राजनीति लेख विश्व आदिवासी दिवस: एक बड़े जनजातीय नर संहार के स्मरण का शोक दिवस August 8, 2024 / August 8, 2024 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment प्रवीण गुगनानी विदेशी शक्तियां भारतीय समाज को विखंडित करने हेतु मूलनिवासी दिवस का उपयोग कर रहीं हैं। नौ अगस्त, वस्तुतः पश्चिमी साम्राज्यवादियों द्वारा किये गए बड़े, बर्बर नरसंहार का दिन है। इस शोक दिवस को उसी पीड़ित व दमित जनजातीय समाज द्वारा उत्सव व गौरवदिवस रूप में मनवा लेने का षड्यंत्र है यह! आश्चर्य यह […] Read more » विश्व आदिवासी दिवस
कविता भाई-भाई के रिश्ते में सब कुछ सहा जाता है August 8, 2024 / August 8, 2024 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकभाई-भाई के रिश्ते में सब कुछ सहा जाता है,बिन कहे सुख-दुख में एक साथ रहा जाता है!अकेले राम को वन जाने की सजा मिली थी,अर्धांगिनी सीता भी बिन सजा साथ चली थी! अनुज लक्ष्मण को अहसास हुआ तत्क्षण ही,अग्रज के दोहरे दुख भाभी की सुरक्षा की भी!लखन ने तात मात के आदेश की […] Read more » Everything is tolerated in brotherly relationship
लेख उन्नत सड़क ही गांव को विकास से जोड़ेगा August 7, 2024 / August 7, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment मोनिकालूणकरणसर, राजस्थानहमारे देश के विकास में जिन क्षेत्रों का बहुत अहम योगदान है उसमें सड़कों की भी एक बड़ी भूमिका है. माना यह जाता है कि जिस क्षेत्र या गांव में सड़कें टूटी और जर्जर होंगी वहां विकास की कल्पना अधूरी होगी. यानि जिस क्षेत्र या गांव में सड़क की स्थिति बेहतर नहीं होगी वहां […] Read more » Only improved road will connect the village with development
कहानी नानक दुखिया सब संसार August 7, 2024 / August 7, 2024 by दिलीप कुमार सिंह | Leave a Comment शहर की झोपड़पट्टी माने वाले इलाके का नाम इंद्र पुरी था । अपने नाम के उलट मुर्गी के दड़बों की तरह बेतरतीब बसी हुई इंद्रपुरी झोपड़पट्टी की एक झोपड़ी से निब्बर रोजगार पर जाने के लिये बाहर निकला। दरवाजे के पास एक लोहे के मजबूत पाए से बंधे जंजीर का ताला खोलकर उसने रिक्शा निकाला […] Read more »
लेख शिक्षा से वंचित बच्चों का भविष्य August 6, 2024 / August 6, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment नरेंद्र शर्माजयपुर, राजस्थान “मेरे चार बच्चे हैं. इन्हें स्कूल भेजना तो दूर, खाना खिलाने के लिए भी पैसे नहीं होते हैं. कभी मज़दूरी मिलती है और कभी नहीं मिलती है. ऐसे में मैं इनके खाने की व्यवस्था करूं, या इनकी शिक्षा के लिए चिंता करें? पहले स्कूल में एडमिशन कराने का भी प्रयास किया था. […] Read more » शिक्षा से वंचित बच्चों का भविष्य
लेख रोज़गार के वास्ते पलायन की मजबूरी August 6, 2024 / August 6, 2024 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment लक्ष्मी देवीगया, बिहार हमारा देश जिन बुनियादी आवश्यकताओं से जूझ रहा है उसमें रोज़गार एक प्रमुख मुद्दा है. विशेषकर हमारा ग्रामीण इलाका इससे बहुत अधिक प्रभावित है. जिसके कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण शहरों, महानगरों और औद्योगिक इलाकों की ओर पलायन करने को मजबूर होता है. परिवार के लिए दो वक़्त की रोटी की व्यवस्था करने […] Read more » compulsion to migrate for employment रोज़गार के वास्ते पलायन की मजबूरी
खेल जगत लेख मनु ने लौटाया शूटिंग का स्वर्णिम दौर August 6, 2024 / August 6, 2024 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment – योगेश कुमार गोयलपेरिस ओलंपिक के आठवें दिन भारत का प्रत्येक व्यक्ति ओलंपिक में पहला स्वर्ण पदक जीतने की पक्की उम्मीदें लगाए बैठा था और ये उम्मीदें टिकी थी भारत की ‘मिरेकल गर्ल’ मनु भाकर पर। पूरी उम्मीद थी कि ‘मिरेकल गर्ल’ मनु भाकर ओलंपिक में अपनी ऐतिहासिक हैट्रिक पूरी करते हुए इस स्पर्धा में […] Read more » Manu returned the golden era of shooting
धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार लेख वर्त-त्यौहार सावन के तीसरे सोमवार को लगता है आगरा का सुप्रसिद्ध कैलाश मेला August 5, 2024 / August 5, 2024 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment हमारे भारत देश में एक समृद्ध आध्यात्मिक और धार्मिक विरासत के साथ, कई धर्मों का पालन किया जाता है। नतीजतन धार्मिक त्योहारों की एक बड़ी संख्या को मनाया जाता है। ऐसा ही एक त्योहार आगरा का सुप्रसिद्ध कैलाश मेला है। आगरा का यह सुप्रसिद्ध कैलाश मेला हर वर्ष सावन महीने के तीसरे सोमवार को लगता […] Read more »
पर्यावरण लेख हम तो डूबे हैं सनम तुमको भी ले डूबेंगे August 5, 2024 / August 5, 2024 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment तनवीर जाफ़री मानसून की आमद हो चुकी है। इस मौसम में देश के किसी न किसी भाग से बाढ़,जलप्रलय,भूस्खलन,बादल फटने जैसी प्राकृतिक […] Read more »
धर्म-अध्यात्म लेख मेरे मानस के राम : अध्याय 19 August 5, 2024 / August 5, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment रावण ने दिया सीता जी को दो माह का समय जब सीता जी ने रावण को लताड़ते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि चाह जो हो जाए, पर वह कभी उसकी भार्या नहीं बन सकतीं तो रावण अत्यधिक क्रोध में आ गया। तब उसने सीता जी से कहा कि तुम्हारे पास दो महीने का समय […] Read more » Ram of my mind
लेख मेरे मानस के राम : अध्याय 18 August 5, 2024 / August 5, 2024 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment अध्याय 18 सीता जी और रावण का संवाद उस अशोक वाटिका में हनुमान जी ने एक ऊंचे उठे हुए गोलाकार भवन को देखा। यह भवन अत्यंत निर्मल था और ऊंचाई में आकाश से बातें करता था। उस भवन को देखते हुए हनुमान जी ने मैले वस्त्रों से युक्त रक्षसियों से घिरी हुई, उपवास करने से […] Read more » मेरे मानस के राम
लेख शख्सियत अभय छजलानी: पत्रकारिता के तपस्वी साधक August 3, 2024 / August 2, 2024 by अर्पण जैन "अविचल" | Leave a Comment डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल‘ इन्दौर आज समूचे भारत में पत्रकारिता की नर्सरी माना जाता है। महनीय सम्पादकीय परम्परा की नींव माने जाने वाले शहर इन्दौर की इमारत की बुलन्दी को खड़ा करने में जिन साधकों के श्रम दर्ज हैं, ऐसे योद्धाओं में एक नाम अभय छजलानी भी है। माँ अहिल्या की नगरी इंदौर में छजलानी परिवार में 4 अगस्त […] Read more » Abhay Chhajlani Ascetic seeker of journalism अभय छजलानी