राजनीति आखिर नरेंद्र मोदी किसी संजय भाई जोशी से इतना डरते क्यों हैं? June 9, 2012 / June 19, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 4 Comments on आखिर नरेंद्र मोदी किसी संजय भाई जोशी से इतना डरते क्यों हैं? निमिष कुमार 2003-04 की बात है। देश में एनडीए की सरकार थी। अटल बिहारी बाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे और लालकृष्ण आडवाणी देश के उप-प्रधानमंत्री और गृहमंत्री। देश और दुनिया अटल बिहारी बाजपेयी और उनकी सरकार की मुरीद दिख रही थी। ऐसे वक्त में एक ट्रेन के सेंकेंड क्लास स्लीपर कोच में एक सीधा-सादा-सा आदमी […] Read more » नरेंद्र मोदी भाजपा संजय जोशी
राजनीति वैचारिक बहस को वैचारिक ही रखे June 8, 2012 / June 28, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 2 Comments on वैचारिक बहस को वैचारिक ही रखे साक्षी श्रीवास्तव विचार में ताकत होती है और यह लोगों को सोचने और बदलने के लिए बाध्य करती है. हर युग में एक बौद्धिक वातावरण होता है. जो उस बौद्धिक वातावरण में एजेंडा तय करता है और विमर्श का नेतृत्व करता है उसे dominant ideology कहते हैं. भारत के वर्तमान परिपेक्ष्य में जब नई चुनौतियां […] Read more » भारत नीति प्रतिष्ठान मार्क्सवाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वैचारिक अश्पृश्यता संवाद
राजनीति घर की लड़ाई से कमजोर होती भाजपा June 8, 2012 / June 8, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 4 Comments on घर की लड़ाई से कमजोर होती भाजपा सिद्धार्थ शंकर गौतम मुंबई में आयोजित भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के एन पहले नरेन्द्र मोदी तथा संजय जोशी के बीच ज़ारी अदावत ने जहां संजय जोशी को इस्तीफ़ा देने पर मजबूर किया वहीं अब दोनों के समर्थकों के बीच ज़ारी पोस्टर विवाद से पार्टी की काफी छीछालेदर हो रही है| अहमदाबाद से लेकर […] Read more » cold war between sanjay joshi and modi poster episode of BJP poster issue in BJP WAR BETWEEN JOSHI ND MODI कमजोर होती भाजपा
राजनीति लोकतंत्र में संघर्ष के पतन की पराकाष्ठा है यह June 8, 2012 / June 8, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 2 Comments on लोकतंत्र में संघर्ष के पतन की पराकाष्ठा है यह सिद्धार्थ शंकर गौतम २४ जून को पूरे विश्व में इत्र के लिए प्रसिद्ध उत्तरप्रदेश के कन्नौज में होने जा रहे लोकसभा उपचुनाव में प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की धर्म-पत्नी डिम्पल यादव के सामने चुनावी रण में उतरने से पूर्व ही जिस तरह विपक्षी दलों ने डिम्पल को वाक्ओवर दे दिया है उससे लोकतंत्र में […] Read more » dimple yadav dimple yadavas contestant for election लोकतंत्र में संघर्ष
राजनीति सर्वश्रेष्ठ महानायक ही राष्ट्रपति हो June 7, 2012 by प्रो. बृजकिशोर कुठियाला | 1 Comment on सर्वश्रेष्ठ महानायक ही राष्ट्रपति हो प्रो.बृजकिशोर कुठियाला भारत के राष्ट्रपति का चुनाव यह ऐसा अवसर है जब देश की राजनीतिक व्यवस्था को पुनः प्रतिष्ठा से स्थापित किया जा सकता है। वर्तमान में न केवल राजनीतिक संघर्ष, द्वेष, घृणा चरम सीमा पर है परन्तु इसकी परछाइयाँ राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक जीवन पर भी गहरा विपरीत प्रभाव डाल रही है। अनेक […] Read more » राष्ट्रपति
राजनीति राष्ट्रीयविज़न के बिना ममता बनर्जी की बौनी राजनीति June 7, 2012 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 4 Comments on राष्ट्रीयविज़न के बिना ममता बनर्जी की बौनी राजनीति जगदीश्वर चतुर्वेदी पश्चिम बंगाल में संकीर्ण राजनीतिक पांसे तेजी से फेंके जा रहे हैं। इससे सामाजिक जीवन में अनुदार भावबोध पुख्ता होगा। इसे चालू भाषा में बौनी राजनीति कहते हैं। बौनी राजनीति वे करते हैं जिनके पास राष्ट्रीय विज़न नहीं होता। ममता बनर्जी के सत्ता में आने के साथ यह उम्मीद जगी थी कि राज्य […] Read more » पश्चिम बंगाल ममता बनर्जी
राजनीति दलितों-आदिवासियों की हत्या कैसा वर्ग-संघर्ष है ? June 7, 2012 by जयराम 'विप्लव' | Leave a Comment जयराम विप्लव लाल आतंकवाद ( माओवाद ) समर्थक बताएंगे कि दलितों/ वंचितों /आदिवासियों की हत्या कैसा “वर्ग-संघर्ष” है ? एक दशक पहले हुए दंगों पर हर रोज गला साफ़ करने वाले दिल्ली में जमे कुबुद्धिजीवी लोग माओवादियों द्वारा किये जा रहे सामूहिक नरसंहारों के ऊपर चुप्पी क्यों साधे रहते हैं ? इस तरह की घटनाओं […] Read more » आदिवासी दलित नक्सलवाद माओवाद
राजनीति मोंटेक जी के जनाना-मर्दाना June 7, 2012 / June 10, 2012 by एल. आर गान्धी | 2 Comments on मोंटेक जी के जनाना-मर्दाना एल.आर.गाँधी सदियों से लोटा हाथ में थामें जंगल पानी जाने के आदि भला क्या समझें अंग्रेजी टायलट का महत्व …. योजना भवन में मोंटेक जी ने महज़ ३५ लाख से अदद दो ‘जनाना-मरदाना’ सजा संवार क्या दिए…पत्रकारों को तो बस दस्त ही लग गए. झट से एक अगरवाल से आर.टी.आई लगवा दी और लगे सफाई […] Read more » montek singh ahluwalia sanitary facilities मोंटेक जी के जनाना-मर्दाना
राजनीति वैचारिक बहस से परहेज क्यों / अनुरोध पासवान June 6, 2012 / June 28, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 4 Comments on वैचारिक बहस से परहेज क्यों / अनुरोध पासवान जब मंगलेश डबराल प्रकरण सामने आया तब वामपंथ में खलबली मच गयी. वे आपस में आक्रमक हो गए. उन्हें संघ प्रेरित संस्था में जाना नागवार गुजरा. प्रो राकेश सिन्हा पर जमकर प्रहार हुआ. राकेश सिन्हा चुपचाप बहस देखते रहे. जब ओम थानवी ने बहस का अंत किया तब उन्होंने अपने फेसबुक पर जवाब लिखा, जिससे […] Read more » भारत नीति प्रतिष्ठान राकेश सिन्हा वैचारिक अश्पृश्यता
राजनीति लोकतन्त्र में संकीर्णता के लिए कोई जगह नहीं / अम्बा चरण वशिष्ठ June 6, 2012 / June 28, 2012 by अम्बा चरण वशिष्ठ | 1 Comment on लोकतन्त्र में संकीर्णता के लिए कोई जगह नहीं / अम्बा चरण वशिष्ठ अम्बा चरण वशिष्ठ ‘भारत नीति प्रतिष्ठान’ के एक कार्यक्रम में एक साम्यवादी लेखक व नेता को मंच पर बिठाने व उस के सम्बोधन से उठे विवाद ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि हम भारतीय अवश्य हैं पर हमारे जनतन्त्र की आत्मा भारतीय नहीं है। बहुत हद तक इसकी मानसिक छाप विदेशी ही […] Read more » भारत नीति प्रतिष्ठान लोकतंत्र वैचारिक अश्पृश्यता संवाद
राजनीति मार्क्सवादियों को संघ सपने में क्यों आता है / विपिन किशोर सिन्हा June 6, 2012 / June 6, 2012 by विपिन किशोर सिन्हा | 3 Comments on मार्क्सवादियों को संघ सपने में क्यों आता है / विपिन किशोर सिन्हा राष्ट्रीय स्वंसेवक संघ निस्संदेह एक हिन्दू संगठन है. लेकिन उसके अनुसार हिन्दुस्तान में रहनेवाला हर व्यक्ति जिसकी निष्ठा भारत में है – हिन्दू है. कई मुसलमान भी इस संगठन से जुड़े हुए हैं. भारत के पूर्व रेल मंत्री श्री जाफ़र शरीफ़ ने लोकसभा में स्वीकार किया था कि वे कांग्रेस में आने के पहले संघ […] Read more » मार्क्सवाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
कहानी राजनीति लघुकथा : गदहा मारे कुछ न दोष / आर. सिंह June 6, 2012 / June 6, 2012 by आर. सिंह | 4 Comments on लघुकथा : गदहा मारे कुछ न दोष / आर. सिंह भ्रष्टाचार के मामले में प्रधान मंत्री का नाम आने पर जिस तरह से लोग उनके बचाव में खड़े हो गए हैं, यह देखकर मुझे बचपन में सुनी हुई एक कहानी याद आ रही है. कहानी भारत वर्ष के किसी कोने की है. बहुत पहले की बात है. भारत में एक गाँव था.जाहिर है कि गाँव […] Read more » डॉ. मनमोहन सिंह