कविता संस्कृति बची है भाषाओं की जननी संस्कृत में ही September 4, 2022 / September 4, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायककुछ चीजें जन्मजात नहीं संस्कार से आतीमगर संस्कार कहां से आता?निश्चय ही संस्कार आता संस्कृति सेऔर संस्कृति बची है भाषाओं की जननी संस्कृत में ही! “मातृवत परदारेषु’पराई नारी को माता समझनाये आज भी है भारत देश की मान्यताबस ट्रेन में खड़ी महिला देखकरसीट से उठ जाना फिर महिला को बिठा देना! ऐसी भावना […] Read more » Culture is left the mother of languages is in Sanskrit only
लेख नवाचार और लीक से हटकर सिखाने की प्रेरणा है ‘शिक्षक’ September 4, 2022 / September 4, 2022 by डॉ. पवन सिंह मलिक | Leave a Comment डॉ. पवन सिंह आज शिक्षक दिवस है और हममें से कोई भी ऐसा नहीं, जिसके जीवन में इस शब्द का महत्व न हो। हम आज जो कुछ भी है या हमने जो कुछ भी सिखा या जाना है उसके पीछे किसी न किसी का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष सहयोग व उसे सिखाने की भूमिका रही है। […] Read more » Teacher is the inspiration for innovation and out-of-the-box teaching शिक्षक
लेख विश्ववार्ता समाज पृथ्वी पर अशांति फैलाते ये ‘कलयुगी धर्मगुरु’ September 4, 2022 / September 4, 2022 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment तनवीर जाफ़री किसी भी धर्म व समुदाय के धर्मगुरु से वैसे तो प्रायः यही उम्मीद की जाती है कि वह अपने अनुयायियों को सद्मार्ग पर चलने के लिये प्रेरित करे। उन्हें बुराइयों से दूर रहने व सत्कर्म करने के लिये प्रोत्साहित करे। उनमें मानवता का संचार करे। उन्हें दया,सहृदयता,मानवता,क्षमा,परोपकार,जनकल्याण व मानव प्रेम सिखाये। परन्तु आज […] Read more » These 'Kalyugi religious leaders' spreading unrest on the earth
लेख भारत के मूल भाव को प्रवाहित करें शिक्षक September 4, 2022 / September 4, 2022 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment सुरेश हिंदुस्तानीहम प्राय: सुनते हैं कि हमारा देश विश्व गुरु रहा है, विश्व गुरु याने सम्पूर्ण क्षेत्रों में विश्व का मार्ग दर्शन करने वाला। लेकिन क्या हमने सोचा है कि भारत का वह कौन सा गुण था, जिसके कारण विश्व के अंदर भारतीय प्रतिभा और क्षमता का बोलबाला था। इसका उत्तर आज भले ही कोई […] Read more » Let the teacher flow the basic spirit of India teachers day 5th september शिक्षक शिक्षक दिवस- 5 सितम्बर
लेख समतामूलक समाज का कारक है शिक्षक September 4, 2022 / September 4, 2022 by डॉ शंकर सुवन सिंह | Leave a Comment डॉ. शंकर सुवन सिंह शिक्षक समाज का दर्पण होता है। समाज में व्याप्त बुराइयों को कुचलने में शिक्षक की अहम् भूमिका होती है। एक आदर्श शिक्षक अपनी लेखनी द्वारा समाज को जाग्रत करता है। एक शिक्षक को भिन्न भिन्न नामो से जाना जाता है। जैसे- टीचर, अध्यापक, गुरु, आचार्य,आदि। भविष्य की नई राह दिखाने वाले […] Read more » Teacher is the factor of egalitarian society Teachers Day teachers day 5th september समतामूलक समाज का कारक है शिक्षक
लेख गुरु बिन ज्ञान न उपजै September 4, 2022 / September 4, 2022 by डॉ. सौरभ मालवीय | Leave a Comment -डॉ. सौरभ मालवीय हमारे जीवन में गुरु अथवा शिक्षक का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। गुरु ज्ञान का भंडार होता है। वह हमें ज्ञान देता है, हमारा पाठ आलोकित करता है। ज्ञान वह अमूल्य वस्तु है, जिसे कोई चुरा नहीं सकता। ज्ञान ऐसा कोश है, जिसमें से जितना व्यय करो वह उतना ही बढ़ता जाता है। गुरु ही हमारे जीवन का मार्गदर्शन करता है। हमारे जीवन […] Read more » 5th September Teachers day Guru without knowledge does not arise Teachers Day
लेख एक तरफ योगी का प्रयास दूजी तरफ परिवार का सामाजिक बोध September 4, 2022 / September 4, 2022 by दिव्य अग्रवाल | Leave a Comment समाजिक दृष्टिकोण से इसका आकलन होना आवश्यक है कि जब शासक बदलता है तो राज्य व समाज मे क्या बदलाव आते हैं । कुछ लोगो की अपेक्षाएं इतनी बढ़ जाती है कि सकारात्मक परिणाम होते हुए भी उन्हें नकारात्मक ही लगते हैं। एक समय था जब मजहबी मनचलों के हौसले इतने बुलंद थे कि लड़कियों […] Read more » the social understanding of the family on the other Yogi's efforts on the one hand
लेख आतंक सहने की आत्मघाती आदत September 4, 2022 / September 4, 2022 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment ====================== लेखक: श्री राजीव सचान (दैनिक जागरण में एसोसिएट एडिटर हैं) साभार: दैनिक जागरण 31.08.2022 पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ कोई नई बात नहीं। यह भी नई बात नहीं कि अक्सर ऐसे आतंकी मारे जाते हैं या फिर पकड़े जाते हैं। एक ऐसा ही आतंकी तबरीक हुसैन 21 अगस्त को कश्मीर के नौशहरा […] Read more » suicidal habit of terror आतंक सहने की आत्मघाती आदत
लेख गोर्बाच्येव थे रूसी महानायक September 4, 2022 / September 4, 2022 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डाॅ. वेदप्रताप वैदिक मिखाइल गोर्बाच्येव के निधन पर पश्चिमी दुनिया ने गहन शोक व्यक्त किया है। शोक तो व्लादिमीर पूतिन ने भी प्रकट किया है लेकिन रूस के इतिहास में जैसे व्लादिमीर इलिच लेनिन का नाम अमर है, वैसे ही गोर्बाच्येव का भी रहेगा। रूस के बाहर की दुनिया शायद लेनिन से ज्यादा गोर्बाच्येव को […] Read more » Gorbachev was a Russian superhero मिखाइल गोर्बाच्येव
लेख गांव की पहुंच से बाहर है नेटवर्क September 4, 2022 / September 4, 2022 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment डॉली गढ़िया पोथिंग, कपकोट बागेश्वर, उत्तराखंड देश में 5जी को लेकर तैयारियां जोरों शोरों से चल रही है. माना जा रहा है कि इससे इंटरनेट की रफ़्तार को पंख लग जाएगा. कनेक्टिविटी में जहां बेहतरी आएगी वहीं किसी भी चीज़ को डाउनलोड करना चुटकियों का काम हो जाएगा. इसे दूरसंचार के क्षेत्र में क्रांति मानी जा रही है. इसके […] Read more » The network is out of reach of the village
कविता प्रेम का अनोखा मर्म September 3, 2022 / September 4, 2022 by लक्ष्मी अग्रवाल | Leave a Comment गोकुल का नंदकिशोर तेरो दीवानो भयोरम्य-रमणीक रूप साँवरे को मोह गयो।पढ़ रहे अब यह नैन नैनों की मूक भाषाप्रेम ने तिहारे बदल दी प्रीत की परिभाषा। Read more » unique meaning of love
कहानी छलावा September 3, 2022 / September 4, 2022 by लक्ष्मी अग्रवाल | Leave a Comment शुभ्रा और नीलेश एक ही कॉलेज में साथ पढ़ते थे। दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी। लेकिन यह दोस्ती कब मन-मंदिर में प्रेम-पुष्प खिला गए, खुद शुभ्रा को भी पता न चला। वह नीलेश को दिल ही दिल चाहने लगी। पर अपने प्यार का इजहार करने से डरती थी। उसे डर था कि यदि नीलेश की […] Read more »