राजनीति विधि-कानून मुस्लिम वोटबैंक।। कांग्रेस।। और चुनाव आयोग ! February 14, 2012 / February 14, 2012 by एस.के. चौधरी | 1 Comment on मुस्लिम वोटबैंक।। कांग्रेस।। और चुनाव आयोग ! खुर्शीद प्रकरण से साफ़ हो गया कि इस देश में वही होगा जो कांग्रेस चाहती है | चुनाव में कौन से मुद्दे चलेंगे यह भी कांग्रेस ही तय करती है और इस बार तो स्पष्ट तौर पर सरकारी मशीनरी और संवैधानिक संस्थाओं का दुरूपयोग जमकर किया गया है| ये वही चुनाव आयोग है जिसने 1999 […] Read more » Election Commission sachhar report कांग्रेस चुनाव आयोग मुस्लिम वोटबैंक
विधि-कानून भारत में न्यायिक सुधार की संभावनाएं और चुनौतियाँ January 29, 2012 / January 29, 2012 by एडवोकेट मनीराम शर्मा | Leave a Comment मनीराम शर्मा हमारे न्यायालयों और वकीलों के मध्य बहुत सी बातें अस्वस्थ परंपरा के रूप में प्रचलित हैं। किन्तु इन सबका एक ही मूल कारण है, वह यह है कि न्यायिक निकाय स्वविनियमित है। स्वविनियमन वास्तव में कार्य नहीं करता है। इसका समाधान वकीलों एवं न्यायाधीशों का मात्र बाहरी विनियमन है। प्रत्येक अन्य पेशे, जैसे […] Read more » challenges of law improvement भारत में न्यायिक सुधार की संभावनाएं
विधि-कानून आरक्षण समाप्त करना है तो……… January 26, 2012 / January 26, 2012 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | 9 Comments on आरक्षण समाप्त करना है तो……… डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ आरक्षण समाप्त करना है तो आरक्षित वर्ग के वर्गद्रोही अफसर तत्काल बर्खास्त किये जायें! भारत के संविधान के बारे में जानकारी रखने वाले सभी विद्वान जानते हैं कि हमारे संविधान के भाग तीन अनुच्छेद-14, 15 एवं 16 में जो कुछ कहा गया है, उसका साफ मतलब यही है कि धर्म, मूलवंश, […] Read more » TO STOP RESERVATION आरक्षण समाप्त करना है तो
विधि-कानून गणतंत्र दिवस पर शक्ति प्रदर्शन का औचित्य क्या है? January 26, 2012 / January 26, 2012 by श्रीराम तिवारी | Leave a Comment आजादी के लगभग तीन साल बाद भारत राष्ट्र के तत्कालीन सुविग्य्जनों और कानूनविदों ने भारतीय संविधान को अंगीकृत करते हुए उसकी प्रस्तावना में कहा था ”हम भारत के लोग एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न लोकतंत्रात्मक ,धर्मनिरपेक्ष,समाजवादी गणतंत्र स्थापित करने; आर्थिक,राजनैतिक,सामाजिक ,न्याय,विचार-अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता औरअवसरों की समानता स्थापित करने के निमित्त ……..के लिए दिनांक २६ जनवरी …….को […] Read more » artillery show cavalary republic day गणतंत्र दिवस शक्ति प्रदर्शन का औचित्य
विधि-कानून सर्वोच्च पदों का अवमूल्यन January 24, 2012 / January 24, 2012 by विपिन किशोर सिन्हा | 1 Comment on सर्वोच्च पदों का अवमूल्यन विपिन किशोर सिन्हा कांग्रेस की सरकार जब-जब केन्द्र में रही है, इसने देश के सर्वोच्च पदों का अवमूल्यन करने में अपनी ओर से कोई को्र कसर नहीं छोड़ी है। इस परंपरा की शुरुआत इन्दिरा गांधी ने देश पर आपात् काल थोपने के कुछ ही दिनों बाद की, जब सर्वोच्च न्य़ायालय के चार वरिष्ठ न्यायधीशों की […] Read more » Highest post V.K. Singh जनरल वी.के.सिंह सर्वोच्च पदों
विधि-कानून क्या रोडवेज बसों को भी ढकेगा चुनाव आयोग ! January 20, 2012 / January 21, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 2 Comments on क्या रोडवेज बसों को भी ढकेगा चुनाव आयोग ! वीरभान सिंह सर्वजन हिताय का नारा उडा रहा खिल्ली कांशीराम कालोनियां भी उल्लंघन की जद में ? निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई आदर्श चुनावी आचार संहिता के अनुसार किसी भी दृश्य सामग्री का खुला प्रदर्शन नहीं किया जा सकता है, जिससे सरकार की योजनाओं और उसकी उपलब्धियों का बखान प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से […] Read more » electoncommission roadways buses चुनाव आयोग रोडवेज बसों को भी ढकेगा
विधि-कानून पंचायती राज में सुधार की आवश्यकता January 13, 2012 / January 13, 2012 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on पंचायती राज में सुधार की आवश्यकता मो. वकार सिद्दीकी इसे देश की बदकिस्मती कहिए या हमारे सिस्टम की त्रुटि कि हासिल करने से पहले ही उसमें भ्रष्टाचार के घुन पनपने लगते हैं। यह सच्चाई किसी एक विशेष योजना अथवा विभाग तक सीमित नहीं है। चाहे वह खेल के आयोजन का मामला हो, चाहे स्वास्थ्य का मामला, सीमा पर रक्षा करने वाले फौजियों […] Read more » Panchayati Raj पंचायती राज
विधि-कानून लोकपाल-हमाम में सभी नंगे! December 30, 2011 / December 30, 2011 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | 9 Comments on लोकपाल-हमाम में सभी नंगे! डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ लोकपाल विधेयक के बहाने कॉंग्रेस के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबन्धन यूपीए और भाजपा के नेतृत्व वाले मुख्य विपक्षी गठबन्धन एनडीए सहित सभी छोटे-बड़े विपक्षी दलों एवं ईमानदारी का ठेका लिये हुंकार भरने वाले स्वयं अन्ना और उनकी टीम के मुखौटे उतर गये! जनता के समक्ष कड़वा सत्य प्रकट हो गया! जो […] Read more » lokpal लोकपाल
विधि-कानून लोकपाल की इबारत पर टकराव तय December 23, 2011 / December 23, 2011 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव संसद में पेश लोकपाल विधेयक की जो इबारत सामने आई है, उसने दो बातें तय कर दी हैं, एक संसद से सड़क तक टकराव के हालात निर्मित होंगे। दूसरे, लोकपाल में आरक्षण का सियासी दांव एक ऐसा हथियार साबित होगा जो लोकपाल को पारित करना नमुमकिन बना देगा। क्योंकि यह न तो अण्णा […] Read more » Lokpal Bill लोकपाल विधेयक
विधि-कानून अव्यवस्था की शिकार होती हमारी न्याय व्यवस्था December 23, 2011 / December 23, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | Leave a Comment शादाब जफर ‘शादाब’ कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने आखिर 19 दिसंबर 2011 को संसद भवन में डा. ज्ञान प्रकाश पिलानिया के पूछे गये एक प्रश्न के दौरान ये मान ही लिया की देश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से पटरी पर नही है। देश मैं न्यायाधीशो व अदालतो मैं स्टाफ की कमी के अलावा, ढांचा […] Read more » Chaos and law and justice अव्यवस्था की शिकार न्याय व्यवस्था
विधि-कानून कैसा हो लोकपाल कानून : डॉ. मीणा December 14, 2011 / December 14, 2011 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | Leave a Comment इस बात में कोई दो राय नहीं है कि इस देश की रग-रग में भ्रष्टाचार समाया हुआ है और भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिये अन्य अनेक बातों के साथ-साथ सख्त कानून की दरकार है, जिसके लिये प्रस्तावित लोकपाल कानून को जरूरी बताया जा रहा है| अब तक की सभी केन्द्र सरकारों द्वारा किसी न किसी […] Read more » lokpal लोकपाल
विधि-कानून प्रैस पर नया कानूनी शिकंजा यानी बंदर के हाथ में उस्तरा देना? December 14, 2011 / December 14, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment इक़बाल हिंदुस्तानी ख़राब लोगों के हाथ में अच्छा कानून भी बेलगाम हो जाता है! मीडिया खासतौर पर प्रैस पर अपने अपने अनुभव से कानूनी शिकंजा कसने की जोरशोर से मांग कर रहे लोगों को शायद यह पता नहीं है कि वर्तमान कानूनों रहते ही कोई अख़बार और उसके पत्रकारों को सबक सिखाने की ठान ले […] Read more » strict laws for press प्रैस पर नया कानूनी शिकंजा