समाज थोडा पढे तो गांव छोड दे , ज्यादा पढे तो नगर ; February 13, 2017 by मनोज ज्वाला | 6 Comments on थोडा पढे तो गांव छोड दे , ज्यादा पढे तो नगर ; थोडा पढे तो गांव छोड दे , ज्यादा पढे तो नगर ; और पढे सो देश छोड दे , मैकाले-शिक्षण का जो असर ! मनोज ज्वाला हिन्दुस्तान टाइम्स में प्रकाशित एक सर्वेक्षण को ले कर लिखे मेरे एक लेख- “देश छोडने को तैयार नवजवान” पर मेरे मेल-बाक्स में देश-विदेश से बुद्धिजीवियों की प्रतिक्रियायें लगातार आ […] Read more » Featured ज्यादा पढे तो नगर ; थोडा पढे तो गांव छोड दे
समाज तमाशा बनते ‘फ़तवे’ व ‘फ़तवेबाज़’ February 13, 2017 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment तनवीर जाफ़री फ़तवा इस्लाम धर्म से जुड़ी एक ऐसी व्यवस्था को कहा जाता है जिसमें इस्लाम धर्म का ज्ञान रखने वाले शिक्षित लोगों की एक समिति अथवा धार्मिक मामलों के जानकार यानी मुफ़्ती द्वारा अपने अनुयाईयों को दिशा निर्देश जारी किया जाता है। आमतौर पर फ़तवा लेने या देने की स्थिति उस समय पैदा होती […] Read more » ‘फ़तवेबाज़’ Featured तमाशा बनते ‘फ़तवे’ तमाशा बनते फ़तवेबाज़
समाज नशा, युवा और हमारा समाज February 13, 2017 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment नाजिम अलि मिनहास सीमावर्ती जिला पुंछ राजनीतिक और आर्थिक समस्याओं के कारण हमेशा सुर्खियों में बना रहता है। कहीं न कहीं इसका प्रभाव पूरे देश पर पड़ रहा है। सीमा पर होने के कारण सामान्यतः यह क्षेत्र ऐसी स्थितियों से घिरा रहता है लेकिन एक अन्य समस्या जो इस जिले के लिए सबसे बड़ी समस्या […] Read more » नशा युवा हमारा समाज
समाज प्राइमरी स्कूल ख़ामोश हैं ! February 13, 2017 by शालिनी तिवारी | Leave a Comment शालिनी तिवारी दास्तान: आज भारत के अधिकतर क्षेत्रों में निःस्वार्थ भाव से समाज को प्राथमिक शिक्षा बाँटता हुआ प्राइमरी स्कूल गाँवों, कस्बों या शहरों के एक कोने में तन्हा दिखाई दे रहा है. कई दशक पुराना प्राइमरी स्कूल गाँव में बसा होने के बावजूद गाँव से ही अलग-थलग पड़कर अपने वजूद की लड़ाई लड़ रहा […] Read more » प्राइमरी स्कूल
मनोरंजन समाज सिनेमा “अलिफ़” के अधूरे सबक February 10, 2017 by जावेद अनीस | Leave a Comment जावेद अनीस मुस्लिम समाज में शिक्षा की चुनौती जैसे भारी-भरकम विषय को पेश करने का दावा, “लड़ना नहीं, पढ़ना जरूरी है” का नारा और जर्नलिस्ट से फिल्ममेकर बना एक युवा फिल्मकार, यह सब मिल कर किसी भी फिल्म के लिए एक जागरूक दर्शक की उत्सुकता जगाने के लिए काफी हैं. निर्देशक ज़ैगम इमाम के दूसरी फिल्म ‘अलिफ’ के साथ ना […] Read more » “अलिफ़” के अधूरे सबक Alif
समाज भारत छोड विदेशों में बसना चाहते नवजवान February 3, 2017 by मनोज ज्वाला | 27 Comments on भारत छोड विदेशों में बसना चाहते नवजवान मैकाले-अंग्रेजी शिक्षा पद्धति का परिणाम मनोज ज्वाला २० दिसम्बर २०१६ के हिन्दुस्तान टाइम्स में प्रकाशित उसके एक सर्वेक्षण पर गौर करने की जरुरत है , जिसमें बताया गया है कि हमारे देश के पढे-लिखे और शहरी नवजवानों में से आधे से अधिक ऐसे हैं , जो अपने भारत देश को पसंद नहीं करते ; वे […] Read more » Featured youngster wants to settle abroad नवजवान भारत छोड विदेशों में बसना चाहते नवजवान मैकाले-अंग्रेजी शिक्षा पद्धति
खान-पान समाज जंकफूड से बीमार हो रहा है समाज February 2, 2017 / February 2, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग दुनिया भर में सबसे ज्यादा लोग खानपान की विकृति की वजह से बीमार हो रहे हैं। खानपान की इस विकृति का नाम है जंकफूड और इससे पैदा हुई महामारी का नाम मोटापा है। स्थिति तब और भी ज्यादा गंभीर हो जाती है, जब हमें पता चलता है कि इनमें चैथाई तो बच्चे हैं। […] Read more » Featured जंकफूड जंकफूड से बीमार बीमार हो रहा है समाज समाज
महिला-जगत समाज नारी तुम केवल श्रद्धा हो…? February 1, 2017 by अनिल अनूप | Leave a Comment -अनिल अनूप नारी के सम्बन्ध में मनु का कथन ”पितारक्षति कौमारे……….न स्त्री स्वातंन्न्यम् अर्हति।” वहीं पर उनका कथन ”यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता”, भी दृष्टव्य है वस्तुतः यह समस्या प्राचीनकाल से रही है। इसमें धर्म, संस्कृति साहित्य, परम्परा, रीतिरिवाज और शास्त्र को कारण माना गया है। भारतीय दृष्टि से इस पर विचार करने की […] Read more » नारी
समाज सार्थक पहल कैशलैश होते छत्तीसगढ़ के छोटे-छोटे गांव January 27, 2017 by मनोज कुमार | Leave a Comment -प्रियंका तावड़े समय के साथ कदमताल करता छत्तीसगढ़ एक ऐसे राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हुआ है जिसके लिए नवाचार करना उसके व्यवहार में शामिल हो चुका है। इसकी ताजा मिसाल है छत्तीसगढ़ राज्य का कैशलेश की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाना। आमतौर पर लोगों की सोच है कि छत्तीसगढ़ […] Read more » Featured कैशलैश छत्तीसगढ़ के छोटे-छोटे गांव
समाज पर्दाः सियासत और हक़ीक़त January 27, 2017 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी आमतौर पर पर्दा या नक़ाब या हिजाब प्रथा को इस्लाम धर्म से जोड़कर देखा जाता है। इस प्रथा को लेकर इस्लाम धर्म तथा इस्लामिक देशों में भी न केवल अलग-अलग तरह की राय है बल्कि पर्दा,हिजाब या नकाब धारण करने के महिलाओं के अलग-अलग तरीके भी हैं। अरब के कई देशों में सिर […] Read more » burkha Featured hizab naqab पर्दा सियासत और हक़ीक़त
समाज नशीले पदार्थों का हब बनकर रह गया है पंजाब January 26, 2017 by अनिल अनूप | 1 Comment on नशीले पदार्थों का हब बनकर रह गया है पंजाब अनिल अनूप लगभग 50 वर्ष और उसके आसपास की उम्र वाली पीढ़ी जब 15 से 30-35 वर्ष की थी उस समय को याद करें तो पता चलेगा कि तब बीड़ी सिगरेट तक का सेवन करने की हिम्मत घर परिवार, नजदीकी रिश्तेदारों और बुजुर्गो के सामने होती ही नहीं थी, शराब या किसी दूसरे नशे का […] Read more » अल्कोहलिक्स एनोनीमस आत्महत्या ड्रग्स फ्री इंडिया नशीले पदार्थों का हब नारकोटिक्स एनोनीमस पंजाब
समाज पुरातन परंपरा पर विवेकपूर्ण बहस हो January 25, 2017 by महेश तिवारी | Leave a Comment तमिलनाडु में पोंगल के अवसर पर मनाया जल्लीकट्टू सांडों को काबू करने का प्राचीन खेल है। जो सर्वोच्च न्यायालय की ओर से लगाए गए प्रतिबंध का विरोध आंदोलन की शक्ल में तब्दील होता दिख है। राज्य की जनता इसे अपनी अस्मिता और सांस्कृतिक पहचान के साथ जोड़कर देख रही है, लेकिन एनजीओ की याचिका पर […] Read more » Featured Jallikattu असम में बुलबुल की लड़ाई आंध्रप्रदेश में मुर्गा लड़ाई एनिमल वेलफेयर बोर्ड़ गोआ में बैलों की लड़ाई जल्लीकट्टू तमिलनाडु में पोंगल तमिलनाड़ू में जल्लकट्टू सल्लीकट्टू