राजनीति समाज मॉब लिंचिंग की अराजकता का त्रासद होना July 25, 2018 / July 25, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग उन्मादी भीड़ के द्वारा जान लेने की एक घटना शांत नहीं होती कि कोई दूसरी हत्या की खबर सामने आ जाती है। लगातार हो रही मॉब लिंचिंग की ये घटनाएँ अब न केवल चिन्ता का विषय है बल्कि असहनीय एवं शर्मनाक है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार और अलवर में एक और घटना के […] Read more » Featured गुवाहाटी गृह मंत्री राजनाथ सिंह घृणा नफरत पुलिसकर्मियों भीड़तंत्र भेड़तंत्र मॉब लिंचिंग की अराजकता का त्रासद होना संकीर्णता और असहिष्णुता
समाज नव वर्ष एक उत्सव July 25, 2018 / July 25, 2018 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment गीता आर्य अलग अलग देशों में विभिन्न प्रकार के उत्सव एवं त्योहार मनाये जाते हैं । त्योहारों का अपना विशेष महत्त्व होता है । त्योहार जहाँ एक ओर हमें खुशी प्रदान करते हैं वहीं दूसरी ओर हम में सामाजिक रूप से एकता का भाव जाग्रत करते हैं । भारत और विश्व में अनेक प्रकार […] Read more » Featured क्रिसमस डे दिवाली देशों और धर्मों नये-नये पकवान बनाना नव वर्ष एक उत्सव पटाखे फोड़ना
महिला-जगत समाज विलम्ब से विवाह वरदान या अभिशाप ? July 25, 2018 / July 25, 2018 by शालिनी तिवारी | Leave a Comment शालिनी तिवारी विवाह की अवधारणा: वि+वाह; यानी विशेष उत्तरदायित्व का निर्वहन करना. सनातन धर्म में विवाह को सोलह संस्कारों में से एक अहम् संस्कार माना गया है. पाणिग्रहण संस्कार को ही हम आम बोलचाल की भाषा में विवाह संस्कार के नाम से जानते हैं. वैदिक मान्यताओं के अनुसार, व्यक्ति के समस्त कालखंडों को चार भागों […] Read more » Featured दैव विवाह धर्म पैशाच विवाह: प्रजापत्य विवाह ब्रह्म विवाह मातृभाषा विलम्ब से विवाह वरदान या अभिशाप ? विवाह सभ्यता संस्कार संस्कारों संस्कृति स्त्री या पुरुष
समाज सामुदायिक रेडियो से देश के सर्वाधिक पिछड़े जिले नूंह में बढ़ी वित्तीय साक्षरता July 25, 2018 / July 25, 2018 by सोनिया चोपडा | Leave a Comment सामुदायिक रेडियो के “समर्थ” अभियान से बढ़ रही है वित्तीय साक्षरता सोनिया चोपड़ा वित्तीय साक्षरता और समावेश के उद्देश्य से केनरा एचएसबीसी ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के प्रोजेक्ट “समर्थ” के सौजन्य से सामुदायिक रेडियो अल्फाज़-ए-मेवात द्वारा संचालित कार्यक्रम से देश के सर्वाधिक पिछड़े जिले नूंह (जिसे पूर्व में मेवात के नाम से […] Read more » Featured एटीएम किसान क्रेडिट कार्ड देश के सर्वाधिक पिछड़े जिले धन बीमा योजना नूंह में बढ़ी वित्तीय साक्षरता पेटीएम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी फसल बीमा योजना शिक्षा ऋण सामुदायिक रेडियो सामुदायिक रेडियो स्टेशन
समाज जीवन में पूर्णता लाते हैं गुरु July 25, 2018 / July 25, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग- भारतीय संस्कृति में गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व है, यह अध्यात्म-जगत की सबसे बड़ी घटना के रूप में जाना जाता है। पश्चिमी देशों में गुरु का कोई महत्व नहीं है, वहां विज्ञान और विज्ञापन का महत्व है परन्तु भारत में सदियों से गुरु का महत्व रहा है। यहां की माटी एवं जनजीवन में […] Read more » Featured आशीर्वाद इंजीनियर गुरु पूर्णिमा जीवन में पूर्णता लाते हैं गुरु डाॅक्टर दीप धर्मग्रंथों न्यायाधीश प्रवचन भारतीय संस्कृति मरुस्थल में वृक्ष वकील वैज्ञानिक श्रीकृष्ण सन्निधि समुद्र में द्वीप
समाज कल्याण आश्रम से चिढ़ क्यों ? July 24, 2018 / July 24, 2018 by विजय कुमार | Leave a Comment विजय कुमार, कुछ दिन पूर्व कांग्रेस कार्यकारिणी को सम्बोधित करते हुए राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पहले आदिवासी लोग हमें वोट देते थे; पर संघ वाले उनके बीच जाकर काम करने लगे और अब वे हमें वोट नहीं देते। उनका यह भाषण यू-ट्यूब पर भी आ गया; पर […] Read more » Featured अंतरराष्ट्रीय श्रम आयोग उच्च न्यायालय उद्योग प्रशिक्षण कल्याण आश्रम से चिढ़ क्यों ? कुष्ठ आश्रम चिकित्सा चिकित्सालय छात्रावास पूर्व न्यायाधीश श्री भवानी शंकर नियोगी विद्यालय वृद्धाश्रम शिक्षा
समाज परिवार का महत्त्व और उसका बदलता स्वरूप July 23, 2018 / July 23, 2018 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment गीता आर्य परिवार व्यक्तियों का वह समूह होता है, जो विवाह और रक्त सम्बन्धों से जुड़ा होता है जिसमें बच्चों का पालन पोषण होता है । परिवार एक स्थायी और सार्वभौमिक संस्था है। किन्तु इसका स्वरूप अलग अलग स्थानों पर भिन्न हो सकता है । पश्चिमी देशों में अधिकांश नाभिकीय परिवार पाये जाते हैं । […] Read more » Featured अहंकार आधुनिकता घमंड नगरीकरण नारी सशक्तिकरण बढ़ता सुखवाद बिना कर्तव्य के अधिकार भारतीय समाज महत्वकांक्षा रोजगार हेतु पलायन स्वार्थवाद
समाज प्रतिकूल परिस्थिति में संतुलन कैसे रहे? July 20, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग – हर व्यक्ति को जीवन में निराशा एवं प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना ही पड़ता है, लेकिन सफल और सार्थक जीवन वही है जो सफलता और असफलता, अनुकूलता और प्रतिकूलता, दुख और सुख, हर्ष और विषाद के बीच संतुलन स्थापित करते हुए अपने चिंतन की धारा को सकारात्मक बनाए रखता है। जीवन की […] Read more » balance the life in adverse situation Featured प्रतिकूल परिस्थिति में संतुलन संतुलन
शख्सियत समाज नीरज : सतरंगी रेखाओं की सादी तस्वीर July 20, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग सम्पूर्ण मानवता को एक नई फिजा, एक नया परिवेश देने, हममें सौन्दर्यप्रेम एवं राष्ट्रीयता का भाव जागृत करने, जीवन की सचाइयों का प्रकाश उपलब्ध कराने, हमें आध्यात्मिक एवं मानसिक शक्ति प्रदत्त करने, हममें सच्चा संकल्प एवं कठिनाइयों पर विजय पाने की सच्ची दृढ़ता उत्पन्न करने वाला लाखों-लाखों रचनाकारों की भीड़ में एक अनूठा […] Read more » Featured Gopal das saxena niraj नीरज
समाज हे गौ माता! मैं तेरी सेवा, अन्नोत्पत्ति और गोदुग्ध के लिए तुझे पालता हूं July 19, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य आर्यजगत् के वेदों के उच्च कोटि के विद्वान आचार्य डा. रामनाथ वेदालंकार ने ‘यजुर्वेद ज्योति’ नाम से यजुर्वेद के चुने हुए 200 मन्त्रों की बहुत ही सरस एवं भावपूर्ण व्याख्या की है जिसका प्रकाशन वैदिक ग्रन्थों के प्रकाशक ‘श्री घूड़मल प्रह्लादकुमार आर्य न्यास, हिण्डोन सिटी’ द्वारा किया गया है। 40 अध्याय तथा […] Read more » Cow Featured गौ
राजनीति समाज घटनाओं की ताक पर “विकास की सड़क”: मेरा गाँव मेरी सड़क July 19, 2018 / July 19, 2018 by प्रदीप रावत | Leave a Comment प्रदीप रावत- गुप्तकाशी से अगर आप सल्या तुलंगा ल्वाणी के लिए सल्या- तुलंगा मोटर मार्ग से आप गुजर रहे हैं, तो सावधान हो जाइए, आप कभी भी हादसे का शिकार हो सकते हैं. यह सड़क कहने को तो वर्ल्ड बैंक के अधीन है और पिछले चार वर्षों से लगातार सड़क के पक्कीकरण व डामरीकरण के […] Read more » "विकास की सड़क": मेरा गाँव मेरी सड़क Featured घटनाओं की ताक पर मंत्री श्री प्रकाश पन्त सल्या तुलंगा ल्वाणी
समाज खतरे में है भारत की सांस्कृतिक अखंडता और विरासत July 19, 2018 / July 19, 2018 by अर्पण जैन "अविचल" | Leave a Comment डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत देश एक बहु-सांस्कृतिक परिदृश्य के साथ बना एक ऐसा राष्ट्र है जो दो महान नदी प्रणालियों, सिंधु तथा गंगा, की घाटियों में विकसित हुई सभ्यता है, यद्यपि हमारी संस्कृति हिमालय की वजह से अति विशिष्ट भौगोलीय क्षेत्र में अवस्थित, जटिल तथा बहुआयामी है, लेकिन किसी भी दृष्टि से अलग-थलग […] Read more » १८ जुलाई १९४७ Featured अमरीका खतरे में है भारत की सांस्कृतिक राष्ट् संस्कृति हिमालय सांस्कृतिक