विविधा एक आन्दोलन जिसने देश में भावनात्मक एकता कायम की August 27, 2011 / December 7, 2011 by अशोक बजाज | 2 Comments on एक आन्दोलन जिसने देश में भावनात्मक एकता कायम की अशोक बजाज एक तीर से कई निशान. अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग क्या छेड़ा पूरा भारत उनके पीछे खड़ा हो गया . देश में भ्रष्टाचार के अलावा और कई ज्वलंत मुद्दे है जिससे देश की आत्मा बेचैन है जैसे आतंकवाद , नक्सलवाद , महंगाई , सूखा , बाढ़ इत्यादि . इसके अलावा अनेक […] Read more » Anna Hazare अन्ना हजारे
विविधा सरकार बनाम अन्नाः जनता के सब्र का पैमाना छलकने ही वाला है ! August 26, 2011 / December 7, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment इक़बाल हिंदुस्तानी अन्ना हज़ारे के आंदोलन से हमारी सरकार जिस तरह से निबट रही है उससे यह तो सापफ हो गया है कि वह नौकर होकर भी मालिक की तरह पेश आ रही है। पहले उसने अन्ना को बाबा रामदेव समझकर तिहाड़ जेल में बंद करके आंदोलन को शुरू होने से पहले ही ख़त्म करने […] Read more » Anna Hazare अन्ना हजारे
विविधा बुख़ारी साहब इमामत करो, सियासत आपके बस की नहीं! August 25, 2011 / December 7, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 3 Comments on बुख़ारी साहब इमामत करो, सियासत आपके बस की नहीं! इक़बाल हिंदुस्तानी अन्ना हज़ारे का आंदोलन एक एतिहासिक आंदोलन है। यह बात अब सरकार ही नहीं पूरी दुनिया मान चुकी है। योग गुरू बाबा रामदेव के आंदोलन को तो सरकार ने यह प्रचार करके बदनाम करने की कोशिश की थी कि यह हिंदुत्ववादी शक्तियों का अभियान है लेकिन अन्ना के आंदोलन को वह सारे हथकंडे […] Read more » Anna Hazare अन्ना हजारे बुखारी
विविधा वे जीत नहीं सकते इसलिए थकाना चाहते हैं August 25, 2011 / December 7, 2011 by संजय द्विवेदी | 5 Comments on वे जीत नहीं सकते इसलिए थकाना चाहते हैं अन्ना की परवाह होती तो सरकार अब तक फैसला ले चुकी होती संजय द्विवेदी देश के लिए 74 साल का एक बुजुर्ग दिल्ली में भूखा बैठा है और सरकारें इफ्तार पार्टियां उड़ा रही हैं। वे अन्ना हजारे से जीत नहीं सकतीं, इसलिए उन्हें थकाने में लगी हैं। सरकार की संवेदनहीनता इस बात से पता चलती […] Read more » Anna Hazare अन्ना हजारे भ्रष्टाचार लोकपाल
विविधा उत्तर अन्ना चिंतन August 25, 2011 / December 7, 2011 by राजेश करमहे | 2 Comments on उत्तर अन्ना चिंतन राजेश करमहे दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ा भारी मेला लगा है मानो जनसैलाब उमड़ आया हो। एक अवतारी पुरूष प्रकट हुए हैं नाम भी बड़ा प्यारा सा है अन्ना, बिल्कुल हर दूसरे भारतीय घर के बुजुर्ग की तरह नयी पीढ़ी से उम्मीद करता हुआ और उन्हीं से ठगा जाता हुआ। अपना देश वैसे […] Read more » Anna Hazare अन्ना हजारे
विविधा अन्ना का जादू और अद्भुत आन्दोलन August 25, 2011 / December 7, 2011 by डॉ. राजेश कपूर | 7 Comments on अन्ना का जादू और अद्भुत आन्दोलन डॉ. राजेश कपूर, पारंपरिक चिकित्सक. अन्ना के आन्दोलन को बुद्धि की कसौटी पर परखने वालों को गांधी जी के नमक सत्याग्रह को ज़रूर याद कर लेना चाहिए. तब भी अनेकों ने कहा होगा कि नमक और आज़ादी का क्या सम्बन्ध ? पर दूरद्रष्टा गांधी भारत के समाज की नब्ज समझते थे. उस समय के नेताओं […] Read more » Anna Hazare अन्ना हजारे
विविधा ममता बनर्जी का नया पश्चिम बंग August 25, 2011 / December 7, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on ममता बनर्जी का नया पश्चिम बंग बिमल राय परिवर्तन के नारे के बूते बंगाल की सत्ता में आईं ममता बनर्जी ने राज्य का नाम बदल दिया है. अब इसे पश्चिम बंगाल के बदले पश्चिम बंग कहा जाने वाला है. विधानसभा में प्रस्ताव पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी की औपचारिकता ही बाकी है. इस तरह एक और परिवर्तन होने वाला है. […] Read more » Mamta Benerji पश्चिम बंग
विविधा व्यंग्य व्यंग / आवाज दो, हम एक हैं August 24, 2011 / December 7, 2011 by विजय कुमार | 1 Comment on व्यंग / आवाज दो, हम एक हैं विजय कुमार यों तो भारत की राजधानी दिल्ली में नार्थ और साउथ ब्लाक मानी जाती हैं; पर अन्ना हजारे के आंदोलन के कारण पिछले कुछ दिनों से वह रामलीला मैदान में पहुंच गयी है। नार्थ और साउथ ब्लाक में बड़े अधिकारी और मंत्री बैठते हैं। आम आदमी का प्रवेश वहां वर्जित है; पर रामलीला मैदान […] Read more » Anna Hazare अन्ना हजारे भ्रष्टाचार
विविधा प्रतिरोध की रचनात्मक अभिव्यक्ति August 23, 2011 / December 7, 2011 by हिमांशु सिंह | Leave a Comment नाइजीरिया से हिमांशु सिंह अन्ना मंगलवार को कुछ सुस्त हैं। अनशन का आठवा दिन है। भारत माता की जय के नारे लगते हैं तो लेटे लेटे दाहिना हाथ उठ जाता है। गर्दन घुमाकर पीछे गाधी के चित्र पर नजर और फिर एक निगाह सामने जनता पर। मानो प्रेरणा व प्रभाव को जोड़ रहे हों। भारत […] Read more » Anna Hazare अन्ना हजारे
विविधा नेता नहीं जनता के सिर पर खिल रही है गांधी टोपी August 23, 2011 / December 7, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे नेहरू गांधी परिवार के नाम पर सत्ता की मलाई सालों साल से चखने वाली कांग्रेस के नेताओं द्वारा असली गांधी यानी महात्मा गांधी के नाम पर पहचानी जाने वाली गांधी टोपी को साल में एकाध मर्तबा ही इस्तेमाल किया जाता है। 15 अगस्त और 26 जनवरी को भी सलामी लेते वक्त नेताओं या […] Read more » गांधी टोपी
विविधा जनलोकपाल आन्दोलन के आगे क्या? August 23, 2011 / December 7, 2011 by कुन्दन पाण्डेय | 1 Comment on जनलोकपाल आन्दोलन के आगे क्या? कुन्दन पाण्डेय जो इतिहास से सबक नहीं लेता, उसे इतिहास दुहराना पड़ता है। अन्ना के आन्दोलन पर जेपी आन्दोलन के हश्र से सबक नहीं लेने पर उसके दुहराव की प्रबल आशंका है। आखिर अन्ना खुद तो लोकपाल (राष्ट्रीय) बनेंगे नहीं, न ही उनके जैसे उदात्त व्यक्तित्व के आदमी के ही लोकपाल बनने की गारंटी कोई […] Read more » Anna Hazare अन्ना हजारे लोकपाल
विविधा सिर्फ हंगामा ही नहीं, सूरत भी बदले August 23, 2011 / December 7, 2011 by हिमकर श्याम | Leave a Comment हिमकर श्याम भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना के संघर्ष को अपार जनसमर्थन मिला है। अन्ना को मिल रहा यह समर्थन दरअसल आम जनता की निराशाओं और आक्रोशों का प्रतिबिंब है। अन्ना ने आम लोगों के भीतर पनप रहे गुस्से को आवाज दी है। शायद यह पहला मौका है जब संसदीय राजनीति आमलोगों के निशाने पर है। […] Read more » Anna Hazare अन्ना हजारे