महत्वपूर्ण लेख राजनीति लेख समाज देश का वास्तविक गद्दार कौन? गांधी-नेहरू या सावरकर March 28, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment भाग-2 देश की राष्ट्रभाषा हिंदी के साथ कांग्रेस की दोगली और राष्ट्रद्रोही मानसिकता प्रारंभ से ही रही। वह यह निर्णय नही कर पाई कि इस देश की राष्ट्रभाषा और राजभाषा हिंदी ही रहेगी और उसे धीरे-धीरे संस्कृतनिष्ठ बनाकर देश की अन्य भाषाओं के उन शब्दों का संस्कृत मूल खोजकर भी उसमें डाला जाएगा जो थोड़े […] Read more » Featured traitor of country India गद्दार गांधी देश नेहरू सावरकर
समाज शब्दों की बाज़ीगरी से विभाजित होता समाज March 28, 2016 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment तनवीर जाफ़री हमारे देश में सक्रिय हिंदूवादी संगठनों द्वारा देश के समस्त भारतवासियों पर थोपा जाने वाला यह फरमान कि यदि भारत में रहना है तो भारतमाता की जय और वंदे मात्रम जैसे नारों का उद्घोष प्रत्येक वर्ग,धर्म व समाज के लोगों को करना ही होगा,यह विषय और अधिक तूल पकड़ता जा रहा है। अब […] Read more » Featured भारतमाता की जय वंदे मात्रम विभाजित होता समाज शब्दों की बाज़ीगरी से विभाजित होता समाज
समाज बाल सुरक्षा की चुनोतियाँ March 27, 2016 by उपासना बेहार | Leave a Comment उपासना बेहार देश में बच्चों की सुरक्षा एक बहुत गंभीर मसला बन कर उभर रहा है। कमजोर, लाचार और वंचित बच्चों को शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना आये दिन करना पड़ रहा है। आज बच्चे कही भी सुरक्षित नही हैं। पहले माना जाता था कि बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित जगह उनका घर होता […] Read more » Featured घरेलू काम नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो पोर्नग्राफी बच्चों के साथ अपराध और हिंसा बच्चों को सुरक्षा बंधुआ मजदूरी बाल तस्करी बाल विवाह बाल सुरक्षा बाल सुरक्षा की चुनोतियाँ भिक्षावृति
महत्वपूर्ण लेख राजनीति समाज देश का वास्तविक गद्दार कौन? गांधी-नेहरू या सावरकर ? भाग 1 March 26, 2016 / March 30, 2016 by राकेश कुमार आर्य | 2 Comments on देश का वास्तविक गद्दार कौन? गांधी-नेहरू या सावरकर ? भाग 1 कांग्रेस ने स्वात्रय वीर सावरकर ‘गद्दार’ कहकर राष्ट्रीय भावनाओं के साथ एक बार पुन: ‘गद्दारी’ की है। वीर सावरकर एक ऐसे व्यक्तित्व का नाम है जिनका समकालीन राजनीति में हर मुद्दे पर अपना ऐसा स्पष्ट चिंतन रहा जो कालातीत बन गया, और आज तक नवीन बना हुआ है। उनकी स्पष्टवादिता और शुद्घ राष्ट्रवादी दृष्टिकोण कांग्रेस […] Read more » Featured गांधी देश का वास्तविक गद्दार नेहरू वीर सावरकर सावरकर
समाज गाली मत देना March 26, 2016 by संजय चाणक्य | 1 Comment on गाली मत देना संजय चाणक्य ‘‘राजनीति घर-घर घुसी,कर डाला विखराव। टुकड़ों में आगंन बटा, किए दिलों में घांव।।’’ आप सबसे माफी का तलबगार हू। सोचता हू अपने कटु शब्दों से आपके दिल पर चोट नही पहुंचाए। पर क्या करे, मन-मस्तिष्क में तैर रहे शब्द को रोक नही पाता हू और दिल की भड़ास खुद-ब-खुद कलम के माध्यम से […] Read more » Featured
समाज डा. नारंग : इतने गुस्से में क्यों हैं लोग? March 26, 2016 by संजय द्विवेदी | 3 Comments on डा. नारंग : इतने गुस्से में क्यों हैं लोग? संजय द्विवेदी यह कितना निर्मम समय है कि लोग इतने गुस्से से भरे हुए हैं। दिल्ली में डा. पंकज नारंग की जिस तरह पीट-पीट कर हत्या कर दी गयी,वह बात बताती है कि हम कैसा समाज बना रहे हैं। साधारण से वाद-विवाद का ऐसा रूप धारण कर लेना चिंता में डालता है। लोगों में जैसी […] Read more » death of Dr.narang Featured the dentist dr. narang Vikaspuri dentist's murder इतने गुस्से में क्यों हैं लोग? डा. नारंग की हत्या
समाज समाज को तोड़ती जातियां March 21, 2016 by निर्भय कर्ण | 2 Comments on समाज को तोड़ती जातियां निर्भय कर्ण जाति एक ऐसा मुद्दा जिससे कोई भी देश अब तक अछूता न रह सका है। कहीं यह धर्म के रूप में तो कहीं समुदाय के रूप में तो कहीं यह क्षेत्रवाद के रूप में निकल कर आता है लेकिन उपरोक्त इन तीनों में सभी प्रकार के जाति निवास करती है। एक समय ऐसा […] Read more » casteism breaking our society casteism in our society concept of casteism Featured social structure broken समाज को तोड़ती जातियां
वर्त-त्यौहार समाज भारतीय संस्कृति के उदार सामाजिक बुनावट की पहचान है होली March 21, 2016 by एम. अफसर खां सागर | Leave a Comment एम. अफसर खां सागर सदियों पूराना होली का त्यौहार तन और मन पर पड़े तमाम तरह के बैर, द्वेष और अहंकार को सतरंगी रंगों में सराबोर करके मानव जीवन में उल्लास और उमंग के संचार का प्रतीक है। होली रंगों, गीतों और वसंत के स्वागत का त्यौहार है। होली के दिनों में हुड़दंग, हुल्लड़, रंग […] Read more » Featured festival of colours Holi उदार सामाजिक बुनावट भारतीय संस्कृति सामाजिक बुनावट की पहचान है होली होली
समाज समाज को खोखला करता तलाक का फैशन March 21, 2016 by अश्वनी कुमार, पटना | 1 Comment on समाज को खोखला करता तलाक का फैशन एक अनजानी मासूम अजनबी सी लाडली अपनी जन्मभूमि को छोड़ किसी पराये घर में पराये व्यक्ति के साथ रहने जाती है, जहाँ उसका अपना कोई नहीं होता सिवाय रिश्तों के| लेकिन हम मर्द उस एहसास को कभी महसूस नहीं कर पाते चाहे वो कितना भी पढ़ा-लिखा हो, कितना भी समझदार क्यूँ न हो? एक रिपोर्ट […] Read more » Featured increasing divorce cases in India खोखला करता तलाक तलाक तलाक का फैशन तलाक का बढ़ता प्रचलन समाज
शख्सियत समाज भारत के महान खगोलशास्त्री आर्यभट्ट March 20, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment 21 मार्च पर विशेष:- मृत्युंजय दीक्षित भारत के महान खगोलशास्त्री आर्यभट्ट ने खगोलशास्त्र के क्षेत्र में भारत का लोहा दुनिया को मनवाने वाले प्रथम वैज्ञानिक थे। उन्होनें अपने एक ग्रंथ में कलियुग के 3600 वर्ष बाद की मध्यम मेष संक्रान्ति को अपनी आयु 23 बतायी है। इस आधार पर विद्धान आर्यभटट की जन्मतिथि 21 मार्च […] Read more » Aryabhata the great astronomer astronomers mathematician खगोलशास्त्री आर्यभट्ट भारत के महान खगोलशास्त्री आर्यभट्ट
समाज क्या वृद्धाश्रम में हमारे बुजुर्ग खुश रहते हैं? March 19, 2016 / March 20, 2016 by जगदीश वर्मा ‘समन्दर’ | 4 Comments on क्या वृद्धाश्रम में हमारे बुजुर्ग खुश रहते हैं? जगदीश वर्मा ‘समन्दर’ पिछले बरस, अपने पैरों पर खड़ी एक नामी अभिनेत्री ने वृन्दावन के आश्रय सदनों में वृद्ध माताओं की भीड़ पर कहा था कि ‘ये घर छोड़कर यहाँ आती ही क्यूँ हैं ?’ उनके इस बयान पर काफी हो-हल्ला मचा । विपक्षी पार्टियों से लेकर आधुनिक समाजसेवी तबके तक से उनके विरोध में […] Read more » Featured old age homes our old relatives in old age homes relatives in old age home अनाथआश्रम और वृद्धाश्रम एक साथ बनायें वृद्धाश्रमों में हमारे बुजुर्ग
शख्सियत समाज छगन भुजबलः कहानी गजब March 19, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment हमारे देश में सब्जी बेचने वालों ने जो मुकाम हासिल किया है वह शायद ही किसी और पेशे वाले हासिल कर पाने में कामयाब हुए होंगे। सबसे पहले संजय गांधी उत्तरप्रदेश से आसकरण संखवार को लोकसभा का टिकट देकर उन्हें जितवा कर लाए थे। वे सदन में छाए रहते थे। सदन के बाहर भी ऐसी […] Read more » Chagan bhujbal छगन भुजबल