पर्यावरण समाज विश्व पशु कल्याण दिवस October 4, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment 18 राज्यों में गो-हत्या पर पूरी या आंशिक रोक है| ये रोक 11 राज्यों – भारत प्रशासित कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महराष्ट्र, छत्तीसगढ़, और दो केन्द्र प्रशासित राज्यों – दिल्ली, चंडीगढ़ में लागू है| गो-हत्या क़ानून के उल्लंघन पर सबसे कड़ी सज़ा भी इन्हीं राज्यों में तय की गई है| हरियाणा में सबसे ज़्यादा एक लाख रुपए का जुर्माना और 10 साल की जेल की सज़ा का प्रावधान है | वहीं महाराष्ट्र में गो-हत्या पर 10,000 रुपए का जुर्माना और पांच साल की जेल की सज़ा है| Read more » Featured World Animal Day विश्व पशु कल्याण दिवस
समाज देश आज अधीर है। October 1, 2016 by डॉ. मधुसूदन | Leave a Comment डॉ. मधुसूदन अब कुंभकरन जागो है। कुंभकरन जागो है। सात दसक सोयो थो। अब बहुत भूखो है। सब कुछ चएतो है अब कुंभकरन जागो है।॥१॥ *** भारत जन-तंतर भाया, एक परदान काम करैगो, परजा जन हक से सोवैगो, केवल वोट ही देवैगो। अब कुंभकरन जागो है॥२॥ *** अक्रमण्यता अदिकार, इनको किस्ना गीता में बोल्ल्यो है। […] Read more » Featured देश आज अधीर है।
समाज छोटी-छोटी बातें October 1, 2016 by मनोज कुमार | 1 Comment on छोटी-छोटी बातें सच ही तो है कि हम किताब के पन्ने एक साथ नहीं पढ़ सकते. एक वाक्य पूरा पढऩे के बाद दूसरा वाक्य और इस तरह आगे बढ़ते हुए हम पूरी किताब पढ़ लेते हैं. जिंदगी किसी किताब से क्या कम है? इसे भी तो एक एक वाक्य की तरह ही पढऩा होगा. जीने के लिए बड़े सपने देखना बुरा नहीं है लेकिन सपने को सच करने के लिए बेबी स्टेप लेना होगा Read more » छोटी-छोटी बातें
शख्सियत समाज गांधी का सेवा संकल्प October 1, 2016 by मनोज कुमार | Leave a Comment , उनके कहे अनुरूप जीवन जीना और दूसरों को सिखाना कि बापू कैसे सादगी भरा जीवन जीते थे,संभवत: इनके बाद शायद ही कोई दूसरा होगा. गांधी विश्व पुरुष हैं। स्वाधीनता, स्वदेशी, स्वराष्ट्र, स्वतंत्रता और समता, अहिंसा, सत्याग्रह और स्वच्छता सहित सारे मूल्य गांधीजी के लिए शब्द भर नहीं थे। उन्होंने सभी मूल्यों को सत्याग्रह की अग्नि आंच में तपाया था। Read more » Gandhi Ji गांधी गांधी का सेवा संकल्प सेवा संकल्प
समाज दान उत्सव- परोपकार की खुशी का जीवन September 29, 2016 by ललित गर्ग | Leave a Comment सचमुच कई तरह से खुशियां देती है यह जिंदगी। खुशी एवं मुस्कान भी जीवन का एक बड़ा चमत्कार ही है, जो जीवन को एक सार्थक दिशा प्रदत्त करता है। हर मनुष्य चाहता है कि वह सदा मुस्कुराता रहे और मुस्कुराहट ही उसकी पहचान हो। क्योंकि एक खूबसूरत चेहरे से मुस्कुराता चेहरा अधिक मायने रखता है, लेकिन इसके लिए आंतरिक खुशी जरूरी है। Read more » Featured खुशी का जीवन दान उत्सव परोपकार परोपकार की खुशी
समाज देह की मंडी में जली चेतना की महामशाल September 29, 2016 by जगदीश यादव | Leave a Comment लेकिन दलाल और यहां तक कि गरीब परिवारों के अभिभावक लड़कियों को 18 वर्ष से ज्यादा का बताने की कोशिश करते हैं। महाश्वेता ने कहा, ‘ हम पहले पूछते हैं कि क्या वे 18 वर्ष से ज्यादा की है। अधिकतर वे झूठ बोलती हैं। 16 साल की लड़की को देखकर यह बताना बहुत मुश्किल होता है कि वह 16 की है या 18 की। ऐसी स्थिति में हम उनकी असल उम्र पता लगाने के लिए एक्स रे परीक्षण करते हैं। Read more » Featured जली चेतना की महामशाल देह की मंडी
शख्सियत समाज कलियुग के अग्रदूत – महाराजा अग्रसेन September 29, 2016 / September 29, 2016 by विमलेश बंसल 'आर्या' | Leave a Comment महाराजा अग्रसेन एक इतिहास पुरुष थे, वह पिता बल्लभसेन के एक सच्चे अग्र आर्य पुत्र थे। महाभारत काल के दौरान हुई हिंसा में समाप्त हो रही आर्य अग्र वैश्य जाति की दयनीय स्थिति को देख विचलित हो उठे, क्योंकि महाभारत के युद्ध में लगे पैसे से व्यापारी वर्ग प्रायः समाप्त हो चला था। चारों ओर पैसे के अभाव में गरीबी, भुखमरी, लड़ाई-झगड़े, अशांति का माहौल पैर पसार रहा था। इस बात को उन्होंने विचारा और संकल्प किया कि पुनः इस खोयी हुई गरिमा को वापिस लाकर ही दम लूँगा। पिता बल्लभसेन तो पांडवों के साथ लड़ते-लड़ते वीरगति को प्राप्त हो गए थे| Read more » Featured महाराजा अग्रसेन
समाज मैंने नौवीं कक्षा से स्कूल छोड़ दिया है”। . September 28, 2016 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment गांव हाड़ी मे हर व्यक्ति शिक्षा के लाभ से अवगत है लेकिन शिक्षा प्रणाली में खामियां होने के कारण यहां के बच्चे अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं। इस बारे में एक बुजुर्ग का कहना है कि "इस क्षेत्र को राजनीतिक भेदभाव की वजह से नजरअंदाज किया जाता है, Read more » Featured
शख्सियत समाज अद्भुत, अकल्पित है स्वर-माधुर्य की साम्राज्ञी लता मंगेशकर September 26, 2016 by ललित गर्ग | Leave a Comment लता मंगेशकर जन्म दिवस- 28 सितम्बर, 2016 ललित गर्ग वो ब्रह्म है। कोई उससे बड़ा नहीं। वो प्रथम सत्य है और वही अंतिम सत्ता भी। वो स्वर है, ईश्वर है, ये केवल संगीत की किताबों में लिखी जाने वाली उक्ति नहीं, ये संगीत का सार है और इसी संगीत एवं स्वर-माधुर्य की साम्राज्ञी है लता […] Read more » Featured लता मंगेशकर स्वर-माधुर्य की साम्राज्ञी लता मंगेशकर
समाज नेटिजन या सिटिजन क्या बनेंगे आप ? September 24, 2016 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment संजय द्विवेदी उपराष्ट्रपति डा.हामिद अंसारी की नई किताब ‘सिटिजन एंड सोसाइटी’ के विमोचन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि “प्रौद्योगिकी के कारण लोग नेट पर आश्रित हो गए हैं, और पारंपरिक सीमाएं विलोपित हो रही हैं। बावजूद इसके परिवार देश की सबसे बड़ी ताकत है।” निश्चय ही प्रधानमंत्री हमारे समय के एक […] Read more » Featured डा.हामिद अंसारी नेटिजन सिटिजन एंड सोसाइटी
समाज चिकित्सा सुविधा से वंचित गर्भवती महिलाएं September 20, 2016 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment पूनम राजस्थान भाई की पत्नी को समय पर चिकित्सा सुविधा और सही दवा नही मिली जिस कारण उसकी मौत हो गई”। ये वाक्य है राजस्थान की तहसील लुनकरनसर के कालू गांव मे रहने वाली 45 वर्षीय भंवरी देवी के। जिन्हे इस बात का बेहद दुख है कि आजादी के इतने वर्षो बाद भी महिलाओं खास कर गांव मे महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए उत्तम सुविधाएं उपलब्ध नही कराई जा रही हैं। कारणवश गर्भवास्था के दौरान उनकी सही देखभाल नही हो पाती और महिलाएं मौत का शिकार हो रही हैं। यूं तो कालू गांव मे और भी कई समस्याएं हैं पर उन सबके बीच गर्भवती महिलाओं के लिए सही चिकित्सा सुविधा न होना चिंताजनक विषय है। यहां के ग्रामीणो से बात करने पर पता चला कि कालू गांव के प्रत्येक मुहल्ले मे स्वास्थ्य केंद्र नही है और जहां है भी वहां पर अच्छे डॉक्टर और नर्से मौजुद नही होती, और जो होते हैं, आपातकालिन स्थिति मे वो भी घर पर आने के लिए तैयार नही होते। ऐसी दयनीय स्थिति मे अक्सर लोगो को परेशानीयों का सामना करना पड़ता है। भंवरी देवी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ इस बारे मे वो बताती है ” मेरी भाभी गर्भवती थी लेकिन समय पर चिकित्सा सुविधा और सही दवा नही मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। आखिरी समय मे उसकी हालत इतनी बिगड़ गई थी कि उसे बिकानेर के अस्पताल मे रेफर कर दिया गया था पर वहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। और प्राइवेट अस्पताल मे ले जाने के लिए हमारे पास पैसे नही थे। ऐसा सिर्फ मेरी भाभी के साथ नही हुआ बल्कि अबतक गांव की कई महिलाओं के साथ हो चुका है”। नाम न लिखे जाने की शर्त पर गांव की एक दुसरी महिला ने बताया कि “यहां आंगनबाड़ी का भी बुरा हाल है। बच्चे के जन्म से लेकर जन्म होने तक गर्भवती महिलाओं को खास व्यवस्था उपलब्ध नही कराई जाती। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों का वजन तो तौल लेती है परंतु जो बच्चे कुपोषण का शिकार होते हैं उनके लिए पोषक तत्व उपलब्ध नही कराया जाता। और बच्चो के लिए भेजा जाने वाला भोजन बच्चों मे कम और जान पहचान वाले लोगो के बीच बांट दिया जाता है। कोई बाहर वाला अगर भोजन लेना चाहे तो उसे उसकी किमत चुकानी पड़ती है”। खराब स्वास्थ्य सुविधा और आंगनबाड़ी की बुरी स्थिति के बारे मे भंवरी देवी ने बताया “मेरी बहू जब गर्भवती थी तो स्वास्थय केंद्र जाकर उसने टिकाकरण तो करा लिया था परंतु वहां से उसे टिकाकरण का कोई कार्ड नही दिया गया। बार बार पूछे जाने पर कहा गया कि आंगनबाड़ी आकर कार्ड प्राप्त किया जा सकता है लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र हमेशा बंद मिलता है। स्वास्थ्य केंद्र मे भी केवल टिकाकरण किया जाता है प्रसव के लिए वहां पर कोई सुविधा उपलब्ध नही है। और नर्सो को बुलाने पर वह घर पर नही आती, यहां तक की दवा भी मुफ्त मे नही बल्कि पैसे देने पर ही मिलती है। ऐसे मे गरीब व्यक्ति इस मंहगाई मे न तो पैसे दे सकता है न ही शहर जाकर इलाज करवा सकता है। मजबुरी मे गांव मे ही इलाज करवाना पड़ता है। भंवरी देवी आगे कहती है “गर्भवती महिला का इलाज यहां के स्वास्थ्य केंद्र मे सही से नही होता और अन्य बिमारीयों के इलाज के लिए जितने भी मरीज आते हैं उन सबको लगभग एक ही दवा दी जाती है। प्रसव की सही सुविधा न मिलने के कारण कितनी गर्भवती महिलाओं की अब तक मौत हो चुकी है, और कितने बच्चों की भी। मालुम हो कि जननी सुरक्षा योजना राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत एक सुरक्षित मातृत्व कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य गरीब गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देते हुए मातृ एंव नवजात मृत्यु दर को कम करना है। इसके बावजुद राजस्थान के कालू गांव की यह स्थिति और दूसरी ओर राजस्थान जननी सुरक्षा योजना की वेबसाईट पर मौजुद आंकड़े चौंकाने वाले हैं। आंकड़े बताते हैं कि भारत मे गर्भावस्था संबधी जटिलताओं के कारण हर साल करीब 67000 महिलाएं दम तोड़ देती हैं। इसी तरह जन्म के एक वर्ष के भीतर करीब 13 लाख बच्चे दम तोड़ देते हैं। विशेष रुप से बात आगर राजस्थान की करें तो मालुम होता है कि प्रतिवर्ष 5300 महिलाओं की मृत्यु गर्भावस्था संबधी जटिलताओं के कारण होती है। इसी तरह लगभग 98500 शिशुओं की मृत्यु जन्म के एक वर्ष के भीतर ही हो जाती है। आंकड़े अपने आप मे सवाल खड़ा करते हैं जिसकी गंभीरता को समझ कर जल्द से जल्द इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि भारत की प्रत्येक मां और बच्चे को सुरक्षा प्रदान की जा सके और जननी-शिशु सुरक्षा जैसी योजनाओं को सफलता प्राप्त हो। Read more » Featured जननी सुरक्षा योजना जननी-शिशु सुरक्षा राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थय मिशन घोटाला
शख्सियत समाज महाराजा अग्रसेन : समाजवादी व्यवस्था के महासूर्य September 20, 2016 by ललित गर्ग | Leave a Comment महाराजा अग्रसेन की जन्म जयन्ती- 1 अक्टूबर, 2016 ललित गर्ग कुशल शासकों की कीर्ति किसी एक युग तक सीमित नहीं रहती। उनका लोकहितकारी चिन्तन कालजयी होता है और युग-युगों तक समाज का मार्गदर्शन करता है। ऐसे शासकों से न केवल जनता बल्कि सभ्यता और संस्कृति भी समृद्ध और शक्तिशाली बनती है। ऐसे शासकों की दृष्टि […] Read more » Featured महाराजा अग्रसेन समाजवादी व्यवस्था के महासूर्य