लेख सिर्फ धुआँ नहीं, मौसम भी बढ़ा रहा शहरों की हवा में ज़हर March 12, 2026 / March 12, 2026 by निशान्त | Leave a Comment भारत के बड़े शहरों में बढ़ते प्रदूषण को अक्सर सिर्फ उत्सर्जन का नतीजा माना जाता है। गाड़ियों का धुआँ, उद्योगों का धुआँ, कूड़ा जलाना। मगर एक नई स्टडी बताती है कि कहानी इससे कहीं ज़्यादा जटिल है। दरअसल कई शहरों में हवा की गुणवत्ता सिर्फ इस बात से तय नहीं होती कि कितना प्रदूषण निकल […] Read more »
मीडिया लेख आभासी दुनिया से बचपन को सुरक्षित रखने की पहल March 9, 2026 / March 9, 2026 by ललित गर्ग | Leave a Comment डिजिटल युग में मानव जीवन की गति और स्वरूप तेजी से बदल रहा है। संचार, शिक्षा, मनोरंजन और सामाजिक संबंधों का बड़ा हिस्सा अब आभासी माध्यमों के सहारे Read more » आभासी दुनिया
कविता नारी : एक करुण पुकार March 8, 2026 / March 8, 2026 by मुनीष भाटिया | Leave a Comment सदियों से मानव की कमजोरीनारी को समझा गया हर बार,विजय चिन्ह समझ लूट लियाजैसे कोई युद्ध का उपहार। कभी अपनों की बेरुखी झेली,कभी दुश्मनों की तलवार,युद्धभूमि की आग में जलकरसहती रही अस्मिता पर प्रहार। आज बदल गया रूप समय का,पर चाल वही, व्यवहार वही,क्षद्म प्रेम का जाल बिछाकरभटकाया जाता बार-बार। अब जागे समाज, बढ़े चेतना,पहचाने […] Read more » Woman: A sad cry नारी दिवस
महिला-जगत लेख डिजिटल चकाचौंध के जाल में फंसा स्त्री का अस्तित्व और सुरक्षा की चुनौतियां March 6, 2026 / March 6, 2026 by उमेश कुमार साहू | Leave a Comment 8 मार्च का कैलेंडर एक बार फिर हमारे सामने है। विज्ञापनों की चकाचौंध, सोशल मीडिया पर 'विमेंस डे सेल' के ऑफर्स और 'पिंक रिवोल्यूशन' के नारों के Read more » the challenges of women's existence and safety Trapped in the digital glare महिला दिवस
महिला-जगत लेख आइए, हम महिला-पुरुष समानता का माहौल बनाने का संकल्प लें March 6, 2026 / March 6, 2026 by बाबूलाल नागा | Leave a Comment 8 मार्च का दिन केवल उत्सव का नहीं बल्कि आत्ममंथन और संकल्प का भी है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के संघर्ष, उपलब्धियों और अधिकारों की याद दिलाता है। Read more » महिला-पुरुष समानता
महिला-जगत लेख नारी सम्मान ही सभ्य, सुसंस्कृत होने की पहचान March 5, 2026 / March 5, 2026 by डा. विनोद बब्बर | Leave a Comment 8 मार्चः महिला दिवस पर विशेष विनोद बब्बर यस्य पूज्यंते नार्यस्तु तत्र रमन्ते देवता अथार्त जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं। इसी प्रकार कहा गया- ‘न गृहं गृह मित्याहु गृहिणी गृह मुच्यते’. सच ही है परिवार संस्था की संकल्पना नारी के बिना व्यर्थ है। महल हो या टूटी झोंपड़ी गृहलक्ष्मी के प्रवेश से ही घर […] Read more » महिला दिवस
कविता बहिर-बधिर March 5, 2026 / March 5, 2026 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment “सूर्यअपने तपते आदर्शों कानिरंतर प्रवचन करता है—आकाश के ऊँचे मंच से। काले बादलअपनी गरम चुप्पियों मेंबिजली की भाषा लिखते हैं,और बारिशधरती की जड़ों तकधीरे-धीरे उतरती है। पर एक मनुष्य है—जो केवल इन्हीं को सुनने के लिएअपने कान खुले रखता है,मानो संसार की बाकी आवाज़ेंउसके लिएमूक हो चुकी हों। समयरेत-घड़ी की छाया मेंउँगलियों से फिसलतीक्षणिक रेत […] Read more » deaf and dumb बहिर-बधिर
धर्म-अध्यात्म लेख दिल से दिल तक March 5, 2026 / March 5, 2026 by डा. शिवानी कटारा | Leave a Comment भारत उत्सवों की भूमि है, तीज-त्योहारों की पावन धरा है। किसी समाज में पर्वों की निरंतरता उसकी सांस्कृतिक समृद्धि और सामूहिक उल्लास का संकेत मानी जाती है। होली केवल एक पर्व नहीं, बल्कि Read more » होली
लेख विधि-कानून मनुस्मृति और भारत का संविधान अध्याय – 6 ख March 5, 2026 / March 5, 2026 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment मनुस्मृति और भारत का संविधान Read more » मनुस्मृति और भारत का संविधान
लेख विधि-कानून मनुस्मृति और भारत का संविधान अध्याय – 6 क March 3, 2026 / March 3, 2026 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment मनुस्मृति में मनु महाराज ने हमारे देश की सीमाओं का उल्लेख करते हुए प्राचीन नाम ब्रह्मावर्त और आर्यावर्त का उल्लेख किया है। इन दोनों नामों को आज के भारत वर्ष Read more » मनुस्मृति और भारत का संविधान
कला-संस्कृति लेख कटुता भुलाकर गले मिलें March 1, 2026 / March 1, 2026 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment फाल्गुन की उजली पूर्णिमा, जब नभ में मुस्काती है, होलिका की पावन ज्वाला बुराई को जलाती है। सत्य की राह दिखाकर हमको, नव विश्वास जगाती है, अंधियारे मन के कोनों में भी उजियारा भर जाती है। सुबह धुलेंडी रंग लिए जब आँगन में आ जाती है, अबीर-गुलाल की खुशबू से हर गली महक जाती है। […] Read more » कटुता भुलाकर गले मिलें
पर्व - त्यौहार लेख होली : परंपरा, उत्साह और सामाजिक समरसता का पर्व March 1, 2026 / March 1, 2026 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment होली भारतवर्ष का एक अत्यंत प्राचीन, सांस्कृतिक और लोकआस्था से जुड़ा हुआ पर्व है, जिसे पूरे देश में अत्यधिक धूमधाम, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह पर्व हिन्दू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है। ऋतु परिवर्तन के इस समय में जब शीत ऋतु विदा लेती है और […] Read more » होली