कविता प्रेम का अनोखा मर्म September 3, 2022 / September 4, 2022 by लक्ष्मी अग्रवाल | Leave a Comment गोकुल का नंदकिशोर तेरो दीवानो भयोरम्य-रमणीक रूप साँवरे को मोह गयो।पढ़ रहे अब यह नैन नैनों की मूक भाषाप्रेम ने तिहारे बदल दी प्रीत की परिभाषा। Read more » unique meaning of love
कहानी छलावा September 3, 2022 / September 4, 2022 by लक्ष्मी अग्रवाल | Leave a Comment शुभ्रा और नीलेश एक ही कॉलेज में साथ पढ़ते थे। दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी। लेकिन यह दोस्ती कब मन-मंदिर में प्रेम-पुष्प खिला गए, खुद शुभ्रा को भी पता न चला। वह नीलेश को दिल ही दिल चाहने लगी। पर अपने प्यार का इजहार करने से डरती थी। उसे डर था कि यदि नीलेश की […] Read more »
लेख शिक्षक-शिक्षा और छात्र बने मूल्यवान September 2, 2022 / September 2, 2022 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल गुरु ज्ञान और प्रकाश का प्रवाह पुंज है। अपने शिष्य के प्रति गुरूतर दायित्व निभाते हुए एक कुम्हार की भांति उसके जीवन को रचता और संवारता है। गुरु हमें शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, संस्कृति,नैतिकता और अनुशासन की शिक्षा देता है। जीवन के बहुयामी […] Read more » Teachers Day शिक्षक-शिक्षा
कविता मेरी गुंजन September 1, 2022 / September 1, 2022 by लक्ष्मी अग्रवाल | Leave a Comment नहीं सी प्यारी सी अठखेली तेरीमुझको बड़ा लुभाती-हंसाती है।अपनी मधुर-कोमल मुसकान से तूहमारा घर-आँगन चहकाती है।नन्हीं-नन्हीं पायल की छम-छम तेरीसात सुरों से सुरीले संगीत सुना जाती है।अपने अबोध बालपन से तूमेरा संसार महकाती है।तुतले स्वर में जब तू माँ कहकर बुलाती हैन जाने कितनी संवेदना तू मेरी जगाती है।मेरी गुंजन तू केवल बिटिया नहीं हमारीहम […] Read more » मेरी गुंजन
लेख ग्रामीण भारत की सशक्त किशोरियां September 1, 2022 / September 1, 2022 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment चेतना वर्मा सीईओ, चरखा उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के एक दूरदराज के गांव में एक कमरे में बैठी किशोरियों के एक समूह ने मुझसे पूछा, “अपने बारे में हमें बताइए.” मैंने उनसे पूछा “आप क्या जानना चाहती हैं?” मैं उनसे अपनी उम्र या वैवाहिक जीवन के बारे में प्रश्न की उम्मीद कर रही थी जो अक्सर […] Read more » ग्रामीण भारत की सशक्त किशोरियां
कविता शक्ति August 31, 2022 / August 31, 2022 by लक्ष्मी अग्रवाल | Leave a Comment चुन-चुनकर तिनकाजब चिड़िया अपनानीड़ बनाती है,धैर्य और हौंसला जुटावह अपने बच्चों काआशिआना सजाती है।मौसम के थपेड़ों सेसंतान को बचाने कोनन्हीं चिड़िया जाने कहाँ सेइतनी शक्ति लाती है ? प्रसव-वेदना सहकरस्त्री जब शिशु कोजन्म देती हैमाँ की उस शक्ति कीन कोई उपमा न थाती है।शिशु का रुदन सुनमाँ की खोई शक्तिलौट आती है।होंठों पर जब देखतीउसके […] Read more »
कविता क्या थी मेरी खता August 31, 2022 / August 31, 2022 by लक्ष्मी अग्रवाल | Leave a Comment पापा के आँगन की थी मैं भी महकती कलीपढ़-लिखकर सपने अपने पूरे करने थी चलीफिर क्या कसूर था मेरा किसजा मुझे इतनी भयंकर मिली ?किसी की नाजायज ख्वाहिशों का हिस्सा नहीं बननाया अपने लिए अपने हिसाब की ज़िन्दगी चुननाया दोष था मेरा समाज में बेटी बनकर पलनापता तो चले मुझे कि क्या थी मेरी खता […] Read more » क्या थी मेरी खता
लेख बड़वा में हैं अंग्रेजों के जमाने की शानदार चीजें। August 31, 2022 / August 31, 2022 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment — डॉo सत्यवान सौरभ दक्षिण-पश्चिम हरियाणा में शुष्क ग्रामीण इलाकों का विशाल विस्तार है, जो उत्तरी राजस्थान के रेतीले क्षेत्रों से सटे हुए है, यहाँ बड़वा नामक एक समृद्ध गांव स्थित है। यह राजगढ़-बीकानेर राज्य राजमार्ग पर हिसार से 25 किमी दक्षिण में है। गढ़ बड़वा जिसे गाँव में ठाकुरों की गढ़ी (एक किला) कहा […] Read more » बड़वा
पर्यावरण लेख विलक्षण पक्षी अबाबील का विलक्षण घोंसला August 31, 2022 / August 31, 2022 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment तनवीर जाफ़री अबाबील का विलक्षण घोंसला लगभग दस वर्ष पूर्व मेरी नज़र मेरे घर की पहली मंज़िल के वरांडे के ऊपरी हिस्से में एक कोने में पड़ी। उस स्थान पर गीली मिट्टी के कुछ छींटे पड़े नज़र आये। शुरू में इस प्रकार लगभग दस फ़िट की ऊंचाई पर मिटटी कीचड़ के छींटे देखना अत्यंत […] Read more » swallow bird अबाबील का विलक्षण घोंसला
कविता स्वीकार करो गणपति बाप्पा मेरा वंदन। August 31, 2022 / August 31, 2022 by लक्ष्मी अग्रवाल | Leave a Comment हे शिव-गौरी के राजदुलारे नंदन!करते हम सभी नित आपका वंदन।प्रथम पूजनीय जगत में कहलाते आपविघ्नहर्ता बन हर लेते भक्तों के संताप।रिद्धि-सिद्धि के आप हो सखा-स्वामीकष्ट दूर करो मेरे हे दुखहर्ता-अंतर्यामी !शीश झुका करती हूँ आपका अभिनन्दनस्वीकार करो गणपति बाप्पा मेरा वंदन। प्रभु सेवक हैं हम तो चरणों के तिहारेसुमिरन तुम्हारा ही करते साँझ-सकारे।प्रेम से अर्पण […] Read more » स्वीकार करो गणपति बाप्पा मेरा वंदन।
कला-संस्कृति लेख वर्त-त्यौहार सुखी एवं समृद्ध जीवन के आधार है गणेशजी August 29, 2022 / August 29, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment गणेश चतुर्थी – 31 अगस्त, 2022 पर विशेष -ललित गर्ग-भगवान गणेश भारतीय संस्कृति के अभिन्न अंग हैं, वे सात्विक देवता हैं और विघ्नहर्ता हैं। वे न केवल भारतीय संस्कृति एवं जीवनशैली के कण-कण में व्याप्त है बल्कि विदेशों में भी घर-कारों-कार्यालयों एवं उत्पाद केन्द्रों में विद्यमान हैं। हर तरफ गणेश ही गणेश छाए हुए है। […] Read more » Ganesha is the basis of a happy and prosperous life गणेश चतुर्थी - 31 अगस्त
कविता सुभद्रांगी मंदराचल बौंसी गोलहट्टी गांव की बेटी सम्राट अशोक की मां थी August 29, 2022 / August 29, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकमगधराजमहिषी सुभद्रांगी समुद्र मथानी मंदराचल कीछांव में बसी बौंसी गोलहट्टी गांव की बेटीभातृपुत्री थी पंडित गौर कान्त उर्फ गुलेठी झा की! गुलेठी झा उर्फ पंडित गौर कान्तअंग जनपद चंपा के राजा ब्रहदत्त के ब्राह्मणराजवैद्य पीढ़ी परिवार में जन्मे एक आजीवक पंथी थेतक्षशिला विश्वविद्यालय में चाणक्य का सहपाठीगुलेठी झा का आश्रम कहलाता एक गांव […] Read more » daughter of Bounsi Golhatti village Subhadrangi Mandarachal was the mother of Emperor Ashoka सुभद्रांगी मंदराचल बौंसी गोलहट्टी गांव की बेटी सम्राट अशोक की मां थी