लेख पानी रे पानी तेरा रंग कैसा . . . . February 20, 2020 / February 20, 2020 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे पानी को लेकर विश्वयुद्ध तक होने की बात कही जा रही है। पानी को सुरक्षित रखना आज सबसे बड़ी चुनौति है। देश की दो तिहाई से ज्यादा आबादी को साफ पानी मुहैया नहीं है। शहरों में कांक्रीट जंगलों के कारण भूमिगत जल स्तर में कमी किसी से छिपी नहीं है। बारिश का पानी […] Read more » water पानी
कविता वो लोग अब नही मिलते । February 19, 2020 / February 19, 2020 by अजय एहसास | Leave a Comment शाम को साथ बैठने वाले, अपने अनुभव बांटने वाले रात को देर में सोने वाले, सुबह जल्दी जागने वाले बिना पनही चलने वाले, भोर में घूमने वाले बिना जूते अब नही चलते,वो लोग अब नही मिलते । आंगन की तुलसी को पूजने वाले, पूजा के लिए डांटने वाले पौधों को नि:स्वार्थ पानी देने वाले, पूजा […] Read more » वो लोग अब नही मिलते
कविता कुछ किया जाये। February 19, 2020 / February 19, 2020 by अजय एहसास | Leave a Comment ये जो संस्कृति हमारी खत्म होती जा रही है गांव से वो घूंघट सिर पे लाने को चलो अब कुछ किया जाये। मकां हैं ईंट के पक्के और तपती सी दीवारें वो छप्पर फिर से लाने को चलो अब कुछ किया जाये। मचलते थे बहुत बच्चे भले काला सा फल था वो वो फल जामुन […] Read more » कुछ किया जाये।
लेख विश्ववार्ता नैतिक समस्याओं का मर्म और साहित्य से उपजा संभ्रम February 19, 2020 / February 19, 2020 by मनोज ज्वाला | Leave a Comment मनोज ज्वाला आज देश के सामने जितनी भी समस्याएं और चुनैतियां हैं, उनका मूल कारण वस्तुतः बौद्धिक संभ्रम है। यह अज्ञानतावश या अंग्रेजी मैकाले शिक्षा व साहित्य से निर्मित औपनिवेशिक सोच का परिणाम है अथवा वैश्विक महाशक्तियों के भारत विरोधी साम्राज्यवादी षड्यंत्र का दुष्परिणाम। राष्ट्रीय एकता-अखण्डता पर प्रहार करता रहने वाला आतंकवाद, अलगाववाद, क्षेत्रीयतावाद, सम्प्रदायवाद, […] Read more » अंग्रेजी मैकाले शिक्षा व साहित्य से निर्मित औपनिवेशिक सोच अलगाववाद आर्थिक विषमता की खाई चौड़ी करने वाली समस्या क्षेत्रीयतावाद धर्मनिरपेक्षतावाद राष्ट्रीय एकता-अखण्डता पर प्रहार करता रहने वाला आतंकवाद सम्प्रदायवाद
लेख एक तरफ भूखे लोग, दूसरी तरफ हो रही अन्न की बर्बादी! February 18, 2020 / February 18, 2020 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे परिवर्तन प्रकृति का नियम है, साल दर साल, दशक दर दशक रहन सहन, खान पान आदि में परिवर्तन आना आम बात है। यह परिवर्तन अगर समाज या व्यक्ति के हित में है तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए, पर दिखावे, चोचलों के लिए अगर परिवर्तन का लबादा ओढ़ा जा रहा है तो इसकी […] Read more » food wastage on the other side! Hungry people on one side अन्न की बर्बादी एक तरफ भूखे लोग दूसरी तरफ हो रही अन्न की बर्बादी
लेख आखिर सुख निरंतर क्यों नहीं होता? February 18, 2020 / February 18, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग- जीवन में सुख और दुःख का चक्र चलता रहता है। दिन के बाद रात और रात के बाद दिन-यही क्रम सुख और दुःख का भी है। हमने खेतों में अरहट चलते हुए देखा है। नीचे से पानी भर कर आता है और ऊपर आकर खाली हो जाता है। यह क्रम चलता है। […] Read more » why is happiness not continuous सुख निरंतर क्यों नहीं होता
लेख हिंद स्वराज वायुसेना में बढ़ती जंगी बेड़ों की क्षमता February 16, 2020 / February 16, 2020 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव देश की तीनों सेनाओं का आधुनिकतम शस्त्रों और युद्धक हवाई-जहाजों व हेलिकाॅप्टरों से सुसज्जित होना आवश्यक है। इस दृष्टि से बीते कुछ सालों में भारतीय वायुसेना के जंगी बेड़ों की क्षमता करीब 20 प्रतिशत बढ़ गई। इनमें आधुनिक तकनीक से लैस राफेल, अपाचे, सुखोई और शिनूक जंगी बेड़े शामिल हुए हैं। वायुसेना ने […] Read more » वायुसेना वायुसेना में बढ़ती जंगी बेड़ों
लेख विश्ववार्ता हमारे शब्दों की विस्तार क्षमता February 16, 2020 / February 16, 2020 by डॉ. मधुसूदन | 5 Comments on हमारे शब्दों की विस्तार क्षमता डॉ. मधुसूदन (एक) प्रवेश:जब हम हिदी-संस्कृत या स्वदेशी प्राकृतों का शब्द चलन में स्वीकारते हैं, तो मात्र एक शब्द ही नहीं पर पूरा उस शब्द से जुडा जाल साथ साथ हमारी भाषा में घुलने में सहायता होती है। ऐसे विस्तार से, वास्तव में हम कई गुना लाभ प्राप्त करते हैं। समझने के लिए, […] Read more »
कविता साहित्य दिल्ली चुनाव और भाजपा (2020) February 16, 2020 / February 16, 2020 by मुकेश चन्द्र मिश्र | Leave a Comment पिच पर अपनी खींच रहे थे, कट्टरता से सींच रहे थे। हिन्दू मुस्लिम और गद्दारी, पर तलवारें खींच रहे थे॥ किन्तु केजरी भी सातिर है, वो जन्मा सत्ता की खातिर है॥ राजनीति का एड्स जिसे, अपने कुमार जी कहते हैं॥ पर मोदी के महारथी, खांसी बस उसे समझते हैं॥ धोका जिसकी फितरत ही हो, उससे […] Read more » दिल्ली चुनाव और भाजपा
लेख शख्सियत समाज रामकृष्ण परमहंस : परमहंसी साधना एवं सिद्धि के अलौकिक संत February 16, 2020 / February 16, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग- भारत की रत्नगर्भा वसुंधरा माटी में कई संत और महान व्यक्ति हुए हंै जिन्हें उनके कर्म, ज्ञान और महानता के लिए आज भी याद किया जाता है। जिन्होंने अपने व्यक्तित्व और कर्तृत्व से न सिर्फ स्वयं को प्रतिष्ठित किया वरन् उनके अवतरण से समग्र विश्व मानवता धन्य हुई है। इसी संतपुरुषों, गुरुओं […] Read more » Ramakrishna Paramahamsa Supernatural saint of spiritual practice and accomplishment रामकृष्ण परमहंस
कविता मैं तो हूं केवल अक्षर February 16, 2020 / February 16, 2020 by आलोक कौशिक | Leave a Comment मैं तो हूं केवल अक्षर तुम चाहो शब्दकोश बना दो लगता वीराना मुझको अब तो ये सारा शहर याद तू आये मुझको हर दिन आठों पहर जब चाहे छू ले साहिल वो लहर सरफ़रोश बना दो अगर दे साथ तू मेरा गाऊं मैं गीत झूम के बुझेगी प्यास तेरी भी प्यासे लबों को चूम के […] Read more » मैं तो हूं केवल अक्षर
टॉप स्टोरी लेख भारतीय जीवन बीमा निगम का जीवन ही संकट में! February 16, 2020 / February 16, 2020 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे लगभग 64 साल पुराने भारतीय जीवन बीमा निगम अर्थात एलआईसी ऑफ इंडिया का जीवन अब संकट में दिख रहा है। भारत सरकार के नियंत्रण वाले जीवन बीमा निगम की अपनी कुछ हिस्सेदारी को बेचने की बात कही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा यह बात सदन में कही गई है। उनका तर्क […] Read more » LIC LICF Life insurance corporation of India Life insurance corporation of India is in trouble भारतीय जीवन बीमा निगम