कविता तस्वीर July 6, 2020 / July 6, 2020 by आलोक कौशिक | Leave a Comment मेरे जीवन मेंजब तक माँ मेरे साथ थीमैं कभी भीउस तरह से उसे नहीं देख सकाजिस तरह सेमुझे जन्म देकर उसने देखा था ना ही कभीसुन सका मैं उसकी तरहक्योंकि वहहृदय से श्रवण करती थीऔर मैंश्रुतिपटों से सुनता था अब रोज़नौकरानी आती है करने वो कामजिन कार्यों कोघर में माँ किया करती थीमूढ़मति था मैंमाँ […] Read more »
कविता शिव अराधना July 6, 2020 / July 6, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment मिलता है सच्चा सुख केवल,शिव जी तुम्हारे ही चरणों में।रहे कृपा सदा तुम्हारी हम पर,और ध्यान रहे तुम्हारे चरणों में।। चाहे मौत गले का हार बने,चाहे बैरी सारा संसार बने।हम डिगे नहीं सच्चे पथ से,ये जीवन का संस्कार बने।। करे नित्य नियम से तेरी पूजा,कर्तव्यों को समझे तेरी पूजा।करे नहीं किसी का तिरस्कार,तभी सफल होगी […] Read more »
लेख गांवों को संकट से बचाने की बड़ी चुनौती July 6, 2020 / July 6, 2020 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment – योगेश कुमार गोयल कोरोना पूरी दुनिया में कहर बरपा रहा है। इससे जहां दुनियाभर में करीब सवा करोड़ लोग संक्रमित हो चुके हैं, वहीं साढ़े लाख मौत के मुंह में समा चुके हैं। भारत में भी कोरोना संक्रमितों और इससे होने वाली मौतों का ग्राफ लगातार ऊपर ओर जा रहा है। देश में […] Read more » कोरोना
दोहे गुरु पूर्णिमा पर कुछ दोहे July 5, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment गुरु बिन न बुद्धि मिले,गुरु बिन न होए ज्ञान।गुरु बिन न पथ मिले,गुरु बिन न मिटे अज्ञान।। गुरु तीनों देव है,इससे बड़ा जग में न कोय।जो इसकी शरण में जाए,उसका हित होय।। मां सबसे पहली गुरु है,जो सिखाती सब ज्ञान।उसकी पहले वंदना करो,जो रखे तुम्हारा ध्यान।। गुरु की महिमा सबसे बड़ी, जो है अम्प्रम पार।जो […] Read more » गुरु पूर्णिमा पर कुछ दोहे
लेख स्वीकार्यता का महत्व July 5, 2020 / July 5, 2020 by डा. प्रदीप श्याम रंजन | 1 Comment on स्वीकार्यता का महत्व हमारे जीवन की बहुत सी बाधाओं और समस्याओं का कारण स्वीकार्यता का अभाव है । स्वीकार ना कर पाने के कारण हम जीवन में ठहराव, गतिहीनता, अनावश्यक घर्षण को आमंत्रण देते हैं । हम प्रत्येक वस्तु, ब्यक्ति, विचार अथवा परिस्थिति को बिना आवश्यक सोच विचार के अस्वीकार कर देते हैं । विचार आया नहीं […] Read more » Importance of acceptance स्वीकार्यता का महत्व
कविता ईट का ज़बाब,पत्थर से देना जानते है July 4, 2020 / July 4, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment ईट का ज़बाब,पत्थर से देना जानते है,चीन तेरे घर में,घुस कर मारना जानते है।मत दिखा अपनी हैंकड़ी,चीन अब तू हमें,तेरी हैकडी भी हम निकालना जानते हैं।।++++++++++++++++++++ शौर्य देख चीन दांतो तले,उंगलियां चबा बैठा,पाक भी डरकर,चीन की गोद में जा बैठा।सुन कर गर्जना,छप्पन इंची सीने वाले की, चीन सारी गलवान घाटी खाली कर बैठा।। चीन ज्यादा […] Read more » ईट का ज़बाब पत्थर से देना जानते है
लेख कभी वज्र थी किसान की छाती, अब कमजोर क्यो ? July 4, 2020 / July 4, 2020 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव कठिन दौर में भी भारत की विभूति से अलंकृत था किसान – भारत के किसान को देश का मेरुदंड माना गया है ओर उसके जीवन के संघर्षों से उबरकर साहसी बनने के कारण ही कभी उसकी छाती व्रज के समान कठोर हुआ करती थी, जो किसान को उसकी अपरिमित सहनशक्ति से प्राप्त […] Read more » किसान की छाती भारत की विभूति
कविता गलवान घाटी July 2, 2020 / July 2, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment चीन अनेकों चाल चल रहा है,गलवान घाटी को कब्जाने को।कोई बात न करो उससे अबछोड़ो उसे अब समझाने को।। दो कदम पीछे हटता है वहचार कदम आगे बढ़ जाता हैउसकी नीयत में खोट भरा हैजो चाहता है वह करता है।। बचाव नीति अब छोड़ो तुम,आक्रमक नीति अपनाओ तुम।अगर चार कदम बढ़ता है वोआठ कदम बढ़ […] Read more » Galvan Valley गलवान घाटी
लेख निजी स्कूलों को नियंत्रित कर सरकार शिक्षकों की भर्ती करे July 1, 2020 / July 1, 2020 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment ( प्राइवेट पंजों से निकल राज्य के अधीन हो पूरी शिक्षा व्यवस्था, निजी स्कूलों के नेटवर्क पर लगाम लगानी होगी )——-प्रियंका सौरभ दरअसल सरकारी स्कूल फेल नहीं हुए हैं बल्कि यह इसे चलाने वाली सरकारों, नौकरशाहों और नेताओं का फेलियर है. सरकारी स्कूल प्रणाली के हालिया बदसूरती के लिए यही लोग जिम्मेवार है जिन्होंने निजीकरण […] Read more » Government should recruit teachers by controlling private schools शिक्षकों की भर्ती
लेख जिन्दा हैं परम्परायें सौ साल से July 1, 2020 / July 1, 2020 by डा. अरविन्द कुमार सिंह | Leave a Comment डा. अरविन्द कुमार सिंह उदय प्रताप कालेज के राजर्षि जयन्ती पर यदि कुछ लिखना हो तो मैं समझता हूॅं – कठोपनिषद् में यमराज और नचिकेता के बीच सम्पन्न हुयी बातचीत से बेहतर उध्दहरण और कुछ नहीं हो सकता । नचिकेता के प्रश्न पर यमराज का चैकना स्वाभाविक था। इन्सान और […] Read more » Traditions have been alive for a hundred years उदय प्रताप कालेज
कविता ख़यालों के स्वेटर June 29, 2020 / June 29, 2020 by अभिषेक कुमार अम्बर | Leave a Comment कवि अभिषेक कुमार अम्बर घटाएं आज बढ़ती जा रही हैंदिखाने पर्बतों को रोब अपनाहवाओं को भी साथ अपने लिया है।खड़े हैं तान कर सीने को पर्वतएक दूसरे का हाथ थामेकि अब घेराव पूरा हो गया हैगरजने लग गई है काली बदलीसुनहरे पर्वतों के रंग फीके पढ़ गये हैंमटमैली हुई जाती है उजली उजली पिंडरवही कुछ […] Read more » ख़यालों के स्वेटर
कविता मेरा भारत महान June 29, 2020 / June 29, 2020 by आर के रस्तोगी | Leave a Comment मिल जाए लिखी अच्छी बाते,उस पर अम्ल होना चाहिए।भले ही मेरा भारत महान नहीं,उसे हमेशा महान कहना चाहिए।। करना चाहती है वे देह व्यापार,पर उसे वैश्या कहना न चाहिए।अच्छा है उनको फिल्म इंडस्ट्री में,अच्छी हीरोइन बन जाना चाहिए। बोलता रहे झूठ भरी अदालत में,पर उसे सजा न मिलनी चाहिए।अच्छा है किसी शहर में जाकर,बड़ा वकील […] Read more » ”मेरा भारत महान्“