Yogi Adityanath

योगीराज का लाॅगइन ‘विकास’ है तो पासवर्ड ‘हिंदुत्व’।

भारत में तब
सनातन धर्म लगभग समाप्ति पर आ गया था, देश में बौद्ध और जैन हो गए थे।
रामायण और महाभारत जैसे ग्रन्थ खो गए थे, महाराज विक्रम ने ही पुनः उनकी
खोज करवा कर स्थापित किया। विष्णु और शिव जी के मंदिर बनवाये और सनातन
धर्म को बचाया। गौर से देखें थे विक्रमादित्य और आज के ‘योग्यादित्य’ के
समय की परिस्थितियां एक जैसी हैं

अंततः योगी अंततः हिंदुत्व

सतत 5 लोस चुनाव जीतनें वाले योगी 2009 का चुनाव दो लाख वोटों से व 2014 का लोकसभा चुनाव तीन लाख मतों के अंतर से जीत चुकें हैं. लगातार पांच बार सांसद रहना, फायर ब्रांड हिन्दू नेता होना, अपनें तर्कों के माध्यम से सदा हावी रहना आदि ऐसे तर्क थे जिन्होंने भाजपा आलाकमान को योगी के पक्ष में मुख्यमंत्री की आसंदी देनें का निर्णय करवाया. योगी सदा आक्रामक रहते हुए भी एक विशिष्ट प्रकार की विनम्रता को कठोरता से अपनाए रहते हैं यही उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशिष्टता है.

मोदी और अमित शाह के बाद अब योगी आदित्यनाथ सबसे ताकतवर !

जीवन भर मुसलमानों के खिलाफ आग उगलनेवाले योगी आदित्यनाथ मुखिया ने शपथ ले ली है और अब वे यूपी के मुखिया हैं। उत्तर प्रदेश के 325 विधायकों ने नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने उनका चयन किया। उन्होंने चयन इसलिए किया, क्योंकि उनको उन्हीं के मुताबिक मुख्यमंत्री की तलाश थी। यूपी में 18 फीसदी मुसलमान हैं और हमारे हिंदुस्तान के इस सबसे बड़े प्रदेश की सरकार चलाने के लिए योगी के इस चयन से संकेत साफ हैं कि मोदी और शाह राजनीति को उसके परंपरागत और सहज स्वरूप में आजमाने के मुरीद नहीं हैं।