राजनीति माओवादी नेताओं के साथ आम अपराधियों जैसा व्यवहार हो March 13, 2010 / December 24, 2011 by गौतम चौधरी | Leave a Comment बिहार के गया जिले में टिकारी प्रखंड कार्यालय से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर बारा नाम का एक गांव है। उसी गांव में 12 फरवरी सन् 1992 की रात को माओवादी काम्यूनिस्ट सेंटर ने 35 किसानों की गला रेत हत्या कर खूनी जलसे का आयोजन किया था। विगत दिनों उस नरसंहार से संबंधित मामले […] Read more » Naxalism नक्सलवाद माओवाद
राजनीति बिहार का बदलता परिवेश – संतोष सारंग March 13, 2010 / December 24, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on बिहार का बदलता परिवेश – संतोष सारंग बिहार के बंटवारे के बाद प्रचुर प्राकृतिक संसाधन झारखंड के हिस्से में चला गया। यहां के लोगों को बाढ़ व सुखाड़ की त्रासदी मिली। ऊपर से राजनीतिक पार्टियों का जाति व धर्म के नाम पर झूठी दिलासा। ऐसे में, यहां के गरीब-गुरबों के सामने पलायन के सिवा कोई चारा नहीं था। गांधीजी श्रम करनेवालों को […] Read more » bihar बिहार
राजनीति विधि-कानून न्यायपालिका और लोकतंत्र – राजीव तिवारी March 13, 2010 / December 24, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment न्यायपालिका, विधायिका तथा कार्यपालिका का समन्वित स्वरूप ही लोकतंत्र होता है। लोकतंत्र में न्यायपालिका, विधायिका तथा कार्यपालिका एक दूसरे के पूरक भी होते हैं तथा नियंत्रक भी। इसका अर्थ यह हुआ कि इन तीनों में से कोई अंग कमजोर पड़ रहा हो तो शेष दो उसे शक्ति दें और यदि कोई अंग अधिक मजबूत हो […] Read more » Democracy न्यायपालिका लोकतंत्र
राजनीति मोदी के लिए नासूर बनता जा रहा है महुआ का किसान आन्दोलन March 12, 2010 / December 24, 2011 by गौतम चौधरी | 1 Comment on मोदी के लिए नासूर बनता जा रहा है महुआ का किसान आन्दोलन भावनगर जिले के महुआ प्रखंड में निरमा डिटरजेंट प्राईवेट लि0 को गुजरात सरकार ने सीमेंट उद्योग लगाने के लिए 4500 हेक्टर जमीन आवंटित की है। निरमा ने 4500 हेक्टर भूमि के अलावा जिलाधिकारी से 10 हेक्टर जमीन की अलग से मांग की। सरकार ने निरमा कंपनी को 200 एकड ऐसी जमीन भी आवंटित कर दी […] Read more » Farmers Movement महुआ का किसान आन्दोलन
राजनीति जनता के पैसे का तबियत से दुरूपयोग करते हैं जनसेवक March 12, 2010 / December 24, 2011 by लिमटी खरे | 1 Comment on जनता के पैसे का तबियत से दुरूपयोग करते हैं जनसेवक आजाद भारत में जनता को दो महत्वपूर्ण अधिकार दिया गया है, एक है वोट देने का, और दूसरा है कर देने का। वोट देकर वह अपना जनसेवक चुनता है और कर देकर उस जनसेवक के भोग विलास के मार्ग प्रशस्त करती है। आज आम आदमी को एक समय खाना खाने के पूरे पैसे न हों […] Read more » Misuse of money जनसेवक पैसों का दुरूपयोग
राजनीति छोटे प्रांत समस्या ही समस्या – मृत्युंजय दीक्षित March 11, 2010 / December 24, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रोसैया के बीच दो दौर की वार्ता और कांग्रेसाध्यक्षा सोनिया गांधी व कैबिनेट के वरिष्ट सहयोगियों के साथ बैठक करने के बाद 9 दिसंबर, 2009 को तेलंगाना को अलग राज्य का दर्जा देने की मांग मान ली गई। उक्त मांग के […] Read more » Small province छोटे प्रांत
राजनीति सपा से अमर अलगाव – संतोष कुमार मधुप March 11, 2010 / December 24, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment पिछडों, दलितों, अल्पसंख्यकों की पार्टी को ग्लैमराइज कर पूँजीपतियों के संपर्क में लाने वाले अमर सिंह की सपा से विदाई भले ही हो चुकी हो लेकिन सपा को अमर सिंह के प्रभाव से मुक्त होने में अभी थोड़ा वक्त लगेगा। जनसमर्थन के नजरिए से आधारहीन दिखने वाले अमर सिंह ने सपा में रहते हुए जबर्दस्त […] Read more » Amar Singh अमर सिंह मुलायम सिंह सपा
राजनीति राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की स्मृति में आज श्रद्धांजलि सभा March 8, 2010 / December 24, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की स्मृति में आज श्रद्धांजलि सभा पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रणीत एकात्म मानवदर्शन को व्यवहार में चरितार्थ करने के लिए अपना कण-कण व क्षण-क्षण लगाकर तथा अपनी देहदान कर 27 फरवरी, 2010 को चित्रकूट में महाप्रस्थान कर गए। दिवंगत राष्ट्रऋषि श्री नानाजी देशमुख की पावन स्मृति में आज, सोमवार, 8 मार्च, 2010 को सांय. 5 :00 बजे कांस्टीट्यूशन क्लब मैदान, रफ़ी मार्ग, नई दिल्ली में श्रद्धांजलि सभा […] Read more » Tribute श्रद्धांजलि
राजनीति महानरेगा की महाआरती March 6, 2010 / December 24, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on महानरेगा की महाआरती दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने देश में बढती महंगाई का अजीबोगरीब कारण महानरेगा के कारण आई समृद्धि को ठहराया है। शीला दीक्षित का बयान मंहगाई से पिसते गरीबो के जले पर नमक छिडकने जैसा है। महानरेगा ग्रामीण भारत की तस्वीर भले ही न बदल पायी हो परन्तु इसने सरपंचो की रंगत जरुर बदल दी […] Read more » aarti महानरेगा
राजनीति आखिर सिंह तो गरजेगा ही – संजीव पांडेय March 4, 2010 / December 24, 2011 by संजीव पांडेय | 1 Comment on आखिर सिंह तो गरजेगा ही – संजीव पांडेय इन दिनों एक गरम खबर चर्चा में है। खबर है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के बीच तनाव बढ़ रहा है। दोनों के बीच तनाव की एक लकीर खींच गई है। हालांकि इसके कई कारण बताए जा रहे है। पर इन कारणों में कितनी सच्चाई है इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा […] Read more » Soniya Gandhi प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह संजीव पांडेय सोनिया गांधी
राजनीति स्पीड युग का नायक नरेन्द्र मोदी February 27, 2010 / December 24, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 3 Comments on स्पीड युग का नायक नरेन्द्र मोदी मासमीडिया दुधारी तलवार है। दर्शकों के लिए बिडम्बनाओं की सृष्टि करता है। मासमीडिया के द्वारा सृजित अर्थ वहीं पर नहीं होता जहां बताया जा रहा है बल्कि अर्थ अन्यत्र होता है। अर्थ वहां होता है जहां विचारधारा होती है और विचारधारा को लागू करने वाले संगठन होते हैं। चूंकि गुजरात में संघ परिवार की सांगठनिक […] Read more » Narendra Modi नरेन्द्र मोदी
राजनीति नए अभिजातों के हथकंडे February 27, 2010 / December 24, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on नए अभिजातों के हथकंडे मनुष्य ख़ुद से अनजान उन चीजों का सृजन करता है, जिनकी मांग उसके वर्ग हित करते हैं। ऐसा सृजन वह क्रांति के नाम पर भी करता है। क्रांतिकारी आंदोलन के संसाधन उसके हाथ आए नहीं कि भूमिगत रहने के नाम पर, गुप्त कार्यों को अंजाम देने के नाम पर, वह अपने लिए एक ऐसी जीवन […] Read more » Maoist कम्युनिस्ट क्रांतिकारी माओवादी मार्क्सवाद