खान-पान लेख देश की नस्लों को खराब कर देगी जीएम सरसों July 17, 2023 / July 17, 2023 by डॉ. मनोज मुरारका | Leave a Comment – हमारे लालच ने नवीनतम आधुनिक तकनीक के उपयोग से हमारे भोजन को काफी हद तक बदल दिया है, जिसने अंततः हमें नई बीमारियों के सागर में डुबो दिया है। इस प्रकार यदि केवल खाद्य प्रसंस्करण ही भोजन की गुणवत्ता को बदल सकता है तो सोचिए कि यदि हम भोजन के डीएनए को बदल दें […] Read more » GM mustard will spoil the breeds of the country
लेख सफल जीवन के लिये जोश भी चाहिए और होश भी July 17, 2023 / July 17, 2023 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग सफल लोगों को गौर से देखें तो पाएंगे कि वे देर तक किसी बात पर अटकते नहीं। क्या मिला, क्या नहीं- हमेशा इसकी शिकायत नहीं करते, संतुलित एवं समतामय बनकरं सीखते रहते हैं। अपने लक्ष्य को नहीं भूलते। दूसरों की सुनते हैं, पर उनके डर को खुद पर हावी नहीं करते। […] Read more » For a successful life enthusiasm and awareness are also needed.
आलोचना भारत की बाढ़ प्रबंधन योजना का क्या हुआ? July 17, 2023 / July 17, 2023 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment राष्ट्रीय बाढ़ आयोग की प्रमुख सिफ़ारिशें जैसे बाढ़ संभावित क्षेत्रों का वैज्ञानिक मूल्यांकन और फ्लड प्लेन ज़ोनिंग एक्ट का अधिनियमन अभी तक अमल में नहीं आया है। सीडब्ल्यूसी का बाढ़ पूर्वानुमान नेटवर्क देश को पर्याप्त रूप से कवर करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके अलावा, अधिकांश मौजूदा बाढ़ पूर्वानुमान स्टेशन चालू नहीं हैं। 2006 […] Read more » What happened to India's flood management plan
पर्यावरण लेख गर्मी से राहत नहीं, आफत बन रही है मॉनसून की बारिश। वजह है जलवायु परिवर्तन। July 17, 2023 / July 17, 2023 by अनुराग अनंत | Leave a Comment बारिश की आमद गर्मी से राहत देने के लिए जानी जाती थी। मगर अब, यह राहत बन रही है आफत। भारत में चरम मौसम की घटनाओं में वृद्धि का पैमाना हर गुजरते साल के साथ नई ऊंचाई छू रहा है। साल 2023 की शुरुआत अगर सर्दी की जगह अधिक गर्मी के साथ हुई, तो फरवरी […] Read more »
कविता साहित्य लेकिन गुस्सा भी आता है July 17, 2023 / July 17, 2023 by प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Leave a Comment भुदयाल श्रीवास्तव छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश लेकिन गुस्सा भी आता है खड़ी हुई दर्पण के सम्मुख , लगी बहुत मैं सीधी सादी | पता नहीं क्यों अम्मा मुझको , कहती शैतानों की दादी | मैं तो बिलकुल भोली भाली , सबकी बात मानती हूँ मैं | पर झूठे आरोप लगें तो, घूँसा तभी तानती हूँ […] Read more »
कविता मैंने की दादी से बात July 17, 2023 / July 17, 2023 by प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Leave a Comment प्रभुदयाल श्रीवास्तव छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश मैंने की दादी से बात मोबाइल पर आज मजे से , मैंने की दादी से बात | मैंने दादीजी को अपने , पढ़ने का परिणाम बताया | मैंने उन्हें बताया कैसे, कक्षा में नंबर वन आया | खुशियों से दादी अम्मा के , उठे दुआओं वाले हाथ | मैंने बोला […] Read more » मैंने की दादी से बात
कविता मस्ती के स्कूल में बच्चे July 17, 2023 / July 17, 2023 by प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Leave a Comment प्रभुदयाल श्रीवास्तव मस्ती के स्कूल में बच्चे खेल रहे हैं धूल में बच्चे , भँवरे बनकर फूल में बच्चे| नंगे बदन उघाड़े हैं ये खुशियों के हरकारे हैं ये खाता कोई रोटी पुंगा चूसे कोई अंगूठा चुंगा उछल […] Read more » मस्ती के स्कूल में बच्चे
कविता श्रम सस्ता और ज्ञान महँगा है July 17, 2023 / July 17, 2023 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment –विनय कुमार विनायक श्रम सस्ता और ज्ञान महँगा है इससे ही आज देश चल रहा है एक श्रमिक आठ घंटे कठिन काम कर साढ़े तीन सौ रुपए कमाई कर लेता जिससे दो जून की रोटी मिल जाती मगर दो सौ रुपए किलो टमाटर सौ रुपए किलो मूली गाजर हरी मिर्च सब्जी कोई श्रमिक नहीं खरीद […] Read more » श्रम सस्ता और ज्ञान महँगा है
कविता चाय न आई हाय ! July 14, 2023 / July 14, 2023 by प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Leave a Comment प्रभुदयाल श्रीवास्तव न तो हमको भैंस चाहिए ,नहीं चाहिए गाय |कड़क ठण्ड है हमें पिला दो,बस एक कप भर चाय |चाय कड़क हो थोड़ी मीठी ,बस थोड़ा अदरक हो|दूध मिलाकर खुशियों के संग ,मिला हुआ गुड लक हो |हो जाती छू मंतर सुस्ती ,बढ़िया चाय,उपाय |जब भी बनती चाय घरों में ,मोहक गंध निकलती |लाख […] Read more »
कविता हम हिंदुस्तानी हैं July 14, 2023 / July 14, 2023 by प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Leave a Comment प्रभुदयाल श्रीवास्तव »बच्चो कहो प्रेम से हम,सब हिन्दुस्तानी हैं।भरत वंश के ध्वज वाहक,हम अमर कहानी हैं। वेद ऋचाओं वाली माँ,भारत के रहवासी।दिल में रखते प्यार और,आँखों में पानी है। दया धर्म का सदियों से,सबसे अपना नाता।संग साथ रहने में ही,सबको आसानी है। खून खराबा करना यह,है नहीं सोच अपनी।मदद ग़रीबों की करना,यह रीति पुरानी है। […] Read more »
कविता धुक्कम – पुक्कम रेल July 14, 2023 / July 14, 2023 by प्रभुदयाल श्रीवास्तव | Leave a Comment रेल चली भई रेल चली,धुक्कम- पुक्कम रेल चली। टीना ,मीना ,चुन्नू ,मुन्नू,डिब्बे बनकर आएं।मोहन कक्कू इंजिन बनकर,सीटी तेज बजाएं।डीज़ल से फुल टैंक कराएँ,इंजन न हो फेल ,चली। गार्ड बनेंगे झल्लू भाई,हरी लाल ले झंडी।छुक -छुक -छुक रेल चलेगी,पटना ,कटक, भिवंडी।पैसिंजर बन कहीं चलेगी,कहीं -कहीं बन मेल चली। स्टेशन -,स्टेशन रुककर ,लेगी ढेर मुसाफिर।कई मुसाफिर उतर […] Read more »
पर्यावरण लेख जल प्रलय प्रकृति कम ,ग़लत योजनायें व भ्रष्टाचार अधिक ज़िम्मेदार July 13, 2023 / July 13, 2023 by निर्मल रानी | Leave a Comment .रानी इस समय उत्तर भारत के दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान जैसे राज्य व केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ पिछले दिनों लगातार कई दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश की वजह से अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहे हैं। कई राज्यों में तो जल प्रलय जैसी स्थिति बनी हुई […] Read more »