Category: समाज

समाज

इस्लाम की दुर्गति से शर्मशार मानवता

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याद रखें की विपक्षी पार्टियों की मुसलमानपरस्ती भाजपा और मोदी को मई 2014 की ओर ले जा रही है| हिन्दू फिर से गोलबंद हो रहे हैं, ऊपर से सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भाजपा और मोदी की जनता और हिन्दुओं में जो गहरी पैठ बनी है उसका असर 2019 की चुनावों में दिखेगा| राम मंदिर पर हो रहे हल्ले ने यूपी में एक अलग माहौल बनाया है, वहीँ मोदी के विजयादशमी पर लगाए ‘जय श्री राम’ के नारे ने कार्यकर्ताओं और संघ प्रचारकों में नया उत्त्साह फूंक दिया है|

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समाज सार्थक पहल

अंग्रेजी और चोगा, दोनों हटें

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संघ हिंदी की बात बहुत जोर से करता रहा है लेकिन उसे पता नहीं कि हिंदी आएगी कैसे? वह नौकरानी से महारानी बनेगी कैसे? यह रास्ता डा. लोहिया ने खोला था। उन्होंने कहा था, अंग्रेजी हटाओ। सिर्फ हटाओ, मिटाओ नहीं। संघ अभी तक हिंदी की लड़ाई खाली हाथ लड़ रहा था। कोठारी ने उसके हाथ में ब्रह्मास्त्र दे दिया है। देखें, जावड़ेकर क्या करते हैं? वे टीवी या सिनेमा के पर्दे से उतरकर मंत्री की कुर्सी पर नहीं बैठे हैं। वे जमीनी कार्यकर्ता रहे हैं। एक पत्रकार-परिवार के वारिस हैं। वे जरुर कुछ हिम्मत दिखाएंगे।

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