समाज न्याय का रास्ता साफ करती मीडिया January 7, 2010 / December 25, 2011 by सतीश सिंह | 2 Comments on न्याय का रास्ता साफ करती मीडिया 19 सालों के बाद ऐसा क्या हो गया कि पूरा देश रुचिका गिरहोत्रा को न्याय दिलाने के लिए मरा जा रहा है? देश का गृह मंत्री खुद पूरे मामले पर नजर रखे हुए है। हरियाणा सरकार जल्द ही इस मामले को सी बी आई को सौंपने पर विचार कर रही है। हरियाणा के पूर्व पुलिस […] Read more » media मीडिया रुचिका गिरहोत्रा
समाज पृथ्वी का रक्षा कवच है गाय – मधुभाई कुलकर्णी January 4, 2010 / December 25, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 2 Comments on पृथ्वी का रक्षा कवच है गाय – मधुभाई कुलकर्णी इंदौर, 03 जनवरी। आंइस्टीन ने पत्र में लिखा कि भारत मे ट्रेक्टर का उपयोग न करें। केमिकल फर्टीलाईजर के उपयोग से धरती की धारणा शक्ति कम होती है, इसलिए केमिकल उपयोग न करने की सलाह दी। लेकिन हमने उनकी सलाह नहीं मानी और आज उसका परिणाम भुगत रहे है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माजी ने सृष्टि […] Read more » Cow गो ग्राम यात्रा
समाज नववर्ष का सच January 2, 2010 / December 25, 2011 by रवि शंकर | 1 Comment on नववर्ष का सच वर्ष 2009 समाप्त हो रहा है और वर्ष 2010 प्रारंभ होने वाला है। कहने के लिए नया वर्ष आने वाला है और देश का समृद्ध वर्ग विषेषकर मीडिया बीते वर्ष की समीक्षा व आने वाले वर्ष का स्वागत करने में जुट गए है। वर्ष में एक बार पूरे वर्ष की समीक्षा करनी ही चाहिए, यह […] Read more » New Year नव वर्ष
समाज नए दशक का आगाज January 1, 2010 / December 25, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment 2009 की बिदाई के साथ ही अब नए दशक के स्वागत की तैयारियां आरंभ हो गईं हैं। देश अब विजन 2020 को देख रहा है। आने वाले दस साल भारत के लिए चुनौतियों से भरे होंगे इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है। देखा जाए तो दस से कहीं ज्यादा बडी चुनौती के […] Read more » New Year नया दशक नव वर्ष
समाज दुनियाभर में मनाए जाते हैं कई नववर्ष January 1, 2010 / December 25, 2011 by सरफराज़ ख़ान | 2 Comments on दुनियाभर में मनाए जाते हैं कई नववर्ष विभिन्न संस्कृतियों के देश भारत में एक नहीं दो नहीं, बल्कि अनेक नववर्ष मनाए जाते हैं. यहां के अलग-अलग समुदायों के अपने-अपने नववर्ष हैं. अंग्रेजी कैलेंडर का नववर्ष एक जनवरी को शुरू होता है. इस दिन ईसा मसीह का नामकरण हुआ था. दुनियाभर में इसे धूमधाम से मनाया जाता है. मोहर्रम महीने की पहली तारीख […] Read more » New Year नव वर्ष
समाज नए साल में तलाशें सवालों के जवाब January 1, 2010 / December 25, 2011 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम ने जब देश को 2020 में महाशक्ति बन जाने का सपना दिखाया था, तो वे एक ऐसी हकीकत बयान कर रहे थे, जो जल्दी ही साकार होने वाली है। आजादी के 6 दशक पूरे करने के बाद भारतीय लोकतंत्र एक ऐसे मुकाम पर है, जहाँ से उसे सिर्फ आगे […] Read more » New Year नया साल नव वर्ष
समाज किराये के कोख से जुड़े सवाल December 28, 2009 / December 25, 2011 by सतीश सिंह | Leave a Comment प्रकृति के साथ बार-बार बलात्कार करना अब इंसानी फितरत बन चुका है। विकास की आड़ में प्रकृति के संतुलन को असंतुलित करना वह अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानने लगा है। हालत इतने गंभीर हैं कि इंसानों के क्लोन बनाने की कवायद भी पर्दे के पीछे चल रहे हैं। हमारे डी. एन. ए के साथ छेड़-छाड़ करने […] Read more » Womb किराये के कोख
समाज विरासत : सुनने की फुर्सत हो तो, आवाज़ है पत्थरों में… December 20, 2009 / December 25, 2011 by फ़िरदौस ख़ान | 1 Comment on विरासत : सुनने की फुर्सत हो तो, आवाज़ है पत्थरों में… हरियाणा के हिसार क़िले में स्थित गूजरी महल आज भी सुल्तान फिरोज़शाह तुगलक और गूजरी की अमर प्रेमकथा की गवाही दे रहा है। गूजरी महल भले ही आगरा के ताजमहल जैसी भव्य इमारत न हो, लेकिन दोनों की पृष्ठभूमि प्रेम पर आधारित है। ताजमहल मुग़ल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज़ की याद में 1631 […] Read more » Gujri mahal गूजरी महल
समाज मुस्लिम औरतों की दयनीय स्थिति : ज़रूरत है एक बी आपा की December 18, 2009 / December 25, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 4 Comments on मुस्लिम औरतों की दयनीय स्थिति : ज़रूरत है एक बी आपा की महिलाएं चाहे जिस वर्ग, वर्ण, समाज की हों, सबसे ज्यादा उपेक्षित हैं, दमित हैं, पीड़ित हैं। इनके उत्थान के लिए बाबा साहब भीम राव आंबेडकर ने महिलाओं के लिए आरक्षण की वकालत की थी। महात्मा गांधी ने देश के उत्थान को नारी के उत्थान के साथ जोड़ा था। मुस्लिम औरतों की स्थिति सबसे बदतर है। […] Read more » Muslim lady मुस्लिम औरत
समाज रंभाती संस्कृति को भूलता समाज December 17, 2009 / December 25, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on रंभाती संस्कृति को भूलता समाज गो-माता के विषय में यह तर्क देने की आवश्यकता हिन्दू समाज को नहीं है कि उससे हमको क्या-क्या फायदे हैं। समाचार-पत्र और पत्रिकाएं संभवतः स्मृतिहीन नई-पीढ़ी के लिये ही खनिज-लवण और पौष्टिक तत्वों की लिस्ट छापकर गाय के पक्ष में नारेबाजी करती रही हैं, और निष्कर्ष निकाले जाते हैं कि गाय क्योंकि हमारी आर्थिकी का […] Read more » Society समाज
समाज जातिवाद की आग में झुलस सकता है देश December 16, 2009 / December 16, 2009 by लिमटी खरे | 3 Comments on जातिवाद की आग में झुलस सकता है देश मुगलों और अंग्रेजों के आक्रमण के बाद आजाद हुए छ: दशक से ज्यादा समय बीत चुका है किन्तु देश से जाति के नाम पर वैमनस्य कम होता नहीं दिख रहा है। वोटबैंक सहेजे रखने की खातिर जनसेवकों द्वारा अगडी और पिछडी जातियों के बीच की खाई को पाटने के बजाए बढाने का ही काम किया […] Read more »
समाज अब कहाँ नींद खुलती है गौरैया के साथ December 16, 2009 / December 25, 2011 by प्रदीप श्रीवास्तव | Leave a Comment पाठकों आप में से कई लोगों को याद भी नहीं होगा कि आखिरी बार गौरैया कब देखा था, नई पीढी के बच्चों ने तो केवल अपनी पाठ्य पुस्तकों में ही पढ़ा होगा, वह भी गौरैया नहीं, अंगरेजी में स्पयरो शब्द से ही जानते होंगें. जानेंगे भी कैसे, महानगरों की बात छोडें, अब तो छोटे शहरों के साथ-साथ […] Read more » Sparrow गौरैया