विविधा इस साजिश को समझना जरूरी है June 24, 2011 / December 9, 2011 by सुनील अमर | 3 Comments on इस साजिश को समझना जरूरी है सुनील अमर कुछ बातें हैं जिन्हें थोड़ा बेहतर तालमेल के साथ अगर पढ़ा जाय तो दिलचस्प नतीजे निकलते हैं और पता चलता है कि देश की तीन चौथाई जनता के प्रति सरकारें क्या सोचती है। अभी कुछ माह पूर्व योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने एक बयान में कहा था कि देश में […] Read more » Inflation महंगाई
विविधा बर्बरता की पराकाष्ठा June 24, 2011 / December 11, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 5 Comments on बर्बरता की पराकाष्ठा मृत्युंजय दीक्षित योगगुरू बाबा रामदेव के साथ रामलीला मैदान में अनशन और अनशन के समर्थन में बैठे भारत के एक लाख नागरिकों को वहां से हटाने और बाबा रामदेव का अनशन तुड़वाने के लिए 4 जून, 2011 की मध्य रात्रि में दिल्ली पुलिस ने जिस प्रकार बर्बरतापूर्वक पुलिस कार्यवाही की वह स्वाधीन भारत के लोकतांत्रिक […] Read more » Baba Ramdev बाबा रामदेव यूपीए सरकार
विविधा व्यंग्य/हो कर मजबूर कदम उसने उठाया होगा June 23, 2011 / December 11, 2011 by मनोहर पुरी | 1 Comment on व्यंग्य/हो कर मजबूर कदम उसने उठाया होगा मनोहर पुरी हमारे पास वास्तव में कोई विकल्प नहीं था? यह वास्तविकता ही थी कोई गल्प नहीं था। जब किसी देश का प्रधान मंत्री यह कहता है कि किसी विशेष परिस्थिति में उसके पास स्थिति को संभालने के लिए कोई विकल्प नहीं था तो मान लेना चाहिए कि वह सत्य ही कह रहा होगा, वह […] Read more » Baba Ramdev प्रधानमंत्री बाबा रामदेव भ्रष्टाचार यूपीए सत्याग्रह
विविधा क्या रंग लाएगा शिष्टाचार का भ्रष्टाचार से संघर्ष June 21, 2011 / December 11, 2011 by प्रो. बृजकिशोर कुठियाला | 1 Comment on क्या रंग लाएगा शिष्टाचार का भ्रष्टाचार से संघर्ष प्रो. बृजकिशोर कुठियाला भ्रष्टाचार के विरोध में उठी जनमानस की आवाज को जिस प्रकार से वर्तमान राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था ने कुचला है वह अप्रत्यक्षित था। अन्ना हजारे देश के विशिष्ठ और नगरीय जनता की आवाज को लेकर उठे। उनके साथ कुछ और भी प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया। कुटिलता से सरकार ने अन्ना […] Read more » Corruption भ्रष्टाचार
विविधा अन्ना-स्वामी रामदेव और देश के सर्वहारा वर्ग को एक मंच पर आना चाहिए! June 21, 2011 / December 11, 2011 by श्रीराम तिवारी | 5 Comments on अन्ना-स्वामी रामदेव और देश के सर्वहारा वर्ग को एक मंच पर आना चाहिए! श्रीराम तिवारी आधुनिकतम प्रगतिशील विचारों के पोषक तथा ‘बियांड द विज़न’ रखने वालों को बेहतर मालूम है कि भारत और भारत की जनता के प्रगति पथ के अवरोधक तत्व कौन-कौन से हैं.लेकिन सिर्फ जानने और मानने से ही अभीष्ट की सिद्धि नहीं हो जाती! यदि अवरोध नहीं हट सके तो कोई खास फर्क नहीं पढता […] Read more » Anna Hazare अन्ना हजारे बाबा रामदेव सर्वहारा
विविधा सांस्कृतिक पराधीनता और हिन्दी संस्थान June 20, 2011 / December 11, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | Leave a Comment जगदीश्वर चतुर्वेदी इन दिनों विश्वविद्यालय-कॉलेज में पढ़ाने वाले या केन्द्र सरकार के संस्थानों के हिन्दी अधिकारी इस भ्रम में हैं कि वे हिन्दी की सेवा कर रहे हैं, असल में वे मालिकों की सेवा कर रहे हैं और उनकी सेवा के लिए सुंदर सेवक तैयार कर रहे हैं। हिन्दी को मालिकों की भाषा मालिकों ने […] Read more » hindi हिंदी
विविधा सेक्स बनाम शुचिता का नारा June 20, 2011 / December 11, 2011 by सतीश सिंह | 1 Comment on सेक्स बनाम शुचिता का नारा सतीश सिंह आज भी भारत में सेक्स को वर्जना की तरह देखा जाता है। जबकि हमारे देश में खजुराहो से लेकर वात्सायन के कामसूत्र जैसी कृतियों में सेक्स के हर पहलू पर रोशनी डाली गई है। स्वस्थ व सुखी जीवन के लिए संयमित सेक्स को उपयोगी बताया गया है। सेक्स का स्थान जीवन में पहला तो […] Read more » Sex शुचिता सेक्स
विविधा पढाई के खर्च और महंगे शौक पूरे हो रहे है जिस्मफरोशी से June 19, 2011 / December 11, 2011 by शादाब जाफर 'शादाब' | 7 Comments on पढाई के खर्च और महंगे शौक पूरे हो रहे है जिस्मफरोशी से शादाब जफर ”शादाब” आज पूरी दुनिया में जिस्मफरोशी का बाजार गर्म है। पहले मजबूरी के तहत औरतें और युवतियां इस धंधे में आती थी लेकिन अब मजबूरी की जगह शौक ने ले ली है। आज नये जमाने की आड़ लेकर राह से भटकी कुछ लडकियों को बहला फुसलाकर बडे़-बडे़ सब्जबाग दिखाकर बाकायदा कुछ लोगों ने […] Read more » Sex जिस्मफरोशी युवा सेक्स
विविधा शिक्षा के व्यवसायीकरण से सिमट गए मूल्य June 17, 2011 / December 11, 2011 by लिमटी खरे | 3 Comments on शिक्षा के व्यवसायीकरण से सिमट गए मूल्य लिमटी खरे भारत गणराज्य में केंद्र सरकार का मानव संसाधन मंत्रालय देश में शिक्षा की नीति रीति को निर्धारित करने के लिए पाबंद किया गया था। अस्सी के दशक के उपरांत सियासी दलों ने अपने निहित स्वार्थों के लिए शिक्षा व्यवस्था को गिरवी रख दिया है। अनुशासन की मजबूत नींव पर खड़ा नालंदा विश्वविद्यालय आठ […] Read more » Education शिक्षा का व्यावसायीकरण
धर्म-अध्यात्म मीडिया विविधा आज के भगीरथ निगमानंद की खामोश मौत June 17, 2011 / December 11, 2011 by राजेश त्रिपाठी | 1 Comment on आज के भगीरथ निगमानंद की खामोश मौत मीडिया ने फाइव स्टार आंदोलन को उछाला, एक सच्चे बलिदान की उपेक्षा की राजेश त्रिपाठी भारत की जीवनरेखा पावन सुरसरि जिन्हें हम श्रद्धा से गंगा मैया कह कर पुकारते हैं की रक्षा के लिए 115 दिनों से अनशनरत स्वामी निगमानंद की सोमवार 13 जून को कोमा की अवस्था में हुई मौत अपने पीछे कई सवाल […] Read more » Swamy Nigmanand स्वामी निगमानंद
विविधा इस रंग बदलती दुनिया में….स्वामी रामदेव ! June 17, 2011 / December 11, 2011 by सुनील अमर | 9 Comments on इस रंग बदलती दुनिया में….स्वामी रामदेव ! सुनील अमर सयाने कह गये हैं- इस दुनिया में कुछ भी स्थाई नहीं, सब कच्चा है। सिर्फ वही ‘एक’ सच्चा है। फिर भी लोग नहीं मानते। बहुत से साधु-संत भी नहीं मानते, हमेशा आजमाने की कोशिश में लगे रहते हैं। किसी ने कह दिया कि आग में हाथ ड़ालने से जल जाता है तो क्या […] Read more » Baba Ramdev बाबा रामदेव
विविधा लड़ाई इस तंत्र से है June 16, 2011 / December 11, 2011 by सुशान्त सिंहल | 1 Comment on लड़ाई इस तंत्र से है सुशान्त सिंघल भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी कांग्रेस इस समय अभूतपूर्व परिस्थितियों से दो चार हो रही है। कांग्रेस ने आज़ादी के बाद से ही भ्रष्टाचार के मामले में “जियो और जीने दो” की नीति अपनाई है जिसके अन्तर्गत तुम भी देश को लूटो और हमें भी लूटने दो” के सिद्धान्त को प्रतिपादित किया गया। प्रयासपूर्वक […] Read more » System changes व्यवस्था परिवर्तन