गजल हर नदी के पास वाला घर तुम्हारा August 17, 2023 / August 14, 2023 by डॉ. राकेश जोशी | Leave a Comment हर नदी के पास वाला घर तुम्हाराआसमां में जो भी तारा, हर तुम्हारा बाढ़ आई तो हमारे घर बहे बसबन गई बिजली तो जगमग घर तुम्हारा तुम अभी भी आँकड़ों को गढ़ रहे होदेश भूखा सो गया है पर तुम्हारा कोई भी तुमको मदारी क्यों कहेगाछोड़कर जाएगा जब बन्दर तुम्हारा ये ज़मीं इक दिन उसी […] Read more »
महिला-जगत लेख स्वास्थ्य-योग महिलाओं को मातृत्व सुख से वंचित करती टीबी August 17, 2023 / August 17, 2023 by डॉ. सीमा अग्रवाल | Leave a Comment समाज में हमेशा टीबी को फेफड़ों का रोग माना गया। लेकिन 21वीं सदी में टीबी महज़ सांस की बीमारी नहीं बल्कि इंफर्टिलिटी का बड़ा कारण बन चुकी है। महिलाओं में बढ़ती जननांगों की टीबी उन्हें मातृत्व सुख से वंचित कर रही है। IVF सेंटर में बढ़ती भीड़ इसकी पुष्टि करती है।ICMR के हालिया अध्ययन में […] Read more » TB deprives women of motherhood
लेख समाज सार्थक पहल जल संकट का समाधान ज़रूरी August 17, 2023 / August 17, 2023 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment सरिताबीकानेर, राजस्थान अक्सर यह भविष्यवाणी की जाती है कि भविष्य में अगर कोई विश्व युद्ध हुआ तो वह पानी के मुद्दे पर लड़ा जाएगा. पानी की कमी आज के समय में बहुत बड़ा संकट बन चुका है. इस संकट से होने वाले दुष्परिणाम भी भंयकर हो रहे हैं. पानी की कमी से केवल मानव जीवन को […] Read more »
कला-संस्कृति पर्व - त्यौहार लेख वर्त-त्यौहार सौंदर्य और प्रेम का उत्सव है हरियाली तीज August 17, 2023 / August 17, 2023 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment श्रावण का महीना महिलाओं के लिए विशेष उल्लास का महीना होता है। इस महीने में आने वाले अधिकांश लोक पर्व महिलाओं द्वारा ही मनाए जाते हैं। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को श्रावणी तीज कहते हैं। इसे हरितालिका तीज भी कहते हैं। जनमानस में यह हरियाली तीज के नाम से जानी जाती […] Read more »
लेख समाज भारत सक्षम है मानवता को बल देने में August 17, 2023 / August 17, 2023 by ललित गर्ग | Leave a Comment विश्व मानवीय दिवस-19 अगस्त, 2023 -ः ललित गर्ग:- विश्व मानवीय दिवस प्रत्येक वर्ष 19 अगस्त को मनाया जाता है। मानव मूल्यों के छीजते दौर में इस दिवस की विशेष प्रासंगिकता एवं उपयोगिता है। इस दिवस पर उन लोगों को याद किया जाता है, जिन्होंने मानवीय उद्देश्यों के कारण दूसरों की सहायता के लिए अपनी जान […] Read more » world humanity day विश्व मानवीय दिवस-19 अगस्त
लेख समाज साक्षात्कार बच्चों के सर्वांगीण विकास पर हो शिक्षकों का विशेष ध्यान। August 17, 2023 / August 17, 2023 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment आज की शिक्षा पहले के जमाने की भांति टीचर्स सेंटर्ड नहीं है। आज की शिक्षा स्टूडेंट सेंटर्ड है। यानी कि स्टूडेंट आज की शिक्षा में सर्वोपरि है। पहले शिक्षा में टीचर्स सर्वोपरि हुआ करते थे। जैसा टीचर चाहते थे वैसा होता था लेकिन आज जैसा स्टूडेंट चाहते हैं वैसा शिक्षा में होता है। मतलब यह […] Read more » Teachers should pay special attention to the all-round development of the children.
पुस्तक समीक्षा सनातन से वर्तमान का आर्थिक सिंहावलोकन : वैश्विक परिदृश्य के संदर्भ सहित August 17, 2023 / August 17, 2023 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment प्रस्तुत पुस्तक “भारतीय आर्थिक दर्शन एवं पश्चिमी आर्थिक दर्शन में भिन्नत्ता – वर्तमान परिप्रेक्ष्य में भारतीय आर्थिक दर्शन की बढ़ती महत्ता” के लेखक श्री प्रहलाद सबनानी आर्थिक विषयों के महत्वपूर्ण जानकार एवं विश्लेषक के रूप में सामने आए हैं। उन्होंने निरंतर विभिन्न वित्तीय विषयों पर जानकारी पूर्ण आलेख प्रस्तुत किए हैं। उनका गहन अध्ययन एवं विभिन्न आर्थिक […] Read more »
गजल बादल गरजे तो डरते हैं नए-पुराने सारे लोग August 16, 2023 / August 14, 2023 by डॉ. राकेश जोशी | Leave a Comment बादल गरजे तो डरते हैं नए-पुराने सारे लोगगाँव छोड़कर चले गए हैं कहाँ न जाने सारे लोग खेत हमारे नहीं बिकेंगे औने-पौने दामों मेंमिलकर आए हैं पेड़ों को यही बताने सारे लोग मैंने जब-जब कहा वफ़ा और प्यार है धरती पर अब भीनाम तुम्हारा लेकर आए मुझे चिढ़ाने सारे लोग गाँव में इक दिन एक […] Read more »
लेख समाज सार्थक पहल पलायन रोकने का सशक्त माध्यम बना बागवानी August 16, 2023 / August 16, 2023 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment नरेन्द्र सिंह बिष्टहल्द्वानी, उत्तराखंड जलवायु परिवर्तन ने जहां पूरे विश्व को चिंता में डाल दिया है वहीं इसके चलते पर्वतीय समुदाय भी कृषि कार्य से विमुक्त हो गया है. परिणामस्वरूप पहाड़ों से पलायन और तेजी से भूमि को बेचना दिखायी दे रहा है. विशाल निर्माण कार्यो ने पहाड़ों के अस्तित्व को खतरे में लाकर खड़ा […] Read more » Horticulture became a powerful means of stopping migration
व्यंग्य सूबे का मुखिया है मेरा साला ? August 16, 2023 / August 16, 2023 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment पत्रकार होने के नाते घटनाओं, चरित्रों और संकेतों के द्वारा व्यक्ति, समाज, व्यवस्था और राजनीति में विसंगतियों, विडम्बनाओं के बीच कुकुरमुत्तों की तरह उग आई मुखौटे बाजी की विकृत मानसिकता के मैं रोज ही दर्शन करता हॅू। राजनीति में चौकाने वाले नये प्रयोगों का युग चल रहा है । राजनीतिज्ञ कब जनता के मन के भावों […] Read more »
गजल जो ख़बर अच्छी बहुत है आसमानों के लिए August 15, 2023 / August 14, 2023 by डॉ. राकेश जोशी | Leave a Comment जो ख़बर अच्छी बहुत है आसमानों के लिएवो ख़बर अच्छी नहीं है आशियानों के लिए इस नए बाज़ार में हर चीज़ महंगी हो गईबीज से सस्ता ज़हर है पर किसानों के लिए भूख से चिल्लाए जो वो, खिड़कियाँ तू बंद करशोर ये अच्छा नहीं है तेरे कानों के लिए हक़ की बातें करने वालों के […] Read more »
गजल अब उजालों से कोई आता नहीं है August 14, 2023 / August 14, 2023 by डॉ. राकेश जोशी | Leave a Comment अब उजालों से कोई आता नहीं है भीड़ में भी कोई चिल्लाता नहीं है मैं कभी डरता नहीं हूँ भीगने से सर पे कोई छत नहीं, छाता नहीं है जिन किताबों में ग़रीबी मिट गई है उन किताबों से मेरा नाता नहीं है बिल्लियों के संग वो पाला गया है शेर होकर भी वो गुर्राता […] Read more »