विविधा अपनी शक्ति पहचानिये June 16, 2011 / December 11, 2011 by सुशान्त सिंहल | Leave a Comment सुशान्त कुमार सिंहल हमारे देश की अधिकांश जनता अक्सर संत्रस्त क्यों रहती है? क्यों लोग हाथों में दरख्वास्त लिये प्रशासनिक अधिकारियों के आगे – पीछे रिरियाते हुए घूमते दिखाई देते हैं? अधिकारी तो अधिकारी, उनके चपरासी भी अनपढ़, ग्रामीणों को जब देखो, हड़का लेते हैं । क्या ये सब स्वस्थ लोकतंत्र के लक्षण हैं? मेरे […] Read more » Power
विविधा बाबा रामदेव और अन्ना के अनशन June 16, 2011 / December 11, 2011 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | 22 Comments on बाबा रामदेव और अन्ना के अनशन डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ पिछले कुछ महिनों में भारत में पहली बार जनता भ्रष्टाचार के विरुद्ध आक्रोशित दिखी है| पहले जनता को अन्ना हजारे में अपना हितैषी नजर आया और जनता उनके साथ रोड पर उतर आयी, उसके कुछ समय बाद ही बाबा रामदेव ने भी अन्ना से भी बड़ा जनान्दोलन खड़ा करने के इरादे […] Read more » Anna Hazare अन्ना हजारे कांग्रेस बाबा रामदेव
विविधा पंचायती राज प्रणाली : चुनौतियां व समाधान June 15, 2011 / December 11, 2011 by डाँ. रमेश प्रसाद द्विवेदी | Leave a Comment डाँ. रमेश प्रसाद द्विवेदी लोकतांत्रीय राजनीतिक व्यवस्था में पंचायती राज वह माध्यम है, जो शासन को सामान्य जनता के दरवाजे तक लाता है। लोकतंत्र की संकल्पना को अधिक यर्थाथ में अस्तित्व प्रदान करने की दिशा में पंचायती राज व्यवस्था एक ठोस कदम है। पंचायती राज व्यवस्था में स्थानीय जनता की स्थानीय शासन कार्यों में अनवरत […] Read more » Panchayati Raj पंचायती राज
विविधा ऑरवेलियन सिटी June 14, 2011 / December 11, 2011 by सतीश सिंह | Leave a Comment सतीश सिंह हाल ही में हिन्दी साहित्य के दिग्गज साहित्यकारों की जन्मशती धूमधाम से पूरे देश में मनाई गई। नागार्जुन, केदारनाथ अग्रवाल, गोपाल सिंह नेपाली, शमशेर बहादुर सिंह, उपेन्द्रनाथ अश्क को उनकी जन्मशती पर शिद्दत के साथ याद किया गया। इसी क्रम में महाकवि गुरु रवीन्द्रनाथ टैगोर को भी उनकी 150 वीं जयंती पर हमने याद […] Read more » ऑरवेलियन सिटी
विविधा पारदर्शिता के लिए क्रांति का दौर June 14, 2011 / December 11, 2011 by प्रमोद भार्गव | 2 Comments on पारदर्शिता के लिए क्रांति का दौर प्रमोद भार्गव देशव्यापी असंतोष ने यह तय कर दिया है कि देश एक और करबट लेने को आकुल है। लिहाजा न केवल राजनीति, प्रशासन, न्यायपालिका, रक्षा,स्वयंसेवी संगठन बल्कि कारोबारी और पत्रकार घरानों से भी यह अपेक्षा की जा रही है, कि वे उस चौहद्दी को पारदर्शी बनाएं जो भ्रष्टाचार और आय के स्त्रोत्रों को गोपनीय […] Read more » Tranparency पारदर्शिता भ्रष्टाचार
विविधा स्वामी रामदेव को जनस्वीकार्यता के लिये अपने कन्सेप्ट क्लीयर करना चाहिये June 14, 2011 / December 11, 2011 by डॉ. मनोज जैन | 2 Comments on स्वामी रामदेव को जनस्वीकार्यता के लिये अपने कन्सेप्ट क्लीयर करना चाहिये डॉ. मनोज जैन अब जबकि श्रीश्री रविशंकर, संत मुरारी बापू और अन्य सतों के करकमलों से जूस पीकर स्वामी रामदेव ने अपने अनशन का पटाक्षेप कर दिया है फिर भी यह अनशन कुछ सवाल छोड गया है स्वामी रामदेव को उन प्रश्नों के जबाब देना चाहिये। जैन धर्म के अनेकों अनुयायी प्रति वर्ष बिना किसी […] Read more » Anna Hazare बाबा रामदेव भ्रष्टाचार
विविधा नई आर्थिक नीतियों पर प्रहार करें अन्ना हज़ारे और बाबा रामदेव June 14, 2011 / December 11, 2011 by श्रीराम तिवारी | 2 Comments on नई आर्थिक नीतियों पर प्रहार करें अन्ना हज़ारे और बाबा रामदेव श्रीराम तिवारी विगत दिनों भारतीय मीडिया बहुत व्यस्त रहा.२-जी,कामनवेल्थ,जैसे कई मुद्दे जिनमें भृष्टाचार सन्निहित था ;उस पर देश और दुनिया में काफी चर्चा रही.बीच-बीच में विधान सभा चुनाव,पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद,नक्सलवाद,क्रिकेट,बालीबुड और बाबाओं के राजनीतिकरण को भी मीडिया ने भरपूर चटखारे लेकर जनता के बीच परोसा किन्तु इन सबसे ज्यादा आकर्षक और धारदार और क्रांतिकारी सूचनाएँ […] Read more » Anna Hazare अन्ना हजारे नई आर्थिक नीति बाबा रामदेव भ्रष्टाचार
विविधा भारत के हालत की जिम्मेदार सरकारे और जनविरोधी सोच June 14, 2011 / December 11, 2011 by अरविन्द विद्रोही | Leave a Comment अरविन्द विद्रोही आज के हालत का जिम्मेदार कौन है? अगर भारत में कोई भूख से मरता है तो क्या सरकार जिम्मेदार नहीं है? किसानों की भूमि,मजदूर की मजदूरी हड़पने वाला तंत्र कब तक शोषण की बुनियाद पे टिका रहेगा? अफ़सोस तो यह भी होता है कि यहाँ अपने वतन में बहुत से लोगो के पास पहनने […] Read more » hunger भूख
विविधा ये है दिल्ली मेरी जान June 14, 2011 / December 11, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे राम और बाल किसन की ‘‘आस्था‘‘ राम किशन यादव उर्फ बाबा रामदेव के साथ ही साथ बाल किसन विवादों को गले लगाकर ही घूम रहे हैं। बाबा रामदेव पर कांग्रेस प्रहार पर प्रहार कर रही है, वहीं दूसरी ओर उनके विश्वस्त सहयोगी और राईट हैण्ड आचार्य बाल कृष्ण पर नेपाली मूल के होने […] Read more » Baba Ramdev बाबा रामदेव बाल कृष्ण
विविधा हारा लोक, जीता तंत्र June 14, 2011 / December 11, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 4 Comments on हारा लोक, जीता तंत्र डॉ. हिमांशु द्विवेदी प्रबंध संपादक, हरिभूमि यह सतयुग तो है नहीं कि समाज हित में जीते जी हड्डियों को दान में देने से ‘दधिचि’ पूज्यनीय हो जाते थे और एक कबूतर के जीवन की रक्षा की खातिर राजा शिवि अपने शरीर का संपूर्ण मांस तराजू पर रखकर ईश्वर की अनुकंपा प्राप्त कर जाते थे। यह […] Read more » Baba Ramdev कांग्रेस बाबा रामदेव भ्रष्टाचार
विविधा क्रीमिलेयर की औलादें June 12, 2011 / December 11, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 3 Comments on क्रीमिलेयर की औलादें संजीव खुदशाह एक डिप्टी कलेक्टर ने अपनी विद्वता को प्रदर्शित करते हुए बड़े ही गंभीर लहजे में कहा-”यार आरक्षण जैसी सुविधायें अत्यंत पिछड़े लोगों के लिए है उपर उठे लोग यानी क्रीमिलेयर को चाहिए की वे अपने अन्य भाई बन्धुओं के लिए आरक्षण का लाभ लेना बंद कर दे ताकि उन्हे भी मौका मिल सकें। […] Read more » Sons क्रीमिलेयर की औलादें
विविधा पलायन किसी समस्या का हल नहीं है June 12, 2011 / December 11, 2011 by आनन्द स्वरूप द्विवेदी | 3 Comments on पलायन किसी समस्या का हल नहीं है आनन्द स्वरूप द्विवेदी मई और जून का माह आत्महत्याओं का माह होता है। क्योंकि इसी माह में भारत के अनेक बोर्डों का हाईस्कूल और इन्टर का रिजल्ट आता है। जिसमें असफल या कम नम्बर पाने वाले बहुत से छात्र आत्म हत्या कर लेते। ऐसे अभागे छात्र जीवन को सही से समझ नहीं पाते है, स्वयं […] Read more »