राजनीति सत्ता प्राप्ति की आपाधापी से उपजी समस्याएं June 7, 2018 by अभिलेख यादव | Leave a Comment ललित गर्ग किसान आन्दोलन, शिलांग में हिंसा, रामजन्म भूमि विवाद, कावेरी जल, नक्सलवाद, कश्मीर मुद्दा आदि ऐसी समस्याएं हैं, जो चुनाव के निकट आते ही मुखर हो जाती है। ये मुद्दे एवं समस्याएं आम भारतीय नागरिक को भ्रम में डालने वाली है एवं इनको गर्माकर राजनीतिक स्वार्थ की रोटियां सेंकने का सोचा-समझा प्रयास किया जा […] Read more » Featured आपाधापी से उपजी समस्याएं कश्मीर कावेरी जल किसान आन्दोलन नक्सलवाद पंजाब मध्यप्रदेश राजस्थान रामजन्म भूमि विवाद शिलांग में हिंसा सत्ता प्राप्ति की हरियाणा
राजनीति भारत: देशहित और सत्तलालसा June 6, 2018 / June 6, 2018 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment आस्तिक तिवारी आज के दौर में भारत एक प्रगतिशील राष्ट्र के तौर पर अपना एक एक कदम बखूबी और बेहद सलीके से बढ़ा रहा है ,सारी दुनिया भारत को एक आशा के साथ देख रही है, उसके हित भारत के साथ जुड़े हुए है और भारत भी बेहद कूटनीतिक रूप से अपने हितों को साधने […] Read more » Featured जाति धर्म प्रगतिशील राष्ट्र भारत: देशहित और सत्तलालसा विकसित राष्ट्र
राजनीति समाज बस्तों का बोझ कम करने का सराहनीय उपक्रम June 5, 2018 / June 5, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग शिक्षा के निजीकरण के दौर में बस्ते का बोझ हल्का करने की बात एक सपना बन कर रह गयी, बच्चों के मानसिक तनाव को कम करने के प्रयास निरर्थक होते नजर आने लगे एवं बच्चों का बचपन लुप्त होने लगा, ऐसे जटिल हालात में सरकार ने स्कूली बच्चों के पाठ्यक्रम का बोझ कम […] Read more » Featured का सराहनीय उपक्रम पांचवीं कक्षा बच्चों बस्तों का बोझ कम करने विद्यार्थियों शिक्षा के निजीकरण होमवर्क
राजनीति पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र और मानवता की हत्या राजनीतिक-वैचारिक स्वार्थ छोड़ कर, लोकतंत्र की रक्षा करें June 5, 2018 / June 5, 2018 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | Leave a Comment लोकेन्द्र सिंह पश्चिम बंगाल में खूनी राजनीति के शिकंजे में फंसे लोकतंत्र का दम घुंट रहा है और वह सिसकियां ले रहा है। पंचायत चुनावों में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जिस प्रकार हिंसा का नंगा नाच किया था, उससे ही साफ जाहिर हो गया था कि बंगाल की राजनीति के मुंह खून लग गया है। […] Read more » Featured खूनी राजनीति तानाशाही तृणमूल कांग्रेस त्रिपुरा और केरल परंपरागत अलोकतांत्रिक पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य
राजनीति मध्यावधि उपचुनाव June 5, 2018 / June 5, 2018 by विजय कुमार | Leave a Comment विजय कुमार, विरोधी पक्ष के बड़े-बड़े लोग सिर जोड़कर बैठे थे। विषय वही था 2019 का चुनाव। महाभारत की घोषणा भले ही न हुई हो, पर उसके होने में अब कुछ संदेह बाकी नहीं था। तब तो श्रीकृष्ण ने युद्ध टालने की बहुत कोशिश की। आधे राज्य के बदले पांच गांव पर ही समझौता […] Read more » Featured कैलास मानसरोवर मध्यावधि उपचुनाव महाभारत मोदी और शाह विदेश विरोधी पक्ष
राजनीति बंगला विवाद June 5, 2018 / June 5, 2018 by डॉ अजय खेमरिया | Leave a Comment डॉ अजय खेमरिया लोहिया और अम्बेडकर का नाम तो अब मत लीजिये जिल्लेइलाही!* ( डा.अजय खेमरिया) डॉ राममनोहर लोहिया और बाबा साहब अम्बेडकर का देश के सबसे बड़े राज्य यूपी की सियासत में महत्व किसी से छिपा नही है दोनो सत्ता प्राप्ति के कल तक दो बड़े प्रतीक थे और इस देश मे प्रतीकों के […] Read more » Featured अखिलेश कांशीराम यादगार विश्राम जैसे दलित टाइल्स पिछड़ों बंगला विवाद मायावती सरकारी बंगलो
राजनीति प्रणब मुखर्जी का संघ मुख्यालय जाना June 5, 2018 / June 5, 2018 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment प्रवीण गुनगानी इन दिनों संघ के प्रति उत्सुकता जिज्ञासा को शत प्रतिशत बढ़ा दिया है पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ! हुआ कुछ यूं कि संघ के व्यवस्थापकों ने नागपुर में प्रति वर्ष अपने नागपुर मुख्यालय में होने वाले संघ के तृतीय वर्ष के समापन आयोजन में, जिसे दीक्षांत समारोह भी कहा जा सकता है; […] Read more » 'राष्ट्र प्रथम'भावना Featured इलेक्ट्रानिक कन्याकुमारी में 'विवेकानंद शिला स्मारक' प्रणब मुखर्जी का संघ मुख्यालय जाना प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू प्रिंट मिडिया
राजनीति बहुत कठिन है डगर पनघट की.. June 5, 2018 / June 5, 2018 by विजय कुमार | Leave a Comment विजय कुमार पिछले दिनों हुए उपचुनाव में भाजपा को अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। इस कारण लोकसभा में उसकी सीटों की संख्या लगातार घट रही है। आंकड़े बता रहे हैं कि यदि दो सीट और घट गयीं, तो भाजपा का अपना बहुमत नहीं रहेगा और उसे सरकार चलाने के लिए सहयोगी दलों पर निर्भर होना पड़ेगा। […] Read more » Featured इंदिरा गांधी चुनाव वैचारिक पाकिस्तान बसपा बहुत कठिन है डगर पनघट की. भाजपा राष्ट्रीय स्तर
राजनीति शिवराज की ‘किसान पुत्र’ की छवि को चोट पहुँचाने की रणनीति June 5, 2018 / June 5, 2018 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | Leave a Comment लोकेन्द्र सिंह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ‘यूएसपी’ है- किसान पुत्र की छवि। यह छवि सिर्फ राजनैतिक ही नहीं, अपितु वास्तविक है। शिवराज सिंह चौहान किसान परिवार से आते हैं। उन्होंने खेतों में अपना जीवन बिताया है। इसलिए उनके संबंध में कहा जाता है कि वह खेती-किसानी के दर्द-मर्म और कठिनाइयों को भली प्रकार समझते […] Read more » Featured छवि को चोट पहुँचाने की रणनीति लोकतंत्र शिवराज की 'किसान पुत्र' समाज हिंसा भड़काने
राजनीति यूपी में तुष्टिकरण की सियासत ने फिर पकड़ी रफ्तार June 2, 2018 by संजय सक्सेना | 1 Comment on यूपी में तुष्टिकरण की सियासत ने फिर पकड़ी रफ्तार संजय सक्सेना उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा और नूरपुर विधान सभा सीट पर गठबंधन प्रत्याशी की जीत ने बीजेपी विरोधियों के हौसलों को पंख लगा दिए हैं. बीजेपी को पानी पी-पीकर कोसा जा रहा है. राष्ट्रीय लोकदल के चौधरी अजीत सिंह कहते हैं भाजपा ने किसानों को छला. भाईचारा खत्म किया.लोगों को आपस में लड़वाया.जनता अब […] Read more » Featured कैराना-नूरपुर गोरखपुर-फूलपुर जिन्ना पर गन्ना बहुजन समाज पार्टी बीजेपी विरोधी भारतीय जनता पार्टी. समाजवादी पार्टी मुस्लिम धार्मिक गुरू यूपी में तुष्टिकरण की राष्ट्रीय लोकदल लव जेहाद सियासत ने फिर पकड़ी रफ्तार
राजनीति आरक्षणजीवी नवसामन्त औऱ बाबा साहब के वास्तविक जरूरतमंद June 2, 2018 by डॉ अजय खेमरिया | Leave a Comment डॉ अजय खेमरिया देश की सियासत में एक बार फिर जाति का जिन्न खड़ा होने के आसार है इसे आप मण्डल पार्ट 2 भी कह सकते है ,केंद्र की मौजूदा मोदी सरकार ने देश की 50 फीसदी पिछड़ी जातियों को अपने पक्ष में लामबंद करने की पहल गम्भीरता से शुरू कर दी है,जी रोहिणी की […] Read more » Featured आरक्षण आरक्षणजीवी नवसामन्त ओबीसी में यादव कुर्मी कोरी खंगार खटी क जाट पिछड़ी जातियां बरार बसोड़ बाबा साहब के वास्तविक जरूरतमंद मेहतर विश्वकर्मा
राजनीति नेतृत्व के प्रश्न पर गहराता धुंधलका June 2, 2018 by ललित गर्ग | 1 Comment on नेतृत्व के प्रश्न पर गहराता धुंधलका ललित गर्ग- आज जबकि देश और दुनिया में सर्वत्र नेतृत्व के प्रश्न पर एक घना अंधेरा छाया हुआ है, निराशा और दायित्वहीनता की चरम पराकाष्ठा ने वैश्विक, राजनीति, सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक नेतृत्व को जटिल दौर में लाकर खड़ा कर दिया है। समाज और राष्ट्र के समुचे परिदृश्य पर जब हम दृष्टि डालते हैं तो हमें […] Read more » Featured आध्यात्मिक और राष्ट्रीय नेतृत्व आर्थिक धार्मिक नये राष्ट्र नये समाज नेतृत्व के प्रश्न पर गहराता धुंधलका राजनैतिक सामाजिक