ट्रैक्टर सहित) की मांग में तेजी दिखाई दे रही है, जो कि वर्ष 2023 में लगातार कम बनी रही थी। यह संभवत: रबी फसल के सफल होने के चलते भी सम्भव हो रहा है। उक्त तथ्यों को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने भी हाल ही में सम्पन्न अपनी द्विमासिक मोनेटरी पॉलिसी की बैठक में रेपो दर में किसी भी प्रकार की वृद्धि नहीं की है, ताकि बाजार, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के बाजार में, उत्पादों की मांग विपरीत रूप से प्रभावित नहीं हो, ताकि इससे अंततः वित्तीय वर्ष 2024-25 में देश के आर्थिक विकास की दर भी अच्छी बनी रहे। भारत में पिछले कुछ समय से ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न उत्पादों की मांग, शहरी क्षेत्रों में उपलब्ध मांग की तुलना में कम ही बनी रही है। परंतु, वित्तीय वर्ष 2023-24 की तृतीय तिमाही के बाद से इसमें कुछ परिवर्तन दिखाई दिया है एवं अब ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादों की मांग में तेजी दिखाई देने लगी है। यह तथ्य विकास के कुछ अन्य सूचकांकों से भी उभरकर सामने आ रहा है। जनवरी-फरवरी 2024 माह में दोपहिया वाहनों की बिक्री में, पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान की बिक्री की तुलना में, 30.3 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की गई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान दोपहिया वाहनों की बिक्री में 9.3 प्रतिशत की वृद्धि दर रही है, जो हाल ही के कुछ वर्षों में अधिकतम वृद्धि दर मानी जा रही है। दोपहिया वाहनों की बिक्री ग्रामीण इलाकों (लगभग 10 प्रतिशत) में शहरी इलाकों (लगभग 7 प्रतिशत) की तुलना में अधिक रही है। महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत प्रदान किए जाने वाले रोजगार के अवसरों की मांग में भी फरवरी-मार्च 2024 माह के दौरान 9.8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है क्योंकि ग्रामीण इलाकों में निवासरत नागरिकों को रोजगार के अवसर अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध हो रहे हैं। इसी प्रकार, ट्रैक्टर की बिक्री में भी जनवरी-फरवरी 2024 माह के दौरान 16.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान भारत में कुल 892,313 ट्रैक्टर की बिक्री हुई है जो पिछले वित्तीय वर्ष 2022-23 की तुलना में 7.5 प्रतिशत अधिक है। भारत के मौसम विभाग द्वारा जारी की गई भविष्यवाणी के अनुसार, वर्ष 2024 के मानसून मौसम के दौरान भारत में मानसून की बारिश के सामान्य से अधिक रहने की प्रबल सम्भावना है। इससे भारत के किसानों में हर्ष व्याप्त है क्योंकि मानसून के अच्छे होने से खरीफ की फसल के भी बहुत अच्छे रहने की सम्भावना बढ़ गई है। मौसम विभाग के सोचना है कि इस वर्ष अल नीनो के स्थान पर ला नीना का प्रभाव दिखाई देगा। अल नीनों के प्रभाव में देश में बारिश कम होती है एवं ला नीना के प्रभाव में देश में बारिश अधिक होती है। साथ ही, भारतीय किसान अब तिलहन, दलहन एवं बागवानी की फसलों की ओर भी आकर्षित होने लगे हैं। दालों, वनस्पति, फलों एवं सब्जियों के अधिक उत्पादन से किसानों की आय में वृद्धि दृष्टिगोचर है। केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न खाद्य उत्पादों की बिक्री के लिए ई-पोर्टल के बनाए जाने के बाद से तो भारतीय किसान अपनी फसलों को वैश्विक स्तर पर सीधे ही बेच रहे हैं और अपने मुनाफे में वृद्धि दर्ज कर रहे हैं। भारतीय खाद्य पदार्थों की मांग अब वैश्विक स्तर पर भी होने लगी है एवं खाद्य पदार्थों के निर्यात में भी नित नए रिकार्ड बनाए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादों की मांग सामान्यतः अच्छे मानसून के पश्चात अच्छी फसल एवं विभिन्न सरकारों, केंद्र एवं राज्य सरकारों, द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों पर किए जा रहे खर्चो में बढ़ौतरी के चलते ही सम्भव होती है। केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में लागू की गई विकास की विभिन्न योजनाओं पर व्यय में लगातार वर्ष दर वर्ष वृद्धि की जा रही है एवं इसके लिए केंद्रीय बजट में भी बढ़े हुए व्यय का प्रावधान प्रति वर्ष किया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर निर्मित हो रहे हैं एवं इन इलाकों में विभिन्न उत्पादों की मांग भी बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। नीलसन द्वारा किए गए एक सर्वे के यह बताया गया है कि जनवरी एवं फरवरी 2024 माह में भारत में विभिन्न उत्पादों की शहरी क्षेत्रों में मांग 1.5 प्रतिशत की दर से बढ़ी है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में मांग 2.5 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। विशेष रूप से फरवरी 2024 के बाद से ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादों की मांग में वृद्धि लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। रबी की फसल के भी अच्छे रहने की सम्भावना बलवती हुई है जिसके कारण किसानों की मनोदशा भी सकारात्मक बन रही है और यह वित्तीय वर्ष 2024-25 में देश की आर्थिक वृद्धि दर को बलवती करने के मुख्य भूमिका निभाने जा रही है। आज देश की लगभग 60 प्रतिशत जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है यदि ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत नागरिकों की मनोवृत्ति सकारात्मक हो रही है तो निश्चित ही वित्तीय वर्ष 2024-25, आर्थिक विकास की दृष्टि से अतुलनीय परिणाम देने वाला वर्ष साबित होने जा रहा है। प्रहलाद सबनानी Read more »
उत्पाद समीक्षा खान-पान लेख खाद्य पदार्थों विशेषकर मसालों की जांच प्रक्रियाओं पर सवालिया निशान लगना है लाजिमी . . . April 30, 2024 / April 30, 2024 by लिमटी खरे | Leave a Comment (लिमटी खरे) भारत में आदि अनादि काल से प्राकृतिक रूप से पैदा होने वाले मसालों का उपयोग न केवल भोजन को स्वादिष्ट बनाने वरन अनेक बीमारियों से बचाव के लिए भी लगातार ही किया जाता रहा है। मसालों के व्यवसायिक उपयोग से लाभ कमाने की अंधी दौड़ ने इनमें मिलावट भी आरंभ कर दी है। […] Read more » ban on everest and mdh masala
लेख जीवन में रामत्व April 29, 2024 / April 29, 2024 by ऋचा सिंह | Leave a Comment ऋचा सिंह श्रीराम को सनातन धर्म में विष्णु का अवतार माना गया है । लोग उनको भगवान और आराध्य मान कर पूजार्चन करते हैं । लेकीन जब हम राम के सम्पूर्ण जीवन का अवलोकन करते हैं तो पाते हैं कि राम केवल पूजा के विषय नहीं हैं वह अनुकरणीय हैं हर स्थिति काल में जीवन […] Read more »
लेख इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों के लिए भारत बना सबसे बड़ा बाजार April 29, 2024 / April 29, 2024 by निशान्त | Leave a Comment एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के नवीनतम ग्लोबल इलेक्ट्रिक वेहिकिल आउटलुक के अनुसार, भारत इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स (3डब्ल्यू) के मामले में, चीन को पछाड़ते हुए, दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बन गया है.रिपोर्ट में इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने में भारत की उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें सरकारी प्रोत्साहन और नीति समर्थन […] Read more » India becomes the largest market for electric three-wheelers
पर्यावरण लेख विविधा गहराते जल-संकट से जीवन एवं कृषि खतरे में April 29, 2024 / April 29, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग – मानवीय गतिविधियों और क्रिया-कलापों के कारण दुनिया का तापमान बढ़ रहा है और इससे जलवायु में होता जा रहा परिवर्तन अब मानव जीवन के हर पहलू के साथ जलाशयों एवं नदियों के लिए खतरा बन चुका है। जलवायु परिवर्तन का खतरनाक प्रभाव गंगा, सिंधु और ब्रह्मपुत्र सहित प्रमुख जलाशयों और नदी […] Read more » Life and agriculture in danger due to deepening water crisis
लेख धृतराष्ट्र उवाच से भगवतगीता की शुरुआत क्यो? April 29, 2024 / April 29, 2024 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment सनातन धर्म और संस्कृति में श्रीमदभगवत गीता का अत्यन्त विशिष्ट महत्त्व है, कारण गीता एक मात्र साक्ष्य है जो महाभारत के युद्ध में श्रीकृष्ण के मुखारबिन्द से मोहग्रसित हुये अर्जुन के सभी संदेहों से मुक्त करने हेतु उदभूत हुई है। श्रीमदभगवतगीता का महत्व इसलिए सबसे ज्यादा है क्योकि गीता का पहला ही शब्द है धृष्टराष्ट्र उवाच अर्थात हस्तिनापुर साम्राज्य के […] Read more » Why does Bhagavad Gita begin with Dhritarashtra Uvaach?
पर्यावरण लेख जानिए क्यों बढ़ती गर्मी हेमंत की दुनिया उजाड़ रही है April 24, 2024 / April 24, 2024 by दीपमाला पाण्डेय | Leave a Comment दीपमाला पाण्डेय अप्रैल के महीने में पहले कभी इतनी गर्मी का एहसास नहीं हुआ जितना इस साल हो रहा है। पिछला साल धरती के इतिहास का सबसे गरम साल था। इस महीने की गर्मी महसूस करते हुए लग रहा है ये साल भी उसी दिशा में बढ़ रहा है। आप और हम तो शायद अपने आप […] Read more »
पर्यावरण लेख क्लीन एनेर्जी ट्रांज़िशन में कर्नाटक और गुजरात सबसे आगे: रिपोर्ट April 23, 2024 / April 23, 2024 by निशान्त | Leave a Comment कर्नाटक और गुजरात ने एक बार फिर क्लीन एनेर्जी ट्रांज़िशन की दिशा में अपना नेतृत्व प्रदर्शित किया है। इस बात का खुलासा हुआ इंस्टीट्यूट फॉर एनर्जी इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंशियल एनालिसिस (IEEFA) और एम्बर की एक संयुक्त रिपोर्ट में। इस दिशा में यह मूल्यांकन का दूसरा साल है जिसमें अब कुल 21 राज्य शामिल हैं, जो पिछले सात वित्तीय वर्षों में […] Read more » Karnataka and Gujarat lead in clean energy transition: Report
पर्यावरण लेख एशिया पर रहा जलवायु, मौसमी आपदाओं का सबसे अधिक प्रभाव: संयुक्त राष्ट्र April 23, 2024 / April 23, 2024 by निशान्त | Leave a Comment संयुक्त राष्ट्र की संस्था विश्व मौसम विज्ञान संगठन की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023 में एशिया ने मौसम, जलवायु, और पानी से संबंधित खतरों का ऐसा खामियाजा भुगता कि यह दुनिया का सबसे अधिक आपदा प्रभावित क्षेत्र बन गया।विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) की एशिया में जलवायु स्थिति – 2023 रिपोर्ट में कहा […] Read more » Asia most affected by climate and weather disasters: United Nations
लेख समाज तपती गर्मी में खारा पानी की सज़ा April 23, 2024 / April 23, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment आरती लूणकरणसर, बीकानेरराजस्थान “जैसे जैसे गर्मी बढ़ रही है गांव में पानी की समस्या भी बढ़ती जा रही है. जो स्रोत उपलब्ध हैं उसमें इतना खारा पानी आता है कि हम लोगों से पिया भी नहीं जाता है. यदि मजबूरीवश पी लिया तो पेट में दर्द और दस्त होने लगते हैं. पिता जी और गाँव […] Read more » Punishment of salt water in scorching heat
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार लेख उन्नत जीवन का आधार है हनुमान भक्ति April 22, 2024 / April 22, 2024 by ललित गर्ग | Leave a Comment हनुमान जयन्ती- 23 अप्रैल 2024 पर विशेष– ललित गर्ग – भगवान हनुमानजी को हिन्दू देवताआंे में सबसे शक्तिशाली माना गया है, वे रामायण जैसे महाग्रंथ के सह पात्र थे। वे भगवान शिव के ग्यारवंे रूद्र अवतार थे जो श्रीराम की सेवा करने और उनका साथ देने त्रेता युग में अवतरित हुए थे। उनको बजरंग बलि, […] Read more » हनुमान भक्ति