विविधा सलाहकारों द्वारा अन्ना का दोहन October 13, 2011 / December 5, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | 3 Comments on सलाहकारों द्वारा अन्ना का दोहन विपिन किशोर सिन्हा भोजपुरी में एक कहावत है – साधु, चोर और लंपट, ज्ञानी, जस अपने तस अनका जानी। साधु, चोर, लंपट और ज्ञानी, अपने समान ही औरों को भी समझते हैं। यह कहावत अन्ना हजारे पर शत-प्रतिशत खरी उतरती है। अन्ना जन्मजात सन्त हैं, बाल ब्रह्मचारी हैं, सत्याग्रही हैं, भारत माता के पुजारी हैं […] Read more » Team Anna अन्ना टीम
विविधा कश्मीर पर निरर्थक बातें October 13, 2011 / December 5, 2011 by पवन कुमार अरविन्द | 1 Comment on कश्मीर पर निरर्थक बातें पवन कुमार अरविंद जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग और देश का सीमावर्ती राज्य है। इस राज्य पर पड़ोसी देशों ने 15 अगस्त 1947 के बाद पांच बार हमले किये हैं। इसमें चीन का एक हमला शामिल है। पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी समूह जम्मू-कश्मीर में अब भी घुसपैठ की फिराक में सदैव रहते हैं। पाकिस्तान से सटे […] Read more » Jammu Kashmir जम्मू-कश्मीर
विविधा पंचायती व्यवस्था ने बदला कश्मीरी समाज का नजरिया October 13, 2011 / December 5, 2011 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment मो. अनीसुर्रहमान खान आंतकवाद से ग्रसित कश्मीर की फिज़ा में धीरे-धीरे बदलाव के संकेत आ रहे हैं। अवाम बदूंक की बजाए लोकतंत्र का समर्थन करने लगी है। इसका सबूत देने के लिए करीब तीन महीने पहले संपन्न हुए पंचायत चुनाव और उसके बाद के सामाजिक बदलाव ही काफी हैं। लगभग दस साल के लंबे अर्से […] Read more » Jammu Kashmir कश्मीर पंचायती व्यवस्था
मीडिया विविधा क्या कभी आपने संघ के पथ-संचलन का राष्ट्रीय मीडिया कवरेज देखा है? October 12, 2011 / December 5, 2011 by सुरेश चिपलूनकर | 4 Comments on क्या कभी आपने संघ के पथ-संचलन का राष्ट्रीय मीडिया कवरेज देखा है? सुरेश चिपलूनकर संघ की परम्परा में “भगवा ध्वज” ही सर्वोच्च है, कोई व्यक्ति, कोई पद अथवा कोई अन्य संस्था महत्वपूर्ण नहीं है। प्रतिवर्ष के अनुसार इस वर्ष भी यह बात रेखांकित हुई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा उज्जैन में विजयादशमी उत्सव के पथसंचलन समारोह में भाजपा के पार्षद, निगम अध्यक्ष, वर्तमान एवं पूर्व विधायक, सांसद एवं […] Read more » national media राष्ट्रीय मीडिया संघ
महत्वपूर्ण लेख विविधा रामविलास शर्मा और सीताराम गोयल October 12, 2011 / December 5, 2011 by शंकर शरण | 14 Comments on रामविलास शर्मा और सीताराम गोयल शंकर शरण अक्तूबर में दो वैचारिक योद्धाओं का जन्म-दिवस पड़ता हैः डॉ. रामविलास शर्मा (1912-2000) और सीताराम गोयल (1921-2003)। वैयक्तिक जीवन में दोनों ही निःस्वार्थ, सादगी पसंद थे। इस के बाद समानता समाप्त हो जाती है। जहाँ सीताराम जी ने कम्युनिस्ट और इस्लामी राजनीति के कड़वे सत्य को सामने लाने के लिए आजीवन संघर्ष किया, […] Read more » Ramvilas Sharma रामविलास शर्मा सीताराम गोयल
विविधा दिशा शूल October 12, 2011 / December 5, 2011 by विजय कुमार | Leave a Comment विजय कुमार कल मैं दफ्तर से आकर बैठा ही था कि शर्मा मैडम का फोन आ गया। उनकी आवाज से लग रहा था कि वे किसी संकट में हैं। पूछने पर पता लगा कि संकट में वे नहीं, उनके पति हैं। शर्मा जी मेेरे पुराने मित्र हैं। वे संकट में हों, तो मेरा घर में […] Read more »
विविधा पारदर्शिता के पक्षधर October 12, 2011 / December 5, 2011 by विजय कुमार | Leave a Comment विजय कुमार शर्मा जी हमारे मोहल्ले के एक जागरूक नागरिक हैं। देश में कोई भी घटना या दुर्घटना हो, उसका प्रभाव उनके मन-वचन और कर्म पर जरूर दिखाई देता है। 15 अगस्त और 26 जनवरी को वे मोहल्ले में झंडारोहण कराते हैं। कहीं बाढ़ या तूफान से जनहानि हो जाए, तो वे चंदा जमा करने […] Read more » favoraa of transparency पारदर्शिता
विविधा सच्ची बात कही थी मैंने… October 11, 2011 / December 5, 2011 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | 1 Comment on सच्ची बात कही थी मैंने… लोकेन्द्र सिंह राजपूत उस दिन ग्वालियर की गुलाबी ठंडी शाम थी। वाकया नवंबर २००४ का है। मौका था रूपसिंह स्टेडियम में आयोजित ‘जगजीत नाइट’ का। कार्यक्रम में काफी भीड़ पहुंची थी। मैंने ‘भीड़’ इसलिए लिखा है क्योंकि वे सब गजल रसिक नहीं थे। यह भीड़ गजल के ध्रुवतारे जगजीत सिंह को सुनने के लिए नहीं […] Read more » Jagjeet Singh जगजीत सिंह
विविधा बढ़ती असमानता : बारूद के ढ़ेर जैसी खतरनाक October 11, 2011 / December 5, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment डॉ.किशन कछवाहा सत्ता का एक बड़ा पक्ष होने के नाते यह आशा की जाती है कि कांग्रेस लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में विश्वास रखे। लेकिन उसके व्यवहार से जनता को कभी यह आभास नहीं होता कि उसका परस्पर बातचीत में विश्वास है। गत एक वर्ष के दौरान घटी घटनाओं से तो यही निष्कर्ष निकल कर आया है। […] Read more » inequality असमानता
विविधा आरक्षण के प्रश्न पर चुनावी मजबूरियां October 11, 2011 / December 5, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on आरक्षण के प्रश्न पर चुनावी मजबूरियां हरिकृ ष्ण निगम आज देश की राजनीति जिस तरह करवटें ले रही है और आरक्षण की चुनावी लाचारियों ने इस समस्या पर विमर्श के स्तर को इतना गिरा दिया है कि कुछ लोग धर्म के आधार पर भी आरक्षण की आवश्यकता को निर्लज्जतापूर्वक संविधान-सम्मत मानने लगे हैं। इसी तरह प्रकाश झा की हाल ही ‘आरक्षण’ […] Read more » Reservation आरक्षण
विविधा गरीबी और मजाक October 11, 2011 / December 5, 2011 by राजीव गुप्ता | 1 Comment on गरीबी और मजाक राजीव गुप्ता आज़ादी के इतने वर्षो बाद भी गरीबी और मजाक एक दूसरे का पर्याय बने हुए है अगर ऐसा मान लिया जाय तो कोई अतिशयोक्ति नही होगी ! कम से कम वर्तमान सरकार के रूख से तो ऐसे ही लगता है ! पहले गलती करना फिर तथ्यों के साथ खिलवाड़ कर तथा उसे तोड़-मरोड़ […] Read more » poverty गरीबी
विविधा कलम आज ‘जनक्रांति’ की जय बोल October 10, 2011 / December 5, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment अवध किशोर अन्ना हजारे के नेतृत्व में सम्पूर्ण देश जाग उठा है सारा देश एक स्वर में बोल उठा है, ‘भारतमाता की जय’, ‘वन्देमातरम्’ और ‘अन्ना तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं’ आजादी की दूसरी लड़ाई के रूप में इसे सम्पूर्ण देश मान रहा है। जयप्रकाश नारायण के सम्पूर्ण क्रान्ति के बाद यह पहला […] Read more » Anna Hazare अन्ना हजारे