विविधा असुरक्षा के साए में देश की जीवन रेखा ‘भारतीय रेल’ October 11, 2012 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी हमारे देश के व्यापार, आवागमन, डाक व माल-भाड़े की ढुलाई तथा इनके निर्धारित गंतव्य तक पहुंचने से लेकर तमाम औद्योगिक विकास में भारतीय रेल की बहुत बड़ी भूमिका है। यदि यह कहा जाए कि भारतीय रेल के बिना देश का विकास ही संभव नहीं है तो यह कहना भी गलत नहीं होगा। शायद […] Read more » भारतीय रेल
विविधा शख्सियत अस्मिता, आत्मकथा, हिन्दी जाति और रामविलास शर्मा (1) October 10, 2012 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 1 Comment on अस्मिता, आत्मकथा, हिन्दी जाति और रामविलास शर्मा (1) रामविलास शर्मा के जन्मदिन (10 अक्टूबर) पर विशेष हिन्दी साहित्य में रामविलास शर्मा अस्मिता विमर्श के सबसे बड़े आलोचक हैं। हिन्दी में अस्मिता विमर्श स्त्रीसाहित्य और दलित साहित्य से आरंभ नहीं होता बल्कि रामविलास शर्मा के हिन्दी जाति विमर्श से आरंभ होता है। हिन्दी जाति की अवधारणा अस्मिता विमर्श का हिस्सा है और इस पर […] Read more » रामविलास शर्मा
विविधा भारतीय समाज, विविधता, अनेकता एवं एकात्मता October 8, 2012 / October 8, 2012 by डॉ. सौरभ मालवीय | 5 Comments on भारतीय समाज, विविधता, अनेकता एवं एकात्मता डॉ. सौरभ मालवीय भारत का समाज अत्यंत प्रारम्भिक काल से ही अपने अपने स्थान भेद, वातावरण भेद, आशा भेद वस्त्र भेद, भोजन भेद आदि विभिन्न कारणों से बहुलवादी रहा है। यह तो लगभग वैदिक काल में भी ऐसा ही रहा है अथर्ववेद के 12वें मण्डल के प्रथम अध्याय में इस पर बड़ी विस्तृत चर्चा हुई […] Read more »
विविधा फेसबुक और नवें विश्व हिन्दी सम्मेलन के अनुत्तरित सवाल October 8, 2012 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 1 Comment on फेसबुक और नवें विश्व हिन्दी सम्मेलन के अनुत्तरित सवाल जगदीश्वर चतुर्वेदी नौवां विश्व हिन्दी सम्मेलन को समग्रता में देखें तो यह हिन्दी का 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला है। इससे हिन्दीसेवा कम हुई। नौकरशाही,कांग्रेस और संघ परिवार के कारिंदालेखकों -हिन्दीसैनिकों एवं सांसदों की मौजमस्ती ज्यादा हुई। कायदे से राजभाषा संसदीय समिति को इस सम्मेलन की गहराई में जाकर जांच करनी चाहिए और खोजी पत्रकारों को इस […] Read more » विश्व हिन्दी सम्मेलन
विविधा गांधी संग्राहलय में एक दिन… October 6, 2012 / October 8, 2012 by वंदना शर्मा (हिस) | Leave a Comment वन्दना शर्मा “आने वाली पीढ़ी को शायद ही यह यकीन होगा कि गांधी जैसा भी कोई हाड़-मांस का पुतला इस धरती पर चला होगा” यह कथन विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक आइन्स्टाइन ने गांधी जी के व्यक्तित्व से प्रभावित होकर कहे थे। इस वैज्ञानिक के द्वारा कहे गए ये शब्द आज सच लगते हैं। हाल ही में […] Read more » गांधी संग्राहलय में एक दिन...
विविधा सिर्फ पैसों से साक्षरता नहीं बढ़ती October 5, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment मदन मोहन झा हाल ही में योजना आयोग ने उस प्रस्ताव को मंजूर किया है जिसमें राष्ट्रीय औसत से कम साक्षरता दर वाले बिहार समेत कुछ राज्यों को सर्व शिक्षा अभियान के तहत केंद्र और अधिक कोष उपलब्ध कराएगा। इन राज्यों को मौजूदा 65:35 के मुकाबले 75:25 के अनुपात में राशि उपलब्ध कराई जाएगी। वर्ष […] Read more » शिक्षा साक्षरता
महत्वपूर्ण लेख विविधा सोनिया गांधी के दामाद का फर्जीवाड़ा October 5, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 4 Comments on सोनिया गांधी के दामाद का फर्जीवाड़ा रॉबर्ट वाड्रा ने सैकड़ों करोड़ की संपत्ति अर्जित की है. कहां से आए इतने पैसे? पिछले चार सालों में रॉबर्ट वाड्रा ने एक के बाद एक 31 संपत्तियां खरीदी हैं जिसमें से अधिकांश दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों में हैं. इन संपत्तियों को खरीदने में वाड्रा को करोड़ो रुपए चुकाने पड़े हैं. रॉबर्ट वाड्रा […] Read more » रॉबर्ट वाड्रा
विविधा विचारों की सान पर गांधी का मूल्यांकन October 2, 2012 by सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” | Leave a Comment सिद्धार्थ मिश्र‘स्वतंत्र’ सुबह सवेरे एक गीत ने ‘साथी मुबारक तुम्हे हो जश्न ये जीत का,पर इतना याद रहे एक साथी और भी था’ ने मुझे राम प्रसाद बिस्मिल की ये पंक्तियां याद दिला दी । शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा । सोचता हूं किस […] Read more » गांधी का मूल्यांकन
विविधा राष्ट्र भाषा हिंदी की दुर्दशा September 30, 2012 by राकेश कुमार आर्य | 10 Comments on राष्ट्र भाषा हिंदी की दुर्दशा राकेश कुमार आर्य आज हम स्वतंत्र देश के स्वतंत्र नागरिक हैं। हमारी राष्ट्र भाषा हिंदी है, इस भाषा को बोलने वाले विश्व में सबसे अधिक लोग हैं। अंग्रेजी को ब्रिटेन के लगभग दो करोड़ लोग मातृ भाषा के रूप में प्रयोग करते हैं, जबकि हिंदी को भारत वर्ष में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, […] Read more » राष्ट्र भाषा हिंदी की दुर्दशा
महत्वपूर्ण लेख विविधा भारत की सही पहचान – भाग २ September 30, 2012 / October 1, 2012 by विश्वमोहन तिवारी | 1 Comment on भारत की सही पहचान – भाग २ विश्व मोहन तिवारी राष्ट्र की अवधारणा भी वेदों – ऋग्वेद तथा अथर्ववेद – में है। देखें : ऋग्वेद के निम्नोक्त मंत्र हमारी मातृभूमि तथा संस्कृति के गुणों और मह्त्व की प्रेरणा देते आए हैं और आज यह अधिक प्रासंगिक तथा उपयोगी हैं ( यहां दिये अर्थ स्वामी दयानंद तथा डा. गंगा सहाय शर्मा के भाष्य […] Read more » भारत की सही पहचान
विविधा रोज सर कटाओ, रोज शहीद कहलाओ.. September 29, 2012 / September 29, 2012 by अरुण कान्त शुक्ला | 2 Comments on रोज सर कटाओ, रोज शहीद कहलाओ.. अरुण कान्त शुक्ला कल भगत सिंह का जन्म दिवस है| बीते हुए कल देश के प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह का जन्म दिन था। यह विडम्बना नहीं चुने हुए रास्ते पर चलने की अवश्यंभावी नियति है कि न तो मीडिया में और न ही इंटरनेट पर मनमोहन सिंह को जन्म दिवस की बधाई देते हुए कोई दिखाई दिया, […] Read more »
विविधा व्यंग्य/ मेरी ऐनक प्लीज! September 29, 2012 by अशोक गौतम | Leave a Comment अशोक गौतम इधर सरकार ने महंगाई से त्रस्त बंदे को महंगाई भत्ता देने की घोषणा भर की तो सुबह उधर लाला ने आटा बीस से पच्चीस कर दिया। दूध वाले ने पानी, सॉरी दूध तीस से पैंतीस कर दिया। सोचा था अबके जब महंगाई भत्ते की किस्त मिलेगी तो सबसे पहले अपनी दिन पर दिन […] Read more »