राजनीति सहारनपुर: हर इक फ़साद ज़रूरत है अब सियासत की June 6, 2017 by अलकनंदा सिंह | Leave a Comment घटनाक्रम के अनुसार करीब 600 दलितों और 900 ठाकुरों की आबादी वाले गांव शब्बीरपुर से हिंसक चक्र की जो शुरुआत हुई, उसमें जहां दलितों का कहना है कि ठाकुरों ने उन्हें गांव के रविदास मंदिर परिसर में बाबासाहिब अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित नहीं करने दी थी। वहीं बाद में राजपूत राजा महाराणा प्रताप की जयंती के उपलक्ष्य में ठाकुरों के एक जुलूस पर एक दलित समूह ने आपत्ति जतायी तो इससे हिंसा फूट पड़ी। इसमें एक व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी और 15 लोग घायल हो गये। Read more » Featured सहारनपुर सहारनपुर हिंसा
राजनीति जीप के बोनट पर फारुक अहमद धर और बचाव में उतरे उमर अब्दुल्ला – June 6, 2017 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | Leave a Comment उमर अब्दुल्ला और उनकी मानवाधिकार ब्रिगेड यह तो चिल्ला रही है कि मेजर गोगोई को , फारुख अहमद धर को जीप के बोनट पर नहीं बिठाना चाहिए था लेकिन यह नहीं बताती कि उस हालत में उसे इसके स्थान पर क्या करना चाहिए था ? स्थल सेनाध्यक्ष जनरल रावत ने बिल्कुल सही प्रश्न उठाया है कि यदि सीमा पर शत्रुओं के मन में और देश के भीतर देश के खिलाफ बन्दूक़ उठा लेने वालों के मन में सेना का भय नहीं रहेगा तो देश का भविष्य ख़तरे में पड़ जाएगा । Read more » Featured आतंकवादियों का समर्थन उमर अब्दुल्ला नैशनल कान्फ्रेंस पत्थर ब्रिगेड फारुख अब्दुल्ला मानवाधिकार ब्रिगेड मेजर गोगोई सोशल मीडिया ब्रिगेड
राजनीति आस्था को आहत करती विद्वेष की राजनीति June 6, 2017 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment सुरेश हिन्दुस्थानी स्वतंत्रता मिलने के बाद भारत की राजनीति का वास्तविक स्वरुप क्या होना चाहिए? इस बात का अध्ययन करने से जो स्थिति सामने आती है, उससे वर्तमान स्थिति पूरी तरह से भिन्न दिखाई दे रही है। आज की राजनीति को देखकर ऐसा लगता है कि देश के महापुरुषों ने आजादी के बाद जैसे भारत […] Read more » Featured केरल केरल में कांगे्रस नेताओं द्वारा दी गई बीफ पार्टी केरल में बीफ पार्टी बीफ पार्टी
राजनीति बाबरी ढांचा का गिरना साजिश कैसे हो गया ? June 6, 2017 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment 1992 विवादित ढंचे के भस्मिभूत हो जाने के बाद जिस तरह का फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 30 सितंबर 2010 को सुनाया था, उसमें भी विवादित स्थल के दो हिस्से निर्मोही अखाड़ा और रामलला के ‘मित्र’ को दिए गए और एक हिस्सा मुसलमानों को, दिया गया था जिनका प्रतिनिधित्व उत्तर प्रदेश का सुन्नी सेंट्रल बोर्ड करता है। जब हाईकोर्ट के इस फैसले में यह माना गया है कि हिंदू मान्यताओं के अनुसार मस्जिद के गुंबद के नीचे की जगह रामलला की जन्मस्थली है, इसलिए वह हिंदुओं को मिलनी चाहिए। एक बड़ा प्रश्न यह भी है कि अयोध्या के जिस स्थान को भारत की बहुसंख्यक जनता अपने आराध्य श्रीराम का जन्म स्थल मानती है, वहां उनका भव्य मंदिर नहीं होगा तो कहां होगा ? Read more » demolish of babri structure Featured बाबरी ढांचा बाबरी ढांचा का गिरना
राजनीति कांग्रेस का एक ही गलती को बार-बार दोहराना ? June 5, 2017 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment कांग्रेस की नई राजनीतिक अलोचना की शुरूआत यहीं से होती है। जब भाजपा एवं अन्य राजनीतिक-सामाजिक संगठनों ने इस विषय को लेकर कांग्रेस को घेरा तो उसने सफाई दी कि यह प्रिंट की गलती है। क्या कांग्रेस जैसी देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी से यह अपेक्षा की जा सकती है कि वह इस प्रकार की गलतियां करने की गुंजाइश अपने यहां रखे, जबकि उसे पता है कि उसके एक नेता पं. नेहरू की गलती जम्मू-कश्मीर मामले पर इतनी भारी पड़ी है कि देश आजतक उसे भुगत रहा है। Read more » Congress and kashmir Featured कांग्रेस
राजनीति पत्थरबाजो! भारत छोड़ो,’ भाग-2 June 3, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य  मध्य प्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी द्वारा ‘भारत हजारों वर्षों की पराधीनता एक औपनिवेशिक भ्रमजाल’ में बड़े शोधपूर्ण ढंग से हमें बताया गया है कि भारत के विभिन्न क्षेत्रों पर मुस्लिम और ब्रिटिश शासन की अवधि कितने समय तक रही? इस सारणी को देखकर हमें पता चलता है कि भारत के हिंदू […] Read more » Featured stone pelters leave India पत्थरबाजो! भारत छोड़ो
राजनीति पत्थरबाजो! भारत छोड़ो,’ भाग-1 June 3, 2017 by राकेश कुमार आर्य | 1 Comment on पत्थरबाजो! भारत छोड़ो,’ भाग-1 यह कितने दुख की बात है कि इस देश के सनातन स्वरूप की त्रिवेणी अर्थात सनातन इतिहास, सनातन संस्कृति और सनातन धर्म से प्रेम करने वाले परमदेशभक्त कश्मीरी पंडितों को अपना घरबार छोडक़र अपने ही देश में शरणार्थी बनना पड़े और रोजी रोटी के लिए इधर-उधर भटकना पड़े, जबकि कश्मीर की केसर वाली क्यारी में उग आयी 'नागफनी' (सारे आतंकी संगठन) क्यारी पर अपना अधिकार जमा लें। निश्चित रूप से अब इन 'नागफनियों' के सफाये का समय आ गया है। जिसके लिए सारे देश को एकता के सुर निकालने होंगे, और अपनी सेना के साथ खड़ा होगा। Read more » Featured stone pelters leave India पत्थरबाजो! भारत छोड़ो
राजनीति पाकिस्तान परस्त मानसिकता और कश्मीर का दर्द May 31, 2017 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के चलते कश्मीर में जिस प्रकार के हालात बने हुए हैं, उनसे यही कहा जा सकता है कि पाकिस्तान द्वारा इस मुद्दे को हमेशा उलझाए रखने की कवायद करता रहा है। इतना ही नहीं उसका यह खेल अब सारी दुनिया के सामने उजागर हो चुका है। अमेरिका जैसा शक्तिशाली देश यह तो मानने लगा है कि पाकिस्तान के कारण ही कश्मीर के हालात बिगड़ रहे हैं, लेकिन कश्मीर को लेकर अमेरिका को पाकिस्तान पर जैसी कार्यवाही करना चाहिए, वैसी वह नहीं कर पा रहा है। Read more » anti national mentality Featured कश्मीर घाटी में आतंकी षड्यंत्र पाकिस्तान पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद भारत विरोधी मानसिकता
राजनीति सारथी बेमिसाल! May 31, 2017 by शिव शरण त्रिपाठी | Leave a Comment शिवशरण त्रिपाठी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र दामोदरदास मोदी के कुशल नेतृत्व में भाजपा नीत राजग सरकार ने यदि लगभग हर क्षेत्र में सफ लता के झंडे गाड़े हैं तो राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह के उत्कृष्ट प्रबन्धन व दूरदर्शिता के चलते भाजपा ने देश के आधे से अधिक राज्यों में अपनी सत्ता स्थापित करके व देश […] Read more » Featured योगी सरकार
राजनीति केरल सरकार का असंवैधानिक कृत्य घोर निन्दनीय May 30, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment केन्द्र सरकार के नीति का विरोध करना ना तो राज्य के हित में है और ना ही प्रजातंत्र के। जहां वीफ को मर्यादित ढ़ंग से मनाने की छूट है वहीं भारतीय संविधान द्वारा चुनी हुई भारत सरकार को खुली चुनौती देना असंवैधानिक तथा देश विरोधी भी है।इससे ज्यादा तो देश की बहुत बड़ी आवादी की भावनाओं का सम्मान ना करते हुए खुलेआम एसी अनैतिक हरकत करना भी देश विरोधी की श्रेणी में आता है। Read more » beef eating in kerala Beef in Kerala Featured के. सुरेंद्रन केरल सरकार के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी आन्दोलन राज्य के पर्यटन मंत्री राज्य के पर्यटन मंत्री के. सुरेंद्रन
राजनीति माया के जाल में मायावती May 28, 2017 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment सवर्ण नेतृत्व को दरकिनार कर दलित और पिछड़ा नेतृत्व तीन दशक पहले इसलिए उभरा था, जिससे लंबे समय तक केंद्र व उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों की सत्ता पर काबिज रही कांग्रेस शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय के जो लक्ष्य पूरे नहीं कर पाई थीं, वे पूरे हों। सामंती, बाहूबली और जातिवादी कुच्रक टूटें। किंतु ये लक्ष्य तो पूरे हुए नहीं, उल्टे सामाजिक शैक्षिक और आर्थिक विशमता उत्तोत्तर बढ़ती चली गई। सामाजिक न्याय के पैरोकारों का मकसद धन लेकर टिकट बेचने और आपराधिक पृष्ठभूमि के बाहुबलियों को अपने दल में विलय तक सिमट कर रह गए। Read more » Featured नसीमुद्दीन सिद्दीकी मायावती
राजनीति जन विश्वास की कसौटी पर: मोदी सरकार May 28, 2017 by वीरेंदर परिहार | Leave a Comment यह पूछा जा सकता है कि मोदी सरकार भी सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है? इसके उत्तर में निसंदेह कहा जा सकता है कि भारतीय संविधान में कानून के समक्ष जो समानता का अधिकार दिया गया है, उसे मोदी सरकार ने बखूबी कायम किया है। अब यह कहावत बिल्कुल उलट चली है कि कानून गरीबों पर शासन करता है और अमीर कानून पर शासन करता है। इसी का नतीजा है कि बड़े राजनीतिज्ञ जैसे ओम प्रकाश चैटाला, छगन भुजबल जैसे लोग जेल में हैं, तो कई जेल जाने की प्रक्रिया में गुजर रहे हैं। Read more » Featured उज्जवला योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना बेनामी लेनदेन बेनामी संपत्ति मुफ्त में एलपीजी कनेक्शन मोदी सरकार के तीन वर्ष वन रैंक वन पेंशन विमुद्रीकरण सर्जिकल स्ट्राइक स्वच्छ भारत अभियान