समाज इस्लाम की दुर्गति से शर्मशार मानवता October 22, 2016 by अश्वनी कुमार, पटना | Leave a Comment याद रखें की विपक्षी पार्टियों की मुसलमानपरस्ती भाजपा और मोदी को मई 2014 की ओर ले जा रही है| हिन्दू फिर से गोलबंद हो रहे हैं, ऊपर से सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भाजपा और मोदी की जनता और हिन्दुओं में जो गहरी पैठ बनी है उसका असर 2019 की चुनावों में दिखेगा| राम मंदिर पर हो रहे हल्ले ने यूपी में एक अलग माहौल बनाया है, वहीँ मोदी के विजयादशमी पर लगाए ‘जय श्री राम’ के नारे ने कार्यकर्ताओं और संघ प्रचारकों में नया उत्त्साह फूंक दिया है| Read more » Featured इस्लाम की दुर्गति इस्लामी कट्टरपंथ तीन तलाक शरियत कानूनों में बदलाव समान नागरिक कानून
समाज सार्थक पहल अंग्रेजी और चोगा, दोनों हटें October 22, 2016 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | 1 Comment on अंग्रेजी और चोगा, दोनों हटें संघ हिंदी की बात बहुत जोर से करता रहा है लेकिन उसे पता नहीं कि हिंदी आएगी कैसे? वह नौकरानी से महारानी बनेगी कैसे? यह रास्ता डा. लोहिया ने खोला था। उन्होंने कहा था, अंग्रेजी हटाओ। सिर्फ हटाओ, मिटाओ नहीं। संघ अभी तक हिंदी की लड़ाई खाली हाथ लड़ रहा था। कोठारी ने उसके हाथ में ब्रह्मास्त्र दे दिया है। देखें, जावड़ेकर क्या करते हैं? वे टीवी या सिनेमा के पर्दे से उतरकर मंत्री की कुर्सी पर नहीं बैठे हैं। वे जमीनी कार्यकर्ता रहे हैं। एक पत्रकार-परिवार के वारिस हैं। वे जरुर कुछ हिम्मत दिखाएंगे। Read more »
कला-संस्कृति समाज हिंदू धर्म के मंगल प्रतीक October 21, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी हिंदू धर्म में मंगल प्रतीकों का खासा महत्व है। इनके घर में होने से किसी भी कार्य में बाधा उत्पन्न नहीं होती। सभी कार्य मंगलमय तरीके से संपन्न होते हैं। सर्वप्रथम तो आपका घर वास्तु अनुसार होना चाहिए यदि नहीं है तो उसमें कुछ सुधार कर लें। घर में मंगल प्रतीकों या […] Read more » Featured हिंदू धर्म के मंगल प्रतीक
समाज धर्म बनाम राष्ट्रधर्म October 19, 2016 by वीरेंदर परिहार | Leave a Comment दुर्भाग्य का विषय यह कि स्वतंत्र भारत में मुस्लिम लाॅ में व्यक्ति की गरिमा और मानव अधिकारों के हित में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। शहबानों प्रकरण में देश की शीर्ष अदालत यह कह चुकी है कि मुस्लिम समुदाय में निजी कानूनों में सुधार होना चाहिए। Read more » Featured uniform civil code तीन तलाक धर्म राष्ट्रधर्म
समाज मुरारी बापू का जादू मुसलमानों के सिर चढ़ा October 19, 2016 by ललित गर्ग | Leave a Comment मोरारी बापू का जीवन संयम, सादगी, त्याग और समर्पण का विलक्षण उदाहरण है। उनका दिखावा और प्रदर्शन में विश्वास नहीं है। कथा करते समय वे केवल एक समय भोजन करते हैं। उन्हें गन्ने का रस और बाजरे की रोटी काफी पसंद है। वे वसुधैव कुटुम्बकम एवं सर्वधर्म समन्वय के प्रेरक है। आप समस्त धर्मों, परम्परपराओं एवं संस्कृति के समन्वय को महत्व देते हैं। Read more » Featured मुरारी बापू मुरारी बापू का जादू मुरारी बापू का जादू मुसलमानों के सिर
पर्व - त्यौहार समाज दीये मुंडेर पर ही नहीं, घट में भी जलने चाहिए October 19, 2016 by ललित गर्ग | Leave a Comment अधिकतर लोग सिर्फ धन अर्जन को ही सफलता मान लेते हैं और इसी कारण जीवन का रोमांच, उमंग और आनंद उनसे दूर चला जाता है, जबकि गुणों को कमाने वाले लोगों के पास धन एक सहज परिणाम की तरह चला आता है। इसी में शोहरत भी अप्रयास मिल जाती है। साधारणता में ही असाधारणता फलती है। जड़ को सींचने से पूरे पौधे में फल-फूल आते हैं, जबकि टहनियों को भिगोते रहने से जड़ के साथ ही टहनियां भी सूख जाती हैं। Read more » दीये
शख्सियत समाज बाबा जयगुरुदेव October 17, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment बाबा जय गुरुदेव ने सन् 1962 में मथुरा में ही आगरा-दिल्ली राजमार्ग पर स्थित मधुवन क्षेत्र में डेढ़ सौ एकड़ भूमि ख़रीदकर अपने मिशन को और अधिक विस्तार दिया। जय गुरुदेव आश्रम की लगभग डेढ़ सौ एकड़ भूमि पर संत बाबा जय गुरुदेव की एक अलग ही दुनिया बसी है। उनके अनुनानियों में हर वर्ग के लोग शामिल हैं। Read more » Featured जयगुरुदेव
समाज तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं पर अत्याचार की पराकाष्ठा October 17, 2016 / October 17, 2016 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment आजकल मुस्लिम समाज में तीन तलाक के मुद्दे पर इन दिनों देश में खूब बहस चल रही है और इसे हटा ने की मांग की जा रही है। मु सलमानों में तलाक मुस्लिम पर् सनल लॉ यानी शरिया के जरिए होता है।यह बहुत ही रूढ़िवादी कानून है आज देश का कानून भारतीय संवि धान के अनुसार चलता है फिर भी मु Read more » तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं पर अत्याचार की पराकाष्ठा सामान नागरिक कानून
समाज आंतरिक जीवन ही महानता का सच्चा मार्गदर्शक है October 17, 2016 by शालिनी तिवारी | Leave a Comment प्रकृति का अनुपम विधान ब्रह्माण्ड़ और उसकी अनुपम कृति मानव है । भूतल पर प्रकृति द्वारा सभी वस्तुएँ प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से उसी के निमित्त है । इनका अनुकूलम उपयोग करके मानव कल्याण सम्भव है । अगर आज सारी दुनियॉ उद्दाम भोगवादी कार्यों से ग्रस्त है, तो यह महान चिंता का विषय है । विश्व गुरू का दर्जा प्राप्त भारत भी आज इससे अछूता नहीं है । Read more » आंतरिक जीवन महानता महानता का सच्चा मार्गदर्शक
शख्सियत समाज जन्मदिवस विशेष: ‘हमारे अमर कलाम…” October 15, 2016 by अनुज हनुमत | 1 Comment on जन्मदिवस विशेष: ‘हमारे अमर कलाम…” कलाम सर 84 साल के सबसे युवा भारतीय थे। मृत्यु से कुछ क्षण पहले तक उनमें वैसा ही जोष और उत्साह था जैसा आप युवाओं में देखते है। उनकी मृत्यु स्वाभाविक तौर पर ऐसे समय हुई जब वे अपने सबसे प्रिय विषय में युवाओं को संबोधित कर रहे थे। कलाम सर महान भारत के वास्तविक प्रतिक, आदर्ष नागरिक और सर्वाधिक सकारात्मक भारतीय थे। Read more » Bharat Ratna APJ Abdul Kalam Featured एपीजे अब्दुल कलाम कलाम
समाज सार्थक पहल अब नहीं होगी उनकी जिंदगी धुंआ-धुंआ… October 15, 2016 by मनोज कुमार | Leave a Comment श्रीमती शांति मोहन साहू का अब अपनी सास और बेटी रिश्ता और अधिक मजबूत हो रहा है। छुरिया विकासखंड की ग्राम खुर्सीपार निवासी श्रीमती शांति साहू उज्ज्वला योजना के तहत मिले गैस चूल्हे से अब अपनी बेटी को उसकी मन-पसंद सब्जी और अपनी सास को उनका पसंदीदा खाना आधे घंटे में बनाकर दे देती है। इस गैस कनेक्शन के कारण अब शांति साहू की बेटी और सास जब चाहे तब गरमा-गरम खाना पका कर आसानी से खा लेते है। Read more » Featured PM Ujwalla Yojna प्रधानमंत्री उज्जवला योजना
समाज सिनेमा भारतीय सिनेमा में मुस्लिम प्रभाव को बढ़ावा October 15, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 2 Comments on भारतीय सिनेमा में मुस्लिम प्रभाव को बढ़ावा सलमान खान, शाहरुख खान, आमिर खान, सैफ अली खान, नसीरुद्दीन शाह, फरहान अख्तर, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, फवाद खान जैसे अनेक नाम हिंदी फिल्मों की सफलता की गारंटी बना दिए गए हैं। अक्षय कुमार, मनोज कुमार और राकेश रोशन जैसे फिल्मकार इन दरिंदों की आंख के कांटे हैं। तब्बू, हुमा कुरैशी, सोहाअलीखान और जरीनखान जैसी प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों का कैरियर जबरन खत्म कर दिया गया क्योंकि वे मुस्लिम हैं और इस्लामी कठमुल्लाओं को उनका काम गैरमजहबी लगता है। फिल्मों की कहानियां लिखने का काम भी सलीम खान और जावेद अख्तर जैसे मुस्लिम लेखकों के इर्द-गिर्द ही रहा जिनकी कहानियों में एक भला-ईमानदार मुसलमान, एक पाखंडी ब्राह्मण, एक अत्याचारी - बलात्कारी क्षत्रिय, एक कालाबाजारी वैश्य, एक राष्ट्रद्रोही नेता, एक भ्रष्ट पुलिस अफसर और एक गरीब दलित महिला होना अनिवार्य शर्त है। Read more » Featured भारतीय सिनेमा भारतीय सिनेमा में मुस्लिम प्रभाव मुस्लिम प्रभाव मुस्लिम प्रभाव को बढ़ावा