महिला-जगत लेख क्या चर्च बलात्कारी पादरी की बलात्कार पीड़िता से शादी का समर्थन करता है? August 3, 2021 / August 3, 2021 by आर.एल. फ्रांसिस | Leave a Comment यह सोचने की जरूरत है कि एक कैथोलिक पादरी ने एक नाबालिग बच्ची से बलात्कार करके उसे गर्भवती कर दिया, इसे लेकर चर्च के पूरे संगठन को जितनी शर्मिंदगी होनी चाहिए थी, वैसी तो कुछ भी कहीं सुनाई नहीं पड़ी। चर्च को तो अपना रुख इस मामले में भी साफ करना चाहिए कि क्या वह […] Read more » Does the Church Support the Marriage of Rapist Pastor to Rape Victim? बलात्कारी पादरी की बलात्कार पीड़िता से शादी
कविता धर्म और मजहब में बहुत अधिक अंतर होता August 2, 2021 / August 2, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकवह भी कोई धर्म-मजहब है क्या?जिस धर्म-मजहब में हर सत्कर्मसिर्फगुनाह ही गुनाह लगता हो,हर मानवता विरोधीदुष्कर्म के लिएमजहब मेंकेवलवाह-वाह हो! भलावोधर्म-मजहबहोता कहींजिसमें राखी की कीमत नहीं,भाई मानकर बहन राखीपहनाएया नहीं, कोई अंतर होता नहीं! कोई विदेशीमजहबी, गैरमजहबीधर्मावलंबियोंसेनैतिक,पवित्र, चारित्रिक रिश्ता निभाता कभी नहीं!मजहब में पाप-पुण्य,जायज-नाजायज, नेकी-बदीकेवलजाति-बिरादरी,मजहबीकौमसापेक्षसही! विदेशीमजहबवालेगैरमजहबी स्वदेशी भाईयोंकोछल-कपट प्रपंचतलवारसे जोर आजमाइशकरकेधर्मांतरित करस्वमजहबी बनाने […] Read more » There is a big difference between religion and religion धर्म और मजहब में बहुत अधिक अंतर होता
धर्म-अध्यात्म लेख सात्विक धन एवं पुण्य कर्म ही लोक-परलोक में जीवात्मा के सहायक August 2, 2021 / August 2, 2021 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य को अपना जीवन जीनें के लिए धन की आवश्यकता होती है। भूमिधर किसान तो अपने खेतों में अन्न व गो पालन कर अपना जीवन किसी प्रकार से जी सकते हैं परन्तु अन्य लोग चाहें कितने विद्वान हों, यदि नौकरी या व्यापार न करें तो उनका जीवन व्यतीत करना दुष्कर होता […] Read more » Satvik wealth and virtuous deeds are the helpers of the soul in the afterlife. सात्विक धन एवं पुण्य कर्म
महिला-जगत लेख सार्थक पहल ग्रामीणों को कोरोना से बचाने जुटी आदिवासी किशोरियां August 2, 2021 / August 2, 2021 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment रूबी सरकार भोपाल, मप्र कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान मध्य प्रदेश के सुदूर आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य कर्मियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। ग्रामीण सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार से ग्रसित होने के बावजूद अस्पताल जाने से डर रहे थे। उनके मन में यह डर घर कर गया था, कि कहीं डॉक्टर कोरोना न […] Read more » Tribal girls trying to save villagers from Corona
कविता अबकी सावन उदास है August 2, 2021 / August 2, 2021 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment अबकी सालगाँव आया सावन उदास हैपागलों सा लगताबदहवाश हैखुद में खुद को तलाशताऔर बदली फिज़ाओं सेपूछता सवाल है ?अबकी सावन उदास है अबकी सालसुनी पड़ी गांव की गलियाँहाथों में मेहंदी की न अगड़ाईयाँझूमती घटाओं मेंपूरवाई उदास हैगायब सखियों की अट्टासऔर भौजाई की मजाकनीरसहरियाली से पूछता सवाल हैअबकी सावन उदास है अबकी सालझूले बगैर सूनी पड़ी […] Read more » now savan is sad अबकी सावन उदास है
लेख आज छोटे शहर खाली क्यों हो रहे है ? August 2, 2021 / August 2, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment शायद आपने कभी ध्यान से देखा या देखा नहीं चूकि आपका गली मुहल्ले से इतना वास्ता नहीं पड़ता। आप बस तेजी से अपनी बाइक या कार से सीधे अपने काम पर निकल जाते हैं और वापस अपने घर आ जाते हैं । इसलिए शायद आपकी सूने होते मकानों और मोहल्लों पर नज़र जा नहीं पाती […] Read more » small towns getting empty today Why are small towns getting empty today छोटे शहर खाली क्यों हो रहे है
कविता भारतीय डाकघर की गिरती दशा July 31, 2021 / July 31, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकश्रद्धेय महामहिम भारत सरकारनमस्कार डाकघर का नमस्कार!औपचारिक कुशलम कुशलात के पश्चातशुरू करता हूं अपनी बातभारतीय डाकघर की हालत नित हो रही बदतरअंग्रेज गए सत्ता बदली पर किस ने लिया खबर? अंतरिक्ष जयी भारत टैंक मिसाइल से लैस होचला नई सदी की ओरपर डाकघरयूंटीम-टीम करते जैसे तारक भोर! नौ शाखाओं की डाक व्यवस्थाहो साखहीन […] Read more » deteriorating condition of india post office भारतीय डाकघर की गिरती दशा
लेख शख्सियत प्रेमचंद का साहित्यिक अवदान July 31, 2021 / July 31, 2021 by प्रणय कुमार | Leave a Comment किसी भी उदार, गतिशील एवं जागरूक समाज में विमर्श और विश्लेषण सतत ज़ारी रहना चाहिए। परंतु भारतीय मनीषा ने उससे एक क़दम आगे बढ़ते हुए भिन्न-भिन्न मतों के बीच एकत्व या समन्वय साधने की अद्भुत कला विकसित की है। यह कला या जीवन-दृष्टि ही हमारी थाती है। हमारे अध्ययन-अध्यापन, चिंतन-मनन, विमर्श-विश्लेषण का लक्ष्य ही सृष्टि […] Read more » Literary contribution of Premchand प्रेमचंद प्रेमचंद का साहित्यिक अवदान
लेख समस्या मुक्ति के लिये खुद को जानना जरूरी July 31, 2021 / July 31, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग –कोरोना महामारी केघनघोर अंधेरों के बीच इस दुनिया में विश्वास की एक छोटी-सी किरण अभी भी बची हुई है, जो सूर्य का प्रकाश भी देती है और चन्द्रमा की ठण्डक भी। और सबसे बड़ी बात, वह यह कहती है कि ‘अभी सभी कुछ समाप्त नहीं हुआ। अभी भी सब कुछ ठीक हो सकता […] Read more » समस्या मुक्ति
लेख भारतीय स्वाधीनता का अमर नायक राजा दाहिर सेन अध्याय – 2, भाग – 2, राजा पोरस का अवतार July 31, 2021 / July 31, 2021 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राजा पोरस का अवतार हमें यह बात ध्यान रखनी चाहिए कि सिकन्दर के समय राजा पोरस ने अपने पौरुष के प्रताप से विदेशी आक्रमणकारी को मार भगाया था । जिसे इतिहासकारों ने इतिहास में सही स्थान व सम्मान नहीं दिया । अब उसी पोरस के उत्तराधिकारी के रूप में एक नया योद्धा हमारी सीमाओं की […] Read more » King Dahir Sen the immortal hero of Indian independence Chapter-2 राजा दाहिर सेन
लेख भारतीय स्वाधीनता का अमर नायक राजा दाहिर सेन, अध्याय -3 , भाग – 2, अदम्य साहस और शौर्य का प्रतीक राजा दाहिर सेन July 31, 2021 / July 31, 2021 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment अदम्य साहस और शौर्य का प्रतीक राजा दाहिर सेन सब लोगों को मारता हुआ भी नहीं मारता, यह बात आज के कानून विदों के लिए या विधि विशेषज्ञों के लिए समझ में न आने वाली एक रहस्यमयी पहेली है। पर इसे हमारे वीर योद्धाओं ने भारतीय स्वाधीनता और संस्कृति की रक्षा के अपने प्रण का […] Read more » King Dahir Sen the immortal hero of Indian independence भारतीय स्वाधीनता का अमर नायक राजा दाहिर सेन
लेख भारतीय स्वाधीनता का अमर नायक राजा दाहिर सेन, अध्याय – 3, भाग – 1 क्यों है हमारी स्वाधीनता कर रक्षक राजा दाहिर सेन ? July 31, 2021 / July 31, 2021 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment क्यों है हमारी स्वाधीनता का रक्षक राजा दाहिर सेन? दाहिर सेन को स्वतंत्रता सेनानी और भारतीय संस्कृति का रक्षक क्यों कहा जाए ? इस प्रश्न पर भी विचार करना बहुत आवश्यक है । क्योंकि कई लोगों को ऐसी भ्रांति हो सकती है कि हम ऐसा किसी पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर कह रहे हैं। संस्कृति स्वाधीनता […] Read more » raja dahir sen राजा दाहिर सेन