समाज देश के सरकारी अस्पतालो में गरीब July 13, 2012 / July 12, 2012 by शादाब जाफर 'शादाब' | Leave a Comment शादाब जफर ‘‘शादाब’’ देश के सरकारी अस्पताल आज खुद किस कदर बीमार है शायद सरकार को ये बताने की जरूरत नही। आज देश की गरीब जनता के लिये इन अस्पतालो में दवाई और इलाज के नाम पर सिर्फ खाना पूरी कर के डाक्टर अपने कर्तव्य की इति श्री कर लेते है। मरीज घंटो तडपने के […] Read more »
समाज दलित मुस्लिम-दलित ईसाई? – मा.गो. वैद्य July 10, 2012 / July 10, 2012 by मा. गो. वैद्य | 3 Comments on दलित मुस्लिम-दलित ईसाई? – मा.गो. वैद्य गत सप्ताह, दिल्ली से प्रकाशित होने वाले ‘ऑर्गनायजर’ इस अंग्रेजी साप्ताहिक में ‘Who is Secular? And what is Secular’ इस शीर्षक का मेरा लेख प्रकाशित हुआ था. इसकी सर्वत्र दखल ली गई इसका मुझे आनंद है. ‘इंडियन एक्सप्रेस’ने भी अपने दि. ५ जुलाई के अंक में ‘व्ह्यू फ्रॉम द राईट’ स्तंभ में विस्तार से उसका […] Read more » दलित ईसाई दलित मुस्लिम
आर्थिकी समाज आर्थिक असमानता की खाई चौड़ी करते बड़े अमीर July 6, 2012 / July 6, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 1 Comment on आर्थिक असमानता की खाई चौड़ी करते बड़े अमीर सिद्धार्थ शंकर गौतम क्रिसिल रिसर्च तथा कोटकवेल्थ के एक अध्ययन के मुताबिक़ वैश्विक अनिश्चितता एवं घरेलू मोर्चे पर आर्थिक सुस्ती के बावजूद देश में बड़े अमीर परिवारों की संपत्ति में लगातार इजाफा हो रहा है| इस इजाफे की दर पांच वर्ष में पांच गुणा तक बढ़ी है| बीते वर्ष बड़े अमीर परिवारों की संपत्ति ६५ […] Read more » आर्थिक असमानता
समाज दहेज़ उत्पीडन से कब मुक्त होगी स्त्री? July 6, 2012 / July 6, 2012 by अनुशिखा त्रिपाठी | Leave a Comment अनुशिक्षा त्रिपाठी मध्यप्रदेश के सागर जिले से एक ह्रदयविदारक खबर आई है| एक २० वर्षीय युवती को उसके ससुरालवाले दहेज़ की मांग पूरी न कर पाने की वजह से पिछले तीन वर्षों से अमानवीय यातना दे रहे थे| उसे इस अवधि में जंजीरों से बांधकर तबेले में रखा गया| इतना ही नहीं इस दौरान उसके […] Read more » women to get rid of dowry
समाज पैसा, मां की कोख, मां के लिये कलंक न बना दे! July 5, 2012 by शादाब जाफर 'शादाब' | 1 Comment on पैसा, मां की कोख, मां के लिये कलंक न बना दे! शादाब जफर ‘‘शादाब’’ बच्चा औरत की कोख में पूरे 9 महीने पलता है हजारो तकलीफे उठाने के बाद जब बच्चा औरत की गोद में आता है तो वो पिछले सारे दुख भूल जाती है और बच्चा भी जब पहली बार बोलना सीखता है तो उस के मुॅह से पहला शब्द सिर्फ और सिर्फ मां ही […] Read more » surrogate mother किराये की कोख सेरोगेसी
समाज प्रवास July 5, 2012 / July 5, 2012 by बीनू भटनागर | 18 Comments on प्रवास आदिकाल मे मानव जब फल इकठ्ठे करके और शिकार करके पेट भरता था, तब भोजन और सुरक्षित स्थान की तलाश मे इधर उधर भटकता था। जब उसने खेती करना और आग जला कर खाना बनाना सीख लिया, उसके बाद एक घर की ज़रूरत हुई इस तरह एक जगह टिक कर लोग रहने लगे पर जब […] Read more » resident indians प्रवास
समाज परिवार नाम की संस्था का मजाक बनाती यह अनोखी शादी July 2, 2012 / July 2, 2012 by अनुशिखा त्रिपाठी | 7 Comments on परिवार नाम की संस्था का मजाक बनाती यह अनोखी शादी अनुशिखा त्रिपाठी संस्कारधानी के नाम से मशहूर जबलपुर के रांझी क्षेत्र के नवदंपत्ति जो इस वर्ष २३ फरवरी को ही दाम्पत्य सूत्र में बंधे हैं अचानक ही बहस का केंद्र बन गए हैं| इन्होंने जो कदम उठाने का विचार किया वह शायद देश का इकलौता ऐसा मामला है जहाँ शादी के चंद माह बाद ही […] Read more » विवाह संस्था
महत्वपूर्ण लेख समाज दलितों के दुश्मन दोस्त / शंकर शरण June 23, 2012 / June 24, 2012 by शंकर शरण | 14 Comments on दलितों के दुश्मन दोस्त / शंकर शरण ऐतिहासिक रूप से ‘दलित’ एक नया अकादमिक-राजनीतिक मुहावरा है जो हिन्दुओं में अनुसूचित जातियों, जनजातियों के लिए प्रयोग किया जाता है। ‘अनुसूचित’ शब्द भी अंग्रेजों की देन है। उस से पहले हिन्दुओं में जातियों की सामाजिक स्थिति की कोई स्थाई श्रेणीबद्धता नहीं थी। ‘दलित’ संज्ञा का प्रयोग सर्वप्रथम स्वामी श्रद्धानन्द ने तब अछूत कहलाने वाले […] Read more » अम्बेडकर दलित
समाज पुस्तिका का पूरा पाठ : श्री गुरुजी और सामाजिक समरसता June 22, 2012 / June 22, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक श्री माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर उपाख्य श्री गुरुजी सामाजिक समरसता के अग्रदूत थे। उनका चिंतन हिंदू समाज के लिए पाथेय है।सुप्रसिद्ध लेखक-पत्रकार श्री रमेश पतंगे ने उनके विचारों का सम्यक अध्ययन कर एक पुस्तिका तैयार की थी। हम इस पूरी पुस्तिका को प्रवक्ता के पाठक के लिए यहां प्रस्तुत कर रहे हैं। […] Read more » राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ श्री गुरुजी सामाजिक समरसता
आर्थिकी समाज भ्रष्टाचार विरोधी आन्दोलन का नेतृत्व और उसके विरोधाभास June 20, 2012 / June 20, 2012 by वीरेन्द्र जैन | 3 Comments on भ्रष्टाचार विरोधी आन्दोलन का नेतृत्व और उसके विरोधाभास वीरेन्द्र जैन देश में भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या है और यही कारण है कि जब भी कोई भ्रष्टाचार के खिलाफ उठ खड़ा होता हुआ दिखता है तो उसके पीछे बहुत सारे लोग यह सोचे बिना ही आ जाते हैं कि जब तक यह समर्थन किसी सार्थक परिवर्तनकारी राजनीति और राष्ट्रव्यापी संगठन के साथ नहीं जुड़ता […] Read more » anti corruption movement contradictions of anti corruption movement भ्रष्टाचार विरोधी आन्दोलन
समाज जारवा आदिवासियों को कानूनी संरक्षण June 20, 2012 / June 20, 2012 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव अंडमान-निकोबार के जारवा आदिवासियों के लिए कानून- लुप्तता के कगार पर खड़ी जनजाति को कानूनी संरक्षण मिलने जा रहा है। इस कानून के अमल के आने के बाद जरवा समुदाय नुमाइश और मनोरंजन के जीव नहीं रह जाएंगे। केंद्र सरकार ने इनके लिए ‘अंडमान-निकोबार द्वीप समूह (आदिवासियों का संरक्षण) संशोधन नियमन विधेयक 2012 […] Read more » legal protection to jarwa community जारवा आदिवासियों के लिए कानून
महत्वपूर्ण लेख समाज कम्युनिस्ट अपराध और उपकार के अंतर को समझें June 16, 2012 / June 16, 2012 by राकेश कुमार आर्य | 1 Comment on कम्युनिस्ट अपराध और उपकार के अंतर को समझें साम्यवाद की विचारधारा क्या भारतीय संस्कृति के अनुकूल है? या साम्यवाद का भारतीय संस्कृति, धर्म और इतिहास से भी कोई संबंध है? यदि इन जैसे प्रश्नों के उत्तर खोजे जाऐं तो ज्ञात होता है कि वास्तविक साम्यवाद भारतीय संस्कृति में ही है। संसार का कम्युनिस्ट समाज भारतीय साम्यवाद को समझ नहीं पाया है और ना […] Read more » difference in communism crime and reward आर.एस.एस. की देशभक्ति कम्युनिस्ट अपराध कम्युनिस्ट उपकार