विविधा कन्या-भ्रूण हत्या से उठे सवाल – सारदा बनर्जी October 25, 2012 by सारदा बनर्जी | 1 Comment on कन्या-भ्रूण हत्या से उठे सवाल – सारदा बनर्जी समकालीन भारतीय समाज की भारतीय संविधान पर भरपूर आस्था है। केन्द्र और राज्य की सरकारों की यह जिम्मेदारी है कि वे संविधान प्रदत्त सुरक्षाओं के अनुपालन को सुनिश्चित करें। लेकिन उनकी ढीलेढाले रवैय्ये के कारण बार-बार संविधान प्रदत्त नागरिक अधिकारों के अनुपालन को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इसमें कोई दो राय नहीं है कि […] Read more » कन्या भ्रूण हत्या
विविधा ईमानदार हैं तो निपटा दिए जाएंगे- अरविंद जयतिलक October 25, 2012 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment चोर और भ्रष्ट नुमाइंदों के शासन में ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ लोगों की रीढ़ न टूटे ठीक वैसी ही कल्पना है जैसे व्यभिचारियों के मुहल्ले में सधवा की आबरु का नीलाम न होना। सत्ता की अराजक शक्तियां ईमानदार लोगों को निपटा ही देती हैं। हरियाणा के ईमानदार आईएएस अधिकारी अशोक खेमका का उदाहरण सामने है। ईमानदार […] Read more » अशोक खेमका आरटीआई
विविधा कठघरे में स्वयंसेवी संगठन – प्रमोद भार्गव October 25, 2012 / October 25, 2012 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव देश के स्वयंसेवी संगठन एक बार फिर कठघरे में हैं। केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद की अध्यक्षता वाले डॉ. जाकिर हुसैन स्मृति न्यास के कामकाज पर एक साथ तीन स्तर पर सवाल उठे हैं। सबसे पहले भारत सरकार के न्यास की गड़बडि़यों का नोटिस लिया और उत्तर प्रदेश सरकार को जमीनी स्तर पर […] Read more » एनजीओ स्वयंसेवी संगठन
विविधा संघ के सरसंघचालक मोहनराव भागवत के उद्बोधन का सारांश October 25, 2012 / October 25, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत के श्रीविजयादशमी उत्सव (बुधवार दिनांक 24 अक्तुबर 2012) के अवसर पर दिये गये उद्बोधन का सारांश आज के दिन हमें स्व. सुदर्शन जी जैसे मार्गदर्शकों का बहुत स्मरण हो रहा है। विजययात्रा में बिछुड़े हुये वीरों की स्मृतियाँ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। विजयादशमी विजय का […] Read more » मोहनराव भागवत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
विविधा आजीविका बनी जीविका का साधन October 20, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment दिनेश पंत देश में गरीबी उन्मूलन व आजीविका संवर्धन के लिए आजादी के बाद से ही प्रयास शुरू हो गए थे। तब से अब तक केंद्र और राज्य स्तर पर कई योजनाएं व परियोजनाएं सामने आयीं लेकिन उनमें से कितने अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल हो पाईं यह बहस का विषय है। हालांकि […] Read more »
विविधा जागरूकता से विकास संभव है October 20, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment अभिषेक ज्ञानवानी हमारे देश में भ्रष्टाचार के फलने-फूलने के पीछे सबसे बड़ा कारण आम आदमी का अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं होना है। एक आम भारतीय को यह मालूम ही नहीं है कि उसके मौलिक अधिकार क्या हैं? उसे संविधान ने क्या और कितनी शक्ति प्रदान कर रखी है। उसे इस बात का अहसास […] Read more »
महत्वपूर्ण लेख विविधा प्रवक्ता डॉट कॉम के चार साल पूरे October 16, 2012 / April 9, 2014 by संजीव कुमार सिन्हा | 20 Comments on प्रवक्ता डॉट कॉम के चार साल पूरे आज प्रवक्ता डॉट कॉम के चार साल पूरे हो गए। 16 अक्टूबर 2008 को इसकी शुरूआत हुई थी। उद्देश्य था- इंटरनेट पर राष्ट्रभाषा समृद्ध हो, हिंदी में विचार-विमर्श हो। लगभग पांच सौ लेखक इस मंच से जुड़ चुके हैं, अब तक 6000 से अधिक लेख हम प्रकाशित कर चुके हैं। hypestat.com के अनुसार- Daily Visits:4,877 Daily Pageviews:44,382 Alexa […] Read more » प्रवक्ता डॉट कॉम
विविधा टीचिंग या चीटिंग? October 15, 2012 by वंदना शर्मा (हिस) | Leave a Comment वन्दना शर्मा पिछले दिनों अपनी परीक्षाओं के चलते मैं परीक्षा हॉल में बैठी थी। अपने लिखते से जा रहे हाथों को कुछ समय के लिए थोड़ा आराम दिया। खाली बैठे मैंने यूं ही इधर-उधर बैठे लोगों को देखा। परीक्षा में बैठने वालों का स्वभाव अक्सर ऐसा बन जाता है कि वह खुद से ज्यादा औरों […] Read more » परीक्षा
विविधा क्या कारगर होगा जमीन के हक में समझौता? October 15, 2012 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment संदर्भ:- केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश का सत्याग्रह के साथ करार। प्रमोद भार्गव महात्मा गांधी ने कहा था कि जब राज्य की शक्तियां देश के गरीब व वंचितों के हित साघने का काम न करें तो उसे नियंत्रित करने की क्षमता पैदा कर अहिंसक विरोघ किया जाना चाहिए। इसी विरोध का पर्याय था समग्र […] Read more » एकता परिषद् पीवी राजगोपालन सत्याग्रह
विविधा भ्रष्टाचार के खिलाफ मुंह बंद रखें! October 13, 2012 / October 30, 2012 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | 10 Comments on भ्रष्टाचार के खिलाफ मुंह बंद रखें! देशभक्त, जागरूक और सतर्क लोगों को इस बात पर गम्भीरतापूर्वक विचार करना होगा कि भ्रष्ट जन राजनेताओं से कहीं अधिक भ्रष्ट, देश की अफसरशाही है और पूर्व अफसर से राजनेता बने जन प्रतिनिधि उनसे भी अधिक भ्रष्ट और खतरनाक होते हैं। इन्हें किस प्रकार से रोका जावे, इस बारे में गहन चिंतन करने की सख्त […] Read more » भ्रष्टाचार
विविधा कभी कोशिश न करें नासमझों को समझने की October 13, 2012 by डॉ. दीपक आचार्य | Leave a Comment डॉ. दीपक आचार्य दुनिया में कई प्राणी ऐसे होते हैं जिन्हें समझ पाना आम आदमी के बूते में नहीं होता। इनके बारे में यह भी पता नहीं चल पाता कि वे किस तरफ मुड़ने वाले हैं, किस करवट बैठने और सोने वाले हैं तथा क्या करने वाले हैं। इनमें से कई प्राणियों का स्वभाव ही […] Read more »
महत्वपूर्ण लेख विविधा तमिल की संस्कृत कड़ी – डॉ. मधुसूदन October 11, 2012 by डॉ. मधुसूदन | 14 Comments on तमिल की संस्कृत कड़ी – डॉ. मधुसूदन ॐ तमिल भाषा में ४०% से ५० % तक शब्द तत्सम और तद्भव रूप में पाए जाते हैं। (१) संस्कृत के शब्द भारतीय भाषाओं में दो रूप में, फैले हैं; कुछ तत्सम रूप में और कुछ तद्भव रूप में। सही आकलन के लिए, पहले तत्सम और तद्भव संज्ञाएं समझ लेनी होंगी। वे शब्द ’तत्सम’ (तत्+ […] Read more » तमिल संस्कृत हिंदी