राजनीति डॉ स्वामी सच ही तो कह रहे हैं April 3, 2015 / April 4, 2015 by राकेश कुमार आर्य | 1 Comment on डॉ स्वामी सच ही तो कह रहे हैं ‘मेरा भारत वो भारत है…जिसके पीछे संसार चला!’ ये शब्द निश्चय ही भारतवासियों के लिए गर्व करने योग्य हैं। पर आज भारत में कथित प्रगतिशील लोगों का एक ऐसा वर्ग पनपा है, जो भारत को ‘गारत’ करने पर तुला है। उस वर्ग ने भारत की परिभाषा, भाषा और आशा को ही परिवर्तित करने का बीड़ा […] Read more » Featured उगता भारत भारत भारत की परिभाषा राकेश कुमार आर्य
जन-जागरण राजनीति भीम राव आम्बेडकर और उनके शिक्षा सम्बंधी विचार April 3, 2015 / April 4, 2015 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 1 Comment on भीम राव आम्बेडकर और उनके शिक्षा सम्बंधी विचार भीम राव आम्बेडकर ने देश के निर्धन और बंचित समाज को प्रगति करने का जो सुनहरी सूत्र दिया था , उसकी पहली इकाई शिक्षा ही थी । इससे अन्दाज़ा लगाया जा सकता है कि वे गतिशील समाज के लिये शिक्षा को कितना महत्व देते थे । उनका त्रि सूत्र था- शिक्षा,संगठन और संघर्ष । वे […] Read more » b r ambedakar dr. b r ambedakar Featured भीम राव आम्बेडकर भीम राव आम्बेडकर और उनके शिक्षा सम्बंधी विचार शिक्षा सम्बंधी विचार
राजनीति क्या वे नहीं जानते कि:- बोली एक अमोल है ,जो कोई बोले जान? April 2, 2015 / April 4, 2015 by श्रीराम तिवारी | 1 Comment on क्या वे नहीं जानते कि:- बोली एक अमोल है ,जो कोई बोले जान? केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और उनके जैसे अन्य अपरिपक्व भाजपा नेताओं के रंगभेदवादी और नस्लवादी वयानों से उन समस्त भारतीय महिलाओं का घोर अपमान हुआ है जो गोरे रंग की नहीं हैं। इन घटिया वयानों से दुनिया भर में भारत की भद्द पिट रही है। सरकर का भी भद्दा मजाक उड़ाया जा रहा है।ये ढीठ बतौलेबाज- मुँहफट नेता और उनकी पार्टी सत्ता के लायक तो कदापि नहीं है। ये सिर्फ विपक्ष की भाषा ही जानते […] Read more » comments on soniya gandhi Featured giriraj singh क्या वे नहीं जानते कि:- बोली एक अमोल है जो कोई बोले जान? श्रीराम तिवारी
राजनीति खोती हुई नई राजनीतिक दिशायें April 2, 2015 / April 4, 2015 by अनुराग सिंह ' शेखर' | 1 Comment on खोती हुई नई राजनीतिक दिशायें भारत में जब प्रतिदिन नये नये घोटालों और भ्रष्टाचार का पर्दफाश हो रहा था तब अन्ना आंदोलन के रूप में लोगों का गुस्सा फूटा|इसी आंदोलन आंदोलन से एक नयी राजनीतिक पार्टी का जन्म हुआ-आम आदमी पार्टी|पार्टी गठन के तुरंत बाद संपन्न हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी को अप्रत्याशित जीत हासिल हुई|त्रिशंकु विधानसभा के बाद […] Read more » 'ईमानदार पार्टी को वोट दें aam aadami party infight dispute in aam aadami party Featured अन्ना आंदोलन पार्टी मतभेद मुझे चाहिये पूर्ण स्वराज'
जन-जागरण टॉप स्टोरी राजनीति काली चमड़ी गोरी चमड़ी April 2, 2015 / April 4, 2015 by अमित शर्मा | Leave a Comment काली चमड़ी बनाम गोरी चमड़ी का विवाद कोई नया नहीं है. न ही ये सिर्फ भारत की बिमारी है. इसे विश्वव्यापी महामारी कहें तो कोई आश्चर्य नहीं होगा क्यूंकि इसी काली चमड़ी गोरी चमड़ी के विवाद में अमेरिका आग की लपटों में झुलस गया था. ऑस्ट्रेलिया में तो काली चमड़ी के लोगों को इंसान मानना […] Read more » Featured giriraj singh racist remark on soniya gandhi Soniya Gandhi काली चमड़ी गोरी चमड़ी
टॉप स्टोरी राजनीति आप में मचे घमासान से बिखरती उम्मीदें April 2, 2015 / April 4, 2015 by अमित शर्मा | 1 Comment on आप में मचे घमासान से बिखरती उम्मीदें आप में मचे घमासान से दिल्ली के उन लोगों की उम्मीदें बिखर सी गयी हैं, जिन्होंने केजरीवाल को मौजूदा राजनीती का विकल्प मानकर उन्हें अपना कीमती वोट दिया था. आप में मचे घमासान से देश के उस मेहनतकश और ईमानदार वर्ग की उम्मीदें दम तोड़ चुकी हैं जिसने केजरीवाल के अन्दर राजनीतिक परिवर्तन करने वाले […] Read more » Featured अरविंद केजरीवाल आप आप पार्टी आप में मचे घमासान से बिखरती उम्मीदें आम आदमी पार्टी एमसीडी दिल्ली सरकार राजनीती का विकल्प
आर्थिकी राजनीति वचन मोदी: अब गैस सब्सिडी छोड़ दो April 2, 2015 / April 4, 2015 by निर्मल रानी | 2 Comments on वचन मोदी: अब गैस सब्सिडी छोड़ दो दो-तीन दशक पूर्व तक हमारे देश की अधिकांश आबादी अपनी रसोई के ईंधन के रूप में लकड़ी,लकड़ी के बुरादे,कोयला,मिटटी का तेल,स्टोव आदि का इस्तेमाल किया करती थी। उस समय निश्चित रूप से सुबह व शाम के समय आसमान पर काले धुंए की एक मोटी परत वातावरण में चारों ओर बिछी नज़र आती थी। चूल्हे के […] Read more » Featured अब गैस सब्सिडी छोड़ दो एलपीजी गैस सब्सिडी निर्मल रानी वचन मोदी
राजनीति व्यंग्य घमासान के बाद April 1, 2015 / April 4, 2015 by विजय कुमार | 1 Comment on घमासान के बाद आम आदमी पार्टी (आपा) में पिछले दिनों हुए घमासान से शर्मा जी बहुत दुखी थे। उन्होंने सब नेताओं से कहा कि वे मिलकर काम करें; पर जो मिलकर काम कर ले, वह समाजवादी कैसा ? फिर यहां तो समाजवादी के साथ साम्यवादी, अराजकतावादी और अवसरवादी भी थे। यानि ‘करेला और नीम चढ़ा।’ इसलिए पहले जबरदस्त […] Read more » Featured आम आदमी पार्टी (आपा) में पिछले दिनों हुए घमासान घमासान के बाद विजय कुमार
राजनीति प्रदेश में अब कोई भी परीक्षा सुरक्षित नहीं April 1, 2015 / April 4, 2015 by मृत्युंजय दीक्षित | 1 Comment on प्रदेश में अब कोई भी परीक्षा सुरक्षित नहीं उत्तर प्रदेश में परीक्षा प्रणाली अब पूरी तरह से भ्रष्टाचार के दलदल में डूब चुकी है। कोई भी परीक्षा ऐसी नहीं बची है जोकि पूरी तरह से फुलप्रूफ हो. एक प्रकार से शुचिता पर तो सवाल खड़े हो ही रहे हैं वहीं दूसरी ओर छात्रो व विभिन्न नौकरियों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का […] Read more » Featured उत्तर प्रदेश में परीक्षा प्रणाली मृत्युंजय दीक्षित शिक्षा प्रणाली शिक्षा प्रणाली की साख
जरूर पढ़ें टॉप स्टोरी राजनीति साक्षात्कार भाजपा के सदस्यों की संख्या 9 करोड़ के पार पहुँच चुकी है- डॉ. दिनेश शर्मा March 31, 2015 / April 4, 2015 by अमित शर्मा | Leave a Comment भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का सपना है कि भाजपा को विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनाया जाय. अपने अध्यक्ष के इसी सपने को पूरा करने में लगी भाजपा आज 9 करोड़ सदस्य संख्या को भी पार कर चुकी है. परन्तु भाजपा का लक्ष्य अब इतने पर ही रुकना नहीं है. वह इस […] Read more » Featured largest party largest political party in the world अमित शर्मा अमित शाह डॉ. दिनेश शर्मा दिनेश शर्मा प्रधानमन्त्री प्रधानमन्त्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी भाजपा श्री नरेन्द्र मोदी
आर्थिकी राजनीति गैस सब्सिडी: सोच बदलने की ज़रूरत March 30, 2015 / April 4, 2015 by अमित शर्मा | 4 Comments on गैस सब्सिडी: सोच बदलने की ज़रूरत हमारे देश में तमाम राजनीतिक दल ऐसे हैं जो सत्ता हासिल करने के लिए जनता को तमाम चीजें मुफ्त में देने की घोषणा करते रहते हैं. देखा गया है कि अनेक अवसरों पर राजनीती दलों की ये चाल कामयाब भी रहती है. परन्तु ऐसे समय में भी अगर देश का प्रधानमन्त्री लोगों से मुफ्त की […] Read more » Featured gas subsidy अमित शर्मा अर्थव्यवस्था मुफ्त में देने की घोषणा मुफ्तखोरी की सोच
जन-जागरण राजनीति एक कुआं, एक मंदिर, एक श्मसान के मायने March 30, 2015 / April 4, 2015 by वीरेंदर परिहार | 2 Comments on एक कुआं, एक मंदिर, एक श्मसान के मायने सच्चाई यह है कि संघ आरंभ से हिन्दू समाज की आत्महीनता को दूर करने तथा हिन्दुओं में व्याप्त भेदभाव एवं छुआछूत की भावना को दूर करने को प्रयासरत है। यहां तक कि संघ के प्रचारक अमूमन अपने नाम के आगे जाति नहीं लिखते और संघ में न तो जाति पूछी जाती है न वहां जाति […] Read more » Featured एक कुआं एक मंदिर एक श्मसान के मायने विरेन्द्र सिंह परिहार