कविता अटल जी December 30, 2018 / December 30, 2018 by शकुन्तला बहादुर | Leave a Comment सदा मनस्वी रहे अटल जी, सरल निष्कपट वर्चस्वी । दृढ़-संकल्प औ’ कर्मठता से,बने सदा वे परम यशस्वी।। * आजीवन ब्रह्मचर्य था साधा, देश के हित संलग्न था जीवन। मन में सेवा-भाव भरे थे, किया समर्पित तन, मन, धन ।। * हँसकर संघर्षों को झेला, कभी लेखनी रुकी नहीं । साहसपूर्वक प्रेरणा भी दी, कविताएँ ऐसी […] Read more » अटल जी
महत्वपूर्ण लेख लेख साहित्य वतन की फिक्र कर नादां मुसीबत आने वाली है December 30, 2018 / December 30, 2018 by राकेश कुमार आर्य | 1 Comment on वतन की फिक्र कर नादां मुसीबत आने वाली है राकेश कुमार आर्य ममता दी का प.बंगाल बहुत ही भयानक परिस्थितियों को प्रकट कर रहा है । अनेक ‘ प्रतिबंधों ‘ के बीच जीते हिंदू को लगता है हमने अपनी किसी ‘ करनी ‘ का फल भोगने के लिए अकेला छोड़ दिया है । सचमुच देश के हर देशभक्त के लिए सोचने और विचारने का […] Read more »
कविता जाग रहा था ख्यालो में सो रहा था तन December 30, 2018 / December 30, 2018 by जयसिंह नारेङा | Leave a Comment जाग रहा था ख्यालो में सो रहा था तन,गला रुन्द रहा था रो रहा था मन…… जब निकलेगी किरणे तो देखेंगे अपने सपनो को,पेट के लिए हमने मिट्टी में मिला दिया है तन मन को, जवान होती बेटी को देख पसीजता है मन,दहेज के लिए दिन भर काम में झुकता है बूढा तन…..!! माँ बैठी […] Read more »
कविता हिमपात – कैलिफ़ोर्निया में लेक टाहो पर December 27, 2018 / December 27, 2018 by शकुन्तला बहादुर | 2 Comments on हिमपात – कैलिफ़ोर्निया में लेक टाहो पर एक बालगीत Read more »
व्यंग्य सज्जन है गोट December 26, 2018 / December 26, 2018 by दिलीप कुमार सिंह | Leave a Comment इधर अमिताभ बच्चन अम्बानी की बेटी की शादी में बारातियों को खाना परोसते नजर आए तो केटरिंग सर्विस वालों की बांछे खिल उठीं।लाजपत नगर का एक बंदा कह रहा था कि हम अमिताभ को अपनी बुकिंग में सलाद के टेबल पर बैठाएंगे।कोई उनसे इत्र छिड़कने का तो कोई शादी में आइसक्रीम सर्व करने हेतु अनुबंधित करने […] Read more »
कविता सबसे लम्बी रात का सुपना December 26, 2018 / December 26, 2018 by अरुण तिवारी | Leave a Comment सबसे लम्बी रात का सुपना नया देह अनुपम बन उजाला कर गया। रम गया, रचता गया रमते-रमते रच गया वह कंडीलों को दूर ठिठकी दृष्टि थी जोे पता उसका लिख गया। सबसे लम्बी रात का सुपना नया.. रमता जोगी, बहता पानी रच गया कुछ पूर्णिमा सी कुछ हिमालय सा रचा औ हैं रची कुछ रजत […] Read more » सबसे लम्बी रात का सुपना
लेख साहित्य राष्ट्रवाद के महानायक मालवीय जी December 26, 2018 / December 26, 2018 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment पंडित मदनमोहन मालवीय जी का संपूर्ण सामाजिक-राजनीतिक जीवन स्वदेश के खोए गौरव को स्थापित करने के लिए प्रयासरत रहा। जीवन-युद्ध में उतरने से पहले ही उन्होंने तय कर लिया था कि देश को आजाद कराना और सनातन संस्कृति की पुर्नस्थापना उनकी प्राथमिकता होगी। 1893 में कानून की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वे इलाहाबाद उच्च […] Read more »
साहित्य हिन्दी साहित्य का पक्ष रखने के लिए प्रवक्ताओं की आवश्यकता December 24, 2018 / December 24, 2018 by अर्पण जैन "अविचल" | Leave a Comment डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’ हजारों-हजार सालों का हिन्दी का समृद्धशाली इतिहास और गौरवशाली वर्तमान जिस पर सम्पूर्ण विश्व अपना समाधान खोजता है। बात यदि गीता और रामायण जैसे धर्मग्रंथों की हो या आदिवासी या दलित विमर्श की हो, इतिहास के मोहनजोदड़ों संस्कृति की हो चाहे सभ्यता के युगपरिवर्तन की। विश्व जितना भारत को जान पाया […] Read more » आयोजनों गोष्ठी पुस्तक मेला लिटरेचर फेस्ट साहित्य उत्सवों हिन्दी साहित्य का पक्ष रखने के लिए प्रवक्ताओं की आवश्यकता
व्यंग्य क्लीन चिट December 20, 2018 / December 20, 2018 by अभिलेख यादव | Leave a Comment दिलीप कुमार अजीब गोरखधंधा है साहब इन विज्ञापनों ने तो बड़ा कन्फ्यूज़ कर दिया ,कमबख्त कहते हैं कि दाग धोने वाले पाउडर ही कहता है कि दाग अच्छे हैं,उधर जीवन के हर क्षेत्र में क्लीन चिट की डिमांड बढ़ रही है ।जिसे देखो क्लीन चिट लिये खड़ा है ,जितने क्लीन चिट की ज़रूरत है उतने […] Read more »
गजल शीर्षक: आँखों में सँभालता हूँ पानी December 19, 2018 / December 19, 2018 by अभिलेख यादव | Leave a Comment डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ आँखों में सँभालता हूँ पानी आया है प्यार शायद ख़ुशबू कैसी, झोंका हवा का घर में बार बार शायद रात सी ये ज़िंदगी और ख़्वाब हम यूँ बिसार गए बार बार नींद से जागे टूट गया है ए’तिबार शायद सिमटके सोते हैं अपने लिखे ख़तों की सेज बनाकर माज़ी की यादों से करते हैं ख़ुद को ख़बरदार शायद कुछ रोज़ की महफ़िल फिर ख़ुद से ही दूर हो गए लम्बी गईं तन्हाई की शामें दिल में है ग़ुबार शायद हमारा दिल है कि आईना देख के ख़ुश हुआ जाता है सोचता है वो आये तो ज़िंदगी में आये बहार शायद उठाए फिरते हैं दुआओं का बोझ और कुछ भी नहीं वक़्त में अब अटक गए हैं हौसले के आसार शायद सारी उम्र इन्तिज़ार करें तो कैसे बस इक आहट की अरमाँ तोड़ने का ‘राहत’ करता है कोई व्यापार शायद Read more »
व्यंग्य पहले वाले की दूसरी शादी December 18, 2018 / December 18, 2018 by दिलीप कुमार सिंह | Leave a Comment प्रियंका चोपड़ा का दूसरा विवाह भी मीडिया में कवरेज नहीं पा रहा है उनकी पीआर एजेंसी इस बात से बहुत दुखी है ,प्रियंका और निक जोन्स दोनों के मैनेजर बहुत परेशन हैं कि विवाह नाम के इस जॉइंट वेंचर को इतना फीका रिस्पांस क्यों मिल रहा है जबकि भारत में अमरीका के जॉइंट वेंचर से […] Read more » Deepika Ranveer marraige nick jonas marriage Priyanka Nick marriage पहले वाले की दूसरी शादी
व्यंग्य पहले वाले की दूसरी शादी December 15, 2018 / December 15, 2018 by अभिलेख यादव | 1 Comment on पहले वाले की दूसरी शादी पहले वाले की दूसरी शादी प्रियंका चोपड़ा का दूसरा विवाह भी मीडिया में कवरेज नहीं पा रहा है उनकी पीआर एजेंसी इस बात से बहुत दुखी है ,प्रियंका और निक जोनस दोनों के मैनेजर बहुत परेशन हैं कि विवाह नाम के इस जॉइंट वेंचर को इतना फीका रिस्पांस क्यों मिल रहा है जबकि भारत में […] Read more » Amitabh Bacchan अक्षय कुमार पहले वाले की दूसरी शादी शाहिद कपूर