कविता उनकी यादें July 14, 2022 / July 14, 2022 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment विचलित कर देती है,उनकी यादें कभी मुझको।नींद उड़ा ले जाती है,सोने नहीं देती है मुझको।। पता नहीं लग पाता है,कहां ले जाती है मुझको।करवटें बदलती हूं बस सलवटे दिखती मुझको।। शाम से ही आने लगती है उनकी यादें मुझको।खोलने द्वार जाती हूं,जब आहट होती मुझको।। कब यादों का मिलन होगा पता नहीं मुझको।अगर मिलन नहीं […] Read more » उनकी यादें
लेख भवसागर पार कराने वाले गुरु ईश्वर-तुल्य हैं July 13, 2022 / July 13, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment गुरु पूर्णिमा- 13 जुलाई 2022 पर विशेष-ललित गर्ग- भारतीय संस्कृति में गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व है, यह अध्यात्म-जगत विशेषतः सनातन धर्म का महत्वपूर्ण उत्सव है, इसे अध्यात्म जगत की बड़ी घटना के रूप में जाना जाता है। आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा कहा जाता है, हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार इस दिन […] Read more » Guru poornima The Guru who crosses the ocean of the universe is like God गुरु पूर्णिमा- 13 जुलाई
बच्चों का पन्ना लेख क्या सरकार पबजी जैसे हिंसक खेलों को प्रतिबंधित नहीं कर सकती! July 13, 2022 / July 13, 2022 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हाल ही में घटी एक घटना लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। इस घटना की जानकारी जिसे भी मिली वह स्तब्ध रह गया, लोगों को इस घटना ने पूरी तरह झझकोर कर रख दिया है। मोबाईल पर पबजी नहीं खेलने देने पर एक बेटे ने […] Read more » Can't the government ban violent games like pubg पबजी जैसे हिंसक खेलों को प्रतिबंधित
कविता फिर कोई बुद्ध जिन ना हुए वस्त्र त्यागकर July 13, 2022 / July 13, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकईश्वर ने एक जैसा बनाया नहीं मानव को,सबके सब अलग हैं अद्वितीय हैं बेजोड़ हैं,एक सा रंगरूप मन बुद्धि ना मिले सबको,फिर क्यों तुम एक जैसे बनाने पर तुले हो? लाख चाहने पर फिर से कोई राम ना बना,कोई कृष्ण ना हुआ कोई बुद्ध ना हो पाया,कोई दूसरा महावीर ईसा पैगम्बर नहीं आया,पिता […] Read more » Then a Buddha who renounced his clothes फिर कोई बुद्ध जिन ना हुए वस्त्र त्यागकर
लेख शख्सियत समाज समय बोध का कथन है राजकुमार कुम्भज July 13, 2022 / July 13, 2022 by अर्पण जैन "अविचल" | Leave a Comment · डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ कहानी क़िरदार माँगती है, उपन्यास पात्रों का सामंजस्य, कथाएँ तो कथानक पर ज़िन्दा हैं, निबंध अपनी शैली कहते हैं, लेख तथ्यों से जाने जाते हैं, रिपोतार्ज घटनाओं के सादृश्य चलते हैं, यात्रा चित्र बनाती है, लघुकथा अपना सार छोड़ती हैं, डायरी में निजता बनी रहती है, समाचार में आँखों देखा […] Read more » Rajkumar Kumbhja समय बोध का कथन है राजकुमार कुम्भज
आर्थिकी लेख देश हित को सर्वोपरि मानकर, केंद्र सरकार द्वारा लिए जा रहे हैं आर्थिक निर्णय July 12, 2022 / July 12, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment 1 जुलाई 2022 से केंद्र सरकार ने भारत से निर्यात किए जा रहे पेट्रोल, डीजल और एविएशन फ्यूल पर निर्यात कर बढ़ा दिया है। साथ ही, भारत में आयात किए जा रहे स्वर्ण पर आयात कर में भी भारी इजाफा कर दिया है। भारत में स्वर्ण के आयात को नियंत्रित करने के लिये, स्वर्ण पर […] Read more » economic decisions are being taken by the central government केंद्र सरकार द्वारा लिए जा रहे हैं आर्थिक निर्णय
लेख आबादी पर नियंत्रण की नई सुबह का इंजतार July 12, 2022 / July 12, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ः ललित गर्ग:- भारत अगले साल दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाला मुल्क होने जा रहा है, चौंकाने एवं चिन्ता में डालने वाली इस खबर के प्रति सचेत एवं सावधान होने के साथ सख्त जनसंख्या नियंत्रण नीति लागू करने की अपेक्षा है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी रिपोर्ट ने बताया है कि भारत साल 2023 में […] Read more » A new dawn of population control awaits आबादी पर नियंत्रण आबादी पर नियंत्रण की नई सुबह का इंजतार
कविता कैसे बताऊं मेरे कौन हो तुम July 12, 2022 / July 12, 2022 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment कैसे बताऊं,मेरे कौन हो तुम,मेरी जिंदगी में समाए हो तुम। मेरे चांद हो तुम मेरे सूरज हो तुम,मै तुम्हारी धरा मेरे गगन हो तुम।तुम बिन होत नही कही उजियारामेरे जीवन के प्रकाश भी हो तुम।। मेरे गीत हो तुम मेरे संगीत हो तुममेरे मीत हो तुम मेरी प्रीत हो तुम।तुम्हारे बिन सूना है सारा संसारमेरी […] Read more » कैसे बताऊं मेरे कौन हो तुम
कविता मौत का क्या भरोसा July 12, 2022 / July 12, 2022 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment मौत का क्या भरोसा,कब तुझको आ जाए।भज ले प्रभु का नाम तूफिर समय न मिल पाए।। मौत है एक सच्चाई,ये सबको एक दिन आती।कब कहां किसको आयेगी,ये नहीं किसी को बताती।। मौत कब किसको आ जाएये पता नहीं किसी को चलता।क्या बहाना लेकर ये आयेये आभास न किसी को होता।। बड़े बड़े योद्धाओं को भीये […] Read more » मौत का क्या भरोसा
पर्व - त्यौहार लेख समाज कई सामाजिक एवं वैज्ञानिक तथ्य जुड़े हैं गुरु पूर्णिमा से July 12, 2022 / July 12, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment 13 जुलाई 2022 गुरु पूर्णिमा पर विशेष आलेख यदि भारत के गौरवशाली इतिहास पर नजर दौड़ाते हैं तो ध्यान में आता है कि हिंदू सनातन संस्कृति के अंतर्गत कई महानुभावों को गुरु के आशीर्वाद एवं सानिध्य से ही देवत्व की प्राप्ति हुई है। दूसरे शब्दों में, देवत्व प्राप्त करने के लिए इन महानुभावों को गुरु […] Read more » 13 जुलाई 2022 गुरु पूर्णिमा कई सामाजिक एवं वैज्ञानिक तथ्य जुड़े हैं गुरु पूर्णिमा से
पर्व - त्यौहार वर्त-त्यौहार साहित्य श्रेष्ठ व योग्य शिष्य की खोज में रहते हैं श्रेष्ठ गुरु July 12, 2022 / July 12, 2022 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment “वासुदेव सुतं देवम कंस चाणूर मर्दनम्, देवकी परमानन्दं कृष्णम वन्दे जगतगुरु” श्रीकृष्ण को विश्व का श्रेष्ठतम गुरु क्यों कहा जाता है? शिष्य अर्जुन की खोज के कारण? अर्जुन को कुरुक्षेत्र में ईश्वर का विराट रूप दिखा देने के कारण? महाभारत के रणक्षेत्र में श्रीमद्भागवद्गीता रच देने के कारण? या कथनी और करनी में भेद न […] Read more » Guru poornima the best guru गुरु पूर्णिमा
कविता काश ! तेरी निगाह मेरे से मिल जाती July 11, 2022 / July 11, 2022 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment काश ! तेरी निगाह मेरे से मिल जाती,मुझको तेरी पनाह भी मिल जाती।मै सुनाता तुझे के सावन के गीत,तेरी मेरी हरियाली तीज मन जाती।। नज़रों से नज़रे जो दोनो की टकराई,एक दिल से दूसरे दिल की हुई मिलाई।ये कैसी जिंदगी में प्यार की हुई घटना,जो दोनो ने जिंदगी भर एक दूजे से निभाई।। नजर को […] Read more » If only ! your eyes meet mine