राजनीति भारतीय वामपंथ के पुनर्गठन की एक प्रस्तावना / अरुण माहेश्वरी June 2, 2011 / June 6, 2012 by अरुण माहेश्वरी | Leave a Comment (”आत्मालोचना क्रियात्मक और निर्मम होनी चाहिए क्योंकि उसकी प्रभावकारिता परिशुद्ध रूप में उसके दयाहीन होने में ही निहित है। यथार्थ में ऐसा हुआ है कि आत्मालोचना और कुछ नहीं केवल सुंदर भाषणों और अर्थहीन घोषणाओं के लिए एक अवसर प्रदान करती है। इस तरह आत्मालोचना का ‘संसदीकरण हो गया है’।”(अन्तोनियो ग्राम्शी : राजसत्ता और नागरिक […] Read more » communism कम्युनिज्म मार्क्सवाद साम्यवाद
राजनीति जनता को विचारधारा से नहीं, विकास से मतलब June 2, 2011 / December 12, 2011 by नीरज कुमार दुबे | Leave a Comment नीरज कुमार दुबे राष्ट्रीय राजनीति में तीसरे मोर्चे की अगुवाई करती रही मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी पिछले माह तक तीन राज्यों में सत्ता के बलबूते राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्यों और मुद्दों को प्रभावित करने की क्षमता रखती थी लेकिन पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में उसे दो राज्यों से हाथ धोना पड़ा और वह अपने इतिहास के […] Read more » Wea Bengal पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम प्रकाश करात मार्क्सवाद वामपंथ
राजनीति यह माकपा की हार है, वामपंथ की नहीं June 2, 2011 / December 12, 2011 by राजीव रंजन प्रसाद (बीएचयू) | 1 Comment on यह माकपा की हार है, वामपंथ की नहीं राजीव रंजन प्रसाद 1) सचमुच अभी तो बदलाव हुआ नहीं है, बदलाव की संभावना उभरी है। इस उभार की अगली परिणति केन्द्र से यूपीए शासन का सत्ताच्यूत होना है। और भी कई जगह जो कथित विकास के डंके तले सरकारी रकम डकार रहे हैं; आमूल बदलाव वहाँ भी होंगे। जिन साम्राज्ञियों के यहाँ आदमकद मुर्तियाँ […] Read more » West Bengal पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम ममता बनर्जी मार्क्सवाद वामपंथ
परिचर्चा राजनीति परिचर्चा : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम June 2, 2011 / April 13, 2012 by प्रवक्ता ब्यूरो | 6 Comments on परिचर्चा : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम दलगत स्थिति राजनीतिक दल ——2006——-2011 तृणमूल कांग्रेस——-30———–184 कांग्रेस—————- 24———- 42 माकपा—————175———- 41 स्वतंत्र भारत में वामपंथ इन दिनों सबसे कमजोर स्थिति में है। तीन राज्यों में प्रभावशाली वामपंथ पश्चिम बंगाल और केरल दोनों जगह से सत्ताच्युत होकर केवल त्रिपुरा में ही सत्तासीन है। 13 मई 2011 को आए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम ने तो भारतीय राजनीति की […] Read more » West Bengal तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम माकपा वामपंथ
राजनीति भारतीय राजनीति के विचित्र चरित्र June 1, 2011 / December 12, 2011 by अवनीश राजपूत | 4 Comments on भारतीय राजनीति के विचित्र चरित्र अवनीश सिंह भारतीय राजनीति के तीन किरदार मुझे भुलाये नहीं भूलते, या यूँ कहिये मैं उन्हें भुलाना नहीं चाहता। इनमें पहला नाम राजद सुप्रीमो लालू का आता है…जो एक दशक पहले अपनी बेबाक बयानबाज़ी के लिए मिडिया से लेकर आमजन तक काफी चर्चा में रहते थे। सुनने में आ रहा है की आजकल उनके राजनीतिक […] Read more » Digvijay Singh अमर सिंह दिग्विजय सिंह लालू यादव
राजनीति भाजपा का मुखौटा एक, कांग्रेस के चेहरे दो June 1, 2011 / December 12, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी को भाजपा का मुखौटा कहा गया था। इसके बाद भाजपा में किसी तरह का चेहरा सामने नहीं आया। भाजपा का चाल चरित्र और चेहरा भले ही बदल गया हो पर आज भी भाजपा का नाम आते ही जेहन में अटल बिहारी बाजपेयी का चेहरा आ जाता है। वहीं […] Read more » Sonia Gandhi मनमोहन सिंह सोनिया गांधी
राजनीति कांग्रेस और ईसाई मिशनरियों द्वारा संपोषित है अन्ना अभियान June 1, 2011 / December 12, 2011 by गौतम चौधरी | 11 Comments on कांग्रेस और ईसाई मिशनरियों द्वारा संपोषित है अन्ना अभियान गौतम चौधरी अन्ना का अनशन तुडवा दिया गया है और अब अन्ना हजारे भ्रष्टाचार के खिलाफ देशभर में अलख जगाने निकले हैं। कुछ लोग अन्ना को दूसरे गांधी के रूप में प्रचारित कर रहे हैं तो कुछ लोग उन्हें मोदी समर्थक होने पर पानी पी पी का गलिया रहे हैं। भारत की मीडिया इस पूरे […] Read more » Corruption अन्ना हजारे कांग्रेस क्रिश्चियन भ्रष्टाचार
राजनीति समाचार पत्रों पर हावी होती राजनीतिक पत्रकारिता May 31, 2011 / December 12, 2011 by भारत सेन | Leave a Comment भारत सेन भारतीय विश्वविद्यालयों में पत्रकारिता और जनसंचार के पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले ज्यादातर छात्रों की बुनियादी शिक्षा कला संकाय की होने के कारण राजनीतिक पत्रकार तैयार हो रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में चिकित्सा, इंजिनियरिंग, वाणिज्य, कृषि, विज्ञान और विधि के छात्रों को जोडऩे की दिशा में सकारात्मक कदम उठाया जाना अभी बाकी […] Read more » News papers राजनीतिक पत्रकारिता समाचर पत्रों हावी
राजनीति ये है दिल्ली मेरी जान May 30, 2011 / December 12, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे 11 करोड़ी है कसाब! 26/11 के हमले का इकलौता जीवित आतंकवादी अजमल कसाब की सुरक्षा पर कितना खर्च हुआ है एक साल में क्या आप इस बात से वाकिफ हैं? अगर नहीं तो हम बताते हैं आपको कि मुंबई की आर्थर रोड़ जेल में बंद देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर अब तक […] Read more » Kasab कसाब
राजनीति अपनों के सितम से बिफ़रे आचार्य धर्मेन्द्र May 30, 2011 / December 12, 2011 by सरिता अरगरे | 1 Comment on अपनों के सितम से बिफ़रे आचार्य धर्मेन्द्र सरिता अरगरे मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार और आरएसएस को इन दिनों हिन्दुत्व के अलंबरदार और तेज़तर्रार विहिप नेता आचार्य धर्मेन्द्र का कोपभाजन बनना पड़ रहा है। गौ सेवा संघ की जमीन सरस्वती शिशु मंदिर के कब्ज़े से छुड़ाने के लिए सागर में करीब एक हफ़्ते का अनशन नाकाम होने से आचार्य बेहद बिफ़रे हुए हैं […] Read more » Aacharya Dharmendra आचार्य धर्मेंद्र
राजनीति प्रशासनिक मशीनरी, सेवानिवृत्ति पश्चात नियुक्ति एवं सेकुलरिज़्म… (दो मामले)…… May 29, 2011 / December 12, 2011 by सुरेश चिपलूनकर | 3 Comments on प्रशासनिक मशीनरी, सेवानिवृत्ति पश्चात नियुक्ति एवं सेकुलरिज़्म… (दो मामले)…… सुरेश चिपलूनकर पहला मामला :- 23 अप्रैल 2011 को केरल के सर्वाधिक देखे जाने वाले मलयालम चैनल पर लगातार दिन भर एक “ब्रेकिंग न्यूज़” चल रही थी… वह “ब्रेकिंग” और महत्वपूर्ण न्यूज़ क्या थी? एक आईपीएस अफ़सर शिबी मैथ्यूज़ ने समय पूर्व सेवानिवृत्ति लेकर केरल राज्य के मानवाधिकार आयोग (Kerala Human Rights Commission) का अध्यक्ष पदभार […] Read more » secularism धर्मनिरपेक्षता सेकलरिज्म
राजनीति 1989 : राजनीतिक इतिहास में एक निर्णायक मोड़ May 29, 2011 / December 12, 2011 by लालकृष्ण आडवाणी | Leave a Comment लालकृष्ण आडवाणी फ्रांसिस फुकुयामा एक देदीय्यमान राजनीतिक विचारक हैं लेकिन अनेक लोग उनसे तब सहमत नहीं हुए थे जब सन् 1992 में उन्होंने अपनी पुस्तक ‘दि ऍन्ड् ऑफ हिस्ट्री ऐण्ड दि लास्ट मैन‘ लिखी थी, जिसमें उन्होंने लिखा: ”आज हम जो भी देख रहे हैं वह शीत युध्द की समाप्ति मात्र नहीं है या युध्दोत्तर […] Read more » Mamta Benarji जयललिता ममता बनर्जी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद