राजनीति हारी जीत या जीती हार August 10, 2012 / August 10, 2012 by जावेद उस्मानी | 1 Comment on हारी जीत या जीती हार जावेद उस्मानी अन्ना हजारे का हालिया फैसला जेरे बहस है। अब उनकी तैयारी सियासी मैदान में भ्रष्टाचार विरोधी जंग लड़ने की हैं। इसकी रणनीति पर्दे के पीछे है फिलहाल तो केवल अटकले हैं। लेकिन टीम अन्ना का चोला बदलने का निर्णय समान्यतौर पर हैरत अंगेज माना जा रहा है। अचानक ऐसा क्या हुआ जो उन्होने […] Read more » Anna Andolan
राजनीति सियासत के सिवा अन्ना के पास कोई रास्ता ही नहीं ? August 10, 2012 / August 10, 2012 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment इक़बाल हिंदुस्तानी लेकिन चुनाव लड़कर सत्ता बदलने की बजाये जनता में जागरूकता अभियान चलाकर पहले व्यवस्था बदलने की ज़रूरत है ! अंधेरे मांगने आये थे हमसे रोशनी की भीख, हम अपना घर ना जलाते तो और क्या करते। अन्ना बाबा भले ही यह साफ कर चुके हैं कि वे खुद कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे […] Read more » anna and politics
राजनीति जनता – जन लोकपाल व टीम अन्ना का आन्दोलन August 9, 2012 / August 8, 2012 by अरविन्द विद्रोही | Leave a Comment अरविन्द विद्रोही भारत में संसद व आम जनता द्वारा चुने हुये जनप्रतिनिधियो को धमकाते- गरियाते – धिक्कारते चले जन लोकपाल आन्दोलन की परिणिति राजनीतिक दल के गठन के रूप में आ ही गयी है | चलो यह सुखद ही है संवैधानिक व्यवस्था , लोक्तान्त्रन्तिक व्यवस्था से मिली आम जनता को अपना जन प्रतिनिधि निर्वाचित करने […] Read more » जनता - जन लोकपाल टीम अन्ना का आन्दोलन
राजनीति अन्ना हजारे राजनीति में आओ… August 9, 2012 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य अन्ना हजारे ने जंतर मंतर पर जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया है और अब एक राजनीतिक पार्टी बनाने के संकेत दिये हैं। अन्ना आंदोलन की इस प्रकार अप्रत्याशित रूप से हवा निकल गयी है। अन्ना अपने आप में ठीक हो सकते हैं, लेकिन उनके बारे में यह बात आरंभ से ही […] Read more » politics of anna hazare अन्ना हजारे राजनीति
राजनीति ‘फिज़ाओं’ की जिंदगी में आती ‘खिज़ाएं’ August 9, 2012 / August 9, 2012 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी अनुराधा बाली उर्फ फिज़ा एक ऐसी बदनसीब महिला का नाम है जिसका जीवन प्राय:विवादों में ही घिरा रहा। जल्दी से जल्दी बड़ी से बड़ी छलांग लगाने की उसकी तमन्ना ने आखिरकार उसके व्यक्तित्व को इतना विवादित कर दिया कि मरते वक़्त भी इन विवादों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। नि:संदेह अनुराधा की जगह […] Read more » चंद्रमोहन फिजा
राजनीति अनशन की बिसात पर राजनीति August 9, 2012 / August 9, 2012 by राजीव गुप्ता | Leave a Comment राजीव गुप्ता स्वतंत्रता-पश्चात भारत में भ्रष्टाचार एक प्रमुख मुद्दा बन सकता है इसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी. देश से व्याप्त भ्रष्टाचार को ख़त्म करने हेतु जनता सडको पर उतरकर सरकार पर दबाव बनाकर उससे क़ानून बनवायेगी यह लगभग अशोचनीय सी-ही स्थिति थी. परन्तु गत दो वर्षो से भारत में ऐसा हुआ. जनता […] Read more » anna politics अनशन की बिसात पर राजनीति
राजनीति जंग बढ़ा रहे हैं गडकरी August 9, 2012 / August 9, 2012 by तेजवानी गिरधर | 5 Comments on जंग बढ़ा रहे हैं गडकरी तेजवानी गिरधर प्रोजेक्ट न करने की कह कर भी जंग बढ़ा रहे हैं गडकरी बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार की ओर से गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में अस्वीकार किए जाने पर हालांकि भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने भले ही यह कह कर एनडीए में विवाद को विराम […] Read more » जंग बढ़ा रहे हैं गडकरी
राजनीति प्रश्न पत्थर की मूर्ति का नहीं, मूर्ति की सी पथरीली मानसिकता का है August 9, 2012 by डॉ. राजीव कुमार रावत | 2 Comments on प्रश्न पत्थर की मूर्ति का नहीं, मूर्ति की सी पथरीली मानसिकता का है डॉ. राजीव कुमार रावत पिछले दिनों लखनऊ में एक मूर्ति तोड़ दी गई और मूर्ति की पथरीली, बेदिली, मानसिकता और मजबूत हो गई। यह पहली बार देखा है कि कोई मूर्ति आनन-फानन में इतनी जल्दी लगा भी दी गई जिससे मूर्ति के समर्थक शांत हो जाएं। अब उन समर्थकों से अथवा मूर्ति से मथुरा की […] Read more »
राजनीति बेईमान और नकली सेक्युलरिज्म भारत को बर्बाद कर रहा है August 8, 2012 / August 8, 2012 by आनन्दशंकर पण्ड्या | 2 Comments on बेईमान और नकली सेक्युलरिज्म भारत को बर्बाद कर रहा है आनन्दशंकर पण्ड्या यह भारत देश की बहुत बड़ी त्रासदी है कि आजादी के बाद बेईमान और घातक सेक्युलरिज्म सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से भारत को विनाश के कगार पर धकेल रहा है, जो 500 वर्षों का विदेशी शासन भी नहीं कर पाया था। अधिकांश लोग यह बात नहीं जानते हैं कि ‘सेक्युलरिज्म’ यानी […] Read more » dishonest and fake secularism dishonest and fake secularism spoiling India
राजनीति कांग्रेस के लिए मजबूरी बन चुके हैं विलासराव August 8, 2012 / August 8, 2012 by लिमटी खरे | 1 Comment on कांग्रेस के लिए मजबूरी बन चुके हैं विलासराव लिमटी खरे भले ही विलासराव देशमुख पर आदर्श सोसायटी जैसे घोटालों का स्याह साया हो या फिर 26/11 हमले के उपरांत अपने साथ निर्देशक रामगोपाल वर्मा को ले जाने का आरोप, पर वे कांग्रेस की मजबूरी ही बन चुके हैं। अपेक्षाकृत युवा और उत्साही होने के साथ ही साथ देशमुख की पकड़ से देश की […] Read more » vilasrao deshmukh in congress vilasrao deshmukh in politics विलासराव
राजनीति सियासी चक्र-व्यूह में फंसा लोकपाल August 8, 2012 / August 8, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 1 Comment on सियासी चक्र-व्यूह में फंसा लोकपाल मनीष प्रसाद पिछले 44 सालों से लोकपाल मुद्दे पर अब तक कोई स्पष्ट रणनीति नहीं बन पाई है। बदलती राजनीति में घोटालों की फेहरिश्त इतनी लम्बी हो चुकी है कि उसे चंद पन्नों में नहीं समेटा जा सकता है। दर असल अन्ना हजारे का आंदोलन देश की राजनीति से नहीं बल्कि अपने चाल,चरित्र, और स्वभाव […] Read more » lokpal चक्र-व्यूह में फंसा लोकपाल लोकपाल
महत्वपूर्ण लेख राजनीति ”सीआईए के इशारे पर काम कर रही टीम अन्ना” August 8, 2012 / August 10, 2012 by पवन कुमार अरविन्द | 11 Comments on ”सीआईए के इशारे पर काम कर रही टीम अन्ना” उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता मनोहर लाल शर्मा ने अन्ना हजारे और उनकी टीम के कुछ सदस्यों पर अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के इशारे पर कार्य करने का आरोप लगाते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। शर्मा के इन आरोपों की सत्यता की जांच के लिए न्यायालय ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी […] Read more »