कविता सृष्टि के नियम May 5, 2021 / May 5, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment किये है जो कर्म हमने,उन्हीं का फल पा रहे हैं,बोए है जो पेड़ हमने,उन्हीं के फल खा रहे है।चला आ रहा है यह नियम सृष्टि का सदियों से,उसी को सब लोग संसार में निभाते जा रहे है।। आवागमन का नियम सृष्टि का चला आ रहा है,जो आया है यहां वह यहां से चला जा रहा […] Read more » सृष्टि के नियम
लेख स्वास्थ्य-योग भारतीय परम्पराओं का पालन कर दी जा सकती है कोरोना महामारी को मात May 5, 2021 / May 5, 2021 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment कोरोना महामारी का संकट, अपने दूसरे दौर में, एक बार पुनः देश के सामने पहले से भी अधिक गम्भीर चुनौती बनकर आ खड़ा हुआ है। इस बार संक्रमण की रफ्तार कहीं तेज है। प्रतिदिन संक्रमित होने वाले मरीजों की संख्या जहां प्रथम दौर में लगभग 97,000 की अधिकतम संख्या तक पहुंची थी, वहीं इस बार […] Read more » Indian traditions can be followed to beat corona epidemic कोरोना महामारी को मात
लेख शख्सियत रवींद्रनाथ टैगोर : जिसने तीन देशों को दिए राष्ट्रगान व भारत को पहला नोबेल पुरस्कार May 5, 2021 / May 5, 2021 by उमेश पंसारी | Leave a Comment भारतीय इतिहास गौरवशाली गाथाओं से भरा हुआ है | इस पावन धरा पर विश्वविजेताओं की संख्या का भी कोई हिसाब नही | किन्तु इतिहास के राजाओं और पराक्रमियों से ही राष्ट्र महान नहीं बनता | क्या कोई सोच सकता है, कि किसी की लिखी हुई कविताएँ नोबेल पुरस्कार से विभूषित करा सकती है ? कोई […] Read more » Rabindranath Tagore: regional to global poet
कविता हिन्दी उर्दू एक सिर दो धड़ है May 5, 2021 / May 5, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकजवाहरलाल नेहरू का कहना है,हिन्दी उर्दू एक सिर दो धड़ है! इससे सटीक परिभाषा हो नहींसकती हिन्दी व उर्दू भाषा की! हिन्दी वाक्य रचना में संस्कृत,औ’कुछ देशी-विदेशी शब्द होते! इन विदेशी शब्दों में अरबी एवंफारसी सायास मिलाई जाती है! उर्दू जबतक विदेशी लिपी में है,तब तक जनता नहीं चाहती है! नस्तालीक उर्दू की […] Read more » हिन्दी उर्दू
कविता कोरोना त्रासदी(अपनों को खोने का गम ) May 4, 2021 / May 4, 2021 by प्रभात पाण्डेय | Leave a Comment अंधेरे में डूबा है यादों का गुलशनकहीं टूट जाता है जैसे कोई दर्पणकई दर्द सीने में अब जग रहे हैंहमारे अपने ,हमसे बिछड़ रहे हैंन जाने ये कैसी हवा बह रही हैज़िन्दगी भी थोड़ी सहम सी गई हैहवाओं में आजकल ,कुछ तल्खियां हैंराहों में आजकल ,कुछ पाबंदियां लग गई हैं ||आंखों का है धोखा या […] Read more » कोरोना त्रासदी
लेख बदहाली के दलदल में धंसते श्रमिक May 4, 2021 / May 4, 2021 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment -अरविंद जयतिलकयह विडंबना है कि एक ओर वैश्विक समुदाय कल्याणकारी योजनाओं के जरिए श्रमिकों की दशा में सुधार के लिए प्रयासरत है वहीं श्रमिक उबरने के बजाए बदहाली के दलदल में धंसते जा रहे हैं। कल्याणकारी योजनाओं के लागू होने के बाद उम्मीद जगी कि श्रमिकों की संख्या में कमी आएगी। लेकिन गौर करें तोउनकी […] Read more » ‘काम के बदले अनाज’ ‘जवाहर रोजगार योजना ‘न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रम’ ’ ‘रोजगार आश्वासन योजना’ एवं ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण गारंटी योजना’ अंत्योदय अन्न कार्यक्रम’
व्यंग्य सैंया भये कोतवाल May 4, 2021 / May 4, 2021 by दिलीप कुमार सिंह | Leave a Comment “हर आम -ओ- खास को इत्तला दी जाती है कि फेसबुक और व्हाट्सएप्प ग्रुप की महारानी हवाखोरी के लिये नैनीताल गयी हैं ,उनकी रियाया जो कि इल्म की भूखी है उसकी जेहनी खुराक के लिए जनाब कालीन कर्मा और मोहतरमा ओमनी शर्मा को वजीर घोषित किया जाता है ,मोहतरमा ओमनी शर्मा खरीद -बिक्री का हिसाब […] Read more » सैंया भये कोतवाल
कविता मिथक से यथार्थ बनी ययाति कन्या माधवी की गाथा May 4, 2021 / May 4, 2021 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —–विनय कुमार विनायकहे माधवी!जिन आठ सौ अश्वमेधी/श्यामकर्णीश्वेतवर्णी घोड़े के लिए तुम बेच दी गईचार-चार पुरुषों के हाथों में,वे महज घोड़े नहीं औकात के पैमाने थेएक कुंवारी कन्या के पिता के,चक्रवर्ती-महादानी होने के मिथ्या दंभ के! जो सहस्त्रों गौ-हाथी-घोड़े दान करकेरिक्त हस्त हो चुके चतुर्थाश्रमवासी ययाति थेजो समय रहते एकमात्र कन्या तुझ माधवी कोब्याहने से चूके […] Read more » Yayati Kanya Madhavi's saga made from myth ययाति कन्या माधवी
लेख समाज स्वास्थ्य-योग मानवीयता की छीजत का परिणाम है कोरोना May 4, 2021 / May 4, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग- हिंदुस्तान में आज लाखों लोगों को कोरोना नहीं मार रहा, इंसान इंसान को मार रहा है, इंसान का लोभ एवं लालच इंसान को मार रहा है। ऐसे स्वार्थी लोगों को राक्षस, असुर या दैत्य कहा गया है जो समाज एवं राष्ट्र में तरह-तरह से कोरोना महामारी को फैलाने मंे जुटे हैं। असल […] Read more » Corona virus कोरोना
लेख शख्सियत हमारी हिन्दी के शिखर पुरुष का जाना May 3, 2021 / May 3, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग हिंदी का एक मौन साधक, महर्षि, मनीषी, जिसके आगे हर हिंदी प्रेमी नतमस्तक है, जिसके कर्म से हिन्दी भाषा समृद्ध बनी, ऐसे सजग हिन्दीचेता, महान् रचनाकार एवं समन्वयवादी-जुनूनी व्यक्तित्व श्री अरविन्दकुमार का गत सप्ताह मौन हो जाना, हिन्दी भाषा एवं सृजन-संसार की एक अपूरणीय क्षति है। उन जैसा हिन्दी भाषा का […] Read more » death of shri arvind kumar श्री अरविन्दकुमार
कविता आशा की किरण May 3, 2021 / May 3, 2021 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment आज अंधेरा है,कल उजाला भी आयेगा,आज किसी का है,कल हमारा भी आयेगा।उम्मीद पर है दुनिया कायम ए मेरे दोस्तो,ये अंधेरा इस संसार का कल मिट जायेगा।। रखो आशा की किरण,निराशा से क्या होगा,निराश होकर कभी भी कोई काम नहीं होगा।निराशा मे ही आशा छिपी है ध्यान से देखो,कल फिर यह हमारा भविष्य उज्ज्वल होगा।। ध्वनि […] Read more » आशा की किरण
लेख लबादों में लिपटी मौत! May 3, 2021 / May 3, 2021 by निरंजन परिहार | Leave a Comment अंतिम संस्कार में स्वाहा होते संस्कार हमारे अपनों के शव ही अब अछूत गठरियां हैं। अत्यंत आत्मीय की अकाल मृत्यु पर भी बेजान पुतला बने रहना हमारी नियती है। और पिता अपनी संतान का कंधा तक न मिलने को अभिशप्त। समान पोशाक, समान पीड़ा, समान निर्वासित भाव और दर्द भी एक समान। बहुत समानता है सबके मन […] Read more » corona death लबादों में लिपटी मौत