लेख लोकतंत्र का स्वरूप बदलने की जरूरत तो है पर अवसर नहीं December 8, 2011 / December 8, 2011 by वीरेन्द्र जैन | 3 Comments on लोकतंत्र का स्वरूप बदलने की जरूरत तो है पर अवसर नहीं वीरेन्द्र जैन केन्द्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला का कहना है कि अब देश में नियंत्रित लोकतंत्र अपनाने का समय आ गया है। उनका कहना एक ओर तो समस्याओं की ओर उनकी चिंताओं को दर्शाता है किंतु दूसरी ओर ऐसा हल प्रस्तुत करता है जिसकी स्वीकार्यता बनाने के लिए एक तानाशाही शासन स्थापित करना होगा। स्मरणीय है […] Read more » Democracy केन्द्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला लोकतंत्र का स्वरूप बदलने की जरूरत
लेख सोशल नेटवर्किंग पर अभिव्यक्ति की आजादी के मायने December 8, 2011 / December 9, 2011 by संजय कुमार | 2 Comments on सोशल नेटवर्किंग पर अभिव्यक्ति की आजादी के मायने संजय कुमार सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट्स पर लगाम कसने की खबर से कोहराम मचा हुआ है। राजनीतिक व सामाजिक स्तर पर बहस जारी है। केन्द्रीय दूर संचार और सूचना टेक्नोलॉजी मंत्री कपिल सिब्बल ने जब यह कहा कि उनका मंत्रालय इंटरनेट में लोगों की छवि खराब करने वाली सामग्री पर रोक लगाने की व्यवस्था विकसित कर रहा […] Read more » Facebook orcut social networking twitter सूचना टेक्नोलॉजी मंत्री कपिल सिब्बल सोशल नेटवर्किंग सोशल नेटवर्किंग पर अभिव्यक्ति की आजादी
लेख हिंदुत्व के खिलाफ हो रहे हैं षड्यंत्र December 8, 2011 / December 8, 2011 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 8 Comments on हिंदुत्व के खिलाफ हो रहे हैं षड्यंत्र सिद्धार्थ शंकर गौतम दुनिया के सबसे पुराने धर्मो में से एक है। वर्तमान का हिंदू धर्म ही सनातन धर्म है। इस धर्म का दर्शन बहुत विशाल है और इसकी मूल अवधारणा है, वसुधैव कुटुंबकम। मेरा अपना मानना है कि जो भी हीन भावना को दुत्कारकर भगा दे, वही हिंदू है। मगर, वर्तमान में हिंदुत्व में […] Read more » conspiracy against hinduism हिंदुत्व के खिलाफ हो रहे हैं षड्यंत्र
व्यंग्य अन्ना शादीशुदा होते तो सरकार अब तक उनको झुका लेती! December 8, 2011 / December 8, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 1 Comment on अन्ना शादीशुदा होते तो सरकार अब तक उनको झुका लेती! इक़बाल हिंदुस्तानी कांग्रेस भ्रष्टाचार की बजाये अन्ना से क्यों लड़ रही है ? अन्ना के 11 दिसंबर के सांकेतिक आंदोलन से घबराई सरकार इस बार बताते हैं अपने चमचों से 10 दिसंबर से जंतर मंतर पर उनके खिलाफ जवाबी आंदोलन कराने की घटिया कवायद पर उतर आई है। कांग्रेस और यूपीए सरकार यह भूल रही […] Read more » anna married अन्ना शादीशुदा होते तो कांग्रेस भ्रष्टाचार
लेख वैचारिक स्वतंत्रता के साथ-साथ अभिव्यक्ति में सतर्कता परमावश्यक है …! December 8, 2011 / December 8, 2011 by विनायक शर्मा | 1 Comment on वैचारिक स्वतंत्रता के साथ-साथ अभिव्यक्ति में सतर्कता परमावश्यक है …! विनायक शर्मा प्रसिद्द अधिवक्ता व टीम अन्ना के सदस्य प्रशांत भूषण पर उनके सर्वोच्च न्यायालय के परिसर के कार्यालय में हुआ दुर्व्यवहार और हाथापाई के समाचार से सारा देश स्तब्ध सा रह गया. अचानक हुए इस हमले कि किसी को भी आशा तक नहीं थी. देश का संविधान, विधि-विधान और भारतीय सभ्यता इस प्रकार के […] Read more » freedom of thought अभिव्यक्ति में सतर्कता वैचारिक स्वतंत्रता
लेख युवाओ की आत्महत्याओ का कारण December 7, 2011 / December 7, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | 1 Comment on युवाओ की आत्महत्याओ का कारण शादाब जफर शादाब आधुनिकीकरण, सामाजिक असंतुलन, इंटरनेट, मोबाइल है युवाओ की आत्महत्याओ का कारण आज हमारी युवा पीढी को न जाने क्या हो रहा है? मॉ बाप और टीचरो की जरा जरा सी बातो और डाट फटकार पर खुदकशी की घटनाए बहुत तेजी से बढ रही है। साथ ही साथ स्कूल कालेजो में अपने सहपाठियो […] Read more » reasons to suicide for youths युवाओ की आत्महत्याओ का कारण
लेख फेसबुक पर रोक लगाने की बजाये सरकार अपना फेस देखे! December 7, 2011 / December 7, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 6 Comments on फेसबुक पर रोक लगाने की बजाये सरकार अपना फेस देखे! इक़बाल हिंदुस्तानी नेताओं की इज़्ज़त ही कहां बची है जो बेइज़्ज़ती होगी ? अभी तक तो सरकार अपने प्रिय भ्रष्टाचार पर ही रोक लगाने के लिये मज़बूत लोकपाल लाने से बच रही थी लेकिन अब वह अरब देशों में सोशल नेटवर्किगं साइट्स जैसे फेसबुक और ब्लॉग आदि के ज़रिये हुयी बग़ावत से डरकर इंटरनेट पर […] Read more » ban on face book फेसबुक पर रोक लगाने
आलोचना आम आदमी को गुस्सा नहीं आता December 7, 2011 / December 7, 2011 by डॉ0 आशीष वशिष्ठ | 2 Comments on आम आदमी को गुस्सा नहीं आता डॉ0 आशीष वशिष्ठ देश के युवा सांसद और कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को आम आदमी की बदहाली गुस्सा आता है,भाजपा की फायर ब्रांड नेता उमा भारती रिटेल सेक्टर में एफडीआई पर सरकार के निर्णय से इतनी गुस्सा हो जाती हैं कि वो अपने हाथों वालमॉर्ट के स्टोर में आग लगाने की बात करती हैं,ऐसे में […] Read more » anget of common people अंगर ऑफ कॉमन पीपल आम आदमी को गुस्सा नहीं आता
व्यंग्य गांधी परिवार दुनिया में सबसे अच्छा है । December 7, 2011 / December 7, 2011 by डब्बू मिश्रा | 7 Comments on गांधी परिवार दुनिया में सबसे अच्छा है । हां हां … हां भई हां. …. हमारे देश का गांधी परिवार जैसा बहतरीन परिवार पूरी दुनिया में नही मिलेगा । मैं कपिल सिब्बल की इस बात से पूरी तरह से सहमत हूँ की देश में किसी भी जगह … किसी भी तरह से गांधी परिवार के विरूद्ध कोई बात नही कहना चाहिये । हमारे […] Read more » gandhi family Sonia Gandhi is the best कपिल सिब्बल राहुल गांधी सोनिया गांधी
लेख आज पैसे की चमक ने पत्रकारिता को व्यवसाय बना दिया December 7, 2011 / December 7, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | 1 Comment on आज पैसे की चमक ने पत्रकारिता को व्यवसाय बना दिया शादाब जफर शादाब बदलते समय और बदलती सोच के साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में दिन प्रतिदिन गिरावट आ रही है इस मुद्दे पर आज देश में गर्मा गरम बहस भी छिड चुकी है। देश के लोकतंत्र का मजबूत चौथा स्तम्भ कहा जाने वाला पत्रकारिता का क्षेत्र भी अब इस भ्रष्टाचार से अछूता नही रहा। आज […] Read more » corruption in media पत्रकारिता का व्यवसाय
व्यंग्य डर्टी पिक्च्र ऊ ला ला ऊर्फ बावरी मस्जिद राम लला December 7, 2011 / December 7, 2011 by अविनाश वाचस्पति | Leave a Comment अविनाश वाचस्परति डर्टी की पॉवर बहुत ज्याऊदा है, गंदगी का ट्री बहुत घना है। मन पर विचारों का कोहरा जमा है। बावरी मस्जिद का मसला पुराना नहीं पड़ा है। कभी भी कहीं भी कुछ भी हो सकता है। प्रत्येरक मन पर इसकी ही छाया है। यह सब बुराईयों की ही माया है। डर्टी अलग नहीं […] Read more » dirty picture डर्टी पिक्च्र बावरी मस्जिद राम लला
लेख मल्टीब्रांड एफ़डीआई यानी चोर छिप गया भागा नहीं है! December 7, 2011 / December 7, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment इक़बाल हिंदुस्तानी ममता को पैकेज देकर जल्दी बिल्ली थैले से बाहर आ जायेगी। खुदरा कारोबार में विदेशी निवेश का भूत ममता की तृणमूल कांग्रेस के अड़ जाने से फिलहाल छिप गया है लेकिन यह मानना खुद को धेखा देना होगा कि यह हमेशा के लिये भाग गया है। दरअसल कम लोगों को यह अंदर की […] Read more » FDI Multibrand FDI एफ़डीआई