लेख …फिर भी मेरा देश महान June 2, 2011 / December 12, 2011 by जीतेन्द्र कुमार नामदेव | Leave a Comment स्वतंत्रता के बाद हमारे देश ने हर क्षेत्र में तरक्की की है। स्वतंत्र भारत के स्वतंत्र नागरिकों ने अपने कीर्तिमान हर क्षेत्र में रचे हैं। हमारे कीर्तिमान और हमारी उपलब्ध्यिां राजनीति, विज्ञान, आर्थिकी, सामाजिक क्षेत्रों से लेकर खेलों और प्रतिस्पर्धाओं तक हर जगह कायम रही हैं। हमने अपने पड़ोसी देशों को भी प्रत्येक क्षेत्र में […] Read more » India मेरा देश महान
कविता कविता/ आचमन June 1, 2011 / December 12, 2011 by गंगानन्द झा | 1 Comment on कविता/ आचमन क्लास के बाद क्लास बीतता जाता है जिन्दगी के ग़ैरमामूली ब्लैकबोर्ड पर तीन अँगुलियों से पकड़े गए चॉक के जरिये केवल लफ़्जों की गिनती उसके बाद ढंग-ढंग घंटे का बज जाना उन तजुर्बेकार लिखावटों को नया डस्टर पोंछ लेता है । कुछ निशान रह जाते हैं, उस्ताद जिन्दगी गुजर जाती है । लम्बी से […] Read more »
कहानी कहानी/ फ़ैसला June 1, 2011 / December 12, 2011 by दिव्या माथुर | Leave a Comment दिव्या माथुर सोफ़े पर अधलेटा सा सन्नी मेज़ पर अपनी टांगे पसारे टी वी पर समाचार देख रहा था. जेड गूडि की आकस्मिक मृत्यु की ख़बर सुन कर वह मन ही मन कलपने लगा कि वह कहाँ रेचल मूर से ब्याह रचा के फंस गया. जेड का इक्कीस साल का ब्वाय फ़्रैंड उसके बच्चों को […] Read more »
व्यंग्य एक सेक्यूलर की मौत May 30, 2011 / December 12, 2011 by विजय कुमार | 7 Comments on एक सेक्यूलर की मौत विजय कुमार परमपिता परमेश्वर ने इस सृष्टि के निर्माण में बड़ा शारीरिक और मानसिक श्रम किया। उन्होंने धरती-आकाश, सूरज-चांद-सितारे, स्त्री-पुरुष, पशु-पक्षी, पेड़-पौधे, पर्वत-नदियां, जलचर-थलचर.. न जाने क्या-क्या बनाया। फिर भी वे एक प्रजाति बनानी भूल गये। वह है सेक्यूलर। सेक्यूलर की कोई परिभाषा आज तक निश्चित नहीं हुई। इसके लिए भारतीय भाषाओं में कोई अच्छा […] Read more » secularism धर्मनिरपेक्षता सेकुलरिज्म
कहानी डम्पू हुआ घायल May 29, 2011 / December 12, 2011 by जीतेन्द्र कुमार नामदेव | Leave a Comment सुबह सवेरे बच्चे डम्पू के साथ खेल रहे थे कि डम्पू अचानक दूसरे माले से नीचे जा गिरा। घटना में डम्पू की हालत बहुत गंभीर हो गयी। रामनाथ जी डम्पू की इस हालत को देखकर परेशान हो गये और तुरंत ही भागते दौड़ते डम्पू के उपचार के लिए गये। गांव में डम्पू का इलाज करने […] Read more » डम्पू हुआ घायल
कहानी कहानी/पतंग May 28, 2011 / December 12, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment जितेन्द्र कुमार नामदेव शाम के 6 बजते-बजते सभी लोग आफिस छोड़ कर अपने-अपने घर को निकल गये थे। गर्मी का मौसम था, दिन भर की गर्मी के बाद शाम को आंधी चलने लगी थी जिसकी वजह से मौसम काफी सुहाना हो चुका था। मैं भी अपना काम खत्म करके आफिस की छत पर पहुंचकर मौसम […] Read more »
साहित्य भाषा और संस्कृति May 27, 2011 / December 12, 2011 by विश्वमोहन तिवारी | 15 Comments on भाषा और संस्कृति जब एक भाषा मरती है तब उसकी संस्कृति भी उसके साथ मर जाती है ’लिविंग टंग्ज़ इंस्टिट्यूट फ़ार एन्डेन्जर्ड लैन्गवेजैज़’ इन सैलम, ओरेगान के भाषा वैज्ञानिक डेविड हैरिसन तथा ग्रैग एन्डरसन कहते हैं कि जब लोग अपने समाज की भाषा में बात करना बन्द कर देते हैं, तब हमें मस्तिष्क के विभिन्न विधियों में कार्य […] Read more » culture जब एक भाषा मरती है तब उसकी संस्कृति भी उसके साथ मर जाती है भाषा और संस्कृति
लेख मध्यप्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदलने में कामयाब शिवराज सिंह चौहान May 27, 2011 / December 12, 2011 by मयंक चतुर्वेदी | 1 Comment on मध्यप्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदलने में कामयाब शिवराज सिंह चौहान भारतीय जनता पार्टी ने मध्यप्रदेश राज्य में पिछले अपने सात वषो के शासन के दौरान जो उपलब्धियाँ हासिल की हैं वह निश्चित ही उसे जनता की नजर में श्रेष्ठतम साबित करती हैं। प्रशासन, सत्ता संगठन का समन्वय जितना इन पिछले वषो में देखने को मिला वह अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय माना जा सकता […] Read more » Madhya Pradesh कुशाभाऊ ठाकरे प्यारेलाल खंडेलवाल मध्यप्रदेश शिवराज सिंह चौहान स्व. विजयाराजे सिंधिया
आलोचना धर्म-अध्यात्म पाखण्डी गुरूओं की लगी हैं मंडी… May 27, 2011 / December 12, 2011 by पण्डित परन्तप प्रेमशंकर | Leave a Comment पण्डित परन्तप प्रेमशंकर बंदउ गुरुपद पदुम परागा…… गुरू महिमा – आषाढ शुक्ल पूर्णिमा को व्यास पूर्णमा कहते हैं । भगवान के ज्ञानावतार श्री द्वैपायन कृष्णने वेद का व्यास एवं अनेक पुराणादि की रचनाद्वारा सनातन वैदिक संस्कृतिको अनुपम योगदान दिया हैं । विद्वद्गण तो मानते हैं कि व्यासोच्छिष्ठं जगत्सर्वं । संस्कृतिकी अनन्त सेवाको सन्मानित करनेके लिए […] Read more » Renegade गुरूओंकी पाखण्डी
कविता धारा के विरुद्ध May 27, 2011 / December 12, 2011 by आर. सिंह | Leave a Comment धारा के विरुद्ध यह कैसा मजाक है यार? तुम कहते हो मुझे, धारा के विरुद्ध तैरने को. वंधु, मुझे तो लगता है,दिमाग खराब है तुम्हारा. पर मैं तो पागल नहीं. मैं कहता हूँ, बहो तुम भी बहाव के के साथ, देखो कितनी हसीन है यह जिंदगी, कितना आनंद है इसमें? क्या कहा? बहना बहाव के […] Read more »
कहानी ’’ खिलोना माटी का ’’ May 27, 2011 / December 12, 2011 by जोली अंकल | 4 Comments on ’’ खिलोना माटी का ’’ एक लड़की मरने के बाद भगवान के द्वार पर पहुंची तो प्रभु उसे देख कर हैरान हो गये कि तुम इतनी जल्दी स्वर्गलोक में कैसे आ गई हो? तुम्हारी आयु के मुताबिक तो तुम्हें अभी बहुत उम्र तक धरती पर जीना था। उस लड़की ने प्रभु परमेश्वर को बताया कि वो किसी दूसरी जाति के […] Read more » खिलोना माटी का ’’
लेख अमेरिका दुनिया का सब से क्रूर देश ? May 25, 2011 / December 12, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | Leave a Comment सियना कालेज वाशिंगटन द्वारा 1982 सें हर वर्ष कराये जा रहे जनमत में इस बार अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा दुनिया के 44 श्रेष्ट राष्ट्रपतियो की सूची में 15वे स्थान पर रहे। दुनिया की सुपर पावर कहे जाने वाले इसी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश दुनिया के पॉच सब से बुरे राष्ट्रपतियो में सब […] Read more » World अमेरिका क्रूर देश दुनिया