महत्वपूर्ण लेख राजनीति गुजरात और असम दंगों पर राजदीप सरदेसाई का पूर्वाग्रह August 18, 2012 / August 21, 2012 by अम्बा चरण वशिष्ठ | 3 Comments on गुजरात और असम दंगों पर राजदीप सरदेसाई का पूर्वाग्रह अम्बा चरण वशिष्ठ दैनिक भास्कर (अगस्त 10) में ”असम दंगों से जुड़े पूर्वाग्रह” शीर्षक से छपे श्री राजदीप सरदेसाई के लेख से तो उनके अपने ही पूर्वाग्रह की पोल खुलती है। यह ठीक है कि जब भी गुजरात दंगों की चर्चा उठती है तो विरोधी 1984 के सिख-विरोधी दंगों की याद दिला देते है। यह […] Read more » असम दंगा राजदीप सरदेसाई
राजनीति सेक्स और सियासत का कॉकटेल August 17, 2012 / August 16, 2012 by अवनीश राजपूत | 3 Comments on सेक्स और सियासत का कॉकटेल अवनीश सिंह राजनीति को सत्ता, सुंदरी व सियासत का खेल कहा जाए तो गलत नहीं होगा। इसका ताजा उदाहरण इस सप्ताह के अंदर लगातार दो मर्डर मिस्ट्री, जिसने सियासी गलियारों में सनसनी पैदा कर दी है। देखा जाये तो यह दोनों मामले हरियाणा से जुड़े हैं और दोनों के केन्द्र बिन्दु में कांग्रेस के बड़े […] Read more » poilitics and sex सेक्स और सियासत
राजनीति व्यवस्था परिवर्तन और वर्तमान आंदोलन August 17, 2012 by विजय कुमार | 3 Comments on व्यवस्था परिवर्तन और वर्तमान आंदोलन विजय कुमार अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध किया जा रहा अपना आंदोलन समाप्त कर दिया है। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी मंडली भी भंग कर दी है। कहना कठिन है कि वे हताश और निराश हैं या कोई और बात है ? यह निराशा किससे है ? स्वयं से या अपनी मंडली से; जनता […] Read more » अन्ना आंदोलन
महत्वपूर्ण लेख राजनीति अण्णा का आंदोलन और उसके बाद की राजनीतिक पार्टी / मा. गो. वैद्य August 14, 2012 / August 15, 2012 by मा. गो. वैद्य | 6 Comments on अण्णा का आंदोलन और उसके बाद की राजनीतिक पार्टी / मा. गो. वैद्य श्री अण्णा हजारे ने भ्रष्टाचार निर्मूलन के लिए शुरु किया अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की. इसी उद्दिष्ट की पूर्ति के लिए, वे नई राजनीतिक पार्टी बना रहे है, ऐसा भी बताया गया. स्वयं अण्णा को राजनीति मतलब सत्ताकारण में दिलचस्वी नहीं. लेकिन उनके करीब जो लोग जमा हुए थे, उनकी वैसी स्थिति नहीं. […] Read more » अन्ना हजारे राजनीति राजनीतिक दल
राजनीति कस्तूरी और विकास दोनो भ्रम August 14, 2012 / August 14, 2012 by अब्दुल रशीद | Leave a Comment अब्दुल रशीद जादुई आँकड़े से न ही हकीक़त बदल सकता है,और न ही समाज का विकास हो सकता है। क्योंकि भ्रम चाहे हिरण को कस्तूरी का हो और आम जनता को विकास का लेकिन सच तो यह है की अंत दोनों का दुःखद ही होता है। न जाने कितनी ही योजनाएं बनी और उन योजनाओं […] Read more » Corruption
राजनीति आई.ए.सी और टीम केजरीवाल…दो भिन्न समूह… August 13, 2012 / August 13, 2012 by किशोर बड़थ्वाल | 5 Comments on आई.ए.सी और टीम केजरीवाल…दो भिन्न समूह… किशोर बडथ्वाल लगभग ढाई वर्ष पूर्व कुछ लोगों ने फेसबुक पेज के माध्यम से एक आंदोलन की परिकल्पना की, और तकनीकि रूप से कुशल व्यक्तियों ने इस विचार को फेसबुक के माध्यम से आम लोगो का आंदोलन बनाया और इसे आई.ए.सी नाम दिया, किंतु ४ अगस्त २०१२ को आई.ए.सी के अंदर के ही एक समूह […] Read more » आई.ए.सी और टीम केजरीवाल
राजनीति ‘क्रांति अन्ना’ की असफलता के निहितार्थ August 13, 2012 / August 13, 2012 by तनवीर जाफरी | 5 Comments on ‘क्रांति अन्ना’ की असफलता के निहितार्थ तनवीर जाफ़री गत् तीन दशकों से भ्रष्टाचार के विरुद्ध मुखरित होकर अपनी आवाज़ बुलंद करने वाले तथा गांधीवादी सिद्धांतों पर चलते हुए अनशन व सत्याग्रह कर कई मंत्रियों व अधिकारियों को उनकी कुर्सियों से नीचे उतार देने वाले अन्ना हज़ारे आखिकार जनलोकपाल विधेयक संसद में लाए जाने के मुद्दे को लेकर चलाए जाने वाले आंदोलन […] Read more » Anna Andolan क्रांति अन्ना'
राजनीति विभाजन की वो अस्थायी मजबूरी… August 12, 2012 / August 12, 2012 by राकेश कुमार आर्य | 2 Comments on विभाजन की वो अस्थायी मजबूरी… 1947 के भारत विभाजन की घटना को बीते साढ़े छह दशक का समय हो गया है। कुछ लोगों के हृदय में विभाजन की पीड़ा का शूल आज भी चुभ रहा है तो कुछ लोग इस घटना को बीते जमाने की बात कहकर इसे भुला देने में ही भलाई समझ रहे हैं, जबकि कुछ लोग ऐसे […] Read more » partition of India भारत विभाजन
मीडिया राजनीति पाक राष्ट्रपति के नजराने पर विवाद August 12, 2012 / August 12, 2012 by तेजवानी गिरधर | Leave a Comment तेजवानी गिरधर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की ओर से पिछले दिनों दरगाह जियारत के दौरान पांच करोड़ का नजराना दिए जाने की घोषणा जब अमलीजामा पहनने जा रही है तो इसके बंटवारे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। एक ओर जहां दरगाह कमेटी ने दरगाह एक्ट और बायलॉज के हिसाब से स्वयं […] Read more » pakistan president Jardari पांच करोड़ का नजराना राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी
राजनीति अन्ना आन्दोलन को असफल कहना एक सफ़ेद झूठ August 11, 2012 by डॉ. राजेश कपूर | 10 Comments on अन्ना आन्दोलन को असफल कहना एक सफ़ेद झूठ डॉ. राजेश कपूर, पारंपरिक चिकित्सक अन्ना आन्दोलन की सबसे बड़ी विजय जनमत को जगाने की है. ९६% जनमत का समर्थन एक अभूतपूर्व सफलता है जिसे नकारने के षड्यंत्र मीडिया पूरी ताकत से कर रहा है. देश की सबसे बड़ी त्रासदी है कि जनता सोई हुई है और सबसे बड़ी सफलता है इस सोये जनमत को […] Read more » अन्ना आंदोलन
महत्वपूर्ण लेख राजनीति राजदीप सरदेसाई जैसे पत्रकार मुस्लिमपरस्त क्यों होते हैं? August 11, 2012 / August 11, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 8 Comments on राजदीप सरदेसाई जैसे पत्रकार मुस्लिमपरस्त क्यों होते हैं? (एक हजार हिन्दुओं का कत्ल करो – राजदीप सरदेसाई) विष्णुगुप्त आईबीएन सेवन के चीफ राजदीप सरदेसाई की असम दंगे पर एक खतरनाक, वीभत्स, रक्तरंजित और पत्रकारिता मूल्यों को शर्मसार करने वाली टिप्पणी से आप अवगत नहीं होना चाहेंगे? राजदीप सरदेसाई ने असम में मुस्लिम दंगाइयों द्वारा हिन्दुओं की हत्या पर खुशी व्यक्त करते हुए सोसल […] Read more » असम दंगा राजदीप सरदेसाई
राजनीति समलैंगिकता प्रकृति के नियमों के विरूद्घ August 10, 2012 / August 9, 2012 by राकेश कुमार आर्य | 1 Comment on समलैंगिकता प्रकृति के नियमों के विरूद्घ राकेश कुमार आर्य प्राचीनता और नवीनता दो विरोधी धारायें नहीं हैं। समाज की उन्नति के लिए इन दोनों को समन्वय बड़ा आवश्यक है। विज्ञान के नवीन आविष्कारों का और अनुसंधानों का लाभ लेने के लिए हमें सदा नवीनता का समर्थक रहना चाहिए। इसी से सभ्यता का विकास होता है। इसीलिए कालिदास जैसे महाकवि ने अपनी […] Read more » gay lesbiens समलैंगिकता