राजनीति साहित्य ममता बनर्जी में माकपा की आवाजें July 25, 2011 / December 8, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | Leave a Comment जगदीश्वर चतुर्वेदी ममता बनर्जी के पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री बनने के बाद आमलोगों को लग रहा था कि राज्य सरकार की कार्यप्रणाली में कोई बदलाव आएगा। लेकिन वास्तविकता यह है कि वे लगातार उसी मार्ग पर चल रही हैं जिसे माकपा ने वाम शासन में बनाया था। प्रत्येक क्षेत्र में ममता और उनके दल के […] Read more » Mamta Benarji बुद्धदेव भट्टाचार्य ममता बनर्जी हिंदी
पुस्तक समीक्षा राजनीति “हेलो बस्तर” [राहुल पंडिता की पुस्तक पर एक विमर्श] – राजीव रंजन प्रसाद July 24, 2011 / December 8, 2011 by राजीव रंजन प्रसाद | 15 Comments on “हेलो बस्तर” [राहुल पंडिता की पुस्तक पर एक विमर्श] – राजीव रंजन प्रसाद माओवादियों ने बस्तर को आग के हवाले कर दिया है, जिसकी तपिश में भोले-भाले आदिवासी झुलस रहे हैं। माओवादी भले ही इन क्षेत्रों के विकास की बात करते हों लेकिन उनके पास विकास का वैकल्पिक मॉडल नहीं है, उलटे वे शिक्षण संस्थानों और सड़कों को बम से उड़ाकर बस्तर के विकास मार्ग को अवरूद्ध करते […] Read more » hello bastar आदिवासी बस्तर माओवाद राहुल पंडिता हेलो बस्तर
राजनीति राजनीति का नया दौर July 24, 2011 / December 8, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment राकेश श्रीवास्तव यह हमारे लोकतांत्रिक विकास की असफलता ही है कि जनता दिल की सच्चाई (जाति और निजी स्वार्थों के बादलों को छांटकर) और गहराई से अपने नेता को नेता नहीं मानती है। जनता कितना अपने नेता को पहचानती है, अपने क्षेत्र के नेताओं और दलों तक उसकी कितनी पहुंच है, क्या जमीनी स्तर पर […] Read more » politics राजनीति
राजनीति क्या मां-बेटा पार्टी ही ‘कांग्रेस’ है-3 July 22, 2011 / December 8, 2011 by देवेन्द्र स्वरूप | 6 Comments on क्या मां-बेटा पार्टी ही ‘कांग्रेस’ है-3 वंशवाद नेहरू ने बोया, इंदिरा ने सींचा देवेन्द्र स्वरूप पं. नेहरू की मृत्यु के 14 दिन बाद 9 जून, 1964 को लाल बहादुर शास्त्री को प्रधानमंत्री पद मिल तो गया पर वे अच्छी तरह जानते थे कि व्पंडित जी की दिली ख्वाहिश तो अपनी बेटी को अपना उत्तराधिकारी बनाने की है पर यह बात वे […] Read more » Indira Gandhi इंदिरा गांधी कांग्रेस जवाहर लाल नेहरू राहुल गांधी सोनिया गांधी
राजनीति क्या मां-बेटा पार्टी ही ‘कांग्रेस’ है-2 July 22, 2011 / December 8, 2011 by देवेन्द्र स्वरूप | Leave a Comment निष्काम-निर्मोही पटेल सत्ताकामी-वंशवादी नेहरू देवेन्द्र स्वरूप 15 अगस्त, 1947 को खण्डित भारत ने राजनीतिक स्वतंत्रता पा तो ली, पर उसने अपने को अनेक प्रश्नों से घिरा पाया। वे प्रश्न इतिहास में खोए नहीं हैं, आज भी भारत उनका उत्तर पाने के लिए जूझ रहा है। पहला प्रश्न उसके सामने खड़ा था कि स्वाधीन भारत की […] Read more » Indira Gandhi कांग्रेस जवाहर लाल नेहरू राहुल गांधी सरदार पटेल सोनिया गांधी
राजनीति क्या मां-बेटा पार्टी ही ‘कांग्रेस’ है-1 July 22, 2011 / December 8, 2011 by देवेन्द्र स्वरूप | Leave a Comment गांधी की कांग्रेस कैसी थी? देवेन्द्र स्वरूप सूचना क्रांति और उपभोग प्रधान बाजार संस्कृति में से उपजी औद्योगिक सभ्यता ने जहां एक ओर विश्व को एक गांव जितना छोटा बना दिया है वहीं राष्ट्रीय स्पर्धा और राष्ट्र राज्य की भावना को और अधिक गहरा व सुदृढ़ कर दिया है। विश्व राजनीति के अपने अध्ययन व […] Read more » Indira Gandhi कांग्रेस राहुल गांधी सोनिया गांधी
राजनीति समाजवादी संकल्प-सोच – कल, आज और कल July 22, 2011 / December 8, 2011 by अरविन्द विद्रोही | Leave a Comment अरविन्द विद्रोही डॉ राम मनोहर लोहिया वंचितों की आवाज के रूप में सदैव स्मरण किये जाते रहेंगे तथा उनके विचार व संघर्ष हमेशा लोगो को राह दिखाते रहेंगे। क्रान्तिकारियो के बौद्धिक नेता भगत सिंह को अपना नेता मानने वाले डॉ लोहिया ने अपना सम्पुर्न्य जीवन सत्ता के बेलगाम शोषक चरित्र के खिलाफ लड़ने व सत्ताधीशों […] Read more » Socialism समाजवाद
राजनीति वोट के बदले नोट काण्डः July 22, 2011 / December 8, 2011 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on वोट के बदले नोट काण्डः प्रधानमंत्री की नौतिक शुचिता पर आंच प्रमोद भार्गव प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और संयुक्त प्र्रगतिशील गठबंधन की सरकार की नैतिक शुचिता पर आंच तो उसी दिन आ गई थी जब उसने 22 जुलाई 2008 को लोकसभा में विश्वास मत हासिल किया था। यह स्थिति अमेरिका के साथ गैरसैन्य परमाणु सहयोग समझौते के विरोध में वामपंथी दलों […] Read more » vote for note scam वोट के बदले नोट काण्ड
राजनीति गरीबों के साथ मजाक July 21, 2011 / December 8, 2011 by सतीश सिंह | 1 Comment on गरीबों के साथ मजाक सतीश सिंह गरीबी हमेशा से भारत के लिए एक गंभीर समस्या रही है। अभी हाल ही में योजना आयोग ने एक नया शगूफा छोड़ा है। आयोग के अनुसार शहर में प्रति दिन 20 रुपये कमाने वाले को गरीब नहीं माना जा सकता है। ग्रामीण इलाकों में इस संदर्भ में आय की सीमा को 15 रुपये […] Read more » poverty गरीबों के साथ मजाक
राजनीति लोकतंत्र : चुनौतियाँ और समाधान July 21, 2011 / December 8, 2011 by राजीव गुप्ता | 1 Comment on लोकतंत्र : चुनौतियाँ और समाधान समानो मन्त्रः समिति समानो समानं मनः सह चित्तमेषाम ! समानं मंत्राभिः मन्त्रये वः समानेन वो हविषा जुहोनि !! लोगों का लक्ष्य और मन समान हो , तथा वे समान मन्त्र से, समान यज्ञों के पदार्थों से ईश्वर का मनन करें ! ऋग्वेद और अथर्ववेद के इन सूक्तियों में कुछ हद तक हम लोकतंत्र ( समानता […] Read more » Democracy चुनौतियाँ लोकतंत्र समाधान
राजनीति विश्ववार्ता भारत, राष्ट्रवाद और राजनीति July 20, 2011 / December 8, 2011 by नरेश भारतीय | 1 Comment on भारत, राष्ट्रवाद और राजनीति नरेश भारतीय हाल ही में भारतवंशी और भारतप्रेमियों की लन्दन में आयोजित एक विशाल जनसभा में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में एक संपर्क एवं सद्भावना मंडल के विचार सुनने का अवसर मिला. भाजपा के विदेश प्रकोष्ठ के संयोजक पूर्व विधायक श्री विजय जौली, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती […] Read more » Nitin Gadkari नितिन गडकरी प्रवासी भारत भारतवंशी राष्ट्रवाद
राजनीति विश्वास का संकट July 18, 2011 / December 8, 2011 by जावेद उस्मानी | 1 Comment on विश्वास का संकट जावेद उस्मानी भारतीय लोकतंत्र गंभीर दौर से गुजर रहा है। सत्ता अपने मतदाताओ को और प्रजा अपने निर्वाचितशासक को लेकर असमंजस में है। समूचा जन मानस राजनैतिक और गैरराजनैतिक विचारधारा के भॅवर मे फसा हुआ है। एक दूसरे को काटती दोनो धाराए अपनी अपनी जंग जीतने के लिये ऐसी राह पर है जिसकी कोई मंजिल […] Read more » Faith विश्वास का संकट