लेख आधुनिक भारत में किसान हाशिए पर December 4, 2011 / December 6, 2011 by संजय कुमार बलौदिया | Leave a Comment संजय कुमार कुछ समय पहले राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो की रिपोर्ट आई जिसके अनुसार पिछले 16 वर्षों में 2.5 लाख से ज्यादा किसानों ने खुदकुशी कर ली है। वहीं महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक में किसानों की दशा ओर भी खराब है। मध्यप्रदेश में हर दिन 4 किसान खुदकुशी कर रहे है। इन आंकडों और […] Read more » Farmers modern india आधुनिक भारत किसान हाशिए पर
व्यंग्य तमाचे को तूल अब तो जाइए भूल December 3, 2011 / December 3, 2011 by अविनाश वाचस्पति | Leave a Comment वे चिंतन में थे कि गाल तन का ही बेहद मुलायम हिस्सा है, नेताई गाल पर पड़ा तमाचा अब बना सुर्खियों का हिस्सा है। जो चाहे कड़ाके की सर्दी हो,भीषण गर्मी – प्रत्ये क मौसम का रियल अहसास तन को कराने वाला संवेदनशील सेंसर है। एक सरदार ने असरदार बनने के लिए उनके गाल का […] Read more » Slap तमाचा
व्यंग्य देशी बीमारी का विदेशी इलाज December 3, 2011 / December 3, 2011 by पंडित सुरेश नीरव | 2 Comments on देशी बीमारी का विदेशी इलाज पंडित सुरेश नीरव आजकल हमारे देश में भारत बंद की फैशन बडे ज़ोरों पर है। ज़रा-सा मौका मिला नहीं कि तड़ से करवा दिया भारत बंद। गोया भारत कोई देश न हो फेवीकोल का डिब्बा हो। जब इस्तेमाल करना हो तब ही खोलो और फिर कर दो बंद। फेवीकोल का डिब्बा बंद होने के बाद […] Read more » 2g spectrum A.Raja Inflation देशी बीमारी विदेशी इलाज
लेख अजातशत्रु December 2, 2011 / December 2, 2011 by अब्दुल रशीद | Leave a Comment अब्दुल रशीद बिहार के छोटे से गांव में जन्मे,भारतीयता की सजीव मूर्ति,एक ऐसे व्यक्तित्व जो सदा सत्य के लिए अहिंसा पथ पर चले, गांव से राष्ट्रपति भवन तक के लम्बे सार्वजनिक जीवन में जिनका कोई शत्रु नहीं, गांधी जी ने उन्हें अजातशत्रु कह कर सम्बोधित किया,जी हां वो थे भारत के सपूत देश के प्रथम […] Read more » Rajendra Prasad अजातशत्रु
लेख कौन सी प्रेस, किस की आज़ादी? December 2, 2011 / December 2, 2011 by जगमोहन फुटेला | 1 Comment on कौन सी प्रेस, किस की आज़ादी? जगमोहन फुटेला यों तो मैंने भी प्रेस में कमाई और प्रेस की खाई है. पैंतीस साल लिखा है, तीस साल नौकरी की है. लेकिन मैं समझ नहीं पा रहा कि जस्टिस काटजू के सुझाव पर पत्रकारों में सुजाक पाक क्यों है? मीडिया महाजनों के तो हो. उनके गुलामों में क्यों है? सच तो ये है […] Read more » Liberty in Press प्रेस की आज़ादी
लेख मल्टीब्रांड एफडीआई यानी हर ब्रांड में ‘फुल दादागिरी इनकी’! December 2, 2011 / December 2, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 3 Comments on मल्टीब्रांड एफडीआई यानी हर ब्रांड में ‘फुल दादागिरी इनकी’! इक़बाल हिंदुस्तानी यू पी ए यानी ‘उल्टी पुल्टी ऐबदार’ सरकार आजकल पांच साल के ठेके पर चल रही है। सरकार के पास बहुमत है। वह अपने बहुमत से कुछ भी कर सकती है। उसने मल्टीब्रांड एफडीआई यानी हर ब्रांड में ‘‘फुल दादागिरी इनकी’’ का फंडा अपनाया है तो आपके पेट में दर्द क्यों हो रहा […] Read more » Multibrand FDI Retail Sector मल्टीब्रांड एफडीआई
व्यंग्य आप तो मर ही जाओ । December 2, 2011 / December 28, 2012 by डब्बू मिश्रा | Leave a Comment क्या रखा है इस जिंदगी में जीने के लिये । ना दारू ना गुटखा, ना तंबाखू और ना ही पराई स्त्रीयों का शौक और हां तंबाखू सिगरेट से भी परहेज । हद कर दी … भला इनके बिना भी जीना कोई जीना है । चलो कोई बात नही …. मेरी बातें सुनकर इन सब चीजों […] Read more » U Can Die आप तो मर ही जाओ
लेख जम्मू कश्मीर में पंचायती राज December 2, 2011 / December 2, 2011 by रामेन्द्र मिश्रा | Leave a Comment उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिला के वूसान गांव की आशा गांव की सरपंच निर्वाचित कर ली गयीं | वूसान गांव के कुंजर ब्लाक में रहने वाली 52 वर्षीय आशा कश्मीरी पंडित हैं और अपने पति राधाकृष्ण तथा 2 बच्चों के साथ रहती हैं | 90 के दशक में पाक प्रायोजित आतंकवाद के चलते जो लाखों […] Read more » Jammu Kashmir जम्मू-कश्मीर पंचायती राज
आलोचना कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के नाम एक पत्र December 2, 2011 / December 2, 2011 by संजय द्विवेदी | 6 Comments on कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के नाम एक पत्र भोपाल, 1 दिसंबर, 2011। युवा पत्रकार एवं लेखक संजय द्विवेदी ने खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश के सवाल पर कांग्रेस महासचिव श्री राहुल गांधी के नाम एक पत्र भेज कर इस अन्याय को रोकने की मांग की है। संजय ने अपने पत्र के महात्मा गांधी लिखित ‘हिंद स्वराज्य’ की प्रति भी श्री गांधी को भेजी […] Read more » Congress Youth Leader Rahul Gandhi कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के नाम एक पत्र राहुल गांधी
लेख अपने देश में पराया होने का दर्द December 2, 2011 / December 6, 2011 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 2 Comments on अपने देश में पराया होने का दर्द विजय क्रांति पीओके के शरणार्थी आज भी पहचान के मोहताज आज़ाद हिंदुस्तान की हवा में सांस लेने के आदी हो चुके लोगों को इस बात पर शायद विश्वास नहीं होगा कि इस देश में बीस लाख से ज्यादा लोगों का एक ऐसा शरणार्थी समाज भी है जो 1947 में भारत विभाजन के 64 साल बाद […] Read more » POK अपने देश में पराया होने का दर्द पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पीओके के शरणार्थी रिसेटलमेंट एक्ट-1982 शरणार्थी
लेख अन्ना यह संघर्ष निर्णायक हो…!!! December 2, 2011 / December 2, 2011 by हितेश शुक्ला | 3 Comments on अन्ना यह संघर्ष निर्णायक हो…!!! अब आश्वासन नहीं परिणाम चाहिए… अन्ना ने फिर से संघर्ष का मैदान सम्हाल लिया है !११दिसंबर को जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण धरना और 27 दिसंबर से फिर अनशन की तैयारी में है !अन्ना आपको देश के जन ने अपना नेतृत्व सोपा है ! कांग्रेस नीत UPA सरकार के कुटिल इरादे नेक नहीं लगते। ये किसी […] Read more » Anna Andolan Congress Govt. अन्ना संघर्ष निर्णायक युपीए सरकार
लेख देश कों अपनी प्रतिभा की कदर नहीं December 2, 2011 by ललित कुमार कुचालिया | 1 Comment on देश कों अपनी प्रतिभा की कदर नहीं भारतीय कबड्डी टीम ने इस बार कबड्डी का वर्ल्डकप जीता तो मुझे बहुत ख़ुशी हुई. सच मानो तो मै फुला नहीं समा पाया. बचपन में मै भी कबड्डी खेला करता था लेकिन वो मेरा देहाती खेल था इसीलिए में उसको ज्यादा तवज्जो देता था. लेकिन यह कभी नहीं सोचा था कि भारतीय टीम कभी कबड्डी […] Read more » Indian Kabbadi Team भारतीय कबड्डी टीम