विधि-कानून विविधा भारतरत्न संविधान निर्माता :- डा. अंबेेडकर December 6, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment भारतीय समाज में सामाजिक समता, सामाजिक न्याय, सामाजिक अभिसरण जैसे समाज परिवर्तन के मुददों को उठाने वाले भारतीय संविधान के निर्माता व सामाजिक समरसता के प्रेरक भारतरत्न डा.भीमराव अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू मध्यप्रदेश में हुआ था। इनके पिता रामजी सकपाल व माता भीमाबाई धर्मप्रेमी दम्पति थे। Read more » Dr.B R ambedkar Featured डा. अंबेेडकर भारतरत्न संविधान निर्माता
विविधा राम मंदिर निर्माण : आखिर कब तक देश का जनमानस करे इंतजार December 6, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment भारत के इतिहास में 6 दिसम्बर की तारीख का बड़ा ही ऐतिहासिक महत्व है। इस दिन भारत के संविधान निर्माता डा. अम्बेडकर का निधन हुआ था और इसी दिन 6 दिसम्बर 1992 को विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में विवादित स्थल पर भव्य राम मंदिर के निर्माण के उददेश्य हेतु अयोध्या में कारसेवा का आयोजन किया गया था। Read more » construction of ram mandir in Ayodhya Featured ram mandir in Ayodhya अयोध्या विवाद मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति राम मंदिर निर्माण स्व. अशोक सिंघल
विविधा सिनेमा जद्दन बाई : कोठे की जीनत बनकर ऐसी चमकी कि दिलों के साथ-साथ शोहरत व दौलत ने उसके कदम चूमे.. December 5, 2016 by अनिल अनूप | 3 Comments on जद्दन बाई : कोठे की जीनत बनकर ऐसी चमकी कि दिलों के साथ-साथ शोहरत व दौलत ने उसके कदम चूमे.. -अनिल अनूप अनुराग कश्यप की बहुचर्चित फिल्म गैंग ऑफ वासेपुर का संगीत देने वाली स्नेहा खानवल्कर भारतीय फिल्मी इतिहास की मात्र चौथी महिला संगीतकार हैं. उनसे पहले सिर्फ तीन और महिला संगीतकार रही हैं जिन्होंने फिल्मों में संगीत दिया. वो थीं जद्दन बाई,सरस्वती देवी और ऊषा खन्ना. 1935 का साल भारतीय चित्रपट संगीत के लिए […] Read more » Featured जद्दन बाई
विविधा स्वार्थ के लिए भोजपुरी और हिन्दी-दोनों को कमजोर करने का कुचक्र December 5, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on स्वार्थ के लिए भोजपुरी और हिन्दी-दोनों को कमजोर करने का कुचक्र डॉ. अमरनाथ हिन्दी आज टूटने के कगार पर है. भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की माँग तेज हो गई है. भोजपुरी क्षेत्र के दो सांसदों ने संसद में फिर से यह माँग की है. पिछले 8अगस्त और इसके बाद 15 नवंबर को इस माँग के समर्थन में दिल्ली के जंतर मंतर […] Read more » कमजोर करने का कुचक्र भोजपुरी भोजपुरी को स्वायत्तता संवैधानिक-मान्यता भोजपुरी हिन्दी
आर्थिकी विधि-कानून विविधा वस्तु एंव सेवा कर : एक लाभकारी कदम December 5, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 1 Comment on वस्तु एंव सेवा कर : एक लाभकारी कदम एक बहुचर्चित विधेयक है जिसमें 01 अप्रैल 2017 से पूरे देश में एकसमान मूल्य वर्धित कर लगाने का प्रस्ताव है। इस कर को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) कहा गया है। यह एक अप्रत्यक्ष कर होगा जो पूरे देश में निर्मित उत्पादों और सेवाओं के विक्रय एवं उपभोग पर लागू होगा। 03 अगस्त 2016 को राज्यसभा में यह बिल पारित हो गया। Read more » Featured जीएसटी जीएसटी का आम जन पर प्रभाव जीएसटी का व्यवसायों पर प्रभाव जीएसटी की चार स्तरीय की दर टैक्स पर टैक्स व्यवस्था समाप्त वस्तु एंव सेवाकर
विधि-कानून विविधा नीति और नियमों का सरलीकरण जरूरी December 5, 2016 by ललित गर्ग | Leave a Comment #कालेधन एवं #भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिये नीति एवं नियमों का सरलीकरण जरूरी है। नीति आयोग के अध्यक्ष अरविंद पानगड़िया ने इसी बात की आवश्यकता व्यक्त करते हुए कहा कि जटिल टैक्स नियमों को सरल बनाने और टैक्स दरों को कम करने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए, नोटबंदी का उद्देश्य तभी सफल होेगा। Read more » Featured notebandi नीति आयोग नोटबंदी पानगड़िया नीति
विविधा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रगान गायन का फैसला December 4, 2016 by महेश तिवारी | Leave a Comment सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जनहित याचिका के अन्र्तगत सिनेमाघरों में राष्टगान गायन की बात कही है। जो कि एक देशभक्त और कत्र्तव्यपरायणता की दृष्टि से उचित फैसला माना जा सकता है। जनहित याचिका में उठाये गए सवाल के जवाब में देशभक्ति की जिस भावना को जागृति करने का काम सर्वोच्च न्यायालय को उठाना पड़ा, उससे कही […] Read more » national anthem in theatre राष्ट्रगान गायन
विविधा कुटुंब, राष्ट्रीयता व सामाजिक मर्यादाएं December 4, 2016 / December 5, 2016 by विनोद बंसल | Leave a Comment किसी भी देश या समाज की उन्नति उसके नागरिकों की सोच व व्यवहार पर निर्भर करती है. भारतीय परिप्रेक्ष्य में परिवार या कुटुंब का महत्व सदा से ही रहा है. श्रृष्टि की उत्पत्ति से लेकर आज तक जितने भी महापुरुष या दिव्यात्माएं इस पुण्य भूमि पर जन्मी वे किसी न किसी कुल या कुटुंब की […] Read more » Featured कुटुंब राष्ट्रीयता राष्ट्रीयता व सामाजिक मर्यादाएं
विविधा कीठमझील-सूरसरोवर पक्षीअभयारण्य (आगरा) को अपने प्रोग्राम में शामिल करें December 3, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी प्रवासी पक्षियों का कलरव – चहचहावट आपका मन मोह लेगी :- जब पक्षियों के मूल निवास स्थान की झीलें और जलाशय बर्फ में तब्दील हो जाता है और भोजन की कमी होती है तब ये पक्षी अपेक्षाकृत गर्म इलाकों को अपना बसेरा बनाते हैं। वर्षाकाल समाप्त होते ही देश के प्रमुख झीलों, […] Read more » Featured कीठमझील-सूरसरोवर पक्षीअभयारण्य पक्षीअभयारण्य की अवस्थित
विधि-कानून विविधा राष्ट्र गान देशभक्ती की चेतना अवश्य जगाएगा December 3, 2016 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment " एक बालक को देशभक्त नागरिक बनाना आसान है बनिस्बत एक वयस्क के क्योंकि हमारे बचपन के संस्कार ही भविष्य में हमारा व्यक्तित्व बनते हैं।" Read more » Featured national anthem national anthem in theatres राष्ट्र गान सिनेमा हॉल में हर शो से पहले राष्ट्र गान बजाना अनिवार्य होगा सुप्रीम कोर्ट का फैसला
आर्थिकी विविधा भारत कैशलेस अर्थव्यवस्था की दिशा में बढ़ा December 3, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 1 Comment on भारत कैशलेस अर्थव्यवस्था की दिशा में बढ़ा नोटबंदी के बाद ये चर्चा है कि हिंदुस्तान कैसेलेस अर्थव्यवस्था की और बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्तमंत्री अरुण जेटली भी इस बारे में कह चुके है कि काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में इसे बहुत कारगर मना जा रहा है. भारत की सकल अर्थव्यवस्था के घरेलू उत्पाद में कैश जीडीपी का अनुपात 12 से 13 प्रतिशत है, जो अमरीका और यूरोप से अधिक है पर जापान से कम है. Read more » cashless society Featured India moving towards cashless society कैशलेस अर्थव्यवस्था भारत
विविधा खुलना ढोंग की परतों का! December 3, 2016 by देविदास देशपांडे | 1 Comment on खुलना ढोंग की परतों का! “हिंसा का जवाब हिंसा से देना उचित नहीं है। भारत-पाकिस्तान के बीच समस्याओं का जवाब युद्ध से नहीं मिलेगा। देश में ‘सर्जिकल स्ट्राईक’ के द्वारा युद्धज्वर फैलाना गलत है।” – मेधा पाटकर. “मोदी सरकार ने दो वर्षों के अंतराल में घृणा और द्वेष का माहौल फैलाया है।…देश के सभी लोगों को मिलकर उन्हें पराजित करना […] Read more » खुलना ढोंग की परतों का