राजनीति शख्सियत सदैव याद रहेगी जोगी की सियासी पारी June 2, 2020 / June 2, 2020 by योगेश कुमार गोयल | Leave a Comment स्मृति शेष शानदार रहा डीएम से सीएम बने जोगी का राजनीतिक सफर – योगेश कुमार गोयल लंबी बीमारी के बाद छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी का गत 29 मई को 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। कार्डियाक अरेस्ट के बाद 9 मई को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था और […] Read more » Ajit Jogi जोगी की सियासी पारी
राजनीति विधि-कानून अनुच्छेद 30 के विरोधी तो स्वयं गांधीजी भी थे June 2, 2020 / June 2, 2020 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment हाल ही मे भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने संविधान के अनुच्छेद 30 के औचित्य पर प्रश्न उठाया है। इसके जवाब मे आलोचकों व विरोधियों ने अपनी प्रवृत्ति के अनूरूप ही विजयवर्गीय पर राजनीति मे धर्म के उपयोग के आरोपों की झड़ी लगा दी है। इस समय मे गांधी जी का विचार याद आता […] Read more » Gandhi himself was also an opponent of Article 30 अनुच्छेद 30
राजनीति लाॅकडाऊन पीरियड़ एक सबक बने June 1, 2020 / June 1, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग –अब लाॅकडाऊन आंशिक रूप से उठ गया है, इससे सामान्य जीवन के धीरे-धीरे पटरी पर लौटने में मदद मिलेगी। यही वह क्षण है जिसकी हमें प्रतीक्षा थी और वह सोच है जिसका आह्वान है अभी और इसी क्षण हमें कोरोना महामारी के साथ जीने की संयम, धैर्य एवं मनोबल पूर्ण एवं सावधानीपूर्ण […] Read more » lock down period should become a lesson लाॅकडाऊन पीरियड़
राजनीति व्यंग्य …और अब मोदी अंगोछा May 30, 2020 / May 30, 2020 by विजय कुमार | Leave a Comment आजकल मुखबंद (मास्क) सबकी जरूरत बन गया है। शुरू में तो इस पर असमंजस था कि इसे लगाएं या नहीं ? कुछ लोग कहते थे कि इसे कोरोना के रोगी या उनके बीच में काम करने वाले ही लगाएं। बाकी को जरूरत नहीं है। कुछ कपड़े की दो या तीन परतों वाले मुखबंद के समर्थक […] Read more » मोदी अंगोछा
राजनीति भारत-विरोधी दो फर्जी मुद्दे May 30, 2020 / May 30, 2020 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक कोरोना के इस भयंकर संकट के दौर में पाकिस्तान की इमरान खान सरकार को पता नहीं क्या हो गया है ! पाकिस्तानी जनता की कोरोना से रक्षा करने में अपनी नाकामी को छुपाने के लिए क्या उसे इस वक्त यही हथियार हाथ लगा है ? उसने भारत-विरोधी दो कदम उठाए हैं। एक […] Read more »
राजनीति अपने दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने लिखा देशवासियों के नाम खुला पत्र May 30, 2020 / May 30, 2020 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment डॉ॰ राकेश कुमार आर्य प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में दूसरे कार्यकाल का शुभारंभ पिछले वर्ष 30 मई को हुआ था । अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल के एक वर्ष की अवधि पूर्ण होने के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जनता से जुड़ने का फिर एक अनूठा और नायाब तरीका खोज […] Read more » प्रधानमंत्री श्री मोदी मोदी ने लिखा देशवासियों के नाम खुला पत्र
राजनीति लेख भारत को खण्डित तथा दुर्बल करने के षड्यन्त्र May 30, 2020 / May 30, 2020 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment अरुण उपाध्यायसारांश-विदेशी आक्रमणकारियों ने कई प्रकार से भारत को खण्डित तथा दुर्बल करने के षड्यन्त्र किये हैं-(१) भारत में भेदिये पैदा करना तथा उनको लालच देकर उनसे सहायता, (२) भारत की शिक्षण संस्थाओं को नष्ट करना, (३) भारतीय शास्त्रों में जो बचा रह गया उसमें अविश्वास पैदा करना तथा भ्रामक व्याख्या, (४) भारतीयों के ज्ञान और कौशल में अविश्वास, […] Read more » Conspiracy to divide and weaken India भारतीय इतिहास के खुलासे
राजनीति अजीत जोगी-बहुत कठिन है उन-सा होना May 29, 2020 / May 29, 2020 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment -प्रो.संजय द्विवेदी जिद, जिजीविषा, जीवटता और जीवंतता एक साथ किसी एक आदमी में देखनी हो तो आपको अजीत जोगी के बारे में जरूर जानना चाहिए, पढ़ना चाहिए। छत्तीसगढ़ के पूर्व और प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी यानि एक ऐसा नायक जिसने बेहद खुरदरी जमीन से जिंदगी की शुरुआत की और आसमान की उन ऊंचाइयों तक […] Read more » Ajit Jogi अजीत जोगी
राजनीति समस्या को अवसर में बदलने वाला नायक : योगी आदित्यनाथ May 28, 2020 / May 28, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना संकट काल में जिस प्रकार से अपने राजनैतिक परिपक्वता, सामाजिक अनुभव, नेतृत्व कौशल और फैसले लेने की तत्परता एवं उनके प्रति दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रदर्शन किया, वह अंधेरों में रोशनी का प्रतीक बना है। सरकार ने इन संकटकालीन एवं चुनौतीपूर्ण दिनों में कोरोना प्रभाव पर […] Read more » new rules for migrant labourers in UP Yogi Adityanath योगी आदित्यनाथ
राजनीति मोदी का ‘छक्का’ और पाक के ‘छक्के’ May 27, 2020 / May 27, 2020 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment 26 मई को प्रधानमंत्री मोदी ने अपने प्रधानमंत्री काल के 6 वर्ष पूर्ण किए हैं । इस काल में श्री मोदी ने कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं । जिनसे उनकी न केवल भारत में बल्कि विश्व में भी एक सक्षम और निर्णय लेने में समर्थ नेता की छवि बनी है । उनके द्वारा […] Read more » पाक के छक्के मोदी का छक्का
राजनीति नेपाल सीमा-विवाद के कई सुगम हल हैं। May 27, 2020 / May 27, 2020 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक भारत और नेपाल के बीच एक छोटी-सी सड़क को लेकर काफी कहा-सुनी चल पड़ी है। यह सड़क पिथौरागढ़ और नेपाल की सीमा पर है। यह लिपुलेख के कालापानी क्षेत्र से होती हुई सीधी कैलाश-मानसरोवर तक जाती है। इस कच्ची सड़क को पक्की बनाकर इसका उद्घाटन रक्षामंत्री राजनाथसिंह ने कुछ दिन पहले ज्यों ही किया, नेपाल में हड़कंप मच गया। नेपाल की सत्तारुढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के लोगों ने कई भारत-विरोधी प्रदर्शन कर दिए। नेपाली विदेश मंत्रालय ने भारतीय राजदूत को बुलाकर एक कूटनीतिक पत्र थमा दिया और पूछा कि इस नेपाली भूमि पर भारत ने सड़क कैसे बना ली ? सत्तारुढ़ पार्टी के सह अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहल प्रचंड ने यह भी कह दिया कि भारत इन कूटनीतिक कोशिशों से रास्ते पर नहीं आएगा। नेपाल को आक्रामक कार्रवाई करनी होगी। प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली भी कौनसे पीछे रहनेवाले थे ? उन्होंने नेपाल में फैल रहे कोरोना के लिए भारत को जिम्मेदार ठहरा दिया, चीन को नहीं, क्योंकि भारत के सेना-प्रमुख एम.एम. नर्वणे ने एक संगोष्ठी में कह दिया था कि नेपाल किसी अन्य (चीन) के इशारे पर भारत से पंगे ले रहा है। नेपाल के रक्षा मंत्री ईश्वर पोखरेल ने नर्वणे की कड़ी आलोचना भी कर दी है। दूसरे शब्दों में 80 किमी की इस नई सड़क को लेकर एक बार दोनों पड़ौसी देश, जिन्हें मैं भातृराष्ट्र (भाईदेश) कहता हूं, फिर उसी कटुता के जाल में फंस जाएंगे, जो हमने 2015 की नेपाल की घेराबंदी के दौरान देखा था। यह विवाद उस 30-35 किमी जमीन का है, जो हमारी 80 किमी की सड़क का हिस्सा है। यह जमीन भारत, नेपाल और तिब्बत के त्रिकोण पर स्थित है। इस कालापानी क्षेत्र को लेकर लंबे समय से भ्रांति बनी हुई है। इस क्षेत्र का इस्तेमाल सैकड़ों वर्षों से तीन देशों के लोग करते रहे हैं। लेकिन 1816 में भारत की ईस्ट इंडिया कंपनी और नेपाली सरकार के बीच सुगौली संधि हुई, जिसमें नेपाल-नरेश ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि काली नदी के पश्चिम के किसी हिस्से पर नेपाल का अधिकार नहीं है। इसी पश्चिम हिस्से में ही वह विवादास्पद सड़क है। नेपाल के हिस्से में कालीनदी का पूर्वी हिस्सा आता है। लेकिन नेपाल सरकार का अब कहना है कि सुगौली संधि में जिस काली नदी का उल्लेख है, उसमें उसका पश्चिमी हिस्सा भी शामिल है, जिस पर भारत ने अपना अधिकार जमा रखा है। हाल ही में नेपाल सरकार ने अपने हिस्से की जमीन पर सीमा-सुरक्षा चौकियां भी बना दी हैं। यह मामला सन 2000 में भी उठा था। नेपाल के प्रधानमंत्री गिरिजाप्रसाद कोइराला ने भारत के प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी से निवेदन किया था कि इसे बातचीत के द्वारा सुलझा लिया जाए। दोनों देशों की सीमा निर्धारण के लिए 1981 में जो संयुक्त-दल बना था, उसने 98 प्रतिशत सीमा तय कर ली थी। सिर्फ कालापानी और सुस्ता के दो मामले रह गए थे। अब जब कैलाश-मानसरोवर सड़क का उदघाटन हुआ है तो नेपाल ने आनन-फानन नक्शे छाप दिए हैं और उसमें पिथौरागढ़ के क्षेत्रों को अपनी सीमा में दिखा दिया है। जब सुगौली की संधि हुई थी तो नेपाल के पास नक्शा छापने की कोई व्यवस्था नहीं थी। ब्रिटिश सरकार ने जो नक्शे छापे, वे ही सर्वस्वीकार्य थे। उस समय काली नदी नाम की दो नदियों की बात भी नेपाल की ओर से कही जाती थी। ब्रिटिश नक्शों की मनमानी व्याख्याएं समय-समय पर चलती रहीं। 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद नेपाल ने इस सड़क पर अपना दावा ठोका था लेकिन वास्तविक रुप से इस क्षेत्र पर भारत का ही अधिकार रहा है। 2015 में जब भारत और चीन ने इस लिपुलेख क्षेत्र से व्यापार-मार्ग चलाने का समझौता किया था, तब भी नेपाल ने चाहे, नरम शब्दों में ही सही, उसका विरोध किया था। नेपाल ने यह प्रस्ताव भी पांच-छह साल पहले रखा था कि दोनों देशों के विदेश सचिव बैठकर इस मामले को हल करें। अभी भी नेपाली सरकार का आधिकारिक रुख यही है लेकिन नेपाल की आतंरिक राजनीति इस मामले को उलझाती चली जा रही है। नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी के सह-प्रधान प्रचंड ने प्रधानमंत्री के.पी. ओली को अपदस्थ करने का अभियान चला रखा है। पहले तो नेपाल की खराब आर्थिक स्थिति को बहाना बनाया जा रहा था, अब उन्हें यह नया हथियार हाथ लग गया है। पड़ौसी देशों में राष्ट्रवाद और देशभक्ति की भावना को भड़काना हो तो उनका सबसे सुगम हथियार है- भारत-विरोध ! भारतीय विदेश मंत्रालय ने साफ-साफ कहा है कि कोरोना-संकट का समय टलते ही इस सीमा-विवाद का हल वह बातचीत के द्वारा करना चाहता है लेकिन भारतीय सेनाध्यक्ष नर्वणे के बयान को जमकर उछाला जा रहा है। कहा जा रहा है कि भारतीय सेना में लगभग 60 हजार नेपाली गोरखा जवान हैं। उन पर नर्वणे के बयान का क्या असर होगा ? मेरी राय यह है कि नर्वणे वैसा बयान नहीं देते तो अच्छा होता। नेपाल की कई पार्टियों के नेताओं से फोन पर मेरी बात हुई। वे अपनी जनता के सामने जो चाहें, सो बोलें लेकिन सबकी राय यह है कि इस मामले को तूल नहीं दिया जाना चाहिए। मैं कहता हूं कि कोरोना के खत्म होने का इंतजार क्यों किया जाए ? दोनों देश तुरंत बात क्यों नहीं शुरु करें। नेपाल की पूर्व उप-प्रधानमंत्री सुजाता कोइराला ने एक काफी व्यावहारिक सुझाव दिया है। उन्होंने मुझे बताया कि नेपाल-बांग्लादेश सीमांत पर भारत का जो फुलबाड़ी क्षेत्र है (18 किमी), यदि भारत उसे नेपाल को लीज़ पर दे दे तो बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने में जमीन से घिरे नेपाल को अत्यधिक सुविधा हो जाएगी और उस कालापानी क्षेत्र को भारत नेपाल से लीज पर ले ले तो सारा मामला हल हो जाएगा। मेरा तो कहना यह है कि नेपाल को यदि हम भाई-देश मानते हैं तो 35 किमी जमीन, जो अब तक हमारी ही है, हम अपने पास रखें और उसके बदले में किसी भी सीमांत पर उससे दुगुनी जमीन उसे भेंट कर दें। इसके अलावा भी कई व्यवहारिक हल हो सकते हैं लेकिन उन्हें जल्दी से जल्दी निकाला जाना चाहिए। Read more » Nepal border dispute. There are many easy solutions to the Nepal border dispute. नेपाल सीमा-विवाद
राजनीति सार्थक पहल भारत को शक्तिशाली बनाकर उभारना होगा May 27, 2020 / May 27, 2020 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग –महासंकट के समय में कैसी होती है जीवनशैली, राजनीति, प्रशासन, समाज एवं अर्थ की नीतियां? कुछ विचारकों एवं विशेषज्ञों का मानना है कि कठिन दौर की समस्त नीतियां जीवन की कठोर एवं क्रूर सच्चाइयों से निर्मित होती है, न कि दूरस्थ आशावाद एवं आदर्शवाद से। भविष्य के सपने और मिथकीय सच्चाई, दोनों […] Read more »