विविधा फेसबुकः मित्र-संवाद की शैली September 11, 2012 / September 12, 2012 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 2 Comments on फेसबुकः मित्र-संवाद की शैली जगदीश्वर चतुर्वेदी फेसबुक निर्भीक कम्युनिकेशन है। निर्भीक कम्युनिकेशन को असभ्यता और मेनीपुलेशन का इससे बैर है। निर्भीक फेसबुक कम्युनिकेशन मित्रता की मांग करता है। बराबरी,समानता की मांग करता है। इसके लिए जरूरी है आप पूर्वाग्रह से मुक्त होकर बात करें। जो लोग पूर्वाग्रह रखकर फेसबुक में बातें करते हैं वे ही रोते हैं, रूठते,गुस्सा करते […] Read more » फेसबुक
विविधा फेसबुक और अभिव्यक्ति की लक्ष्मणरेखा September 11, 2012 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 1 Comment on फेसबुक और अभिव्यक्ति की लक्ष्मणरेखा जगदीश्वर चतुर्वेदी फेसबुक पर अमर्यादित,गाली गलौज, पर्सनल कमेंटस (छींटाकशी) आदि को तुरंत हटा दें साथ ही सार्वजनिक तौर पर सावधान करें। न माने तो ब्लॉक कर दें। ———————————————————————– फेसबुक पर स्वीकृति या साख बनाने के लिए जरूरी है कि नियमित लिखें और सारवान और सामयिक लिखें।प्रतिदिन किसी भी मसले को उठाएं तो उससे जुड़े विभिन्न […] Read more » फेसबुक
विधि-कानून विविधा कसाब की फांसी और सरकार की नीतियां September 10, 2012 / September 9, 2012 by राकेश कुमार आर्य | 2 Comments on कसाब की फांसी और सरकार की नीतियां राकेश कुमार आर्य भारत की एकता और अखण्डता को मिटाने के लिए तथा यहां की आंतरिक शांति में विघ्न डालने की नीयत से 26 नवंबर 2008 को पड़ोसी देश पाकिस्तान ने भारत की आर्थिक राजधानी के रूप में प्रतिष्ठित मुंबई पर आतंकी हमला कराया था। इस हमले में पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अजमल कसाब और कुछ […] Read more » hanging of Kasab कसाब की फांसी
आर्थिकी विविधा क्या मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री पद की गरिमा जानते हैं? September 9, 2012 / September 9, 2012 by राकेश कुमार आर्य | 1 Comment on क्या मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री पद की गरिमा जानते हैं? भारत में वाटरगेट बनने जा रहा कोलगेट घोटाला इस समय सुर्खियों में है। संसद में भाजपा ने इस घोटाले को लेकर सरकार को बीते मानसून सत्र में मजबूती से घेरा है और पीएम मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग की है। पीएम से इस्तीफा मांगने की जिद इस बार चाहे भाजपा ने और उसकी कुछ […] Read more » coal scam कोलगेट घोटाला प्रधानमंत्री पद की गरिमा वाटरगेट
विविधा व्यंग्य/ हम सबके पूर्वज एक नहीं September 6, 2012 by अशोक गौतम | Leave a Comment अशोक गौतम शादी के बाद से उनके तन मन पर जो छटपटाहट देख रहा था आज वह एकाएक गायब थी। चेहरा साठ की उम्र में भी यों खिला हुआ मानों अभी उनकी शादी की बात ही हो रही हो। या कि मर्दों वाली फेस क्रीम लगाने के लिए बीवी से छुपाकर पेंशन में से पैसे […] Read more »
विविधा ‘कोलगेट’ पर प्रधानमंत्री का लचर बचाव / लालकृष्ण आडवाणी September 6, 2012 / September 6, 2012 by लालकृष्ण आडवाणी | 1 Comment on ‘कोलगेट’ पर प्रधानमंत्री का लचर बचाव / लालकृष्ण आडवाणी कोयला आवंटन को लेकर संसद में गतिरोध एक सप्ताह से ज्यादा समय से बना हुआ है। एनडीए ने इस गतिरोध को समाप्त करने हेतु प्रस्ताव दिया है कि इन सभी आवंटनों को रद्द कर दिया जाए और इन्हें आवंटित करने वाली स्क्रीनिंग कमेटी की प्रक्रिया की न्यायिक जांच कराई जाए। सरकार इस पर अभी तैयार […] Read more » कोयला घोटाला
विविधा सरकार क्या जनता को नासमझ समझती है? September 6, 2012 / September 6, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 2 Comments on सरकार क्या जनता को नासमझ समझती है? सिद्धार्थ शंकर गौतम कोल ब्लॉक आवंटन घोटाला मामले में सीबीआई ने देश के १० शहरों में ३० स्थानों पर छापामार कार्रवाई कर ५ कोयला कंपनियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की है जिनमें विन्नी आयरन ऐंड स्टील, नवभारत स्टील, जेएलडी यवतमाल, जेएएस इन्फ्रास्ट्रक्चर और एएमआर आयरन ऐंड स्टील के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है| जिन […] Read more » कोयला घोटाला
विविधा आरक्षण का दांव September 6, 2012 by हिमकर श्याम | 2 Comments on आरक्षण का दांव हिमकर श्याम कोयले की आग में जल रही केंद्र सरकार ने तरक्की में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों को आरक्षण का ऐलान कर एक बड़ा दावं खेला है। सरकार मुद्दे की ज्वलनशीलता से भली-भांति परिचित है। सरकार के इस दावं से भाजपा के साथ-साथ सरकार को बाहर से समर्थन दे रही समाजवादी पार्टी की भी […] Read more » आरक्षण
महत्वपूर्ण लेख विविधा राजेन्द्र यादव के हंस-महल में तरुण भटनागर की सेंधमारी September 2, 2012 / September 2, 2012 by राजीव रंजन प्रसाद | 5 Comments on राजेन्द्र यादव के हंस-महल में तरुण भटनागर की सेंधमारी राजीव रंजन प्रसाद राजेन्द्र यादव के इस दुस्साहस की सराहना अवश्य करूंगा कि उन्होंने बस्तर के युवा कथाकार तरुण भटनागर के साथ हुए अपने संवादों के पत्र को सम्पादकीय (‘हंस, सितम्बर-2012 अंक’) बनाकर प्रस्तुत किया है। राजेन्द्र यादव बेनकाब हुए हैं और तरुण ने निर्भीक और गैर-समझौतावादी लेखन की अद्वितीय परिभाषा गढी है। पहले चर्चा […] Read more » बस्तर माओवाद राजेन्द्र यादव हंस
विविधा कविता : सबकी एक ही पहचान होती September 2, 2012 / September 2, 2012 by डॉ. कौशल किशोर मिश्र | 1 Comment on कविता : सबकी एक ही पहचान होती कौशलेन्द्र काश! मैं भारत का सम्राट होता तो भारत का नाम इण्डिया नहीं भारत ही होता। जो हठ से इसे इण्डिया कहता उसे मैं भारत से बाहर करता। भेज देता वापस चार देशों के आयातित संविधान उनके अपने-अपने देशों में लिखकर यह टीप कि अशोक नहीं लाये थे बाहर से कोई संविधान अब और […] Read more »
विविधा अपने ही घर में बेगानी है छत्तीसगढ़ी भाषा August 31, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment सूर्याकांत देवांगन भोजपुरी भाषा को संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल करवाने की कवायद तेज होने के साथ ही एक बार फिर देश में भाषाई कशमकश उजागर हो गई है। पूर्वी भारत के एक बड़े हिस्से के साथ साथ विश्वो के उन देशों में भी भोजपुरी बोली जाती है, जहां अंग्रेजों ने इस क्षेत्र के […] Read more » छत्तीसगढ़ी भाषा
विविधा विकास के नए परिवेश में ढलते गांव August 30, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment पुरूषोत्तम लाल निषाद किसी भी राज्य के विकास का पैमाना उसके सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास से ही तय किया जाता रहा है। औद्योगिक विकास के बावजूद आज भी भारत को गांवों का देश ही माना जाता है क्योंकि इसकी एक बड़ी आबादी अब भी शहरों से ज्यादा गांव-देहात में ही निवास करती है। ऐसे […] Read more »