समाज सार्थक पहल इंसानियत अभी ज़िंदा है December 4, 2017 by अरुण तिवारी | Leave a Comment अरुण तिवारी सच है कि अधिक से अधिक धन, अधिक से अधिक भौतिक सुविधा, अधिक से अधिक यश व प्रचार हासिल करना आज अधिकांश लोगों की हसरत का हिस्सा बनता जा रहा है। यहीं यह भी सच है कि ऐसी हसरतों की पूर्ति के लिए हमने जो रफ्तार और जीवन शैली अख्तियार कर ली […] Read more » Featured इंसानियत
विविधा सार्थक पहल न जयप्रकाश आंदोलन कुछ कर पाया न ही अन्ना आंदोलन October 12, 2017 / October 12, 2017 by डॉ नीलम महेन्द्रा | 1 Comment on न जयप्रकाश आंदोलन कुछ कर पाया न ही अन्ना आंदोलन वीआईपी कल्चर खत्म करने के उद्देश्य से जब प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मई 2017 में वाहनों पर से लालबत्ती हटाने सम्बन्धी आदेश जारी किया गया तो सभी ने उनके इस कदम का स्वागत किया था लेकिन एक प्रश्न रह रह कर देश के हर नागरिक के मन में उठ रहा था, कि क्या हमारे देश के […] Read more » Featured अन्ना आंदोलन जयप्रकाश आंदोलन रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल वीआईपी संस्कृति वीआईपी संस्कृति का जड़ सहित नाश
समाज सार्थक पहल अब बैंकों में चलेगी हिंदी October 3, 2017 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment डॉ. वेदप्रताप वैदिक आज गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग ने देश के सभी बैंकों को निर्देश भेजा है कि वे अपनी चेकबुक और पासबुक हिंदी में भी तैयार करें। इस निर्देश का मैं हृदय से स्वागत करता हूं। गृहमंत्री राजनाथसिंह को बधाई कि इस कमी को दूर करने के लिए उन्होंने कमर कस ली है। लेकिन यह […] Read more » banking in hindi बैंकों में हिंदी
समाज सार्थक पहल गृहणी से उद्धयमी बनी गीता देवी August 21, 2017 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment सरस्वती अग्रवाल “व्यवसाय करने के लिए ज़्यादा पढ़ा लिखा होना जरुरी नही है बल्कि रुची होना ज़रुरी है” ये वाक्य है उत्तराखण्ड़ राज्य जनपद चमोली ग्राम भटोली के एक साधारण परिवार की गृहणी गीता देवी का जिन्होने केवल 5वीं तक शिक्षा ग्रहण की है। बावजुद इसके वो एक सफल उद्धमी हैं और हर महीने 3500 से 4000 तक […] Read more » गीता देवी
पर्यावरण समाज सार्थक पहल धरा को बचाने का संघर्ष कर रहे हैं आदिवासी August 6, 2017 by राजू पाण्डेय | Leave a Comment विगत 100 वर्षों में विकास की सबसे ज्यादा कीमत किसी ने चुकाई है तो वे आदिवासी हैं। किसी को उसके घर से विस्थापित कर दिया जाए, उसकी आजीविका के जरिये छीन लिए जाएं और उसकी पहचान बदल कर इस धर्म या उस धर्म की बना दी जाए तो उससे दुर्भाग्यशाली भला और कौन होगा? आदिवासी […] Read more » adiwasi saving environment Featured आदिवासी
समाज सार्थक पहल पलायन को आईना दिखाती पहाड़ की महिला July 26, 2017 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment पंकज सिंह बिष्ट आज जहाँ एक तरफ पहाड़ के लिए पलायन श्राप बना हुआ है। जिसे रोकना सरकार के लिए एक चुनौती है। ऐसे में इसी पहाड़ की महिलायें अपना उद्यम स्थापित कर स्वरोजगार को अपना रही हैं। यह उन युवाओं को भी एक नई राह और एक नई दिशा दिखाने का काम कर रही […] Read more » पलायन
समाज सार्थक पहल आरती का दम, बेटी नहीं हुनर में कम July 26, 2017 by हेमेन्द्र क्षीरसागर | Leave a Comment हेमेन्द्र क्षीरसागर एक जमाना था जब बेटियों को घर की चार दीवारियों में कैद रखकर चुल्हा-चक्की तक सीमित रखा जाता था, पढाई-लिखाई तो उनके लिए दूर की कौडी थी। धीरे-धीरे समय ने करवट बदली और बेटियां बेटों के साथ पढने लगी। यहां तक तो सब कुछ ठीक-ठाक चला किन्तुु कौशलता, कारीगिरी तथा तकनीकी दक्षता के […] Read more » हुनर
खेत-खलिहान जन-जागरण समाज सार्थक पहल शुद्ध पियो शुद्ध जियो July 25, 2017 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment सरस्वती अग्रवाल “शद्ध पियो- शुद्ध जियो” ये लाईन किसी उत्पाद के विज्ञापन की नही बल्कि ये वाक्य है उत्तराखण्ड के राज्य जनपद चमोली के गडोरा गांव के 38 वर्षिय निवासी लक्ष्मण सिंह का। जो फलो का जूस बेचकर परिवार चला रहे हैं। इन्होने 12वीं तक पढ़ाई की है। 3 बेटियों- एक बेटे तथा पत्नी को मिलाकर परिवार […] Read more » फल प्रसंस्करण ट्रेड
समाज सार्थक पहल 40 सालों से समाज की प्यास बुझा रहा है, जिले सिंह July 19, 2017 by ललित कौशिक | Leave a Comment ललित कौशिक पश्चिम की आबोहवा में सब कुछ बहता जा रहा है, इस बहतेपन को ही लोगों ने जिंदगी समझ लिया है, जिस किसी से बात करें या बात नहीं भी करे तो उसको अपने लिए एक शब्द बहुत ही प्रिय लगता है, वो है ‘समाजसेवी’ (social worker) लेकिन ये समाज सेवी सेवा के बदले […] Read more » जिले सिंह
समाज सार्थक पहल बीड़ी ही बना जीने का सहारा। July 18, 2017 by चरखा फिचर्स | 2 Comments on बीड़ी ही बना जीने का सहारा। निकहत प्रवीन बड़ा बेटा उसके बगल में बैठा था और छोटे बेटे को गोद में लिए, सिर झुकाए वो लगातार बीड़ी बनाए जा रही थी। आप कब से इस काम को कर रही हैं? और कोई काम क्यों नही करती? कई बार पूछने पर उसने डबडबाती आंखो और लड़खड़ाती जुबान से जवाब दिया “बचपन से”। ये कहानी है बिहार […] Read more » बीड़ी
समाज सार्थक पहल इन्ही हाथों से तकदीर बना लेंगे July 12, 2017 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment मोहम्मद अनीस उर रहमान खान असफल और मेहनत से परहेज़ करने वाले लोगों के मुंह से सामान्यता: यह वाक्य सुना जाता है कि “भाग्य में ही लिखा था तो क्या करें”। लेकिन समय बदल रहा है और यह वाक्य भी व्यर्थ होता नजर आता है क्योंकि अब लोगों ने अपनी किस्मत पर कम और मेहनत पर अधिक भरोसा करना […] Read more » तकदीर
विविधा सार्थक पहल ‘चिराग का रोजगार’ एक सार्थक पहल July 11, 2017 by ललित गर्ग | Leave a Comment हाल ही में दिल्ली एक बडे़ समारोह में चिराग पासवान ने अपनी इस बहुआयामी एवं मूच्र्छित होती युवा चेतना में नये प्राण का संचार करने वाली योजना को लोकार्पित किया। रोजगार के लिये सरकार पर निर्भरता को कम करने के लिये उन्होंने बड़े आर्थिक-व्यापारिक घरानों एवं बेरोजगार युवकों के बीच सेतु का काम करने की ठानी है। वोट की राजनीति और सही रूप में सामाजिक उत्थान की नीति, दोनों विपरीत ध्रुव है। लेकिन चिराग ने इन विपरीत स्थितियों में सामंजस्य स्थापित करके भरोसा और विश्वास का वातावरण निर्मित किया है। Read more » ‘चिराग का रोजगार’ Chirag Paswan Featured बिहार के युवा सांसद चिराग पासपास