समाज सार्थक पहल जल संरक्षण की दिशा में जनमैत्री की अनोखी पहल July 18, 2018 / July 18, 2018 by चरखा फिचर्स | 2 Comments on जल संरक्षण की दिशा में जनमैत्री की अनोखी पहल पंकज सिंह बिष्ट कुदरत ने पृथ्वी को कई अनमोल नेमतों से नवाज़ा है। इसमें सबसे बड़ी नेमत पानी को ही माना जाता है। पानी के बिना आप कितने दिन खुद का बजूद बनाये रख सकते हैं? जरा कल्पना करके देखिए। कल्पना मात्र से ही गला सूखने लगता है। लेकिन जल्द ये डरावना ख़्वाब हक़ीक़त में बदलने वाला […] Read more » Featured Water Conservation जल संरक्षण
समाज आधुनिक विचारों में हमारे कुछ मौलिक विचार कहीं खो गए July 18, 2018 / July 18, 2018 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment डॉ नीलम महेंद्र नारी, स्त्री, महिला वनिता,चाहे जिस नाम से पुकारो नारी तो एक ही है। ईश्वर की वो रचना जिसे उसने सृजन की शक्ति दी है, ईश्वर की वो कल्पना जिसमें प्रेम त्याग सहनशीलता सेवा और करुणा जैसे भावों से भरा ह्रदय है। जो शरीर से भले ही कोमल हो लेकिन इरादों से फौलाद […] Read more » Featured आधुनिक विचारों में हमारे कुछ शिव ब्रह्म शिव महादेव शिव विष्णु शिव शरीर
समाज सेल्फी का बढ़ता उत्साह अथवा लत July 18, 2018 / July 18, 2018 by शरद कुमार | Leave a Comment एस के बरनी वर्तमान में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाले लोगों में शायद ही कोई ऐसा होगा जिसने सेल्फी का नाम ना सुना हो। आज ऐसा कोई शख्स नहीं जिसे सेल्फी से नफरत हो। पिछले कुछ सालों से सेल्फी का उत्साह निरंतर बढ़ रहा है। बच्चे हों या युवा हों या बुजुर्गों सेल्फी के प्रति […] Read more » Featured जान को जोखिम पिकनिक स्थानों पर नो सेल्फी मोबाइल कम्पनियाँ मोबाइल फोन? सेल्फी सेल्फी का बढ़ता उत्साह अथवा लत
धर्म-अध्यात्म समाज आर्यसमाज के सभी अनुयायियों को एक मन व हृदय वाला होकर पूरी निष्ठा से नियमों का पालन करना चाहिये July 18, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य आर्यसमाज संसार के सभी मनुष्यों को उनके कर्तव्यों का बोध कराने के साथ जीवनयापन में आवश्यक सभी विषयों का सत्य व यथार्थ ज्ञान कराने वाली आन्दोलनात्मक संस्था है जिसका आधार ईश्वरीय ज्ञान वेद है। वेद सृष्टि की आदि में उत्पन्न हुए थे। महर्षि दयानन्द ने वेदोत्पत्ति का पूरा प्रकरण अपने विख्यात ग्रन्थ […] Read more » आर्यसमाज
समाज गोल्डन गर्ल की गोल्डन जीत से महका भारत July 14, 2018 / July 14, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग देश का एक भी व्यक्ति अगर दृढ़ संकल्प से आगे बढ़ने की ठान ले तो वह शिखर पर पहुंच सकता है। विश्व को बौना बना सकता है। पूरे देश के निवासियों का सिर ऊंचा कर सकता है। भारत की नई ‘उड़नपरी’ 18 वर्षीय असमिया एथलीट हिमा दास ने ऐसा ही करके दिखाया है, […] Read more » 18 वर्षीय असमिया एथलीट Featured ओलिंपिक गोल्डन गर्ल की गोल्डन जीत से महका भारत टोक्यो में गुरबचन सिंह रंधावा थाईलैंड में 1978 में गीता जुत्शी फिनलैंड भारत की नई ‘उड़नपरी’ मिल्खा सिंह लम्बा संघर्ष और दृढ़ संकल्प हिमा दास
समाज कचरा बनी दिल्ली में टूटती जीवन सांसें July 14, 2018 / July 14, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान एवं उनके कथन कि “एक स्वच्छ भारत के द्वारा ही देश 2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर अपनी सर्वोत्तम श्रद्धांजलि दे सकते हैं।क्या हश्र हो रहा है, दिल्ली में स्वच्छता की स्थिति पर दिल्ली हाई कोर्ट की ताजा टिप्पणी से सहज ही अनुमान लगाया जा […] Read more » Featured अतिक्रमण कचरा बनी दिल्ली में टूटती जीवन सांसें कचरे गंदगी दिल्ली-मुंबई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बारिश से होने वाले जलभराव यातायात जाम
समाज ‘‘ समाज में उजालें कम क्यों हो रहे हैं? ’ July 13, 2018 / July 13, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग स्वार्थ चेतना अनेक बुराइयों को आमंत्रण है। क्योंकि व्यक्ति सिर्फ व्यक्ति नहीं है, वह परिवार, समाज और देश के निजी दायित्वों से जुड़ा है। अपने लिए जीने का अर्थ है अपने सुख की तलाश और इसी सुख की तलाश ने अनेक समस्याएं पैदा की हैं। सामाजिक जीवन का एक आधारभूत सूत्र है सापेक्षता। […] Read more » ‘‘ समाज में उजालें कम क्यों हो रहे हैं? ’ Featured आश्वस्त करना ग्लानि का निवारण करना देश या राष्ट्र न अविश्वास न असुरक्षा की आशंका होगी न शत्रुता न संग्रह न हिंसा वात्सल्य प्रकट करना समाज संस्था स्वार्थ चेतना
समाज यह लड़ाई है अच्छाई और बुराई की July 13, 2018 / July 13, 2018 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment डॉ नीलम महेंद्र उच्चतम न्यायालय ने 9 जुलाई 2018 के अपने ताजा फैसले में 16 दिसंबर 2012 के निर्भया कांड के दोषियों की फाँसी की सजा को बरकरार रखते हुए उसे उम्र कैद में बदलने की उनकी अपील ठुकरा दी है। दिल्ली का निर्भया कांड देश का वो कांड था जिसने पूरे देश को […] Read more » Featured उच्चतम न्यायालय उन्नाव कठुआ निर्भया कांड बलात्कार मंदसौर यह लड़ाई है अच्छाई और बुराई की सतना। सूरत
राजनीति समाज राजनीति का ‘कुरूपतम’ काल July 12, 2018 / July 12, 2018 by निर्मल रानी | 1 Comment on राजनीति का ‘कुरूपतम’ काल निर्मल रानी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 को हुए क्रूरतम निर्भया सामूहिक बलात्कार कांड में पिछले दिनों उच्चतम न्यायालय ने दोषियों को दी गई फांसी की सज़ा को बरक़रार रखते हुए एक बार फिर यह संदेश देने की कोशिश की है कि जघन्य अपराध में शामिल दोषियों को बख़्शा नहीं जाना चाहिए। निर्भया […] Read more » Featured आतंकी क़साब केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा दक्षिणपंथी संगठनों राजनीति का ‘कुरूपतम’ काल राष्ट्रभक्ति राष्ट्रविरोधी सांप्रदायिक रंग सामूहिक बलात्कार कांड
समाज हरिद्वार में कवियों का सम्मेलन July 10, 2018 / July 10, 2018 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक आज हरिद्वार में कवि-सम्मेलन नहीं, कवियों का सम्मेलन हुआ। कवि सम्मेलन में हजारों-लाखों श्रोता होते हैं। यहां सिर्फ कवि थे। सारे भारत से आए लगभग सौ कवि ! क्या आपने कभी सुना कि 100 कवि दुनिया में कहीं एक साथ इकट्ठे हुए हों ? हरिद्वार के जयराम आश्रम में यह कवियों का […] Read more » Featured डाॅ. कुंवर बेचैन डाॅ. हरिओम पंवार प्रो. अशोक चक्रधर श्री उदयप्रताप सिंह श्री सुरेंद्र शर्मा हरिद्वार में कवियों का सम्मेलन
समाज वर्षा जल संचयन से रोकें बारिश के पानी की बर्बादी July 10, 2018 / July 10, 2018 by देवेंद्रराज सुथार | 1 Comment on वर्षा जल संचयन से रोकें बारिश के पानी की बर्बादी देवेंद्रराज सुथार मानसून का महीना हर किसी को आत्मिक आनंद से सराबोर करने वाला होता है। इस समय नील व्योम काली घटाओं के कैद में बंद मेघों के माध्यम से वसुधा को अपनी असीम स्वर्णिम जलबूंदों से तरबतर करने को उत्साहित व आतुर दिखाई पड़ता है। मनोहर, मनभावन, मनमोहक व मन को तृप्त करने वाले […] Read more » Featured कंटेनरों पशु-पक्षी भीषण गर्मी रोकें बारिश के पानी की बर्बादी वर्षा जल संचयन वाष्पीकरण
समाज आओ एक नयी दुनिया बसाये July 5, 2018 / July 5, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग आज का मनुष्य भूलभूलैया में फंसा हुआ है। यदि देखा जाये तो संसार का विस्तार यानी सुविधावादी और भौतिकवादी जीवनशैली एक प्रकार की भूलभूलैया ही है। भोग के रास्ते चारों ओर खुले हुए हैं। धन, सत्ता, यश और भोग – इन सबका जाल बिछा है और यह जान इतना मजबूत है कि एक […] Read more » Featured अकर्तव्य आओ एक नयी दुनिया बसाये धन पवित्रता-अपवित्रता यश और भोग सत्ता सार-असार