शख्सियत समाज जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख – एक तुलनात्मक विश्लेषण October 11, 2016 by हरिहर शर्मा | Leave a Comment नानाजी अक्सर राजा राम की तुलना में वनवासी राम की अधिक प्रशंसा करते थे । उनका कहना था कि राजा के रूप में राम इसलिए अधिक सफल हुए, क्योंकि उन्होंने वन में रहते हुए गरीबी को जाना, समझा | इसीलिए नानाजी ने भी राजनीति से विराम लेकर गरीब वर्गों के उत्थान के लिए अपना जीवन खपाने का निर्णय लिया । दीन दयाल शोध संस्थान भी बनाया तो चित्रकूट में, जहाँ वनवास के दौरान भगवान राम ने अपना समय व्यतीत किया । अपने चित्रकूट प्रवास के दौरान नानाजी ने वहां के पिछड़ेपन, अशिक्षा और अंधविश्वास में डूबी जनता का मूक रुदन अनुभव किया । Read more » Featured जयप्रकाश नारायण नानाजी देशमुख
समाज सुधार क्यों नहीं चाहता मुस्लिम समुदाय October 11, 2016 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | 1 Comment on सुधार क्यों नहीं चाहता मुस्लिम समुदाय यह कैसी प्रथा है कि फोन पर, ई-मेल से, एसएमएस से या पत्र से भी तीन बार तलाक-तलाक-तलाक कह देने भर से संबंध खत्म कर लिया जाता है। मुस्लिम महिला को इसमें समानता का अधिकार कहाँ है? उसके पास तो अपना पक्ष रखने का अवसर भी नहीं है। इस कुरीति का समर्थन करने के लिए यह कहना कि यदि पुरुष के पास तीन तलाक का अधिकार नहीं होगा, तब वह महिला से छुटकारा पाने के लिए उसकी हत्या कर देगा। इसलिए तीन तलाक महिलाओं के हक में है, क्योंकि इससे उनका जीवन सुरक्षित होता है। यह कठमुल्लापन नहीं, तो क्या है? Read more » Featured triple talaq uniform civil code सुधार क्यों नहीं चाहता मुस्लिम समुदाय
समाज आतंक के विरुद्ध भारतीय मुसलमानों की एकजुटता October 9, 2016 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment परंतु अब भारतीय मुसलमान एकमत होकर यह ठान चुके हैं कि वे यह प्रमाणित करके रहेंगे कि आतंकवाद से इस्लामी शिक्षाओं का कोई लेना-देना नहीं है। और जो आतंकवादी है वह मुसलमान नहीं हो सकता। इस दिशा में सबसे बड़ा कदम यह भी उठाया गया है कि मुस्लिम उलेमाओं ने सामूहिक रूप से यह फैसला किया है कि सीमा पार से आने वाला कोई भी आतंकी यदि भारत की धरती पर मार गिराया जाता है तो यहां के मुसलमान उलेमा उसके जनाज़े पर नमाज़ तक नहीं पढ़ेंगे। Read more » Featured Muslims unity against terrorism आतंक के विरुद्ध भारतीय मुसलमानों की एकजुटता
समाज रावण-दहन से ज्यादा जरुरी है मैकाले-दहन October 9, 2016 by मनोज ज्वाला | Leave a Comment मालूम हो कि ईस्ट इण्डिया कम्पनी के माध्यम से भारत पर अपना औपनिवेशिक शासन-साम्राज्य कायम कर लेने के पश्चात अंग्रेजों ने पहले तो अपने साम्राज्यवादी उपनिवेशवाद का औचित्य सिद्ध करने के लिए अपने तथाकथित विद्वानों-भाषाविदों के हाथों प्राचीन भारतीय शास्त्रों-ग्रन्थों को अपनी सुविधा-योजनानुसार अनुवाद करा कर उनमें तदनुसार तथ्यों का प्रक्षेपण कराया और फिर बाद में भारतीय शिक्षण-पद्धति Read more » Featured मैकाले मैकाले-दहन रावण-दहन
शख्सियत समाज रावण की 10 अच्छाइयां October 8, 2016 / October 8, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी रावण रामायण का एक विशेष पात्र और एक केंद्रीय प्रतिचरित्र है। वह लंका का राजा था। वह अपने दस सिरों के कारण भी जाना जाता था (साधारण से दस गुणा अधिक मस्तिष्क शक्ति), जिसके कारण उसका नाम दशानन {दश (दस) + आनन (मुख)} भी था। किसी भी कृति के लिये अच्छे पात्रों […] Read more » 10 goodness of Ravana रावण की 10 अच्छाइयां
समाज आतंकवाद रुपी रावण का दहन जरूरी October 8, 2016 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment विजयदशमी सिर्फ बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक ही नहीं है, बल्कि आपसी सद्भाव का उत्कृष्ट उदाहरण भी है। विजयदशमी के दिन प्रत्येक नागरिक को अपने अंदर मानवीय मूल्यों का संचार करने का संकल्प लेना चाहिए और समाज में ऐसा माहौल बनाने कि कोशिश करनी चाहिए जहां हमेशा शांति और भाईचारा हो। आज के दिन प्रत्येक व्यक्ति को शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत बनाने का संकल्प लेना चाहिए, जो देश के विकास और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। Read more » आतंकवाद विजयदशमी पर्व
शख्सियत समाज दिव्यसंत देवरहा बाबा October 7, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment बाबा के आशीर्वाद कांग्रेस प्रचंड बहुमत प्राप्त किया:-देश में आपातकाल के बाद हुए चुनावों में जब इंदिरा गांधी हार गईं तो वह भी देवरहा बाबा से आशीर्वाद लेने गईं। उन्होंने अपने हाथ के पंजे से उन्हें आशीर्वाद दिया। Read more » Featured दिव्यसंत देवरहा बाबा
समाज कुपोषण से मुक्त होगा झारखंड October 6, 2016 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में लड़की की कम उम्र में शादी और मां बनने से बच्चे कुपोषित जन्म ले रहे हैं। कम उम्र की मां ने गर्भधारण के मानकों का पालन नहीं किया और 6 माह तक बच्चे को स्तनपान भी नहीं कराया, इस कारण बच्चे कुपोषण के शिकार हो रहे है। इंडियन कांउसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च का कहना है कि 65 ग्राम दाल बच्चों को दिया जाना चाहिए लेकिन राज्य में 30 ग्राम दाल भी उन्हें नहीं मिल रहा है। Read more » Featured Jharkhand to get rid from Malnutrition malnutrition कुपोषण कुपोषण से मुक्त कुपोषण से मुक्त होगा झारखंड झारखंड
समाज ऐसे निर्दयी रिश्तों और समाज का मूल्य क्या है? October 5, 2016 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | Leave a Comment कितने ही पुत्र, पिता और भाई आत्मग्लानी, तनाव, रुदन और आत्मघात के शिकार हो रहे हैं। बावजूद इसके ऐसे मामले सूचना क्रान्ति के वर्तमान युग में भी दबे-छिपे रहते हैं, क्योंकि आत्मीय रिश्तों को किसी भी तरह से बचाने की जद्दो-जहद में इस प्रकार की अन्यायपूर्ण घटनाएं चाहकर भी व्यथित पक्ष द्वारा औपचारिक तौर पर सार्वजनिक रूप उजागर नहीं की जाती हैं Read more » Featured निर्दयी रिश्तों और समाज का मूल्य समाज
आर्थिकी समाज समृद्धि का अर्थ-तंत्र October 4, 2016 by डॉ. मधुसूदन | 2 Comments on समृद्धि का अर्थ-तंत्र धनी व्यक्ति की मितव्ययिता समृद्धि नहीं लाती। वो धन को रोककर उत्पादन या सेवा रोक देता है। इस लिए, समर्थ और धनी व्यक्ति की मितव्ययिता (कम खर्च ) देश की समृद्धि नहीं ला सकती। Read more » Featured किसकी मितव्ययिता स्वीकार्य है भारतीय समृद्धि-प्रक्रिया समृद्धि का अर्थ-तंत्र स्वदेशी
समाज सार्थक पहल जैन-संसदः आंदोलन का आह्वान October 4, 2016 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment हर व्यक्ति कम से कम एक मांसाहारी व्यक्ति को शाकाहारी बनाने की भरपूर कोशिश करेगा ताकि जीव-दया को अमली जामा पहनाया जा सके। हर व्यक्ति कम से कम एक पेड़ लगाएगा और उसकी देखभाल भी करेगा। Read more » Featured आंदोलन का आह्वान जैन-संसद
समाज सार्थक पहल महिलाओं के लिए बकरियां एटीएम से कम नही October 4, 2016 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment मालुम हो कि बदायूं में बकरी चराने की कोई परेशानी नहीं है, क्योंकि ज्यादातर परिवारों के पास अपनी कृषि भूमि हैं, वह अपनी बकरियों को गेहूं, मक्का और अन्य फसलों के अपशिष्ट खिलाकर उनका पालन पोषण करते हैं। बिस्मिल्लाह समूह की सभी दस महिला सदस्य इस समय बकरियां-पालन कर रही हैं, पुरुष भी महिलाओं के साथ इस काम को बढ़ावा देकर अच्छा मूल्य प्राप्त कर रहे हैं। Read more » Featured महिलाओं के लिए बकरियां एटीएम से कम नही