विधि-कानून समाज मुजफ़्फ़रनगर, लव ज़िहाद, और लचर संवैधानिक तंत्र September 25, 2013 by विनोद बंसल | Leave a Comment – विनोद बंसल मुजफ्फरनगर दंगे के बाद अब उच्चतम न्यायालय न सिर्फ़ दंगों की जांच करेगा बल्कि राहत एवं पुनर्वास कार्यो की निगरानी भी करेगा। मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक तनाव की हिंसक झड़पों के बाद उसके भीषण दंगे में तब्दील हो जाने के पीछे शासन और प्रशासन की सुस्ती या षडयत्रों के संकेत साफ दिख रहे […] Read more » लचर संवैधानिक तंत्र
राजनीति समाज सत्तालोलुप, चिंगारी को बना सकते हैं जंगल की आग September 23, 2013 / September 23, 2013 by तनवीर जाफरी | 1 Comment on सत्तालोलुप, चिंगारी को बना सकते हैं जंगल की आग होशियार ! सत्तालोलुप, चिंगारी को बना सकते हैं जंगल की आग तनवीर जाफ़री भारतीय लोकतंत्र कहने को तो विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। परंतु दरअसल हमारे देश का ‘लोक’ विभिन्न वर्गों में जितना अधिक विभाजित है उतना शायद किसी अन्य लोकतांत्रिक देश का नहीं होगा। मज़े की बात तो यह है कि इस व्यवस्था […] Read more » चिंगारी को बना सकते हैं जंगल की आग सत्तालोलुप
समाज पित्तरों के प्रति श्रद्धा का प्रतीक श्राद्ध September 23, 2013 by परमजीत कौर कलेर | Leave a Comment परमजीत कौर कलेर इंसान जब पैदा होता है तभी से शुरू हो जाता है रीति रिवाजों को मनाने का सिलसिला….जो ताउम्र चलता रहता है …. अगर कह लिया जाए कि मौत के बाद भी कुछ पर्व मनाए जाते हैं तो कहना गलत न होगा । जिससे हमारे पूर्वज खुश होकर हमें आशीर्वाद देते हैं आज […] Read more » पित्तरों के प्रति श्रद्धा का प्रतीक श्राद्ध
समाज रोको और टोको-आइना टूट गया शक्लें दिखाने वाला September 21, 2013 by डा. अरविन्द कुमार सिंह | 4 Comments on रोको और टोको-आइना टूट गया शक्लें दिखाने वाला डा. अरविन्द कुमार सिंह जीवन की सर्वोत्तम शिक्षा व्यवहार या मौन के माध्यम से दी जाती हैं। मनोवैज्ञानिक कहते है, सात या आठ साल के उम्र तक बच्चा जो कुछ देखकर या बडो के व्यवहार का निरीक्षण कर सिखता है, वही उसकी सम्पूर्ण जिन्दगी का आधार बनता है। किसी शख्श ने मुझसे पूछा था। […] Read more » आइना टूट गया शक्लें दिखाने वाला
समाज “हम मरब, कउ नहीं बचाई बाबू।” September 17, 2013 / September 17, 2013 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment अविनाश कुमार चंचल चेहरे पर पड़ी झुर्रियां केवल उनके उम्र को बयान नहीं कर रही है, बल्कि उनकी जिंदगी की कहानी बताती है। उस काली मनहूस रात को याद कर जीतलाल की आँखों में आज भी आंसू भर जाते हैं। “उस दिन आधी रात को सब साहब लोग की गाड़ी गांव में आने लगी। साहब […] Read more » "हम मरब कउ नहीं बचाई बाबू।"
शख्सियत समाज विवेकानंद जी शिकागो संभाषण: भारत का वैश्विक परिचय September 10, 2013 / September 10, 2013 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment हमारें इस देश में देव स्वरुप जन्में स्वामी विवेकानंद एक ऐसे विद्वान्, संत, चिन्तक व अद्भुत पुरुष हुए हैं जिन्हें हर दृष्टि से केवल और केवल चमत्कारिक देव पुरुष ही कहा जा सकता है. इस महान विचारक का भारत में जन्मना और इस देव भूमि, हिन्दू भूमि के विचारों को अन्तराष्ट्रीय मंचों पर पुनर्स्थापित करनें […] Read more » विवेकानंद जी शिकागो संभाषण
राजनीति समाज जम्मू कश्मीर में विस्थापित व शरणार्थी September 5, 2013 / September 5, 2013 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 1 Comment on जम्मू कश्मीर में विस्थापित व शरणार्थी जम्मू कश्मीर में विस्थापित व शरणार्थी/ जाके पैर न फटी विवाई--डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री किसी एक देश से दूसरे देश में आकर शरण माँगने वाले व्यक्ति को शरणार्थी कहा जाता है । लेकिन अपने ही देश में किन्हीं कारणों से किसी को अपनी जन्म भूमि छोड़नी पड़े तो वह विस्थापित कहलाता है । यह इन […] Read more » जम्मू कश्मीर में विस्थापित व शरणार्थी
जन-जागरण समाज राजनैतिक इच्छाशक्ति की कमी से बढ़ता आतंकवाद September 4, 2013 by विनोद कुमार सर्वोदय | 2 Comments on राजनैतिक इच्छाशक्ति की कमी से बढ़ता आतंकवाद हमारे देश में मुस्लिमों की जिहादी मनोवृत्ति को उकसाकर जिहाद के नाम पर आतंकवादियों का जाल बिछाकर उनके द्वारा जगह-जगह बम विस्फोट करके निर्दोष हिन्दुओं को लहूलुहाकन करके व नकली नोटो द्वारा देश की अर्थव्यवस्था को चैपट करने वाले इकराम काना, खूंखार आतंकवादी अब्दुल करीम टंुडा व इंडियन मुजाहीद्दीन के सरगना यासीन भटकल के पकडे […] Read more » राजनैतिक इच्छाशक्ति की कमी से बढ़ता आतंकवाद
टॉप स्टोरी समाज दुष्कर्मियों की यह पैरोकार महिलाएं August 30, 2013 / August 30, 2013 by निर्मल रानी | 3 Comments on दुष्कर्मियों की यह पैरोकार महिलाएं निर्मल रानी किसी समय में ‘विश्वगुरु’ समझा जाने वाला भारतवर्ष इन दिनों नित नई बदनामियों से रूबरू होता जा रहा है। सांप्रदायिकता,जातिवाद तथा भ्रष्टाचार जैसे लांछन तो हमारा देश दशकों से झेलता ही आ रहा है परंतु ऋषि-मुनियों व संतों की यह भूमि अब बलात्कार जैसे घृणित अपराध को लेकर पूरे विश्व का ध्यान अपनी […] Read more » दुष्कर्मियों की यह पैरोकार महिलाएं
टॉप स्टोरी समाज इस देश का भगवान ही मालिक है August 29, 2013 / August 29, 2013 by शैलेन्द्र चौहान | 4 Comments on इस देश का भगवान ही मालिक है शैलेन्द्र चौहान जब से दिल्ली में, आसाराम बापू पर जोधपुर में एक नाबालिक लड़की से बलात्कार करने का आरोप लगा है, तब से आसाराम अपने कारनामों और बयानों से लगातार मीडिया की सुर्खियां बटोर रहे हैं। दिल्ली में एक लड़की के साथ हुए सामूहिक बलात्कार के बाद जब लोग सड़कों पर उतरे थे, तब आसाराम […] Read more » इस देश का भगवान ही मालिक है
टॉप स्टोरी समाज अंधविश्वास विरोधी अभियानों के पैरोकार August 28, 2013 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on अंधविश्वास विरोधी अभियानों के पैरोकार प्रमोद भार्गव संदर्भ:- अंधविश्वास विरोधी अभियान के पैरोकार डा नरेन्द्र दाभोलकर की हत्या – अंधविश्वास विरोधी अभियान के पैरोकार किसी भी धर्म या मजहब से संबंधित रहे हों, तार्किक बात कहने का दण्ड उन्हें प्राण गंवाकर ही चुकाना पड़ा है। पाखणिडयों के खिलाफ लड़ार्इ लड़ने वाले समाजसेवी डा नरेन्द्र दाभोलकर इस कड़ी के नवीनतम शिकार […] Read more » डा नरेन्द्र दाभोलकर की हत्या
राजनीति समाज राजनीति का साम्प्रदायीकरण हिन्दू या मुस्लिम? August 28, 2013 / August 28, 2013 by विनोद कुमार सर्वोदय | 1 Comment on राजनीति का साम्प्रदायीकरण हिन्दू या मुस्लिम? आज देश में ऐसा देश का वातावरण ऐसा बन चुका है कि यदि बहुसंख्यक हिन्दू अपने धर्म के प्रति कोई कार्य करते है तो उसे राजनीति से जोड दिया जाता है। आज दुनिया में हिन्दू धर्म को खत्म करने के लिए कथित नकली धर्मनिरपेक्षतावादी तथा सेकुलर मीडिया जोकि भारत विरोधी शक्तियों के हाथों की कठपुतली […] Read more »